MD IZHAR ANSARI OFFICIAL 

सदा मुस्कुराना और सब को प्यार करना गुनी जनों का सम्मान पाना बच्चों के दिल में रहना सच्चे आलोचकों से स्वीकृति पाना झूठे दोस्तों की दगाबाजी को सहना खूबसूरती को सराहना दूसरों में खुशियां तलाशना ऐसी उम्मीद के बिना दूसरों के लिए खुद को अर्पित करना उत्साह के साथ हंसना और खेलना और मस्ती भरे तराने गाना इस बात का एहसास है कि आपकी जिंदगी मैं किसी एक व्यक्ति का जीवन आसान बनाया यही सच्ची सफलता है


MD IZHAR ANSARI OFFICIAL

आज का सड़ा हुआ समाज जिस idoelogy को फॉलो कर रहा हैं उसकी एक बानगी "THE BUNCH OF THOUGHTS"बयां करती है।उत्तर प्रदेश के #कन्नौज जिले से #इंसानियत को #शर्मसार करने वाली एक #घटना सामने आई है. यहां एक #मासूम #लड़की, जो अपने #सपनों को पूरा करने के लिए #मदरसे में #शिक्षा ले रही थी, एक #भयानक #साजिश का #शिकार हो गई. #रविवार की सुबह जब #छात्रा अपने #हॉस्टल से कुछ #जरूरी सामान लेने बाहर निकली थी, तभी #घात लगाकर बैठे #दीपू नाम के युवक ने #झांसा देकर अगवा कर लिया और अपने #घर में #दो #दिन तक #बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ #जबरदस्ती की गई, #शराब पिलाई गई और जबरन #शादी का ढोंग रचा गया।
किसी तरह #मोबाइल मिलने पर #छात्रा ने अपनी #मां को फोन किया, जिसके बाद #पुलिस ने छापेमारी कर उसे बरामद किया और #आरोपी को #गिरफ्तार कर लिया। मामले में अन्य लोगों के खिलाफ भी #मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
#इस_पोस्ट_को_ज्यादा_से_ज्यादा_शेयर_करे

3 months ago | [YT] | 58

MD IZHAR ANSARI OFFICIAL

JAC के 12वीं का रिजल्ट आउट: धनबाद स्थित झरिया के जमाडोबा रमजानपुर की रहने वाली रशीदा नाज ने झारखंड साइंस स्ट्रीम में टॉप कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 489/500 अंक लाकर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है।प्रोफेसर बनना चाहती हैं.

साइंस स्ट्रीम: धनबाद की रशीदा नाज ने 489 अंकों के साथ पूरे राज्य में ओवरऑल टॉप किया है।
कॉमर्स स्ट्रीम:रांची की श्वेता कुमारी ने 478 अंक हासिल कर कॉमर्स स्ट्रीम में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।श्वेता ने सफलता के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी करने की इच्छा जताई है।
आर्ट्स स्ट्रीम: बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक हासिल कर आर्ट्स स्ट्रीम में राज्य भर में पहला स्थान हासिल किया है।आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का लक्ष्य रखा है।

सीएम हेमंत सोरेन ने दी सभी स्टूडेंट्स को बधाई : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 12वीं (साइंस, कॉमर्स एवं आर्ट्स) परीक्षा में सफल हुए सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार।यह सफलता आपकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। आपके अभिभावकों एवं शिक्षकों का मार्गदर्शन भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण रहा है, उन सभी को भी हार्दिक बधाई।यह परिणाम आपके जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है, लेकिन यह आपकी यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि नए अवसरों और संभावनाओं की शुरुआत है।जो विद्यार्थी इस बार अपना अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर पाए हैं, वे निराश न हो, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, सफलता आपको अवश्य मिलेगी।झारखंड के युवा ही हमारे राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं, आपके सपनों से ही झारखंड का कल सशक्त और समृद्ध बनेगा। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। #ranchi #jacstatetopper #dhanbad #HemantSoren #chiefministerofficejharkhand
#jharkhand12thresult

