Ismail Batliwala

इस्माईल बाटलीवाला ने यूट्यूब चैनल को इसलिए बनाया है ताकि देशवासियों को इन नीतिओं कि जानकारी दे सकूँ।
1) भारत कि धर्मनीति कि जानकारी के लिए।
2) भारत कि अधर्मनिति कि जानकारी के लिए।
3) भारत कि राजनीति कि जानकारी के लिए।
4) भारत कि समाजनीति कि जानकारी के लिए।
5) भारत कि व्यापारनीति कि जानकारी के लिए।
6) भारत कि रोज़गारनीति कि जानकारी के लिए।
7) भारत कि वक्फ़ की ज़मीनों कि जानकारी के लिए।
8) भारत में अलगाववाद को रोकने के लिए।
9) भारत में देशवासियों को उनके अधिकार बताने के लिए।
10) भारत में इत्तेहाद कायम करके नफ़रत, घृणा, में कमी लाने के लिए।
11) भारत कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) कि जानकारी के लिए।


Ismail Batliwala

📢 नया एपिसोड – 20 मार्च 2026 से हर रात 9 बजे ⏰🎬

📜 भारत की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत
भारत की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत हमें हमारे बुज़ुर्गों और महान हस्तियों के मुहावरों, कहावतों, हिकायतों और विचारों के रूप में मिली है। 📚🌿
इन अनमोल बातों से हमें जीवन जीने की समझ, नैतिकता और अनुभव की बड़ी सीख मिलती रही है। 💡✨

लेकिन अफ़सोस 😔 कि नई पीढ़ी धीरे-धीरे इनसे दूर होती जा रही है।

🎬 इस Playlist / Series का उद्देश्य:

✅ हमारे पुरखों के मुहावरों, कहावतों, हिकायतों और विचारों को याद करना 📜
✅ महान लोगों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना 👨‍👩‍👧‍👦
✅ भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना 🇮🇳✨
✅ जीवन से जुड़ी सच्ची सीख को सरल शब्दों में समझाना 📖💡
🎬🔥 यह सिर्फ वीडियो नहीं, बल्कि हमारा मिशन है! 🚀💪
📢💡 हर कदम, हर विचार, हर कहानी का मकसद – बदलाव लाना! 🌍🌟

📺 यह एपिसोड YouTube, Instagram और Facebook पर प्रसारित होगा।

✍️ जारीकर्ता: इस्माईल बाटलीवाला
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📢 نیا ایپی سوڈ – 20 مارچ 2026 سے ہر رات 9 بجے ⏰🎬

📜 بھارت کی صدیوں پرانی ثقافتی وراثت
ہمیں اپنے بزرگوں اور عظیم شخصیات کے محاوروں، کہاوتوں، حکایتوں اور خیالات کی شکل میں ملی ہے۔ 📚🌿
ان قیمتی باتوں سے ہمیں زندگی گزارنے کا سلیقہ، اخلاقیات اور تجربے کی بڑی تعلیم ملتی رہی ہے۔ 💡✨

لیکن افسوس 😔 کہ نئی نسل آہستہ آہستہ ان سے دور ہوتی جا رہی ہے۔

🎬 اس Playlist / Series کا مقصد:

✅ ہمارے بزرگوں کے محاوروں، کہاوتوں، حکایتوں اور خیالات کو یاد کرنا 📜
✅ عظیم لوگوں کے خیالات کو نئی نسل تک پہنچانا 👨‍👩‍👧‍👦
✅ بھارت کی ثقافتی وراثت کو زندہ رکھنا 🇮🇳✨
✅ زندگی کی سچی تعلیم کو آسان الفاظ میں سمجھانا 📖💡

🎬🔥 یہ صرف ویڈیو نہیں بلکہ ہمارا مشن ہے! 🚀💪
📢💡 ہر قدم، ہر خیال، ہر کہانی کا مقصد – تبدیلی لانا ہے! 🌍🌟

📺 یہ ایپی سوڈ YouTube، Instagram اور Facebook پر نشر ہوگا۔

✍️ جاری کنندہ: اسماعیل باٹلی والا
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📢 नवा एपिसोड – 20 मार्च 2026 पासून दररोज रात्री 9 वाजता ⏰🎬

