*मघा जल है विशेष गुणकारी (मघा नक्षत्र : १७ अगस्त दोपहर २-१६ से ३१ अगस्त सुबह १०-१४ तक)*
*मघा नक्षत्र के बारे में कहा जाता है कि _"मघा के बरसे, माता के परसे"_ अर्थात, जैसे बालक का पेट माता द्वारा भोजन कराने से ही भरता है, वैसे ही मघा नक्षत्र की वर्षा ही धरती माता की प्यास बुझाती है जिससे फसल भी अच्छी होती है ।*
*🌹 मघा नक्षत्र में वर्षा हो तो उस वर्षा का जल गुणों में 'सोने के समान व पवित्रता में गंगाजल के समान' माना जाता है ।*
*भगवान सूर्य जब मघा नक्षत्र में रहते हैं तब आकाश से गिरनेवाला वर्षा का जल गंगाजल के समान माना जाता है। पूज्य बापूजी के सत्संग में आता है : "जब सूर्य की मघा नक्षत्र में उपस्थिति होती है तब होनेवाली बरसात का पानी गंगामय है। मघा नक्षत्र का जल छान-छून के रख लो । रात को २-२ बूँदें आँखों में डालो और सुबह आँखों की खराबी गायब ! वह पानी बच्चों को पिलाओ महीना - दो महीना तो पेट के कृमि गायब ! जैसे गंगाजल में दूसरा कोई गड़बड़ जल भी मिलता है तो गंगाजल उसको ठीक कर देता है वैसे ही मघा नक्षत्र के पानी में यह प्रभाव है।*
*मघा नक्षत्र के दिनों में बारिश हो रही थी, मैंने आसमान की तरफ देखा और पलकें खोलकर रखीं तो आँखों में वह मघा नक्षत्र का पानी आया । इससे आँखों में भी मेरे को विशेष फायदा हो गया। आँखों में जो चिपचिपापन होता था वह भी कम हो गया । एक दिन ही लगाया तो इतना फायदा हो गया !*
*मघा का यह पानी पीने से पेटदर्द में बहुत फायदा होता है। अगर आप कोई आयुर्वेदिक ले रहे हैं तो मघा जल के साथ लें, उसके फायदे बहुत बढ़ जायेंगे । यह पानी आपके घर में खाना बनाने के लिए भी बहुत अच्छा है।*
*गुजरात में खंभात नाम का नगर है। वहाँ पहले घर-घर में बारिश के पानी को इकट्ठा करने के लिए छोटे-छोटे कुएँ, टंकियाँ होती थीं। आज भी वे टंकियाँ बहुतों के घरों में पायी जाती हैं। खंभातवासी सालभर मघा नक्षत्र युक्त आकाश जल का उपयोग करते हैं और स्वस्थ पाये जाते हैं। वहाँ के लोगों का कहना है कि 'हम लोग वर्षा के दिनों में एकत्र किया जल सालों से पीते हैं और बीमारियाँ हमसे दूर रहती हैं। हमारे यहाँ के बड़े- बूढ़े भी स्वस्थ रहते हैं, बीमार नहीं पड़ते।*
*पानी की शुद्धता के लिए आधुनिक यंत्रों द्वारा टीडीएस (total dissolved solids) मापा जाता है । जिस पानी में जितना टीडीएस कम होता है उतना वह पानी शुद्ध माना जाता है । महानगरपालिका के पानी और हमारे घर की टंकी में रहनेवाले वर्षा के पानी दोनों का टीडीएस - मापा गया तो महानगरपालिका के पानी का टीडीएस वर्षा के पानी की अपेक्षा ६८% ज्यादा पाया गया। बारिश के समय हमारी पानी की टंकी में पुराना पानी भी बचा रहता है, टंकी में मघा नक्षत्र का थोड़ा भी जल पड़ जाता है तो सारा पानी शुद्ध रहता है।'*
