अकबर और बीरबल की प्रसिद्ध कहानियों में से एक है "छोटी रेखा और बड़ी रेखा"।

कहानी:

एक दिन बादशाह अकबर अपने दरबार में बैठे थे। उनके मन में एक प्रश्न आया, और उन्होंने अपने नवरत्नों में से सबसे बुद्धिमान बीरबल को आज़माने का निश्चय किया।

अकबर ने एक सीधी रेखा ज़मीन पर खींची और बीरबल से कहा, "बिना इस रेखा को मिटाए या छुए इसे छोटा कर दो।"

दरबार में बैठे सभी दरबारी हैरान हो गए। वे सोचने लगे कि यह कैसे संभव हो सकता है? बिना रेखा को मिटाए या छुए उसे छोटा कैसे किया जा सकता है?

बीरबल मुस्कुराए, उन्होंने उस रेखा के ठीक बगल में एक लंबी रेखा खींच दी। अब पहली रेखा खुद-ब-खुद छोटी लगने लगी।

अकबर बीरबल की चतुराई से बहुत प्रभावित हुए और उनकी बुद्धिमत्ता की प्रशंसा की।

शिक्षा:

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि किसी को नीचा दिखाने या नष्ट करने के बजाय हमें खुद को बेहतर और बड़ा बनाने का प्रयास करना चाहिए।