☝🏻 *सूरत आश्रम तो मेरा हृदय है ये पूज्यश्री के श्रीवचन है ऐसे सूरत आश्रम का ये नजारा आपने कभी नही देखा होगा | youtu.be/Wof-fltzyBo?si=L1QGd0RWseFeUuQd 🕉️


Surat Ashram

📿 *ॐ आज की टिप्स ॐ* 📿⤵️
https://youtu.be/YENmZ7DHprY?si=WCSjR...

🏡 *घर में किसी के स्वास्थ्य बिगड़ने पर*

*अगर घर में कोई बहुत दिन से बीमार है और आप कोशिश में हों कि जल्दी आराम हो जाये तो बड़ दादा की परिक्रमा करके प्रार्थना करें और महा-मृत्युंजय का जप करें |*

*कोई मृत्यु के समीप हो और आप वहाँ उपस्थित हों तो उस व्यक्ति की इतनी सेवा अवश्य करे कि गीता के सांतवे अध्याय पढ़ें भले ही वह व्यक्ति सुन नहीं पाये, समझ नहीं पाये फिर भी उस व्यक्ति के पास बैठ कर ये अध्याय पढ़ने मात्र से उसको लाभ होगा |*

📿 *पूज्य बापूजी - 25th Nov 07 बड़ोदरा* 📿

1 hour ago | [YT] | 415

Surat Ashram

🌹 *जीव और शिव में क्या फर्क ?* 🌹⤵️
https://youtu.be/GddaYPqs2nE

🌹 *१५ फरवरी - २०२६ महाशिवरात्रि* 🌹

🌹 *एक कोई गृहस्थ वेदांती थे। उन्हें ‘संत’ कह देंगे क्योंकि उनके मन की वासनाएँ शाँत हो गयी थीं अथवा ‘चाचा’ भी कह दो। वे चाचा सब्जी लेने गये थे। पीछे से कोई जिज्ञासु एक प्रश्न पूछने उनके घर पहुँचा। ‘ज्ञानी और अज्ञानी में क्या फर्क होता है ?’ – यह पूछना था उसको। वह जिज्ञासु पलंग पर टाँग-पर-टाँग चढ़ाकर सेठ हो के बैठा था |*

🌹 *जब वे चाचा घर आये तो उनसे पूछता हैः “टोपनदास ! आप मुझे बताओ कि ईश्वर में और जीव में क्या फर्क है ? ज्ञानी में और अज्ञानी में क्या फासला है ? ब्रह्मवेत्ता और जगत वेत्ता में क्या फासला है ?”उस ज्ञानी ने सीधा जवाब न देते हुए देखा कि यह भाषा ऐसी बोलता है कि बड़ा विद्वान है ! अब इससे विद्वता से काम नहीं चलेगा, प्रयोग करके दिखाने में काम चलेगा।’ उन्होंने सीधा जवाब न देते हुए अपने नौकर को खूब डाँटा। महाराज…. जब नौकर को डाँटा तो उसकी पैंट गीली हो गयी। जीव का स्वभाव होता है भय।*

🌹 *जो पलंग पर बैठा था न, वह आदमी उतरकर नीचे हाथ जोड़ के बैठ गया और सिकुड़ गया। टोपनदास सिंहासन पर बैठ के बोलते हैं- “(अपनी और इशारा करके) इसका नाम है ‘ब्रह्म’ और (उस आदमी की ओर इशारा करते हुए) उसका नाम है ‘जीव’। इसका नाम है ‘शिव’ और उसका नाम है ‘जीव’।”उस आदमी ने घबराकर पूछाः ”यह कैसे ? जैसे आपके हाथ पैर हैं, ऐसे हमारे हैं…”बोलेः “यह ठीक है लेकिन परिस्थितियों से जो भयभीत हो जाय वह जीव है और परिस्थितियों में जो अडिग रहे उसका नाम शिव है।*

🌹 *धीरो न द्वेष्टि संसारमात्मानं न दिदृक्षति।*

🌹 *हर्षामर्षविनिर्मुक्तो न मृतो न च जीवति।।*

🌹 *‘स्थितप्रज्ञ (धीर पुरुष) न संसार के प्रति द्वेष करता है और न आत्मा को देखने की इच्छा करता है। हर्ष और शोक से मुक्त वह न तो मृत है, न जीवित।’ (अष्टावक्र गीताः 18.83)*