📜 भारताची शतकांपासूनची सांस्कृतिक परंपरा
आपल्या पूर्वजांनी आणि महान व्यक्तींनी दिलेल्या म्हणी, म्हणी, हिकायती आणि विचारांच्या रूपात आपल्यापर्यंत पोहोचली आहे। 📚🌿

या अमूल्य गोष्टींमधून आपल्याला जीवन जगण्याची समज, नैतिकता आणि अनुभवाची मोठी शिकवण मिळत आली आहे। 💡✨

परंतु दुर्दैवाने 😔 नवी पिढी हळूहळू यापासून दूर जात आहे।

🎬 या Playlist / Series चे उद्दिष्ट:

✅ आपल्या पूर्वजांच्या म्हणी, हिकायती आणि विचारांची आठवण ठेवणे 📜
✅ महान व्यक्तींचे विचार नव्या पिढीपर्यंत पोहोचवणे 👨‍👩‍👧‍👦
✅ भारताची सांस्कृतिक परंपरा जिवंत ठेवणे 🇮🇳✨
✅ जीवनातील खरी शिकवण सोप्या शब्दांत समजावणे 📖💡

🎬🔥 हा फक्त व्हिडिओ नाही, तर आमचे मिशन आहे! 🚀💪
📢💡 प्रत्येक पाऊल, प्रत्येक विचार, प्रत्येक कथा – बदल घडवण्यासाठी! 🌍🌟
📺 हा एपिसोड YouTube, Instagram आणि Facebook वर प्रसारित होईल।

✍️ जारीकर्ता: इस्माईल बाटलीवाला

1 week ago | [YT] | 0

Ismail Batliwala

🇮🇳 *भारत की सदियों पुरानी विरासत*
हमारे बुज़ुर्गों और महान हस्तियों के मुहावरों, कहावतों और विचारों से हमें हमेशा जीवन की बड़ी सीख मिलती रही है।

📚 लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि
नई पीढ़ी धीरे-धीरे इन बातों को भूलती जा रही है, और इसके साथ ही भारत की महान विचारधारा भी कहीं न कहीं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।

💡 इसलिए इस्माईल बाटलीवाला ने यह सोच बनाई है कि
एक सिलसिलेवार एपिसोड (Series) शुरू किया जाए।

🎬 इस सीरीज़ का उद्देश्य होगा:
✅ हमारे पुरखों के मुहावरे और कहावतों को याद करना
✅ महान लोगों के विचारों को फिर से ताज़ा करना
✅ नई पीढ़ी तक हमारी सांस्कृतिक विरासत पहुँचाना

📢 ताकि हम सब मिलकर
अपने पुरखों का हुनर, ज्ञान और विचार फिर से ज़िंदा कर सकें।

✍️ ,*आप भी कमेंट करके बताइए — कौन सा मुहावरा या कहावत आपको सबसे ज़्यादा प्रेरणा देती है?*

इस्माईल बाटलीवाला

2 weeks ago | [YT] | 0

Ismail Batliwala

📢 हमारी कोई राजनीतिक पार्टी, तंजीम या संस्था नहीं है,और मैं किसी भी पार्टी, तंजीम या संस्था का मेंबर नहीं हूँ।
💡 हम विचारों और अनुभवों की एक मुहिम चला रहे हैं।
🚀 इस मुहिम के लिए किसी पार्टी, तंजीम या संस्था की ज़रूरत नहीं होती,क्योंकि पार्टियों, तंजीमों और संस्थाओं की सीमाएँ होती हैं,
लेकिन मुहिम की कोई सीमाएँ नहीं होतीं।

✍️ इस्माईल बाटलीवाला
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📢 ہماری کوئی سیاسی پارٹی، تنظیم یا ادارہ نہیں ہے،
اور میں کسی بھی پارٹی، تنظیم یا ادارے کا رکن نہیں ہوں۔
💡 ہم خیالات اور تجربات کی ایک مہم چلا رہے ہیں۔
🚀 اس مہم کے لیے کسی پارٹی، تنظیم یا ادارے کی ضرورت نہیں ہوتی،
کیونکہ پارٹی، تنظیم اور ادارے کی حدیں ہوتی ہیں،
لیکن مہم کی کوئی حد نہیں ہوتی۔

