नस्कार दोस्तों मेरे जीवन में तूफान चल रहा हैं और उस तूफान में एक बहुत ही अच्छी समीर हैं जो दुःख दर्द से भरपूर हैं जिसे हम संताप भी कहते हैं। अतः मेरे जीवन में संताप की समीर चल रही हैं जिसको हम ख़ुशी-ख़ुशी झेल रहें हैं। और मैं कोशिश करूंगा की मैं इससे खंडित न होउ और न ही इससे कभी बिखरू। ईश्वर से मेरी विनम्र निवेदन हैं की संसार के सभी प्राणियों को ख़ुश रखें अगर आपको किसी को संताप देना हैं तो उसकी संताप अपने समीर से मेरे पास भेज दीजिये मैं उसका अच्छे से स्वागत करूंगा और आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके संताप को थोड़ा भी संताप नहीं होने दूंगा।
दोस्तों मैं इस संताप से सिख कर शीतल समीर से आपके पास भेजता रहूंगा, आपलोग मेरे साथ बने रहिएगा और अपनी तिरछी निगाहों से देखते रहिएगा।
नमस्कार 🙏