धर्म की पूरी संरचना में ही दिक्कत है। अगर आप धर्म के बचाव में खड़े हो जाते हैं तो आपको अपने दिमाग के दरवाजे खोलने की जरूरत है। आप हिन्दू हों या मुसलमान, तर्क और विज्ञान ही दुनिया को बचा सकता है। अपने धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ मानना ही समाज को बांटने का दरवाजा है। धर्म कोई भी हो वो शोषण का यंत्र मात्र है...मैं हर धर्म का विरोध करता हूँ। इस बात को मानता हूं कि कुछ धर्मों में वैज्ञानिकता थोड़ी ज्यादा है पर कुरीतियों से कोई अछूता नहीं। ये 21वीं सदी है, आइये विज्ञान के साथ खड़े हों और धर्म की तथाकथित संरचना पर कुठाराघात करें ❤️
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की घोषणा की गई है और सीजफायर में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका पाकिस्तान की बताई जा रही है। यह भारत के लिए बेहद शर्मनाक है एक समय भारत ने कोरिया युद्ध, वियतनाम युद्ध और यहां तक कि इराक युद्ध में अपना साफ स्टैंड रखा था। और आज?? भारत के पास महात्मा गांधी जैसी वैश्विक पहचान और नैतिक पूंजी थी। हम आसानी से ईरान और अमेरिका के बीच एक प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे। हमारे संबंध हर पक्ष से संतुलित रहे हैं—चाहे इज़राइल हो या ईरान। फिर भी, कमजोर नेतृत्व ने कभी पहल करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अली खामेनेई की हत्या तक की स्पष्ट निंदा नहीं की। ईरान में स्कूली बच्चों की हत्या पर भी उन्होंने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। दूसरी ओर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर हमें यह भरोसा दिलाते हैं कि दुनिया हर कदम से पहले भारत से सलाह लेती है। ऐसे में सवाल उठता है—इतने मजबूत कूटनीतिक संबंधों के बावजूद भारत की वास्तविक भूमिका आखिर कहां है?
जब विदेश नीति केवल प्रतिक्रियात्मक हो जाए और उसमें दूरदृष्टि की कमी हो, और जब आप अपनी सबसे बड़ी नैतिक ताकत—गांधी—को ही नजरअंदाज कर दें, तो ऐसे ही परिणाम सामने आते हैं। यह भी याद रखना चाहिए कि ईरान में गांधी के नाम पर एक अस्पताल तक मौजूद है।
विडंबना यह है कि अब एक ऐसा देश, जिसे अक्सर विवादों में घिरा माना जाता है, मध्यस्थ की भूमिका में सामने आ रहा है। शहबाज़ शरीफ, जो कभी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की बात कर रहे थे, वही आज मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, एस. जयशंकर और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सीमित सोच के कारण भारत ने एक अहम अवसर खो दिया। जबकि हमारे पास वास्तव में “विश्वगुरु” बनने की क्षमता थी।
जब दुनिया इंसानियत की बात करती है, तब Donald Trump जैसे नेता युद्ध को शक्ति का प्रदर्शन समझते हैं। हाल ही में इसने ईरान को खत्म करने की धमकी देकर साबित कर दिया कि अमेरिका का भविष्य ही खतरे में है। अमेरिका ने एक पागल को सत्ता सौंप दी है। 39 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज से कराहता अमेरिका इस घटिया आदमी को कैसे झेल रहा है ये अपने आप में आश्चर्य की बात है।
ईरान के संदर्भ में उनकी नीतियाँ यह दिखाती हैं कि सत्ता का अहंकार कैसे इंसानी ज़िंदगियों पर भारी पड़ सकता है। क्या उनके लिए युद्ध सिर्फ एक रणनीति है? या फिर यह उस मानसिकता का प्रतिबिंब है, जहाँ इंसानियत की कोई जगह ही नहीं बचती?
निर्दोष लोगों की मौत, बर्बाद होते शहर, रोते हुए बच्चे— इन सबकी कीमत पर अगर कोई खुद को ताकतवर साबित करता है, तो वह नेता नहीं, बल्कि मानवता का भक्षक बन जाता है।
इतिहास ऐसे फैसलों को कभी माफ़ नहीं करता। और आने वाली पीढ़ियाँ यह सवाल ज़रूर पूछेंगी— क्या सत्ता इतनी बड़ी हो सकती है कि वह इंसानियत को ही कुचल दे?
आज जरूरत है ऐसे विचारों के खिलाफ खड़े होने की, क्योंकि अगर हम चुप रहे, तो यह खामोशी भी उसी विनाश की भागीदार होगी।
सरकार से सवाल पूछने वाले चैनलों की रीच कम की जा रही है। आप इसमें हम जैसे लोगों का साथ दें और वीडियोज को देखने के साथ hype, like, comment और शेयर भी करें ❤️
Alok Tripathi Show
धर्म की पूरी संरचना में ही दिक्कत है। अगर आप धर्म के बचाव में खड़े हो जाते हैं तो आपको अपने दिमाग के दरवाजे खोलने की जरूरत है। आप हिन्दू हों या मुसलमान, तर्क और विज्ञान ही दुनिया को बचा सकता है। अपने धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ मानना ही समाज को बांटने का दरवाजा है। धर्म कोई भी हो वो शोषण का यंत्र मात्र है...मैं हर धर्म का विरोध करता हूँ। इस बात को मानता हूं कि कुछ धर्मों में वैज्ञानिकता थोड़ी ज्यादा है पर कुरीतियों से कोई अछूता नहीं। ये 21वीं सदी है, आइये विज्ञान के साथ खड़े हों और धर्म की तथाकथित संरचना पर कुठाराघात करें ❤️
1 day ago | [YT] | 1,044
View 58 replies
Alok Tripathi Show
पाकिस्तान का PM वॉर रुकवा रहा है और अपना वाला लोगों के ट्वीट रुकवा रहा है, अकाउंट उड़वा रहा है।
4 days ago | [YT] | 891
View 32 replies
Alok Tripathi Show
हिमंता चुनाव आयोग का छुट्टा सांड बन चुका है। आप वीडियो देखें 👇
4 days ago | [YT] | 137
View 1 reply
Alok Tripathi Show
हिमंता चुनाव आयोग का छुट्टा सांड बन चुका है। आप वीडियो देखें 👇
4 days ago | [YT] | 112
View 2 replies
Alok Tripathi Show
ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की घोषणा की गई है और सीजफायर में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका पाकिस्तान की बताई जा रही है। यह भारत के लिए बेहद शर्मनाक है एक समय भारत ने कोरिया युद्ध, वियतनाम युद्ध और यहां तक कि इराक युद्ध में अपना साफ स्टैंड रखा था। और आज??