🌹 *तुम्हारे मारने से वह मरता नहीं और तुम्हारे जिलाने से वह जीता नहीं, तुम्हारी प्रशंसा करने से वह बढ़ता नहीं और तुम्हारे द्वारा निंदा से वह उतरता नहीं। उसका नाम है ‘ब्रह्मवेत्ता।’न दिल में द्वेष धारे थो, न कंहिं सां रीस आ उन जी.( न दिल में द्वेष धरते हैं, न किसी से बराबरी करते हैं)न कंहिं दुनिया जी हालत जी,करे फरियाद थो ज्ञानी.( न किसी दुनिया की हालत की फरियाद करते हैं।) छो गूंगो आहे ? न न. बोड़ो आहे ? न.चरियो आहे ? ज़रा बि न. पोइ छो ?(क्यों गूँगे हैं ? ना। बहरे हैं ? ना। पागल हैं ? ज़रा भी नहीं। फिर क्यों ?) बहारी बाग़ जे वांगुर रहे दिलशाद थो ज्ञानी.रही लोदनि में लोदनी खां रहे आज़ाद थो ज्ञानी.(बहारों के बाग़ की तरह ज्ञानी दिलशाद रहते हैं, झंझावात में रहते हुए भी उनसे आजाद रहते हैं |*

🌹 *अर्थात् उतार-चढ़ाव में दोलायमान नहीं होते।) झूलों में रहते हुए, संसार के आघात और प्रत्याघातों में रहते हुए भी उनके चित्त में कभी भी क्षोभ नहीं होता क्योंकि वे समझते हैं-यदिदं मनसा वाचा चक्षुर्भ्यां श्रवणादिभिः।नश्वरं गृह्यमाणं च विद्धि मायामनोमयम्।।*

🌹 *इस जगत में जो कुछ मन से सोचा, वाणी से कहा, आँखों से देखा जाता है और श्रवण आदि इन्द्रियों से अनुभव किया जाता है, वह सब नाशवान है, सपने की तरह मन का विलास है। इसलिए मायामात्र है, मिथ्या है, ऐसा समझ लो।’(श्रीमद्भागवतः 11.7.7)*


📿 *स्रोतः ऋषि प्रसाद, सितम्बर 2015, पृष्ठ संख्या 11, अंक 273 ॐॐ* 🌹

1 hour ago | [YT] | 53

Surat Ashram

🚩 *14 फरवरी मातृ-पितृ पूजन दिवस पूज्य बापूजी द्वारा प्रेरित मानव समाज के कल्याण के लिए एक विश्वव्यापी अभियान* 🚩🙏🏻🕉️

7 hours ago | [YT] | 112

Surat Ashram

https://youtu.be/YENmZ7DHprY?si=WCSjR...
📿 *2026 की दूसरी रविवारी सप्तमी पर करें पुण्यों का अमाप संचय* ⤴️

7 hours ago | [YT] | 285

Surat Ashram

https://youtu.be/YENmZ7DHprY?si=WCSjR...
📿 *2026 की दूसरी रविवारी सप्तमी पर करें पुण्यों का अमाप संचय* ⤴️

7 hours ago | [YT] | 9

Surat Ashram

https://youtu.be/YENmZ7DHprY?si=WCSjR...
📿 *2026 की दूसरी रविवारी सप्तमी पर करें पुण्यों का अमाप संचय* ⤴️

7 hours ago | [YT] | 88

Surat Ashram

📿 *ॐ आज की टिप्स ॐ* 📿⤵️
https://youtu.be/eC8GQDhagcQ?si=vjVWL...

📿 *माला धारण करने का महत्त्व* 📿

*जपमाला को आप साधारण नहीं समझना | माता-पिता और पैसे से उतनी रक्षा नही होती जितनी गुरुमंत्र-जप करते हैं वह बड़ी प्रभावशाली मानी जाती है | उसको गले में धारण करके कोई भी सत्कर्म करेंगे तो १०,००० गुना फल होता है |*

*जिनकी उम्र ज्यादा है वे अपने घरवालों को बोल दें कि ‘जब हमारा शरीर छूट जाय तो हमारी माला गले से नही उतारना |’ जिनके गले में जप की हुई माला है उनके प्रारब्धजनित अनिष्ट का प्रभाव नष्ट हो जाता हैं क्योंकि इष्टमंत्र, गुरुमंत्र जपते हैं तो अनिष्ट दूर रहता है | यदि इष्टमंत्र कम जपा है और पूर्व का पाप अधिक है तो इस कारण से कभी थोडा अनिष्ट होता दिखे तब भी जापक अडिग रहेगा तो अनिष्ट टल जायेगा |*

*गले में तुलसी की माला धारण करने से शरीर में जो चुम्बकत्व है और खून का भ्रमण है वह अच्छी तरह से रहेगा | शरीर में कहीं हानिकारक कण इकट्ठे होकर ट्यूमर अथवा ब्लॉकेज जैसी स्थिति उत्पन्न होने से रक्षा होगी, बायपास सर्जरी नहीं करनी पड़ेगी, और कोई बीमारी जल्दी उत्पन्न नहीं होगी |”*

