Nightend is a songwriter, vocalist, composer & poet who is passionate for creating music that merges storytelling with a variety of musical genres and styles.Subscribe THE OFFICIAL YOUTUBE CHANNEL NOW FOR MUSIC RELEASES & MUCH MORE.
Nightend
मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।तेरा तुझको सौंपदे, क्या लागे है मेरा॥
7 hours ago | [YT] | 2
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चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।जिनको कुछ नहीं चाहिए, वे शाहन के शाह॥
14 hours ago | [YT] | 2
कबीर कुआं एक है, पानी भरे अनेक।बर्तन में ही भेद है, पानी सब में एक॥
1 day ago | [YT] | 2
माया तो ठगनी भयी, ठगत फिरे सब देश।जा ठग ने ठगनी ठगी, ता ठग को आदेश॥
2 days ago | [YT] | 2
बहता पानी निर्मला, बंधे सो गंदा होय।साधु जन रमता भला, दाग न लागे कोय॥
1 week ago | [YT] | 3
ज्यों नैनन में पुतली, ज्यों मालिक घर माँहि।मूरख लोग न जानिए, बाहर ढूँढत जाहिं॥
ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग।तेरा साईं तुझ में है, जाग सके तो जाग॥
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान।मोल करो तलवार का, पड़ा रहने दो म्यान॥
जब मै था तब हरि नहीं, अब हरि है मै नाँहि।प्रेम गली अति सांकरी, जा में दो न समाई॥
गगन दमामा बाजिया, पड़े निसाने घाव।खेत बुहारे सूरमा, मोहे मरण का चाव॥
2 weeks ago | [YT] | 3
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मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझको सौंपदे, क्या लागे है मेरा॥
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चाह गई चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह।
जिनको कुछ नहीं चाहिए, वे शाहन के शाह॥
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कबीर कुआं एक है, पानी भरे अनेक।
बर्तन में ही भेद है, पानी सब में एक॥
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माया तो ठगनी भयी, ठगत फिरे सब देश।
जा ठग ने ठगनी ठगी, ता ठग को आदेश॥
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बहता पानी निर्मला, बंधे सो गंदा होय।
साधु जन रमता भला, दाग न लागे कोय॥
1 week ago | [YT] | 3
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ज्यों नैनन में पुतली, ज्यों मालिक घर माँहि।
मूरख लोग न जानिए, बाहर ढूँढत जाहिं॥
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ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग।
तेरा साईं तुझ में है, जाग सके तो जाग॥
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जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहने दो म्यान॥
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जब मै था तब हरि नहीं, अब हरि है मै नाँहि।
प्रेम गली अति सांकरी, जा में दो न समाई॥
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गगन दमामा बाजिया, पड़े निसाने घाव।
खेत बुहारे सूरमा, मोहे मरण का चाव॥
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