✍️ اسماعیل باٹلی والا

2 weeks ago | [YT] | 2

Ismail Batliwala

🎭
تھیٹر آف ریلیوَنس
منجُل بھاردواج کے ساتھ اُن کی فنکاروں کی ٹیم—
🎨 اشونی ناندیڈکر،
🎭 سیالی پاوسکر،
🎬 کومل خامکر،
🌟 پریانکا کامبلے—
📍 اسماعیل باٹلی والا کے گھر پر
🤝 تاریخی ملاقات اور سماجی گفتگو کے لیے
بتاریخ: 24 جنوری 2026

4 weeks ago | [YT] | 5

Ismail Batliwala

🎭
थिएटर ऑफ़ रेलेवंस
मंजुल भारद्वाज के साथ उनकी कलाकारों की टीम—
🎨 अश्विनी नांदेडकर,
🎭 सयाली पावस्कर,
🎬 कोमल खामकर,
🌟 प्रियंका कांबले—
📍 इस्माईल बाटलीवाला के घर पर
🤝 ऐतिहासिक मुलाक़ात एवं सामाजिक चर्चा के लिए
दिनांक: 24 जनवरी 2026

4 weeks ago | [YT] | 1

Ismail Batliwala

भारत में संगमरमर के पत्थर से बनी इमारतों,पूजा स्थलों और लोहा लक्कड़ से बने जीवन घातक हत्यारों
को अक्सर लोग देश कि तरक्की कहते हैं जब कि इस्माईल बाटलीवाला कि खोज में यह 100% झूठ है।

देश कि तरक्की उसको कहते हैं।

(1)देश में भुखमरी खतम हो जाए,

(2)देश में भ्रष्टाचार खत्म हो जाए,

(3)देश में भेद भाव खत्म हो जाए,

(4)देश में ऊंच नीच खतम हो जाए,

(5)देश में सामाजिक बुराई खतम हो जाए,

(6)देश में सब लोग तालीम याफ्ता हो जाएं,

(7)देश में जियो और जीने दो कि प्रथा कायम हो जाए,

(8)देश में बे-रोजगारी खतम हो जाए,

(9)देश में हर किसी के असुरक्षा का डर खत्म हो जाए,

(10)देश के सभी मैदान में काम करने वाले लोग अपने अपने पेशा में ईमानदार हो जाएं।

इस्माईल बाटलीवाला

1 month ago | [YT] | 0

Ismail Batliwala

#चोरी_का_माल_है,* इस्माईल बाटलीवाला का नही है।
"""""""""""""""""
हिसाब किताब सिर्फ़ ऊपर वाले ने ही सही लगाया है,

सबको खाली हाथ भेजा है और खाली हाथ ही बुलाया है.

1 month ago | [YT] | 1

Ismail Batliwala

फ़ैज़ साहब की पूरी ग़ज़ल-

*ऐ नये साल बता, तुझ में* *नयापन क्या है?*
*हर तरफ ख़ल्क ने क्यों शोर मचा रखा है?*

*रौशनी दिन की वही, तारों भरी रात वही,*
*आज हमको नज़र आती है हर बात वही।*

*आसमां बदला है अफसोस, ना बदली है जमीं,*
*एक हिन्दसे का बदलना कोई जिद्दत तो नहीं।*

*अगले बरसों की तरह होंगे करीने तेरे,*
*किसे मालूम नहीं बारह महीने तेरे।*

*जनवरी, फरवरी और मार्च में पड़ेगी सर्दी,*
*और अप्रैल, मई, जून में होवेगी गर्मी।*

*तेरे मान-दहार में कुछ खोएगा कुछ पाएगा,*
*अपनी मय्यत बसर करके चला जाएगा।*

*तू नया है तो दिखा सुबह नयी, शाम नई,*
*वरना इन आंखों ने देखे हैं नए साल कई।*

*बेसबब देते हैं क्यों लोग मुबारक बादें,*
*गालिबन भूल गए वक्त की कडवी यादें।*

*तेरी आमद से घटी उमर जहां में सभी की,*
*‘फैज’ नयी लिखी है यह नज्म निराले ढब की।*

(खल्क – दुनिया,
हिन्दसे – गणित गिनती,
जिद्दत – नयी बात,
करीने – ढ़ंग,
मान-दहार – समय अंतराल,
ग़ालिबन – शायद,
आमद – आने से)

1 month ago | [YT] | 2