प्रियांशु 'प्रिय' समकालीन हिंदी एवं बघेली कविता के एक उभरते हुए सशक्त युवा स्वर हैं। जिनका जन्म मध्यप्रदेश के सतना जिले के ग्राम पंचायत मरौहां में हुआ। आपकी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, सतना में हुई और आपने स्नातकोत्तर (एम.ए. हिंदी साहित्य) की पढ़ाई शासकीय महाविद्यालय, सतना से पूर्ण की। आपको साहित्यिक अभिरुचि अपने पिता श्री सूर्यभान कुशवाहा जी से विरासत में प्राप्त हुई। आज आप बघेली और हिंदी दोनों भाषाओं में सक्रिय और संवेदनशील कवि के रूप में स्थापित हो चुके हैं।
🏆 साहित्यिक उपलब्धियाँ:
• आकाशवाणी रीवा एवं दूरदर्शन मध्यप्रदेश से कविताओं का नियमित प्रसारण
• ‘लाड़ली बहना योजना’ पर लिखित लोकगीत को सतना शहर में स्वच्छता गाड़ी के माध्यम से बजाया गया
• CIIL, मैसूरु के लिए बघेली अनुवाद कार्य
• CICT, चेन्नई द्वारा प्रकाशित महान तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ के बघेली अनुवाद की समीक्षा
• विंध्य सहित देश के कई शहरों में कवि सम्मेलनों में काव्य-पाठ
• इंस्टाग्राम पेज @baghelikavita और फेसबुक पर 80,000+ फॉलोअर्स, लाखों दर्शकों द्वारा बघेली कविताओं को सुना जाता है।
Kavi Priyanshu Priy
दुख ने मुझको
जब-जब तोड़ा,
मैंने
अपने टूटेपन को
कविता की ममता से जोड़ा,
जहाँ गिरा मैं,
कविताओं ने मुझे उठाया,
हम दोनों ने
वहाँ प्रात का सूर्य उगाया।
- केदारनाथ अग्रवाल
2 weeks ago | [YT] | 1
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Kavi Priyanshu Priy
सबका मिलत सह्वाल जो ज्वन्हरिउ अस होत कविता,
ओढ़त गनी गरीब जो खोम्हरिउ अस होत कविता।
बपुरे थके मजूर का कुछ ता मिलत उसासी,
मूड़े के ओखे जो कहौं, गोन्हरिउ अस होत कविता।
- पद्मश्री बाबूलाल दाहिया
#विश्व_कविता_दिवस
#WorldPoetryDay
2 weeks ago (edited) | [YT] | 4
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Kavi Priyanshu Priy
तस्वीर 15 जुलाई 2025 ...
केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान, चेन्नई (तमिलनाडु) में बघेली अनुवादित तिरुक्कुरल की समीक्षा करने हेतु मुझे आमंत्रित किया गया था। इस 7 दिवसीय समीक्षा कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न भाषाओं के विद्वान आए हुए थे। एक यादगार और अविस्मरणीय तस्वीर....
( तस्वीर में सबसे पीछे दाईं ओर से तीसरे नंबर पर कवि प्रियांशु 'प्रिय')
Central Institute of Classical Tamil
#CICT
2 weeks ago | [YT] | 4
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Kavi Priyanshu Priy
अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की बधाई....
1 month ago | [YT] | 1
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Kavi Priyanshu Priy
विश्व हिंदी दिवस केवल एक भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है। हिंदी वह सेतु है जो भारत के विविध रंगों को एक सूत्र में बाँधती है। बघेली जैसी लोकभाषाएँ इसकी आत्मा हैं, जिनसे हिंदी को जीवन, संवेदना और मिट्टी की खुशबू मिलती है। मैं दक्षिण भारत क्षेत्र में भी अपनी बघेली का प्रतिनिधित्व कर चुका हूॅं। वहॉं हिंदी भाषी कुछ लोगों को बघेली के बारे में या इसके शब्दों के बारे में बताना होता था तो हमेशा हिंदी का सहारा लेता था। यकीनन हिंदी भाषा हमें सहारा देती है। जिससे हम धाराप्रवाह अपनी बात अभिव्यक्त कर पाते हैं। निश्चित रूप से हिंदी को सशक्त बनाना है तो उसकी जड़ों और हमारी बोलियों को भी सम्मान देना होगा। यही सच्चा भाषा प्रेम है। विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
– कवि प्रियांशु ‘प्रिय’
(युवा कवि, सतना, म.प्र.)
1 month ago | [YT] | 6
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Kavi Priyanshu Priy
दिनांक 15 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान' में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हुआ।
#SahityaAcademy
#mpsahitya
#bhopal
#baghelikavita
6 months ago | [YT] | 6
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Kavi Priyanshu Priy
GAON GOHAR | A Collection of Bagheli Poems written by Suryabhan Kushwaha
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amzn.in/d/cVtElIl
7 months ago | [YT] | 2
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Kavi Priyanshu Priy
डायरी में लिखी हुई अपनी कई स्वरचित कविताओं को एक साल पहले रील के माध्यम से अपनी आवाज़ देकर अपलोड किया था। तब मुझे नहीं पता था कि 'बघेली कविता' इतना ज्यादा पसंद की जाएगी। आज इन्स्टाग्राम पर 37 हज़ार से अधिक फॉलोवर्स हैं और फेसबुक पर भी 10 हज़ार बघेली काव्य प्रेमी जुड़ गए हैं। ये स्नेह बना रहे...
सभी का आभार... ♥️
#baghelikavita #बघेलीकविता
7 months ago | [YT] | 20
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