Sabhi yog sadhakon ko maira pranam. Yeh channel (Prashantj yoga Hindi) un sabhi sadhako ke lie hai jo yog ke madhyam se apne zeevan to khushhal banana chate hain
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क्या आपका दिमाग़ नए विचार नहीं ला पा रहा है? क्योंकि आपको एक ऐसे अभ्यास की आवश्यकता है जो आपके दिमाग़ तक ऊर्जा पहुँचा सके और यही अभ्यास आज हम कर रहे हैं 3 ऐसे प्रभावी प्राणायाम जो बने ही दिमाग़ के लिए हैं -
ब्रह्मचर्य की पुनः स्थापना ही आध्यात्मिक प्रगति का आधार है।
योगियों ने प्राचीन काल में जितने भी महान ग्रंथों की रचना की, क्या वे केवल पुस्तकों को पढ़कर लिखे गए थे? नहीं। वे ग्रंथ उस चेतना से प्रकट हुए थे जो गहन साधना, तप और ब्रह्मचर्य से जागृत हुई थी।
जब ब्रह्मचर्य दृढ़ होता है, तब साधक की चेतना धीरे-धीरे शरीर और इंद्रियों की सीमाओं से ऊपर उठने लगती है। मन स्थिर होता है, प्राण परिष्कृत होते हैं, और अंतःकरण इतना निर्मल हो जाता है कि वह व्यापक ब्रह्माण्डीय चेतना के साथ सामंजस्य स्थापित करने लगता है। उसी अवस्था में प्रज्ञान (उच्चतर ज्ञान) का उदय होता है। तब ज्ञान केवल पढ़ा हुआ नहीं रहता, बल्कि भीतर से प्रकट होने लगता है।
इसी कारण भारतीय योग परंपरा में ब्रह्मचर्य को केवल संयम नहीं, बल्कि चेतना के उत्कर्ष का अनिवार्य साधन माना गया है। जब तक जीवन-ऊर्जा निरंतर विषयों में व्यय होती रहेगी, तब तक उच्चतम आध्यात्मिक अनुभूतियाँ सहज नहीं हो सकतीं। इसलिए जो साधक आत्मज्ञान, ध्यान की गहराई और आध्यात्मिक उन्नति की आकांक्षा रखता है, उसके लिए ब्रह्मचर्य का पालन अत्यंत आवश्यक है।
जब स्वाँस सधेगी स्वयम ही क़िस्मत आपके हाथों में होगी। काम तो बस आपको स्वाँसो पर करना है बाक़ी तो स्वयं ही सक्रिय हो जाएगा। आज कि इस नयी वीडियो में हम इसी बात पर मार्ग दर्शन दे रहे हैं
सुबह केवल एक समय नहीं होती।वह यह निर्णय करती है कि आप अपने जीवन को ऊपर ले जाओगे या फिर धीरे-धीरे अपनी ही सम्भावना से समझौता कर लोगे।
जो व्यक्ति हर सुबह आलस्य को चुनता है,वह केवल बिस्तर में नहीं पड़ा होता वह अपने भविष्य को भी टाल रहा होता है। योग कहता है भाग्य अचानक नहीं बनता। वह प्रतिदिन आपके प्रथम विचार, प्रथम भावना और प्रथम कर्म से निर्मित होता है।
सुबह उठते ही आपका मन जिस दिशा में जाता है,धीरे-धीरे जीवन भी उसी दिशा में जाने लगता है। यदि सुबह ही चेतना भारी है,शरीर जड़ है, मन बहानों से भरा है तो वही वृत्ति पूरे जीवन का स्वरूप बन जाती है।
इसीलिए साधना केवल आसन नहीं है। यह स्वयं को प्रतिदिन जगाने की प्रक्रिया है। क्योंकि भविष्य हाथों की रेखाओं से नहीं बदलता प्राणों की दिशा से बदलता है।
उठो। अपने भीतर उस शक्ति को जगाओ जो तुम्हें उस जीवन तक ले जा सकती है जिसके लिए तुम वास्तव में बने हो।
PrashantjYoga Hindi
nayi video post kar di gayi hai. - https://youtu.be/pmlsIXrv5E8?si=zFl44...
2 weeks ago | [YT] | 6
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क्या आपका दिमाग़ नए विचार नहीं ला पा रहा है? क्योंकि आपको एक ऐसे अभ्यास की आवश्यकता है जो आपके दिमाग़ तक ऊर्जा पहुँचा सके और यही अभ्यास आज हम कर रहे हैं 3 ऐसे प्रभावी प्राणायाम जो बने ही दिमाग़ के लिए हैं -
https://youtu.be/fvpeDjnCswM?si=tonpn...
