लड़ नहीं सकते, बोलो बोल नहीं सकते, लिखो लिख नहीं सकते, साथ दो साथ नहीं दे सकते, काम करने वालों का मनोबल बढ़ाओ यदि वह भी नहीं कर सकते हो, जो कर रहे हैं, उनका मनोबल मत तोड़ो क्योंकि वो तुम्हारे हिस्से की लड़ाई लड़ रहा है!!
वेतन वृद्धि व कार्य स्थिति में सुधार जैसी जायज मांगो को लेकर नोएडा सहित NCR के आंदोलनरत श्रमिकों पर पुलिस की बर्बरता और यूपी, हरियाणा की भाजपा सरकारों द्वारा उद्योगपतियों की निर्लज्ज सेवादारी की हम घोर निंदा करते हैं।#AIDYO
क्रांति भीतर से शुरू होती है भीड़ का हिस्सा बनकर आप दुनिया को नहीं बदल सकते, आप बस उसमें खो जाते हैं। फुले का यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है। असली विद्रोही वह नहीं है जो सड़कों पर शोर मचाता है, बल्कि वह है जो खामोशी से, भीड़ से हटकर, अपनी शर्तों पर सोचता है। अक्सर, दुनिया को समझने और उसे चुनौती देने के लिए आपको उस व्यवस्था से "अलग खड़ा" होना पड़ता है, जिसका आप हिस्सा हैं। यह अकेलापन सजा नहीं, बल्कि एक शक्ति है। यह आपको वह स्पष्टता देता है जो भीड़ के शोर में गुम हो जाती है। अपने विचारों को बेड़ियों में न जकड़ें। स्थापित मानदंडों पर सवाल उठाना ही वो पहला कदम है जो एक व्यक्ति को विद्रोही और फिर एक विचारक बनाता है। दुनिया आपको जिस साँचे में ढालना चाहती है, उससे इनकार कर दें। खड़े हो जाओ, अलग सोचो, और सच के साथ चलो, भले ही तुम अकेले ही क्यों न हो।✊
क्रांति की गूँज ✊🔥 "जब तक अन्याय है, विद्रोह जारी रहेगा!" यह केवल शब्द नहीं, बल्कि उन करोड़ों दबे-कुचले लोगों की हुंकार है जो सदियों से शोषण की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। कार्ल मार्क्स के ये विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने तब थे। समाज में व्याप्त असमानता और हकों की लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक हर इंसान को उसका जायज़ हक नहीं मिल जाता। याद रखिए, चुप्पी अक्सर ज़ुल्म का साथ देने जैसी होती है। अगर आप अन्याय देख रहे हैं और शांत हैं, तो आप अनजाने में अत्याचारी की शक्ति बढ़ा रहे हैं। उठो, जागो और अपनी आवाज़ बुलंद करो! क्योंकि इतिहास गवाह है कि बदलाव कभी माँगने से नहीं, बल्कि विद्रोह से आता है। अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है। #suci
Kranti Zindabad
#SUCI
2 months ago (edited) | [YT] | 0
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Kranti Zindabad
वेतन वृद्धि व कार्य स्थिति में सुधार जैसी जायज मांगो को लेकर नोएडा सहित NCR के आंदोलनरत श्रमिकों पर पुलिस की बर्बरता और यूपी, हरियाणा की भाजपा सरकारों द्वारा उद्योगपतियों की निर्लज्ज सेवादारी की हम घोर निंदा करते हैं।#AIDYO
3 months ago | [YT] | 0
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Kranti Zindabad
3 months ago | [YT] | 0
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Kranti Zindabad
SUCI कम्युनिस्ट की 78वीं स्थापना वर्षगांठ के मौके पर जनसभा आप सभी सादर आमंत्रित हैं 🔥✊#SUCI #bihar #patna
3 months ago | [YT] | 0
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Kranti Zindabad
क्रांति भीतर से शुरू होती है
भीड़ का हिस्सा बनकर आप दुनिया को नहीं बदल सकते, आप बस उसमें खो जाते हैं। फुले का यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है। असली विद्रोही वह नहीं है जो सड़कों पर शोर मचाता है, बल्कि वह है जो खामोशी से, भीड़ से हटकर, अपनी शर्तों पर सोचता है।
अक्सर, दुनिया को समझने और उसे चुनौती देने के लिए आपको उस व्यवस्था से "अलग खड़ा" होना पड़ता है, जिसका आप हिस्सा हैं। यह अकेलापन सजा नहीं, बल्कि एक शक्ति है। यह आपको वह स्पष्टता देता है जो भीड़ के शोर में गुम हो जाती है।
अपने विचारों को बेड़ियों में न जकड़ें। स्थापित मानदंडों पर सवाल उठाना ही वो पहला कदम है जो एक व्यक्ति को विद्रोही और फिर एक विचारक बनाता है। दुनिया आपको जिस साँचे में ढालना चाहती है, उससे इनकार कर दें।
खड़े हो जाओ, अलग सोचो, और सच के साथ चलो, भले ही तुम अकेले ही क्यों न हो।✊
4 months ago | [YT] | 0
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Kranti Zindabad
क्रांति की गूँज ✊🔥
"जब तक अन्याय है, विद्रोह जारी रहेगा!"
यह केवल शब्द नहीं, बल्कि उन करोड़ों दबे-कुचले लोगों की हुंकार है जो सदियों से शोषण की बेड़ियों में जकड़े हुए हैं। कार्ल मार्क्स के ये विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने तब थे। समाज में व्याप्त असमानता और हकों की लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक हर इंसान को उसका जायज़ हक नहीं मिल जाता।
याद रखिए, चुप्पी अक्सर ज़ुल्म का साथ देने जैसी होती है। अगर आप अन्याय देख रहे हैं और शांत हैं, तो आप अनजाने में अत्याचारी की शक्ति बढ़ा रहे हैं। उठो, जागो और अपनी आवाज़ बुलंद करो! क्योंकि इतिहास गवाह है कि बदलाव कभी माँगने से नहीं, बल्कि विद्रोह से आता है।
अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है। #suci
4 months ago | [YT] | 0
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