*गेहूं बिजाई करने का सही समय:-* 👉 गेहूं की बिजाई हम तीन चरणों में करते हैं- पहले चरण अगेती बजाई के लिए, दूसरा चरण समय पर बिजाई के लिए और तीसरा चरण पिछेती बिजाई के लिए। पहले चरण में हम उन किस्मों का चयन करना चाहिए हैं, जो पकने में अधिक समय लेती हैं। दूसरे चरण में हम मध्य समय में पकने वाली किस्म का प्रयोग करते हैं, और तीसरा चरण में हम कम समय में पकने वाली किस्म का प्रयोग करते हैं। गेहूं की बजाई करने के लिए सबसे उपयुक्त तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक होता है।
*गेहूं की बिजाई का पहला चरण*👉 25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक होता है। इस चरण में हम अधिक समय में पकने वाली गेहूं किस्म का प्रयोग करते हैं। जैसे- DBW- 303, DBW- 327, DBW- 332, और HD-2967 इत्यादि। यह गेहूं किस्में पकने में 150 दिन से 160 दिन का समय लेती हैं। इसलिए मार्च में चलने वाली गर्म हवाओं से बचाने के लिए इन्हें अगेती बिजाई करनी जरूरी है। अगेती बजाई की गई किस्में सबसे अधिक पैदावार निकाल कर देती हैं। क्योंकि इन्हें मिटटी से खाद और पानी लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में समय मिल जाता है।
*गेहूं की बिजाई का दूसरा चरण*👉 11 नवंबर से 25 नवंबर तक होता है। इस चरण में गेहूं की उन किस्मों का चयन किया जाता है। जो माध्यम समय में पकती हैं, यानी 130 से 140 दिन में पकने वाली किस्मों की इस समय बिजाई की जाती है। कुछ किसान भाई इस समय अगेती किस्मों की भी बजाई करते हैं। लेकिन वह इतनी अच्छी पैदावार निकाल कर नहीं देती। इस समय बिजाई करने पर आपकी गेहूं की फसल सबसे अधिक पैदावार देती है। क्योंकि यह गेहूं बिजाई करने का सबसे अच्छा समय है। इस समय गेहूं की बिजाई करने के लिए अनुकूल वातावरण रहता है। इस समय बीज में जमाव अच्छा रहता है, और पैदावार अधिक निकलती है। इस समय किसान भाई सबसे अधिक गेहूं की बिजाई करते है। *गेहूं की बिजाई का तीसरा चरण*👉 26 नवंबर से 20 दिसंबर तक रहता है। इस समय गेहूं की उन किस्म का चयन किया जाता है। जो सबसे कम समय में पकती हैं। जैसे श्रीराम-111, श्रीराम-231 और HD-2851 यह किस्में पकने में 115 से 125 दिन का समय लेती है। यह किस्मे समय और अगेती बजाई में अच्छी पैदावार निकल के नहीं देती। जिन किसान भाइयों ने गन्ने की खेती करते हैं, वह गन्ना कटाई के बाद दिसंबर में गेहूं की बिजाई करते हैं। तीसरे चरण में बजाई करने के लिए हमें सबसे कम समय में पकाने वाले किस्म का चुनाव करना चाहिए। इस समय अगर आप समय पर अधिक समय पकाने वाली किस्म का चुनाव करते हैं। तो वो किस्में पैदावार निकाल कर नहीं देती।
राजस्थान में मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुके हैं। किसान सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अलावा, उड़द और सोयाबीन के लिए भी जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की जाएगी.