🌹 *भाग्य के कुअंक मिटाने की युक्ति आसन बिछाकर प्रणव ( ॐकार ) का ३ मिनट ह्रस्व (जल्दी – जल्दी ) व दीर्घ और ५ मिनट प्लुत (दीर्घ से अधिक लम्बा ) उच्चारण करना चाहिए |*
🌹 *कभी कम – ज्यादा हो जाय तो डरना नहीं | ४० दिन का यह नियम ले लों तो बहुत सारी योग्यताएँ जो सुषुप्त हैं, वे विकसित हो जायेंगी |*
🌹 *मन की चंचलता मिटने लगेगी, बुद्धि के दोष दूर होने लगेंगे | सदा करते रहो तो बहुत अच्छा |*
👉🏻🌹 *अपने भाग्य की रेखा बदलनी हो, अपनी ७२, ७२, १०, २०१ नाड़ियों की शुद्धि करनी हो और अपने मन और बुद्धि को मधुमय करना हो तो संध्या के समय १०- १५ मिनट विद्युत् – कुचालक आसन बिछाकर जप करें | भाग्य के कुअंक मिटा देगा यह प्रयोग |*
🙏🏻 *हमारे देश की सनातन संस्कृति ने विश्व को कल्याण का मार्ग ही नहीं बताया बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' का सूत्र देकर सिर्फ मानव के प्रति ही नहीं वरन् प्राणी मात्र से प्रेम करने की प्रेरणा दी है । ‘नाग पंचमी' का पर्व इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है । इस पर्व पर नागों की पूजा की जाती हैं । पुराणों में इसकी अनेक कथाएँ मिलती हैं ।*
🙏🏻 *‘नाग पंचमी' मनाने का चाहे जो भी कारण हो, किंतु यह पर्व इस बात को तो पूर्ण रूप से स्पष्ट करता है कि हमारी संस्कृति समग्र विश्व को कुटुम्ब मानकर हिंसक प्राणियों के प्रति भी वैर वृत्ति न रखने की, उनके प्रति सद्भाव जगाने की तथा उन्हें अभयदान देने की ओर संकेत करती है ।* *भगवान शंकर के गले में सर्प तथा भगवान विष्णु की शैया का शेषनाग इसी बात का प्रमाण है कि जो महापुरुष सभी प्राणियों में अपनी आत्मा को निहारता है, सर्प जैसे विषैले जीव भी उसके मित्र हो जाते हैं ।* *सर्प जैसे जहरीले प्राणी को भी देवताओं का स्थान देकर प्रेम तथा भक्ति-भाव से उसकी पूजा करना-यह भारतीय संस्कृति तथा ऋषि-मुनियों की ही देन है ।* *राग-द्वेष, तथा विनाश की ओर दौड़ते इस विश्व में ऐसे पर्वों के माध्यम से भी जो शांति एवं प्रेम कायम है वह इस देश की सनातन संस्कृति तथा भारत के संतों के इसी प्रेम का ही प्रभाव है ।*🐍🐍
Surat Ashram
youtube.com/shorts/QHxIGZJEo2...
5 hours ago | [YT] | 169
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Surat Ashram
💦 *ॐ आज की टिप्स ॐ* 🌹⤵️
https://youtu.be/f0cMQRPRN50?si=2CCo_...
