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Jai mata đi

11 months ago | [YT] | 3

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Demon slayer# demon slayer # tigershroff#

1 year ago | [YT] | 2

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आज की 🥲विषय है जलन और कुढ़न के चलते इनके खिलाफ रचे गए षड्यंत्र! इस पोस्ट में आप पढ़ोगे की कैसे नेगवटिव लोग भी आपके जीवन मे बदलाव ला सकते हैं और कैसे उन्ही नेगवटिव लोगों की वजह से आप तरक्की कर जाते हैं और अपनी नेगेटिविटी के चलते, दुष्प्रचार करने वाले, ना घर के रहते हैं ना घाट के।

🥰🥰🥰ये लाली छंगाणी हैं, आज सारा भारत इन्हें जानता है, पता है क्यों? क्योंकि इनका डेली मीडिया ट्रायल चलता है! दिन में दो चार बार आप इन्हें फेसबुक या इंस्टा पे देख सकते हो। ये सिलसिला कुछ एक महीनों से शुरू हुआ था। कुछ एक महीनों पहले, कोलकाता के बड़ा बाजार की किसी गली में 2x2 की छोटी सी दुकान के मालिक, लाली छंगाणी को सिर्फ कोलकाता के लोग ही जानते थे लेकिन जैसे ही इनके बारे में कुछ ब्लॉगर्स ने उल्टी सीधी वीडियो बना के डालीं, वैसे ही लाली छंगाणी छा गए इंटरनेट पे। आज लाली छंगाणी को कौन नही जानता, हर वो शख्स जिसके हाथ मे स्मार्ट फोन है, वो लाली छंगाणी को शक्ल से जान लेता है।

अब मज़े की बात देखो, जितने भी असली या नकली फ़ूड ब्लॉगर्स ने क्लब कचौरी के मालिक लाली छंगाणी को बदनाम करने के लिए पोस्टें या वीडियोज़ डाले, उन असली नकली ब्लॉगर्स का नाम भी आपको याद नही होगा, लेकिन उन सबने मिलकर एक ऐसे शख्स को मशहूर कर दिया जिसे कुछ एक महीने पहले तक कोई जानता तक नही था। जिन्हें ये अच्छे लगते हैं वो इनकी तारीफ करते हैं और जिनको ये पसन्द नही वो इनकी बुराई में लगे रहते हैं।

लाली भाई पिछले करीब 48 सालों से अपनी दुनिया मे मस्त था। उनकी छोटी सी दुकान के आगे कचोरी और जलेबी खाने वालों की लाईन लगी होती थी। वो चुपचाप अपने काम मे मस्त थे। फिर अचानक एक ब्लॉगर वहां पहुंचा, उसने अपना परिचय दिया, लाली भाई ने उसे तूल नही दी, ना ही उसे बिना पैसों के फ्री की कचोरी दी, बस जी, ब्लॉगर के दिमाग मे ये बात बैठ गई कि उसके साथ इमोशनल ठगी हुई है।।

वो ब्लॉगर शायद किसी दिमागी बीमारी, जिसे इन्फिरियोरिटी कॉम्प्लेक्स या कुंठा कहते हैं, उस से ग्रसित रहा होगा, उसे छंगाणी भाई के तूल ना दिए जाने से अपमान महसूस हुआ और उसने क्लब कचौरी को खराब बता कर वीडियो अपलोड कर दी। वीडियो हो गई वाईरल, अब उस ब्लॉगर को कोई जाने ना जाने, छंगाणी भाई को लोग जरूर जानने लग गए। इससे एक बात साबित होती है कि नाम कमाने और तरक्की करने के लिये नेगवटिव लोग भी बड़े अहम होते हैं जीवन मे। 😁😁😃😃🥸🥸