2 weeks ago | [YT] | 16
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ब्रह्मचर्य की पुनः स्थापना ही आध्यात्मिक प्रगति का आधार है।
योगियों ने प्राचीन काल में जितने भी महान ग्रंथों की रचना की, क्या वे केवल पुस्तकों को पढ़कर लिखे गए थे? नहीं। वे ग्रंथ उस चेतना से प्रकट हुए थे जो गहन साधना, तप और ब्रह्मचर्य से जागृत हुई थी।
जब ब्रह्मचर्य दृढ़ होता है, तब साधक की चेतना धीरे-धीरे शरीर और इंद्रियों की सीमाओं से ऊपर उठने लगती है। मन स्थिर होता है, प्राण परिष्कृत होते हैं, और अंतःकरण इतना निर्मल हो जाता है कि वह व्यापक ब्रह्माण्डीय चेतना के साथ सामंजस्य स्थापित करने लगता है। उसी अवस्था में प्रज्ञान (उच्चतर ज्ञान) का उदय होता है। तब ज्ञान केवल पढ़ा हुआ नहीं रहता, बल्कि भीतर से प्रकट होने लगता है।
इसी कारण भारतीय योग परंपरा में ब्रह्मचर्य को केवल संयम नहीं, बल्कि चेतना के उत्कर्ष का अनिवार्य साधन माना गया है। जब तक जीवन-ऊर्जा निरंतर विषयों में व्यय होती रहेगी, तब तक उच्चतम आध्यात्मिक अनुभूतियाँ सहज नहीं हो सकतीं। इसलिए जो साधक आत्मज्ञान, ध्यान की गहराई और आध्यात्मिक उन्नति की आकांक्षा रखता है, उसके लिए ब्रह्मचर्य का पालन अत्यंत आवश्यक है।
https://youtu.be/R3bztGmSPXc?si=nCu08...
3 weeks ago | [YT] | 14
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Trikon asana kaise karenge - https://youtu.be/FWucGsK-9jg?si=NGw9C...
4 weeks ago | [YT] | 4
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Kyaa Kapalbhati aap galat to nahi kar rahe hain ? Abhi check karen - https://youtu.be/v2FIOyRmlD0?si=woWsY...
1 month ago | [YT] | 7
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Kya bata sakte ha ye konsa asana hai?
1 month ago | [YT] | 38
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How are you all
1 month ago | [YT] | 13
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New video has been posted. Dekha kya aapne ? बस 2 मिनट करें, गहरी नींद तुरंत आएगी 😴| Yoga Before Sleep | @prashantjyog
https://youtu.be/mUphZ4ynO0c
1 month ago | [YT] | 23
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जब स्वाँस सधेगी स्वयम ही क़िस्मत आपके हाथों में होगी। काम तो बस आपको स्वाँसो पर करना है बाक़ी तो स्वयं ही सक्रिय हो जाएगा। आज कि इस नयी वीडियो में हम इसी बात पर मार्ग दर्शन दे रहे हैं
1 month ago | [YT] | 35
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सुबह केवल एक समय नहीं होती।वह यह निर्णय करती है कि आप अपने जीवन को ऊपर ले जाओगे या फिर धीरे-धीरे अपनी ही सम्भावना से समझौता कर लोगे।
जो व्यक्ति हर सुबह आलस्य को चुनता है,वह केवल बिस्तर में नहीं पड़ा होता वह अपने भविष्य को भी टाल रहा होता है।
योग कहता है भाग्य अचानक नहीं बनता। वह प्रतिदिन आपके प्रथम विचार, प्रथम भावना और प्रथम कर्म से निर्मित होता है।
सुबह उठते ही आपका मन जिस दिशा में जाता है,धीरे-धीरे जीवन भी उसी दिशा में जाने लगता है। यदि सुबह ही चेतना भारी है,शरीर जड़ है,
मन बहानों से भरा है तो वही वृत्ति पूरे जीवन का स्वरूप बन जाती है।
इसीलिए साधना केवल आसन नहीं है। यह स्वयं को प्रतिदिन जगाने की प्रक्रिया है। क्योंकि भविष्य हाथों की रेखाओं से नहीं बदलता प्राणों की दिशा से बदलता है।
उठो।
अपने भीतर उस शक्ति को जगाओ
जो तुम्हें उस जीवन तक ले जा सकती है
जिसके लिए तुम वास्तव में बने हो।
1 month ago | [YT] | 80
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