*मघा जल है विशेष गुणकारी (मघा नक्षत्र : १७ अगस्त दोपहर २-१६ से ३१ अगस्त सुबह १०-१४ तक)*
*मघा नक्षत्र के बारे में कहा जाता है कि _"मघा के बरसे, माता के परसे"_ अर्थात, जैसे बालक का पेट माता द्वारा भोजन कराने से ही भरता है, वैसे ही मघा नक्षत्र की वर्षा ही धरती माता की प्यास बुझाती है जिससे फसल भी अच्छी होती है ।*
*🌹 मघा नक्षत्र में वर्षा हो तो उस वर्षा का जल गुणों में 'सोने के समान व पवित्रता में गंगाजल के समान' माना जाता है ।*
*भगवान सूर्य जब मघा नक्षत्र में रहते हैं तब आकाश से गिरनेवाला वर्षा का जल गंगाजल के समान माना जाता है। पूज्य बापूजी के सत्संग में आता है : "जब सूर्य की मघा नक्षत्र में उपस्थिति होती है तब होनेवाली बरसात का पानी गंगामय है। मघा नक्षत्र का जल छान-छून के रख लो । रात को २-२ बूँदें आँखों में डालो और सुबह आँखों की खराबी गायब ! वह पानी बच्चों को पिलाओ महीना - दो महीना तो पेट के कृमि गायब ! जैसे गंगाजल में दूसरा कोई गड़बड़ जल भी मिलता है तो गंगाजल उसको ठीक कर देता है वैसे ही मघा नक्षत्र के पानी में यह प्रभाव है।*
*मघा नक्षत्र के दिनों में बारिश हो रही थी, मैंने आसमान की तरफ देखा और पलकें खोलकर रखीं तो आँखों में वह मघा नक्षत्र का पानी आया । इससे आँखों में भी मेरे को विशेष फायदा हो गया। आँखों में जो चिपचिपापन होता था वह भी कम हो गया । एक दिन ही लगाया तो इतना फायदा हो गया !*
*मघा का यह पानी पीने से पेटदर्द में बहुत फायदा होता है। अगर आप कोई आयुर्वेदिक ले रहे हैं तो मघा जल के साथ लें, उसके फायदे बहुत बढ़ जायेंगे । यह पानी आपके घर में खाना बनाने के लिए भी बहुत अच्छा है।*
*गुजरात में खंभात नाम का नगर है। वहाँ पहले घर-घर में बारिश के पानी को इकट्ठा करने के लिए छोटे-छोटे कुएँ, टंकियाँ होती थीं। आज भी वे टंकियाँ बहुतों के घरों में पायी जाती हैं। खंभातवासी सालभर मघा नक्षत्र युक्त आकाश जल का उपयोग करते हैं और स्वस्थ पाये जाते हैं। वहाँ के लोगों का कहना है कि 'हम लोग वर्षा के दिनों में एकत्र किया जल सालों से पीते हैं और बीमारियाँ हमसे दूर रहती हैं। हमारे यहाँ के बड़े- बूढ़े भी स्वस्थ रहते हैं, बीमार नहीं पड़ते।*
*पानी की शुद्धता के लिए आधुनिक यंत्रों द्वारा टीडीएस (total dissolved solids) मापा जाता है । जिस पानी में जितना टीडीएस कम होता है उतना वह पानी शुद्ध माना जाता है । महानगरपालिका के पानी और हमारे घर की टंकी में रहनेवाले वर्षा के पानी दोनों का टीडीएस - मापा गया तो महानगरपालिका के पानी का टीडीएस वर्षा के पानी की अपेक्षा ६८% ज्यादा पाया गया। बारिश के समय हमारी पानी की टंकी में पुराना पानी भी बचा रहता है, टंकी में मघा नक्षत्र का थोड़ा भी जल पड़ जाता है तो सारा पानी शुद्ध रहता है।'*
💦 *ऋषि प्रसाद - जुलाई २०२३ से* 🌹
19 hours ago | [YT] | 957
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Surat Ashram
🌹 *भाग्य के कुअंक मिटाने की युक्ति आसन बिछाकर प्रणव ( ॐकार ) का ३ मिनट ह्रस्व (जल्दी – जल्दी ) व दीर्घ और ५ मिनट प्लुत (दीर्घ से अधिक लम्बा ) उच्चारण करना चाहिए |*
*🌹शिवजी को रोज एक लोटा जल चढ़ाने के लाभ आप गिन नहीं पाओगे |*⤵️
🖥️ https://youtu.be/aOEZulAGG8g
🔅🔅🔅🔅🔅🔅
🌹 *गुजराती सत्संग*
🌹 *શ્રાવણ માસ વિશેષ - બધા તીર્થોના ફળથી પણ વધારે ફળ આપવાવાળો માસ* 🔽
🎥https://youtu.be/mCRYP0vDDuU
🌹 *कभी कम – ज्यादा हो जाय तो डरना नहीं | ४० दिन का यह नियम ले लों तो बहुत सारी योग्यताएँ जो सुषुप्त हैं, वे विकसित हो जायेंगी |*
🌹 *मन की चंचलता मिटने लगेगी, बुद्धि के दोष दूर होने लगेंगे | सदा करते रहो तो बहुत अच्छा |*
👉🏻🌹 *अपने भाग्य की रेखा बदलनी हो, अपनी ७२, ७२, १०, २०१ नाड़ियों की शुद्धि करनी हो और अपने मन और बुद्धि को मधुमय करना हो तो संध्या के समय १०- १५ मिनट विद्युत् – कुचालक आसन बिछाकर जप करें | भाग्य के कुअंक मिटा देगा यह प्रयोग |*
🌹 *ॐ सत्संग से*🌷
19 hours ago | [YT] | 913
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Surat Ashram
https://youtu.be/f0cMQRPRN50?si=2CCo_...
