Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University (DSMNRU) in Lucknow, India is a state-funded university that provides higher education for people with disabilities. The university was established in 2008 by the Government of Uttar Pradesh's Divyangjan Sashaktikaran Vibhag. DSMNRU's mission is to serve people with disabilities, and it reserves at least 50% of its seats for students with disabilities, with half of those seats reserved for students who are visually impaired. The university offers accessible and barrier-free education, and provides special facilities like ramps, rails, and special toilets. DSMNRU also offers assistance with admission, guidance, counseling, employment, rights awareness, fee concessions, and examination procedures. The university celebrates disability-related holidays like World Disability Day, White Cane Day, and Louis Braille Day.
DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
जब सरकारों को वोट चाहिए होते हैं, तब पोलिंग बूथ, समय, सुरक्षा और नियम-कानून सब कुछ सख़्ती से लागू होता है।
लेकिन जब वैकेंसी, भर्ती और अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की बात आती है, तब वही सरकार, वही व्यवस्था और वही संवेदनशीलता क्यों निष्क्रिय हो जाती है?
यह लापरवाही नहीं, अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
3 days ago | [YT] | 0
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
जब देश के नेता दूसरे राज्यों में जाकर सांसद, विधायक और राज्यपाल बन सकते हैं, तो योग्य उम्मीदवारों से नौकरी के लिए डोमिसाइल क्यों माँगा जा रहा है?
क्या योग्य युवाओं को दूसरे राज्य में अपना भविष्य बनाने का अधिकार नहीं है? #डोमिसाइल_भेदभाव #एक_देश_एक_अवसर #enddomicile
3 weeks ago | [YT] | 0
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
यह सवाल बहुत जायज है: नेता पूरे देश के होते हैं, लेकिन सरकारी नौकरियाँ (खासकर राज्य स्तर की) में डोमिसाइल (मूल निवास) की बाध्यता क्यों? यह एक देश, एक नागरिकता की भावना के खिलाफ लगता है, और युवाओं के लिए अवसरों की दीवार बन जाता है।संवैधानिक स्थिति क्या है?भारतीय संविधान में:अनुच्छेद 16(2): राज्य किसी नागरिक के साथ जन्म स्थान या निवास के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता।
अनुच्छेद 16(3): केवल संसद ही किसी राज्य में नौकरी के लिए निवास की शर्त लगा सकती है, राज्य सरकारें नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने कई फैसलों में (जैसे Pradeep Jain vs Union of India, 1984 और Kailash Chand Sharma vs State of Rajasthan, 2002) स्पष्ट किया है कि डोमिसाइल आधारित आरक्षण (विशेषकर सरकारी नौकरियों में) असंवैधानिक है। यह राष्ट्रीय एकता को कमजोर करता है और समान अवसर के सिद्धांत का उल्लंघन करता है।वर्तमान में क्या स्थिति है?केंद्र सरकार की नौकरियों (जैसे UPSC, SSC, रेलवे, बैंक) में डोमिसाइल की कोई बाध्यता नहीं। कोई भी भारतीय नागरिक आवेदन कर सकता है।
राज्य सरकार की नौकरियों में कई राज्य डोमिसाइल लागू करते हैं (या अप्रत्यक्ष रूप से, जैसे भाषा टेस्ट या निवास प्रमाण पत्र)। उदाहरण:मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, असम (2024 में घोषित), बिहार (2025 में शिक्षक भर्ती में लागू), लद्दाख (2025 में 85% आरक्षण) आदि।
हरियाणा में निजी नौकरियों में 75% आरक्षण को कोर्ट ने असंवैधानिक कहा।
बिहार में हाल ही (2025) में शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल लागू किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा मिलेगा, लेकिन पहले कई सालों तक कोई बाध्यता नहीं थी।
समस्या कहाँ है?स्थानीय युवाओं को नौकरियाँ मिलनी चाहिए, लेकिन मेरिट और राष्ट्रीय एकता पर असर पड़ता है।
राज्यों की राजनीति: स्थानीयवाद (sons of the soil) वोट बैंक के लिए इस्तेमाल होता है।
युवाओं का हक: योग्य व्यक्ति दूसरे राज्य में नौकरी नहीं पा सकता, जबकि नेता/अधिकारी कहीं भी जा सकते हैं।
क्या बदलाव की गुंजाइश है?सुप्रीम कोर्ट ने कई बार ऐसे नियमों को चुनौती दी है, लेकिन राज्य स्तर पर लागू होते रहते हैं।
#end_domicile_for_aspirants जैसी मुहिम से दबाव बन सकता है।
संसद अगर कानून बनाए, तो राष्ट्रीय स्तर पर समान नियम बन सकते हैं।
सरकार को जवाब देना चाहिए: क्यों एक देश में नौकरियाँ राज्य-सीमाओं में बाँधी जाती हैं? योग्यता और मेरिट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि डोमिसाइल।अगर आप भी इस मुद्दे से जुड़े हैं, तो आवाज़ उठाते रहें। एक देश, एक अवसर!
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
Education for all means support for every CWSN. Special Educators are the backbone of inclusion....