मूंग का समर्थन मूल्य 8,682 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का 7,800 रुपये, मूंगफली का 7,263 रुपये और सोयाबीन का 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे¹: - *आवश्यक दस्तावेज:* - जन आधार कार्ड - बैंक पासबुक - गिरदावरी - बटाईदार की स्थिति में अनुबंध पत्र
सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य मिल सकेगा।
देश के नागरिकों से आग्रह है कि — अब समय आ गया है कि हम विदेशी ऐप्स पर अपनी निर्भरता कम करें और स्वदेशी तकनीक को अपनाएँ।
नीचे दिए गए कुछ प्रमुख विदेशी ऐप्स के स्थान पर भारतीय (स्वदेसी) प्लेटफ़ॉर्म्स का भी उपयोग चालू करें, ताकि डिजिटल भारत की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया जा सके।
• Gmail की जगह Zoho Mail • WhatsApp की जगह Arattai • Twitter (X) की जगह Nyburs
इन ऐप्स के प्रयोग से हम न केवल विदेशी निर्भरता कम करेंगे, बल्कि भारतीय तकनीक को विश्वस्तरीय पहचान भी दिलाएँगे।क्योंकि हमें विश्वास है कि–
"डिजिटल भारत का भविष्य विदेशी सर्वरों में नहीं, बल्कि स्वदेशी नवाचारों में छिपा है।" 🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱〽️
*📍प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना आवश्यक है। यह योजना खरीफ वर्ष 2025 में बाजरा मूंग, मूंगफली, ज्वार, तिल, ग्वार और चावला जैसी फसलों के लिए लागू है। फसल खराबे की सूचना देने के लिए किसान निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:*
- *कृषि रक्षक पोर्टल*: ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। - *हेल्पलाइन नंबर*: 14447 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं। - *PMFBY क्रॉप इंश्योरेंस ऐप*: ऐप के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। - *प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चैटबोट*: नंबर 7065514447 पर संपर्क कर सकते हैं।
बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड है, जिसने प्रत्येक तहसील स्तर पर समन्वयक नियुक्त किए हैं।
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बड़े भाई साहब शहीद सार्जेंट सुरेंद्र मोगा, वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) के सम्मान में बनाए गए स्मारक के अनावरण समारोह में आप सादर आमंत्रित हैं।
देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करने और इस भावुक क्षण में हमारे परिवार को संबल देने के लिए आपकी गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है।
आपका आगमन हमें साहस और प्रेरणा प्रदान करेगा।
3 months ago | [YT] | 1
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MOST EXPENSIVE TRAIN IN INDIA
5 months ago | [YT] | 2
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*गेहूं बिजाई करने का सही समय:-* 👉
गेहूं की बिजाई हम तीन चरणों में करते हैं- पहले चरण अगेती बजाई के लिए, दूसरा चरण समय पर बिजाई के लिए और तीसरा चरण पिछेती बिजाई के लिए। पहले चरण में हम उन किस्मों का चयन करना चाहिए हैं, जो पकने में अधिक समय लेती हैं। दूसरे चरण में हम मध्य समय में पकने वाली किस्म का प्रयोग करते हैं, और तीसरा चरण में हम कम समय में पकने वाली किस्म का प्रयोग करते हैं। गेहूं की बजाई करने के लिए सबसे उपयुक्त तापमान 20 से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक होता है।
*गेहूं की बिजाई का पहला चरण*👉
25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक होता है। इस चरण में हम अधिक समय में पकने वाली गेहूं किस्म का प्रयोग करते हैं। जैसे- DBW- 303, DBW- 327, DBW- 332, और HD-2967 इत्यादि। यह गेहूं किस्में पकने में 150 दिन से 160 दिन का समय लेती हैं। इसलिए मार्च में चलने वाली गर्म हवाओं से बचाने के लिए इन्हें अगेती बिजाई करनी जरूरी है। अगेती बजाई की गई किस्में सबसे अधिक पैदावार निकाल कर देती हैं। क्योंकि इन्हें मिटटी से खाद और पानी लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में समय मिल जाता है।
*गेहूं की बिजाई का दूसरा चरण*👉
11 नवंबर से 25 नवंबर तक होता है। इस चरण में गेहूं की उन किस्मों का चयन किया जाता है। जो माध्यम समय में पकती हैं, यानी 130 से 140 दिन में पकने वाली किस्मों की इस समय बिजाई की जाती है। कुछ किसान भाई इस समय अगेती किस्मों की भी बजाई करते हैं। लेकिन वह इतनी अच्छी पैदावार निकाल कर नहीं देती। इस समय बिजाई करने पर आपकी गेहूं की फसल सबसे अधिक पैदावार देती है। क्योंकि यह गेहूं बिजाई करने का सबसे अच्छा समय है। इस समय गेहूं की बिजाई करने के लिए अनुकूल वातावरण रहता है। इस समय बीज में जमाव अच्छा रहता है, और पैदावार अधिक निकलती है। इस समय किसान भाई सबसे अधिक गेहूं की बिजाई करते है।
