सभी को नमस्ते जी । मेरा नाम विकास आर्य है। मैं कैथल हरियाणा से हूं। मैं आर्य समाज में कार्य करता हू। आर्य समाज के सिद्धांत वेद के सिद्धांत है। वेद ईश्वर की वाणी व सृष्टि का संविधान है। आर्य का अर्थ श्रेष्ठ,उत्तम,अच्छा होता है। कृण्वन्तो विश्वार्यम अर्थात् पूरे विश्व को श्रेष्ठ बनाओ। अगर आप आर्य बनना चाहते या आर्य समाज से संबंधित जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आप हमारे यूटयूब चैनल को सब्सक्राइब आवश्य कर ले। हम यूटयूब चैनल पर आर्य समाज से संबंधित वीडियो अपने चैनल पर डालेगे।
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आर्य सदैव संगठित रहता है। वह वेद कि आज्ञा:-
#संगच्छध्वं_सं_वदध्वं_सं_वो_मनांसि_जानताम्
#देवा_भागं_यथा_पूर्वे_संजानाना_उपासते
का केवल पाठ मात्र ही नहीं बल्कि इसका पालन भी करता है।
#सप्ताहिक_यज्ञ #आर्य_समाज_किठाना
आज आर्य Manish Chahal जी के घर पर हवन किया गया। जिसमें यज्ञ पुरोहित आर्य विकास जी रहे व आर्य जोगिंद्र जी ने यज्ञ का महत्व बताया।
जिसमें बबलू आर्य,रवीन आर्य, जतिन आर्य, राहुल आर्य व परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
1 year ago | [YT] | 34
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1 year ago | [YT] | 29
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#आर्य_महासंघ के तत्वावधान में #राष्ट्रीय_आर्य_निर्मात्री_सभा द्वारा आयोजित विशेष सांगठनिक बैठक रविवार 4 फरवरी 2024
2 years ago | [YT] | 28
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दुनिया भर में देश का मानवर्धन करने वाली भारत की बेटी, समस्त नारियों के लिए प्रेरणा स्रोत, साहस व शक्ति की प्रतिमूर्ति, अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ एवं प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
2 years ago | [YT] | 13
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अदम्य साहस, शौर्य, समर्पण व वीरता के साथ देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा में पूरी निष्ठा से सेवारत तटरक्षक बल के वीर जवानों के शौर्य को नमन।
भारतीय तटरक्षक बल के स्थापना दिवस पर वीर जवानों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। #भारतीय_तटरक्षक_बल #IndianCoastGuardDay
2 years ago | [YT] | 22
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#ओ३म् यह ओंकार शब्द परमेश्वर का सर्वोत्तम नाम है, क्योंकि इसमें जो अ,उ और म् तीन अक्षर मिलकर ओ३म् समुदाय हुआ है,इस एक नाम से परमेश्वर के बहुत नाम आते है जैसे -
अकार से विराट, अग्नि और विश्वादि ।
उकार से हिरण्यगर्भ,वायु और तैजसादि ।
मकार से ईश्वर, आदित्य और प्राज्ञादि।
#विराट- जो बहु प्रकार के जगत को प्रकाशित करें, इससे विराट नाम से परमेश्वर का ग्रहण होता है।
#अग्नि-जो ज्ञानस्वरूप,सर्वज्ञ,जानने, प्राप्त होने और पूजा करने योग्य है, इससे उस परमेश्वर का नाम अग्नि है।
#विश्व-जिस में आकाशादि सब भूत प्रवेश कर रहे हैं अथवा जो इन में व्याप्त होके प्रविष्ट हो रहा है, इसलिए उस परमेश्वर का नाम विश्व है।
#हिरण्यगर्भ- जिसमें सूर्यादि तेज वाले लोक उत्पन्न होके जिसके आधार रहते हैं अथवा जो सूर्यादि तेज: स्वरूप पदार्थों का गर्भ, उत्पत्ति और निवासस्थान है, इससे उस परमेश्वर का नाम हिरण्यगर्भ है।
#वायु-जो चर अचर जगत का धारण,जीवन और प्रलय करता और सब बलवानों से बलवान है,इससे उस ईश्वर का नाम वायु है।
#तैजस-जो आप स्वयं प्रकाश और सूर्यादि तेजस्वी लोकों का प्रकाश करने वाला है, इससे उस ईश्वर का नाम तैजस है।
#ईश्वर-जिस का सत्य विचारशील ज्ञान और अनंत ऐश्वर्य है, इससे उस परमात्मा का नाम ईश्वर है।
#आदित्य-जिसका विनाश कभी न हो उसी ईश्वर की आदित्य संज्ञा है।
#प्राज्ञ-जो निर्भ्रांत ज्ञानयुक्त सब चर अचर जगत के व्यवहार को यथावत जानता है इससे ईश्वर का नाम प्राज्ञ है।
#सत्यार्थप्रकाश #आर्यसमाज #महर्षिदयानंद #आर्यगजट
2 years ago | [YT] | 21
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राणा सांगा, मेवाड़ के सबसे वीर सपूत, एक आँख, अपनी भुजा और एक टांग गँवा देने के बावजूद अपनी तलवार म्यान में नहीं रखी… मेवाड़ को मुग़ल आक्रांताओं के हमलों से अपनी आख़िरी साँस तक बचाते रहें… आज वीर सांगा की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि कोटि नमन ।
2 years ago | [YT] | 26
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सत्यार्थ प्रकाश घर में रखने,पास में रखने या मोबाइल में रखने मात्र से हमारा उपकार नहीं हो सकता,सत्य का प्रकाश नहीं होगा। अब तक लाखों सत्यार्थ प्रकाश विभिन्न संस्थाएं एवं आर्यजन बांट चुके हैं, परन्तु आर्यों की संख्या बढ़ने की बजाए घट क्यों रही है? इसका मुख्य कारण मुझे समझ में आ रहा है कि इसका स्वाध्याय करने में न तो लोगों को रुचि होती है और न ही श्रद्धा होती है। जब श्रद्धा और रुचि होती है तो कठिनता होने पर भी पुस्तक को छोड़ने की अपेक्षा सिद्धांतों को समझने का प्रयास अधिक होता है। श्रद्धा और रूचि के अभाव में लाखों सत्यार्थ प्रकाश बंटने के उपरांत भी एक दो आर्य भी नहीं बनते।
राष्ट्रीय आर्य निर्मात्री सभा के आचार्यगण आर्य सत्रों के माध्यम से सामान्य जन में सत्यार्थ प्रकाश के प्रति रुचि एवं श्रद्धा उत्पन्न कर देते , तत्पश्चात् वे ऋषि दयानंद के प्रति प्रबल आस्थावान होते हैं। तब सत्यार्थ प्रकाश को हम लोग उन्हें भेंट में देते हैं, फिर यह ग्रंथ उनके लिए केवल एक ग्रंथ न होकर सत्य के अर्थ का प्रकाशक होता है। यह पुस्तक उन्हें सिद्धांतों को समझने एवं उस पर दृढ़ रहने की प्रबल प्रेरणा देता है। इसलिए आर्य सत्रों में सत्यार्थ प्रकाश को देना एक बहुत बड़ा व्यक्तिहित,समाजहित और राष्ट्रहित का कार्य है।
2 years ago | [YT] | 33
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पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन।
2 years ago | [YT] | 17
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आप सभी सह-परिवार सादर आमंत्रित हैं।
2 years ago | [YT] | 31
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