जय देवी माँ

जय माँ


जय देवी माँ

आज बात करते है पोस्ट कार्ड की वो ज़माना भी क्या ज़माना था सोच सोच कर बीते हुए पल को लिखना क्या मज़ा आता था याद तो इतनी होती थी ये पोस्ट कार्ड से भी पूरी नहीं होती थी अन्तरदेसी कार्ड भी गजब हुए करते थे पूरी कहानी भी लिखे तो कम पढ़ जाती थी वो पत्र का लिखने फिर उस स्थान में पत्र पढ़ा जाना क्या ख़ुशी होती थी वहा से पत्र का आना एक ख़ुशी होती थी याद होगा ही सबका बचपन जैसे पोस्टमेन बोलते थे चिट्टी आया कैसे हम सब भी दौड़ कर हाथ में पत्र पढ़कर खूब जोर जोर से पढ़ना और तारीफ लेना वाह आप का बेटा तो बहुत अच्छा पत्र पढता हैं पुरे गांव में सभी का पत्र पढ़ना की ख़ुशी सभी जानते हैं अब वो दौर कहा रहा पत्र को फ़ोन ने जगह दी फिर फिर फ़ोन को इंटरनेट ने जगह दी #अभी_भी_जादू_कायम_है_पोस्टकार्ड_की

1 year ago | [YT] | 1

जय देवी माँ

नवरात्रि की पांचवीं देवी को स्‍कंदमाता कहा जाता है। भगवान शिव की अर्द्धांगिनी के रूप में मां ने स्‍वामी कार्तिकेय को जन्‍म दिया था। स्‍वामी कार्तिकेय का दूसरा नाम स्‍कंद है, इसलिए मां दुर्गा के इस रूप को स्‍कंदमाता कहा गया है। जो कि प्रेम और वात्‍सल्‍य की मूर्ति हैं।

1 year ago | [YT] | 7