Chalbo Chhattisgarh

लोग छत्तीसगढ़ को छोड़कर अन्य जगहों पर घूमने जाते हैं और अन्य प्रदेशों की आय मे वृद्धि करते हैं, लेकिन मेरा प्रयास अपने छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देना है। और आप सभी दर्शकों को छत्तीसगढ़ की खूबसूरती से परिचित करवाना है। यहां नदी है, जंगल है, गुफ़ा हैं, पर्वत श्रृंखला है, जिससे छत्तीगढ़ वासी अनजान हैं उन्ही सबसे आप सभी को परिचित करना है।
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Chalbo Chhattisgarh

चित्वाडोंगरी गुफ़ा बालोद

Namaste doston! Aaj ke is video mein hum aapko lekar chalenge Chhattisgarh ke ek behad khaas aur rahasyamayi sthal—Chitwadongri Gufa (Chitwa Dongari Cave). Yeh jagah Balod aur Rajnandgaon ke border par, Dondi Lohara block ke Sahgaon ke paas sthit hai.

Chitwadongri apni prachin (prehistoric) Rock Paintings (Shailchitra) ke liye puri duniya mein mashhoor hai. Kaha jata hai ki yahan ke chitra hazaron saal purane hain. In chitron mein sabse hairatangez baat yeh hai ki yahan "Gadha sawar Chinese akriti" aur "Dragon" jaise chitra dekhne ko milte hain, jo hamari prachin sabhyata aur videshi samparkon ki taraf ishara karte hain.

[How to Reach]
Location: Sahgaon village, near Dondi Lohara, District Balod (CG).
Distance from Rajnandgaon: Approx 45-50 KM.
Distance from Balod: Approx 27 KM.
Distance from Raipur: Approx 125 KM.

VIDEO LINK👇

https://youtu.be/gnk_z-VuOZQ

4 days ago | [YT] | 43

Chalbo Chhattisgarh

हमारी लद्दाख रोड ट्रिप शुरू हो चुकी है क्लिक करें और वीडियो देखें 👇 https://youtu.be/WYdpYh34aKQ

7 months ago | [YT] | 44

Chalbo Chhattisgarh

https://youtu.be/i9O7PepiM2A
छत्तीसगढ़ के प्रमुख हनुमान मंदिर 👇 देखें हमारे चैनल पर

8 months ago | [YT] | 90

Chalbo Chhattisgarh

प्रज्ञागिरि बौद्ध मंदिर, डोंगरगढ़ जो कि छत्तीसगढ़ में एक अच्छा पिकनिक स्पॉट है। वीडियो देखें इस लिंक से 👉 https://youtu.be/xUROHSy1DtM

8 months ago | [YT] | 4

Chalbo Chhattisgarh

https://youtu.be/D0cND-SF2ew

हनुमान जी की मनमोहक प्रतिमा जिसे बनाया है औंधी मूर्तिकला केंद्र के मूर्तिकार गिरधर चक्रधारी जी ने संपूर्ण वीडियो ऊपर लिंक से देख सकते है 🙏

9 months ago | [YT] | 175

Chalbo Chhattisgarh

Chhattisgarh ke jheet me rahne wali mata jo durgashtami ko aag me dodti hai sampurn video hamre channel Chalbo Chhattisgarh me dekhe

9 months ago | [YT] | 42

Chalbo Chhattisgarh

अबूझमाड़ नारायणपुर से रायपुर तक का एक साहसिक यात्रा, red जोन में उड़ाया मैने अपना ड्रोन.......🚁 Video link 👇
https://youtu.be/RJ23kv6EvBM

10 months ago | [YT] | 14

Chalbo Chhattisgarh

राजिम कुंभ कल्प 2025
संपूर्ण वीडियो देखें हमारे चैनल पर.....👉https://youtu.be/Ztz_nLCIx3A

10 months ago | [YT] | 27

Chalbo Chhattisgarh

क्या आप जानते है माथेरान मुंबई भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन है।
वीडियो लिंक 👉👉https://youtu.be/mZIGB6a_724

1 year ago | [YT] | 19

Chalbo Chhattisgarh

Video देखें 👉https://youtu.be/DSdY8mbhtkI

आप सभी प्यारे दर्शकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

छत्तीसगढ़ में गऊरा गऊरी उत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। गऊरा है शिव तथा गऊरी है पार्वती। यह लोक उत्सव हर साल दीवाली और लक्ष्मी पूजा के बाद मनाया जाता है। कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष अमावस्या के वक्त यह उत्सव मनाया जाता है। इस पूजा में सभी जाति समुदाय के लोग शामिल होते हैं।

शुरुहुत्ति त्यौहार इस अंचल में दीपावली पूजा के दिन को कहते हैं। अर्थात् त्यौहार की शुरुआत। शाम चार बजे उस दिन लोग झुंड में गांव के बाहर जाते हैं और एक स्थान पर पूजा करते हैं। उसके बाद उसी स्थान से मिट्टी लेकर गांव वापस आते हैं। गांव वापस आने के बाद मिट्टी को गीला करते हैं और उस गीली मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाते हैं। शिव है गऊरा - गऊरा है बैल सवारी और पार्वती याने गऊरी है सवारी कछुए की। ये मूर्तियां बनाने के बाद लकड़ी के पिड़हे पर उन्हें रखकर बड़े सुन्दरता के साथ सजाया जाता है। लकड़ी की एक पिड़हे पर बैल पर गऊरा और दूसरे पिड़हे पर कछुए पर गऊरी। पिड़हे के चारों कोनों में चार खम्बे लगाकर उसमें दिया तेल बत्ती लगाया जाता हैं। बड़े सुन्दर दृश्य है। रात को लक्ष्मी पूजा के बाद रात बारह बजे से गऊरा गऊरी झांकी पूरे गांव में घूमती रहती है। घूमते वक्त दो कुंवारे लड़के या लड़की गऊरा गऊरी के पिड़हे सर पर रखकर चलते हैं। और आसपास गऊरा गऊरी गीत आरम्भ हो जाते हैं, नाच-गाना दोनों ही आरम्भ हो जाते हैं। गाते हुए नाचते हुए लोग झांकी के आसपास मंडराते हुए गांव की परिक्रमा करते हैं। कुछ पुरुष एवं महिलाए इतने जोश के साथ नाचते हैं कि वे अलग न आते हैं। लोगों का विश्वास है उस वक्त देव देवी उन पर सवार होते हैं।

गऊरा लोक गीत सिर्फ महिलाए ही गाती हैं । महिलायें गाती हैं और पुरुष बजाते हैं दमऊ, सींग बाजा, ठोल, गुदुम, मोहरी, मंजीरा, झुमका, दफड़ा, ट्रासक। इसे गंडवा बाजा कहते हैं क्योंकि इन वाद्यों को गांडा जाति के लोग ही बजाते हैं।

इस उत्सव के पहले जो पूजा होती है, वह बैगा जाति के लोग करते हैं। इस पूजा को कहते हैं चावल चढ़ाना, क्योंकि गीत गाते हुये गऊरा गऊरी को चावल चढ़ाया जाता है ।
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1 year ago (edited) | [YT] | 11