We the people of India/हम भारत के लोग.
I’m Dilip Narvariya, a 20-year-old exploring the world of philosophy, literature, and self-growth.
Whatever I read, learn, and reflect on — I share it here with you in the simplest way possible.

On this channel, you’ll find:
📚 Meaningful ideas from great thinkers
📖 Powerful lessons from books
🧠 Self-help insights and life-changing thoughts
🎥 Easy-to-understand explanations of philosophy

If you're someone who loves to think deeply, grow continuously, and see the world differently —
subscribe and join me on this journey of the mind & life.


Thinker Dilip

Mental masterbation is kill your brain.

मैंने एक ईबुक लिखी है जिसका नाम है
Overthinking to Thinking – ओवरथिंकिंग को कैसे छोड़े

📍 You can translate this via translation option below.

मैं एक मज़ेदार तरीका बताता हूं कि मैंने ओवरथिंकिंग कैसे कम की और उसका फायदा भी उठा लिया. मुझे इंग्लिश नहीं आती थी. मतलब समझ लेता था लेकिन कॉन्फिडेंस के साथ बोल नहीं पाता था. फिर मैंने एक आइडिया लगाया कि जब भी ओवरथिंकिंग करूंगा, इंग्लिश में करूंगा.

इससे दो फायदे हुए.
पहला – दिमाग ज्यादा लोड लेकर ओवरथिंकिंग कर ही नहीं पाता.
दूसरा – इंग्लिश भी प्रैक्टिस होती रही.

धीरे धीरे ओवरथिंकिंग काफी कम हो गई. और जब होती भी थी तो इंग्लिश में होती थी. यानी अपने लिए एक विन विन सिचुएशन बना ली.

ऐसे ही कई छोटे छोटे प्रैक्टिकल तरीके इस किताब में बताए हैं. यह किताब विज्ञान, मनोविज्ञान और दर्शन को मेरे अपने अनुभवों के साथ जोड़कर लिखी गई है. इसमें ओवरथिंकिंग के कारण, उसके पैटर्न, और उसे सोचने की स्वस्थ आदत में बदलने के तरीके सरल भाषा में समझाए हैं.

अगर आप
• ज्यादा सोचते हैं
• नींद में दिमाग बंद नहीं होता
• छोटी बातों पर भी दिमाग घूमता रहता है
• या खुद को ओवरथिंकर मानते हैं

तो यह ईबुक आपके लिए मददगार हो सकती है.

अभी यह 40% off पर उपलब्ध है.
कूपन कोड: THINKER
lnkd.in/gGvyekMX

अगर पढ़ चुके हैं तो अपना अनुभव भी जरूर बताएं.

3 weeks ago | [YT] | 4

Thinker Dilip

आज जब हम सूचना के अतिरेक के समय में जी रहे हैं, हम सामग्री में डूब रहे हैं-किताबें, वीडियो, पॉडकास्ट, रील्स, राय- लेकिन सीख बहुत कम रहे हैं।

आधुनिक वैज्ञानिक क्रांति शुरू होने से बहुत पहले, एक ऐसे चिंतक ने मध्ययुगीन दर्शन की बौद्धिक रीढ़ को चुपचाप तोड़ दिया था-बेर्नार्दीनो टेलेज़ियो (1509–1588)।

जिन्हें अक्सर “आधुनिक अनुभववादी नेचुरल फिलॉसफी के जनक” कहा जाता है।

टेलेज़ियो ने उस दुनिया को चुनौती दी जो प्रत्यक्ष अनुभव के बजाय केवल पुराने अधिकार और ग्रंथों पर भरोसा करती थी।

जब विद्वान आँख बंद करके अरस्तू के मेटाफिज़िकल सिद्धांतों को दोहराते जा रहे थे,

टेलेज़ियो ने एक साहसिक प्रश्न पूछा:

हम जीवित दुनिया पर कम और पुराने ग्रंथों पर ज़्यादा भरोसा क्यों करें?