3 months ago | [YT] | 129

MD IZHAR ANSARI OFFICIAL

भारत के तथाकथित हिन्दू अपने किताबों को पढ़ते ही नहीं और rss, बीजेपी की नजरिए से अपने धर्म को समझते हैं परिणाम आज सामने है। वे कभी अपने को आर्य कहते थे, फिर हिन्दू बने और आज सनातनी बने फिर रहे हैं। उनकी किताबों में कही भी इनके बारे मे एक शब्द नहीं लिखा है और जो लिखा है वो मानते नहीं। इनको क्या कहा जाए ये समझ में नहीं आता, क्या ये मानसिक और सामाजिक दिवालियापन की निशानी है। उनकी किताबों में हज़रत मुहम्मद के बारे में साफ़ लिखा है लेकिन मजाल है कि वो इसे मान लें। रेफरेंस के तौर पर कुछ तस्वीरें है जो साबित करती है कि रियलिटी में हज़रत मुहम्मद पूरी दुनिया के नबी बना कर भेजे गए हैं लेकिन नाफरमानो ने अपनी दुकानदारी ख़त्म होने के डर से इसे नकारा और आज तक नकारते रहे हैं।

4 months ago | [YT] | 25

MD IZHAR ANSARI OFFICIAL

*भारतीय मुस्लिम समाज के तीन किरदार – एक चिंतन..*

इमेज में चित्र केवल एक दृश्य नहीं है, बल्कि भारतीय मुस्लिम समाज की वर्तमान स्थिति का *एक गहरा और विचारोत्तेजक प्रतिबिंब है, “तीन किरदार” धर्मगुरु, वकील और राजनीतिक नेता,* समाज के उन महत्वपूर्ण स्तंभों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनसे मार्गदर्शन, न्याय और नेतृत्व की उम्मीद की जाती है, लेकिन जब यही तीनों अपने-अपने कर्तव्यों से पीछे हटते दिखाई देते हैं, तो समाज एक गंभीर संकट की ओर बढ़ता है।

*पहला किरदार: धर्मगुरु (आंखें बंद किए हुए)*
धर्मगुरु का स्थान समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। वह केवल धार्मिक शिक्षा नहीं देता, बल्कि नैतिक दिशा भी तय करता है, लेकिन जब धर्मगुरु हालात के सामने अपनी आंखें बंद कर लेता है, तो वह सच को देखने से इंकार कर देता है।

आज समाज को जिन मुद्दों पर स्पष्ट मार्गदर्शन की आवश्यकता है,शिक्षा, सामाजिक सुधार, जवाबदेही, और अन्याय के खिलाफ आवाज, उनसे दूरी बना लेना समाज को अज्ञानता और भ्रम की ओर धकेल देता है।

📌 _धर्मगुरुओं की जिम्मेदारी है कि वे....._

⬛ लोकतंत्र की व्यवस्था को समझें और समझाएं ।

⬛ समाज को यह बताएं कि अधिकार और न्याय कैसे हासिल किए जाते हैं ।

⬛ आंतरिक विवादों को सुलझाने में ईमानदारी से मार्गदर्शन करें ।

⬛ समाज में एकता और जागरूकता को मजबूत करें।

*अगर धर्म केवल रस्मों तक सीमित रह जाए और ज़मीनी हकीकत से कट जाए,* तो वह समाज को मजबूत करने के बजाय कमजोर कर देता है।

*दूसरा किरदार: वकील (कान बंद किए हुए)*

वकील न्याय का प्रतीक होता है, उससे उम्मीद की जाती है कि वह पीड़ित की आवाज सुने और उसे न्याय दिलाने के लिए खड़ा हो, *लेकिन जब वकील ही समाज की पीड़ा को सुनना बंद कर दे, तो न्याय की उम्मीद कमजोर हो जाती है।*

समाज के हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज पहले ही कमजोर होती हे, ऐसे में अगर कानूनी नेतृत्व भी चुप हो जाए, तो अन्याय और मजबूत हो जाता है।