*(माला-पूजन की विधि व माला-संबंधी नियम जानने हेतु पढ़ें आश्रम के सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध पुस्तक ‘इष्टसिद्धि’, ‘मंत्रजप महिमा एवं अनुष्ठान विधि’ |)*


📿 *ऋषि प्रसाद – नवम्बर २०१८ से* 📿

1 day ago | [YT] | 1,194

Surat Ashram

📿 *शिवजी बने ज्योतिषी…* 📿⤵️
https://youtu.be/kf99pV7VDk8

🌷 *१५ फरवरी - २०२६ महाशिवरात्रि* 🌷

🌹 *भगवान शंकर ने पार्वती जी को एक प्रसंग सुनाते हुए कहा जब भगवान श्रीराम का प्राकट्य हुआ था, तब मैं और काकभुशुंडिजी उनके दर्शन के लिए अयोध्या गये, किंतु अयोध्या की भीड़भाड़ में हम उनके महल तक न जा पाये। मैंने सोचा कि अब कोई युक्ति आजमानी पड़ेगी ताकि हमें प्रभु के दर्शन हों।*

🌹 *तब मैंने एक ज्योतिषी का और काकभुशुंडिजी ने मेरे शिष्य का रूप लिया। वे शिष्य की तरह मेरे पीछे-पीछे चलने लगे। मैंने मन-ही-मन श्रीराम जी से प्रार्थना की कि ‘हे प्रभु ! अब आप ही दर्शन का कोई सुयोग बनाइये।’उधर राजमहल में श्रीरामजी लीला करके बहुत रोने लगे। कौशल्या दशरथ आदि सब बड़े चिंतित हो उठे। कई वैद्यों को बुलाया गया लेकिन श्रीराम जी का रुदन बंद ही न हुआ।*

🌹 *दशरथ ने नगर में ढिंढोरा पिटवा दिया कि ‘अगर ऐसे कोई संत-महात्मा या ज्योतिषी मिल जायें जो श्रीराम जी का रुदन बंद करवा सकें तो तुरंत उन्हें राजमहल में आदरसहित ले आयें। यह बात हम तक भी पहुँची। हमने कहाः“हम अभी-अभी हिमालय से आ रहे हैं और ज्योतिष विद्या भी जानते हैं। बच्चे को चुप कराना तो हमारे बायें हाथ का खेल है।”लोग हमें बड़े आदर से राजमहल तक ले गये। मैंने कहाः “बालक को मेरे सामने लायें। मेरे पास ऐसी सिद्धि है कि मेरी नज़र पड़ते ही वह चुप हो जायेगा।*

🌹 *श्रीराम जी को लाया गया। मैंने उन्हें देखा तो वे चुप हो गये, किंतु मैं रोने लगा। कौशल्या माँ को मेरे प्रति सहज स्नेह जाग उठा कि कितने अच्छे महाराज हैं, मेरे बालक का रुदन खुद ले लिया! वे मुझे भेंट पूजा देने लगीं।मैंने कहाः “भेंट पूजा तो फिर देखी जायेगी, मैं ज्योतिषी भी हूँ। पहले तुम्हारे लाला का हाथ तो देख लूँ।”कौशल्या माँ ने अपना बालक मुझे दे दिया। मैंने उन परात्पर ब्रह्म को अपने हाथों में लिया।*



🌹 *काकभुशुंडिजी ने मुझे इशारा किया कि देखना, प्रभु ! कहीं मैं न रह जाऊँ।’मैंने उनसे कहाः “श्रीचरण तो तुम्हारी ही ओर हैं।”फिर मैंने श्रीरामजी के चरण छुए और रेखाएँ देखते हुए कहाः“यह बालक आपके घर में नहीं रहेगा।”कौशल्या जी घबरा गयीं और बोलीं-“क्या हमेशा के लिए घर छोड़कर चला जायेगा ?”मैंने कहाः “नहीं, गुरुदेव के साथ जायेगा तो सही, लेकिन थोड़े ही दिनों में, पृथ्वी पर कहीं न मिले ऐसी राजकुमारी के साथ शादी करके वापस आ जायेगा।”कौशल्याजी बड़ी प्रसन्न हुईं और हमें दक्षिणा में बहुत-सी भेंटपूजा देने लगीं। हमें तो करने थे दर्शन, इसीलिए हमने ज्योतिषी की लीला की थी। जब स्वांग रचा ही था तो उसे निभाना भी था, अतः हम दक्षिणा लेकर लौट पड़े।*


📿 *स्रोतः ऋषि प्रसाद, नवम्बर 2002, पृष्ठ संख्या 23 अंक 119 ॐॐ* 📿

1 day ago | [YT] | 211

Surat Ashram

https://youtu.be/eC8GQDhagcQ?si=vjVWL...
📿 *इतनी दुर्लभ पुण्यमय तिथि आप बस इसका लाभ लेने से वंचित ना रहे* ⤴️

1 day ago | [YT] | 483