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सुप्रीम कोर्ट में NCTE का हलफ़नामा –
कानून और नियम
• NCTE Act, 1993 – NCTE को शिक्षकों की योग्यता तय करने का अधिकार दिया।
• 2001 Regulations – न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई।
• RTE Act, 2009 – धारा 23 के तहत NCTE को “Academic Authority” घोषित किया गया।
• 2010 Notification (23.08.2010) – कक्षा I से VIII तक शिक्षक बनने के लिए TET पास करना अनिवार्य किया गया।
• 2014 Regulations – भर्ती और पदोन्नति दोनों के लिए TET को अनिवार्य बना दिया।
• 2017 Amendment – सभी अपात्र (untrained) शिक्षकों को 31.03.2019 तक प्रशिक्षण लेना आवश्यक किया।
अलग-अलग समयावधि में नियुक्त शिक्षकों की स्थिति
• 03.09.2001 से पहले नियुक्त शिक्षक न्यूनतम योग्यता से मुक्त (Exempted)।
• 03.09.2001 से 23.08.2010 तक नियुक्त शिक्षक 2001 Regulations के अनुसार योग्य माने जाएंगे, TET की आवश्यकता नहीं।
• 23.08.2010 से 29.07.2011 तक नियुक्त शिक्षक इनको TET पास करना अनिवार्य है (RTE Act लागू होने के बाद से)।
• 29.07.2011 के बाद नियुक्त शिक्षक संशोधित नियमों के तहत TET अनिवार्य है।
NCTE का वर्तमान स्टैंड
• पुराने शिक्षक (2001 से पहले वाले) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
• 2001–2010 के बीच नियुक्त शिक्षक 2001 नियमों के हिसाब से मान्य रहेंगे।
• 2010 के बाद से नियुक्त शिक्षक बिना TET के न तो भर्ती हो सकते हैं और न पदोन्नति पा सकते हैं।
• In-service untrained teachers को 31.03.2019 तक न्यूनतम योग्यता हासिल करनी थी, अन्यथा सेवा में नहीं रह सकते।
सबसे महत्वपूर्ण
• TET = 23 अगस्त 2010 के बाद से अनिवार्य
• Promotion (पदोन्नति) के लिए भी TET अनिवार्य (2014 से लागू)।
• Relaxation (छूट) अब किसी को नहीं मिलेगी (खासकर कक्षा I–VIII के शिक्षकों को)
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HTET update
*📢HTET UPDATE:25 व 26 अगस्त को होगी हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन*
- अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए सभी जिलों में स्थापित किए गए बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन केन्द्र
भिवानी, 21 अगस्त, 2025 : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो०(डॉ०) पवन कुमार, उपाध्यक्ष श्री सतीश कुमार एवं सचिव डॉ० मुनीश नागपाल, भा.प्र.से. ने आज यहाँ जारी प्रेस वक्तव्य मेें बताया कि 30 व 31 जुलाई, 2025 को करवाई गई हरियाणा अध्यापक पात्रता (एचटेट) परीक्षा-2024 का परीक्षा परिणाम शीघ्र ही घोषित किया जा रहा है। परीक्षा परिणाम घोषित होने से पूर्व अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन (Biometric Verification) होनी अनिवार्य है। अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए राज्य के सभी 22 जिलों में 25 व 26 अगस्त, 2025 यह प्रक्रिया पूर्ण करवाने हेतु केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों से सम्बन्धित अभ्यर्थी अपने साथ लगते जिलों में जाकर यह प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि विशेष परिस्थितियों में अभ्यर्थी 22 जिलों में स्थापित केन्द्रों में से किसी भी केन्द्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूर्ण कर सकता है। अभ्यर्थी द्वारा अपना मूल फोटो युक्त पहचान पत्र एवं मूल प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) लेकर आना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जिलों में जहां वेरीफिकेशन होनी है, उन विद्यालयों की सूची व जिन अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक वैरीफिकेशन (Biometric Verification) होनी है, उनकी सूची बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि केवल सूची में दिए गये अनुक्रमांक वाले अभ्यर्थियों द्वारा ही यह प्रक्रिया पूर्ण की जानी है। इन अभ्यर्थियों को इनके ऑनलाइन आवेदन के समय पंजीकृत मोबाईल नम्बर/ई-मेल पर भी इस हेतु संदेश भेजे जा रहे हैं। बोर्ड वेबसाइट पर उपलब्ध सूची में से जो अभ्यर्थी इन तिथियों में यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, उनका परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
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4 months ago | [YT] | 0
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
#UPTET
#UTTARPRADESH
5 months ago | [YT] | 0
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अपनी राय व्यक्त करे।
#teacher #education #students #government #upgovt.
1 year ago | [YT] | 1
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
69000 शिक्षक भर्ती मामला : हाईकोर्ट ने रद्द की 2019 की चयन सूची🤔
#69000शिक्षक #education #teacher
1 year ago | [YT] | 1
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DSMNRU LUCKNOW(Spl. Ed)
Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University (DSMNRU) in Lucknow, India is a state-funded university that provides higher education for people with disabilities. The university was established in 2008 by the Government of Uttar Pradesh's Divyangjan Sashaktikaran Vibhag. DSMNRU's mission is to serve people with disabilities, and it reserves at least 50% of its seats for students with disabilities, with half of those seats reserved for students who are visually impaired. The university offers accessible and barrier-free education, and provides special facilities like ramps, rails, and special toilets. DSMNRU also offers assistance with admission, guidance, counseling, employment, rights awareness, fee concessions, and examination procedures. The university celebrates disability-related holidays like World Disability Day, White Cane Day, and Louis Braille Day. ....
For taking for information to visit DSMNRU website..
#DSMNRU #disability #college #students #teacher
1 year ago | [YT] | 1
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