उनके लिए प्रकृति कोई ऐसी चीज़ नहीं थी जिसे विरासत में मिले सिद्धांतों या अलौकिक विचारों से समझा जाए-

प्रकृति वह थी जिसे देखा, महसूस और अनुभव किया जाना चाहिए।

टेलेज़ियो का मानना था कि प्रकृति का संपूर्ण संचालन दो मूल शक्तियों पर आधारित है:

उष्णता (गर्मी – विस्तृत, जीवन देने वाली)

और

शीत (ठंड – संकुचित, स्थिरता प्रदान करने वाली)।

इन दोनों की परस्पर क्रिया से ही पदार्थ, विकास, क्षय और जीवन का निर्माण होता है।

आज यह विचार सरल लग सकता है, लेकिन 16वीं शताब्दी में यह अत्यंत क्रांतिकारी था-

लगभग आधुनिक भौतिकी और जीवविज्ञान का प्रारंभिक रूप।

अपने समय के कई विचारकों के विपरीत, टेलेज़ियो ने प्राकृतिक घटनाओं के पीछे किसी अलौकिक शक्ति को कारण मानने से इंकार किया।

वे आत्मा को किसी दिव्य चिंगारी की तरह नहीं देखते थे,

बल्कि इसे शरीर के भीतर मौजूद प्राकृतिक, गर्म सिद्धांत की तरह समझते थे-

जो अनुभूति, धारणा और विचार को संभव बनाता है।

उनके अनुसार-

“मनुष्य वही जानता है जिसे वह महसूस कर सके।”

इसने सदियों से चली आ रही दार्शनिक परंपरा को उलट दिया।

ज्ञान न तो प्राचीन आचार्यों द्वारा दिया जाता है,

न शास्त्रों से,

न मेटाफिज़िक्स से-

ज्ञान पैदा होता है

अनुभव → अनुभूति → तर्क → निर्णय से।

टेलेज़ियो का सार यह था:

प्रकृति को स्वयं बोलने दो।

पहले अवलोकन करो, अर्थ बाद में निकालो।

टेलेज़ियो हमें याद दिलाते हैं कि सत्य किसी अनंत लाइब्रेरी में नहीं छिपा होता;

सत्य वहीं है जिसे हम छू सकते हैं, देख सकते हैं, सूंघ सकते हैं, महसूस कर सकते हैं।

वास्तविक समझ वास्तविकता के साथ जुड़ने से आती है- जानकारी जमा करने से नहीं।

इस उलझन भरे समय में, जहाँ हर किसी के पास एक उत्तर है, टेलेज़ियो हमें एक शांत, लेकिन तेज़ सलाह देते हैं:

ज्ञान तभी वास्तविक बनता है जब वह आपकी इंद्रियों और आपके अनुभवों से आकार ले- not आपके FOMO से।

वीडियो इस विषय पर: youtube.com/shorts/iellGw1Yr1...

#overinformation #fomo #philosophy

1 month ago | [YT] | 2

Thinker Dilip

81% भारतीय दिन में तीन घंटे से ज़्यादा समय ज़्यादा सोचने में बिताते हैं, और हर चार में से एक व्यक्ति मानता है कि यह एक स्थायी आदत है। चाहे किसी संदेश का जवाब देना हो, खाने का चुनाव करना हो या इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना हो,

📍 अगर आप भी ओवरथिंकिंग के शिकार है तो यह इबुक आपको ज़रूर पढ़ना चाहिए और अभी
🤯 इस पर 40% की छूट भी चल रही है।
💥 छूट के लिए कूपन - THINKER 🎫
superprofile.bio/vp/dilip-narvariya

3 months ago | [YT] | 4

Thinker Dilip

By the age of 19, I’ve already tried 14 different businesses.

Some succeeded. Most failed.
But the failures taught me more than any win ever could.

I never went to college — but I learned marketing on my own.
I picked up business skills that people usually learn in MBA classrooms.
But my professors weren’t in suits —
They were on the internet, in books, in the streets, in the markets.
And my greatest teacher? Failure.

Every day, I learn from people.
I observe how they dress, how they eat, how they talk, how they live.
I study human behavior — because that’s where business begins.
I study philosophy to understand roots of human thoughts and nature.

I’ve read books.
Studied thousands of global businesses.
Understood the mindset of top founders.
Learned from small shopkeepers in local markets.
And through the internet, I explored the world of digital business.

I haven’t reached the level of success I dream of — not yet.
But I believe these failures are preparing me for something bigger.
Because the mistakes I’ve already made… I won’t repeat when it truly matters.

This is just the beginning.
And I’m proud to say: I’m a student of the greatest university in the world —
The University of Learning by doing.

are you also in same path?
let's fly together 🤜

5 months ago | [YT] | 3

Thinker Dilip

नई विडियो आज 🌻

1 year ago | [YT] | 2

Thinker Dilip

आप क्या करते हो?.

3 years ago | [YT] | 5

Thinker Dilip

इस चैनल पर कोन सी विडियो पोस्ट करें?

3 years ago | [YT] | 6