अब छंगाणी भाई का काम हो गया है दुगना। पहले जो उनके ग्राहक थे, वो आज भी वहीं कचौरी खा रहे हैं, ऊपर से रोजाना नए नए लोग सिर्फ छंगाणी भाई को देखने आने लगे हैं और लगे हाथ उनकी कचौरी भी खा रहे हैं। तो कभी कभी ऐसा भी होता है कि आप किसी के खिलाफ दुष्प्रचार करो, तो आपकी पहचान तो खत्म हो ही जाती है साथ ही आपकी बद्दुआओं से उस आदमी की तरक्की हो जाती है जिसके खिलाफ बोल कर आप अपना नाम कमाना चाहते हो।🥸🥸🤪🤪

कुछ लोगों की टेंडेंसी ऐसी होती है जो किसी को काम करते देख, खुश नही होते। फर्ज करो उनके पड़ोस में कोई नई गाड़ी ले आये तो वो उन से भी जल भुन जाएंगे। सबसे पहला आरोप तो ये लगाएंगे की हराम की कमाई की लाया होगा। ऐसे लोग अपने को ऊपर नही उठाते बल्कि दूसरे को नीचे गिराने में लगे रहते हैं। यही वो लोग हैं जिनसे हमे बचना है। इन्हें सही संज्ञा अगर दी जाए, तो ये साइकोपैथ हैं। जो अपना काम धंधा छोड़ के, अपने बीवी बच्चों को छोड़ के, रातों को नशे में टल्ली होके, राम नाम जपने की बजाय, उसका नाम जपते हों, जिसका ये सर्वनाश चाहते हैं, तो ऐसे ही होते हैं साइकोपैथ। आज वही लाली छंगाणी उस ब्लॉगर के सपने में आता होगा और उस पर हंसता भी होगा😋😋😋

छंगाणी भाई पहले से ही अपनी ज़िंदगी जी लिया, उनके बच्चे बड़े भी हैं और स्टैब्लिश भी हैं, अब इस उम्र में फेमस हो कर, छंगाणी भाई का और बढ़ापे तक का इंतजाम हो गया। लेकिन वो यंग ब्लॉगर्स / साइकोपैथस, जिनके बच्चे भी अभी छोटे ही होंगे, वो कुंठित दिमाग लिए अब अपना गुजारा कैसे करेंगे। लाली और पैसे कमाने लगा और वो दिमागी बीमारी कमा रहे 🧐
उस दिन अगर छंगाणी भाई उस ब्लॉगर को फ्री की कचौरी खिला देते तो आज कौन इन्हें जानता। लेकिन छंगाणी भाई की आदत ही ऐसी है, वो किसी ऐरे गैर की परवाह नही करता। करे भी क्यों, अगला मेहनत करता है, घर छोड़ के रात रात भर सुबह की तैयारी करता है, अपने हक की कमाई खाता है तो वो क्यूँ किसी को फ्री खिला के खुश करने लगा।

मैं भी कई बार कोलकाता गया हूँ, बड़ा बाजार भी गया हूँ, लेकिन मैं नही जानता था कि ऐसी भी कोई दुकान वहाँ है। लेकिन अब मेरी भी उत्सुकता जाग गई है, अब जिस दिन भी कोलकाता जाऊंगा तो छंगाणी भाई की दुकान की कचौरी जरूर खा के आऊंगा, स्वाद चाहे जैसा भी रहे लेकिन खाऊंगा जरूर। तो अपनी इस पोस्ट से मैने ऐसे ही कुंठित, नेगेटिव और साइकोपैथस को जूता मारा है जो हर दम सिर्फ किसी को बर्बाद करने की सोच में डूबे रहते हैं, छंगाणी भाई जैसों को फेमस करते हैं और अपनी बर्बादी के रास्ते बनाते रहते हैं।

आप मे से कभी कोई लाली छंगाणी के यहां गया हो तो कमेंट जरूर करना और बताना की असल मे बंदा है कैसा, बस मीडिया की सुनी सुनाई बातों पर जाए बिना, अपना सच्चा विश्लेषण करना !!

धन्यवाद।

1 year ago | [YT] | 2