💦 *एक साल से सभी साधकों को था इस दुर्लभ योग का इंतजार जो आज से शुरू* ⤴️
20 hours ago | [YT] | 90
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Surat Ashram
https://youtu.be/f0cMQRPRN50?si=2CCo_...
💦 *एक साल से सभी साधकों को था इस दुर्लभ योग का इंतजार जो आज से शुरू* ⤴️
20 hours ago | [YT] | 140
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Surat Ashram
https://youtu.be/f0cMQRPRN50?si=2CCo_...
💦 *एक साल से सभी साधकों को था इस दुर्लभ योग का इंतजार जो आज से शुरू* ⤴️
20 hours ago | [YT] | 3
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Surat Ashram
https://youtu.be/f0cMQRPRN50?si=2CCo_...
💦 *एक साल से सभी साधकों को था इस दुर्लभ योग का इंतजार जो आज से शुरू* ⤴️
20 hours ago | [YT] | 47
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Surat Ashram
https://youtu.be/cQwqIiF-5Oc?si=vRrL0...
1 day ago | [YT] | 189
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Surat Ashram
https://youtu.be/cQwqIiF-5Oc?si=by-nk...
1 day ago | [YT] | 454
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Surat Ashram
🌹 *ॐ आज की टिप्स ॐ* 🌹⤵️
https://youtu.be/cQwqIiF-5Oc?si=vRrL0...
🐍 *नागपंचमी* 🐍
🙏🏻 *हमारे देश की सनातन संस्कृति ने विश्व को कल्याण का मार्ग ही नहीं बताया बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' का सूत्र देकर सिर्फ मानव के प्रति ही नहीं वरन् प्राणी मात्र से प्रेम करने की प्रेरणा दी है । ‘नाग पंचमी' का पर्व इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है । इस पर्व पर नागों की पूजा की जाती हैं । पुराणों में इसकी अनेक कथाएँ मिलती हैं ।*
🙏🏻 *‘नाग पंचमी' मनाने का चाहे जो भी कारण हो, किंतु यह पर्व इस बात को तो पूर्ण रूप से स्पष्ट करता है कि हमारी संस्कृति समग्र विश्व को कुटुम्ब मानकर हिंसक प्राणियों के प्रति भी वैर वृत्ति न रखने की, उनके प्रति सद्भाव जगाने की तथा उन्हें अभयदान देने की ओर संकेत करती है ।* *भगवान शंकर के गले में सर्प तथा भगवान विष्णु की शैया का शेषनाग इसी बात का प्रमाण है कि जो महापुरुष सभी प्राणियों में अपनी आत्मा को निहारता है, सर्प जैसे विषैले जीव भी उसके मित्र हो जाते हैं ।*
*सर्प जैसे जहरीले प्राणी को भी देवताओं का स्थान देकर प्रेम तथा भक्ति-भाव से उसकी पूजा करना-यह भारतीय संस्कृति तथा ऋषि-मुनियों की ही देन है ।*
*राग-द्वेष, तथा विनाश की ओर दौड़ते इस विश्व में ऐसे पर्वों के माध्यम से भी जो शांति एवं प्रेम कायम है वह इस देश की सनातन संस्कृति तथा भारत के संतों के इसी प्रेम का ही प्रभाव है ।*🐍🐍
🙏🏻 *लोक कल्याण सेतु : जुलाई १९९८*
1 day ago | [YT] | 1,099
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