*गेहूं की बिजाई का तीसरा चरण*👉
26 नवंबर से 20 दिसंबर तक रहता है। इस समय गेहूं की उन किस्म का चयन किया जाता है। जो सबसे कम समय में पकती हैं। जैसे श्रीराम-111, श्रीराम-231 और HD-2851 यह किस्में पकने में 115 से 125 दिन का समय लेती है। यह किस्मे समय और अगेती बजाई में अच्छी पैदावार निकल के नहीं देती। जिन किसान भाइयों ने गन्ने की खेती करते हैं, वह गन्ना कटाई के बाद दिसंबर में गेहूं की बिजाई करते हैं। तीसरे चरण में बजाई करने के लिए हमें सबसे कम समय में पकाने वाले किस्म का चुनाव करना चाहिए। इस समय अगर आप समय पर अधिक समय पकाने वाली किस्म का चुनाव करते हैं। तो वो किस्में पैदावार निकाल कर नहीं देती।
9 months ago | [YT] | 1
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आप यदि चना या गेहूं सहित कोई भी फसल सीडड्रिल / उराई करना चाहते है तो DAP की जगह NPK 12:32:16 या 10:26:26 या 14:35:14 का उपयोग करें रेट नीचे दी हुई है
आपको DAP से कई गुणा बेहतर परिणाम मिलेगा
9 months ago | [YT] | 1
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राजस्थान में मूंग और मूंगफली की सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 15 अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुके हैं। किसान सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके अलावा, उड़द और सोयाबीन के लिए भी जल्द ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खरीद की जाएगी.
मूंग का समर्थन मूल्य 8,682 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का 7,800 रुपये, मूंगफली का 7,263 रुपये और सोयाबीन का 5,328 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे¹:
- *आवश्यक दस्तावेज:*
- जन आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- गिरदावरी
- बटाईदार की स्थिति में अनुबंध पत्र
सरकारी खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद, किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य मिल सकेगा।
9 months ago | [YT] | 1
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देश के नागरिकों से आग्रह है कि —
अब समय आ गया है कि हम विदेशी ऐप्स पर अपनी निर्भरता कम करें और स्वदेशी तकनीक को अपनाएँ।
नीचे दिए गए कुछ प्रमुख विदेशी ऐप्स के स्थान पर भारतीय (स्वदेसी) प्लेटफ़ॉर्म्स का भी उपयोग चालू करें, ताकि डिजिटल भारत की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया जा सके।
• Gmail की जगह Zoho Mail
• WhatsApp की जगह Arattai
• Twitter (X) की जगह Nyburs
इन ऐप्स के प्रयोग से हम न केवल विदेशी निर्भरता कम करेंगे, बल्कि भारतीय तकनीक को विश्वस्तरीय पहचान भी दिलाएँगे।क्योंकि हमें विश्वास है कि–
"डिजिटल भारत का भविष्य विदेशी सर्वरों में नहीं, बल्कि स्वदेशी नवाचारों में छिपा है।"
🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱〽️
10 months ago | [YT] | 0
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श्रीलंका की राजधानी है?
10 months ago | [YT] | 1
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*📍प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना आवश्यक है। यह योजना खरीफ वर्ष 2025 में बाजरा मूंग, मूंगफली, ज्वार, तिल, ग्वार और चावला जैसी फसलों के लिए लागू है। फसल खराबे की सूचना देने के लिए किसान निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:*
- *कृषि रक्षक पोर्टल*: ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।
- *हेल्पलाइन नंबर*: 14447 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं।
- *PMFBY क्रॉप इंश्योरेंस ऐप*: ऐप के माध्यम से सूचना दे सकते हैं।
- *प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चैटबोट*: नंबर 7065514447 पर संपर्क कर सकते हैं।
बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड है, जिसने प्रत्येक तहसील स्तर पर समन्वयक नियुक्त किए हैं।
10 months ago | [YT] | 1
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10 months ago | [YT] | 1
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Offer of Concession to Armed Force Personal & Their Family in Hotel at Shridi, Maharashtra
10 months ago | [YT] | 2
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