📌 _वकीलों की जिम्मेदारी है कि वे..._

⬛ संविधान और कानून की समझ समाज तक पहुंचाएं।

⬛ लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें।

⬛ हर पीड़ित की आवाज को गंभीरता से सुनें।

⬛ समाज को लोकतांत्रिक शक्ति के महत्व के लिए मानसिक रूप से तैयार करें।

⬛ मुस्लिम परिवार में शरीयत समस्याओं को प्राथमिक शरीयत के जरिए समाधान करे।

वकालत केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

*तीसरा किरदार: राजनीतिक नेता (मुंह बंद किए हुए)*

राजनीतिक नेतृत्व समाज की आवाज होता है। जब अन्याय होता है, तो नेता से उम्मीद होती है कि वह खुलकर बोले और अपने समाज के अधिकारों के लिए खड़ा हो, लेकिन जब नेता खामोश हो जाता है, तो यह खामोशी पूरे समाज की आवाज को दबा देती है, यह खामोशी डर, स्वार्थ या सत्ता के दबाव का परिणाम हो सकती है, लेकिन इसका नुकसान पूरे समुदाय को उठाना पड़ता है।

📌 _सच्चा नेतृत्व वही है जो._

⬛ पार्टी भक्ति से ऊपर उठकर समाज के प्रति वफादार हो ।

⬛ जातिवाद, फिरकावाद और इलाकावाद जैसी कमजोरियों से समाज को बाहर निकाले।

⬛ अपने समय, बुद्धि और संसाधनों को समाज के विकास में लगाए।

⬛ समाज को संगठित और मजबूत बनाए।

⬛ समाज के साहसिक युवाओं से अपना आंतरिक संबंध मजबूत बनाकर अपना किरदार निभाए।

⬛ समस्या की जड़ और समाधान की दिशा पर अपने पास रोड़मैप लेकर चले।

*इन तीनों किरदारों की निष्क्रियता समाज को अंदर से कमजोर करती है, जब देखने वाला नहीं, सुनने वाला नहीं और बोलने वाला नहीं, तो अन्याय के खिलाफ लड़ाई कौन लड़ेगा ❓

*समाधान केवल आलोचना में नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सक्रियता में है।*

⬛ धर्मगुरु मार्गदर्शक (रहबर,) बनें।
⬛ वकील आवाज बनें।
⬛ नेता नेतृत्वनू प्रतिनिधि बनें ।

*समाज की भूमिका, बदलाव की असली ताकत ।*

सिर्फ नेतृत्व को दोष देना काफी नहीं है, समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

*:: रिटायर्ड लोग::*
जो लोग सिस्टम में अपना जीवन बिता चुके हैं, उन्हें अपने अनुभव को समाज तक पहुंचाना चाहिए और नई पीढ़ी को दिशा देनी चाहिए।

*::युवा वर्ग::*
जो युवा अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं, उन्हें अपनी व्यक्तिगत सफलता को समाज के विकास से जोड़ना होगा।
संगठन, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी के बिना कोई भी बदलाव संभव नहीं है।

*एक पहल* "Fikre Ummat" *अभियान*

इन सभी उद्देश्यों को लेकर हम एक सामाजिक मुहिम “Fikre Ummat” शुरू करना चाहते हैं,इस अभियान का मकसद है।

⬛ समाज में जागरूकता बढ़ाना संकलित,संगठित,सुरक्षित की समझ लाना।

⬛ युवा नेतृत्व को जिम्मेदार बनाना।

⬛ एक मजबूत और संगठित सामाजिक शक्ति तैयार करना ।

*इसके लिए हमें समाज के उन लोगों की जरूरत है जो वफादार, जागरूक और चिंतनशील हैं।*

अगर आप भी समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो हमसे जुड़ें।

*समाज की मजबूती उसके नेतृत्व और जागरूक नागरिकों पर निर्भर करती है,* अगर ये तीनों स्तंभ जागरूक, जिम्मेदार और साहसी बन जाएं, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

✒️ Huzaifa Dedicated
Founder: SAF🤝Team
Wha. 9898335767

*यह समय है आंखें खोलने का, कान खोलने का, और सच के लिए आवाज उठाने का।*

4 months ago | [YT] | 52