भारत के पास महात्मा गांधी जैसी वैश्विक पहचान और नैतिक पूंजी थी। हम आसानी से ईरान और अमेरिका के बीच एक प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे। हमारे संबंध हर पक्ष से संतुलित रहे हैं—चाहे इज़राइल हो या ईरान। फिर भी, कमजोर नेतृत्व ने कभी पहल करने की हिम्मत नहीं दिखाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अली खामेनेई की हत्या तक की स्पष्ट निंदा नहीं की। ईरान में स्कूली बच्चों की हत्या पर भी उन्होंने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी। दूसरी ओर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर हमें यह भरोसा दिलाते हैं कि दुनिया हर कदम से पहले भारत से सलाह लेती है। ऐसे में सवाल उठता है—इतने मजबूत कूटनीतिक संबंधों के बावजूद भारत की वास्तविक भूमिका आखिर कहां है?
जब विदेश नीति केवल प्रतिक्रियात्मक हो जाए और उसमें दूरदृष्टि की कमी हो, और जब आप अपनी सबसे बड़ी नैतिक ताकत—गांधी—को ही नजरअंदाज कर दें, तो ऐसे ही परिणाम सामने आते हैं। यह भी याद रखना चाहिए कि ईरान में गांधी के नाम पर एक अस्पताल तक मौजूद है।
विडंबना यह है कि अब एक ऐसा देश, जिसे अक्सर विवादों में घिरा माना जाता है, मध्यस्थ की भूमिका में सामने आ रहा है। शहबाज़ शरीफ, जो कभी डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की बात कर रहे थे, वही आज मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, एस. जयशंकर और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सीमित सोच के कारण भारत ने एक अहम अवसर खो दिया। जबकि हमारे पास वास्तव में “विश्वगुरु” बनने की क्षमता थी।
5 days ago (edited) | [YT] | 703
View 59 replies
Alok Tripathi Show
जब दुनिया इंसानियत की बात करती है, तब Donald Trump जैसे नेता युद्ध को शक्ति का प्रदर्शन समझते हैं। हाल ही में इसने ईरान को खत्म करने की धमकी देकर साबित कर दिया कि अमेरिका का भविष्य ही खतरे में है। अमेरिका ने एक पागल को सत्ता सौंप दी है। 39 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज से कराहता अमेरिका इस घटिया आदमी को कैसे झेल रहा है ये अपने आप में आश्चर्य की बात है।
ईरान के संदर्भ में उनकी नीतियाँ यह दिखाती हैं कि सत्ता का अहंकार कैसे इंसानी ज़िंदगियों पर भारी पड़ सकता है।
क्या उनके लिए युद्ध सिर्फ एक रणनीति है?
या फिर यह उस मानसिकता का प्रतिबिंब है, जहाँ इंसानियत की कोई जगह ही नहीं बचती?
निर्दोष लोगों की मौत, बर्बाद होते शहर, रोते हुए बच्चे—
इन सबकी कीमत पर अगर कोई खुद को ताकतवर साबित करता है,
तो वह नेता नहीं, बल्कि मानवता का भक्षक बन जाता है।
इतिहास ऐसे फैसलों को कभी माफ़ नहीं करता।
और आने वाली पीढ़ियाँ यह सवाल ज़रूर पूछेंगी—
क्या सत्ता इतनी बड़ी हो सकती है कि वह इंसानियत को ही कुचल दे?
आज जरूरत है ऐसे विचारों के खिलाफ खड़े होने की,
क्योंकि अगर हम चुप रहे,
तो यह खामोशी भी उसी विनाश की भागीदार होगी।
5 days ago (edited) | [YT] | 1,917
View 98 replies
Alok Tripathi Show
सरकार से सवाल पूछने वाले चैनलों की रीच कम की जा रही है। आप इसमें हम जैसे लोगों का साथ दें और वीडियोज को देखने के साथ hype, like, comment और शेयर भी करें ❤️
6 days ago | [YT] | 3,669
View 83 replies
Alok Tripathi Show
एक वीडियो बनाने में काफी मेहनत लगती है। आपसे निवेदन है कि इसे देखें और hype जरूर करें ❤️
6 days ago | [YT] | 309
View 17 replies
Alok Tripathi Show
राघव चड्ढा के बारे में पहले ही बताया था कि ये संघी है और जल्दी ही BJP join करेगा। तब आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने खूब गालियां दी थीं।
1 week ago (edited) | [YT] | 1,316
View 114 replies
Alok Tripathi Show
सरकार अब सोशल मीडिया को भी खत्म करने पर आमादा है। वीडियो देखें 👇
1 week ago | [YT] | 285
View 5 replies
Load more