Air India Plane Crash: रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले ही पायलट ने छोड़ी दुनिया, जानें एअर इंडिया प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले क्रू मेंबर्स के बारे में सबकुछ सावजीभाई टिंबाडिया भगवान का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे क्योंकि बृहस्पतिवार को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान में न बैठने के उनके फैसले ने उनकी जान बचा ली। टिंबाडिया ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘मैं अपने जीवन के लिए स्वामीनारायण का ऋणी हूं और मुझे बचाने के लिए सभी देवी-देवताओं का धन्यवाद करता हूं।’ लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान के गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार 241 लोगों की मौत हो गई। एअर इंडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एकमात्र जीवित व्यक्ति भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है और उसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। फ्लाइट में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे। रिटायरमेंट से कुछ महीने दूर एक पायलट, 11 साल से अधिक अनुभव वाली एक फ्लाइट अटेंडेंट, दो क्रू मेंबर जो हाल ही में एअर इंडिया में शामिल हुए थे और पनवेल की एक युवा फ्लाइट अटेंडेंट उन 12 सदस्यीय चालक दल में शामिल थे जो एअर इंडिया ड्रीमलाइनर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर जान से हाथ गंवा बैठे। आइए जानते हैं उनके बारे में।
कैप्टन सुमीत सभरवाल, पायलट 60 साल के कैप्टन सुमीत सभरवाल, अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान में सवार सबसे वरिष्ठ चालक दल के सदस्य थे। लंबे समय से पायलट रहे सभरवाल अपने 90 वर्षीय पिता के साथ पवई के जलवायु विहार में रह रहे थे। पड़ोसियों के अनुसार, वह रिटायर होने से बस कुछ ही महीने दूर थे और उन्होंने अपने बूढ़े पिता के साथ घर पर अधिक समय बिताने की योजना बनाई थी। सभरवाल की बड़ी बहन दिल्ली में रहती हैं । उनके दो बेटों ने भी यही पेशा अपनाया है और दोनों ही कमर्शियल पायलट हैं।
दीपक पाठक, क्रू मेंबर
बदलापुर के रहने वाले एयर इंडिया के फ्लाइट अटेंडेंट दीपक पाठक दुर्घटनाग्रस्त अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट के क्रू मेंबर में से एक थे। 11 साल से भी ज़्यादा समय से एयरलाइन के एक समर्पित कर्मचारी दीपक किसी भी उड़ान से पहले घर पर फ़ोन करना नहीं भूलते थे, उन्होंने गुरुवार को भी ऐसा ही किया। परिवार के एक सदस्य ने बताया, “उसने हमेशा की तरह हमें फोन किया, जाने से ठीक पहले। हमने कभी नहीं सोचा था कि यह आखिरी बार होगा।”दुर्घटना के बाद शुरुआती क्षणों में परिवार को उम्मीदें थीं। उन्होंने कहा, “उसका फ़ोन अभी भी बज रहा था,
Beauty of Varanasikashi
Air India Plane Crash: रिटायरमेंट से कुछ महीने पहले ही पायलट ने छोड़ी दुनिया, जानें एअर इंडिया प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले क्रू मेंबर्स के बारे में सबकुछ
सावजीभाई टिंबाडिया भगवान का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे क्योंकि बृहस्पतिवार को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान में न बैठने के उनके फैसले ने उनकी जान बचा ली। टिंबाडिया ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘मैं अपने जीवन के लिए स्वामीनारायण का ऋणी हूं और मुझे बचाने के लिए सभी देवी-देवताओं का धन्यवाद करता हूं।’
लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान के गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार 241 लोगों की मौत हो गई। एअर इंडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। एकमात्र जीवित व्यक्ति भारतीय मूल का ब्रिटिश नागरिक है और उसका अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। फ्लाइट में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे।
रिटायरमेंट से कुछ महीने दूर एक पायलट, 11 साल से अधिक अनुभव वाली एक फ्लाइट अटेंडेंट, दो क्रू मेंबर जो हाल ही में एअर इंडिया में शामिल हुए थे और पनवेल की एक युवा फ्लाइट अटेंडेंट उन 12 सदस्यीय चालक दल में शामिल थे जो एअर इंडिया ड्रीमलाइनर के दुर्घटनाग्रस्त होने पर जान से हाथ गंवा बैठे। आइए जानते हैं उनके बारे में।
कैप्टन सुमीत सभरवाल, पायलट
60 साल के कैप्टन सुमीत सभरवाल, अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के विमान में सवार सबसे वरिष्ठ चालक दल के सदस्य थे। लंबे समय से पायलट रहे सभरवाल अपने 90 वर्षीय पिता के साथ पवई के जलवायु विहार में रह रहे थे। पड़ोसियों के अनुसार, वह रिटायर होने से बस कुछ ही महीने दूर थे और उन्होंने अपने बूढ़े पिता के साथ घर पर अधिक समय बिताने की योजना बनाई थी। सभरवाल की बड़ी बहन दिल्ली में रहती हैं । उनके दो बेटों ने भी यही पेशा अपनाया है और दोनों ही कमर्शियल पायलट हैं।
दीपक पाठक, क्रू मेंबर
बदलापुर के रहने वाले एयर इंडिया के फ्लाइट अटेंडेंट दीपक पाठक दुर्घटनाग्रस्त अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट के क्रू मेंबर में से एक थे। 11 साल से भी ज़्यादा समय से एयरलाइन के एक समर्पित कर्मचारी दीपक किसी भी उड़ान से पहले घर पर फ़ोन करना नहीं भूलते थे, उन्होंने गुरुवार को भी ऐसा ही किया। परिवार के एक सदस्य ने बताया, “उसने हमेशा की तरह हमें फोन किया, जाने से ठीक पहले। हमने कभी नहीं सोचा था कि यह आखिरी बार होगा।”दुर्घटना के बाद शुरुआती क्षणों में परिवार को उम्मीदें थीं। उन्होंने कहा, “उसका फ़ोन अभी भी बज रहा था,
1 year ago | [YT] | 0
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