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*साइबर क्राइम अलर्ट, दिल्ली कार ब्लास्ट की धमकी देकर धोखाधड़ी*
• राजस्थान पुलिस ने दी चेतावनी: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आमजन को धमका रहे साइबर अपराधी, सतर्क रहें, तत्काल शिकायत करें
जयपुर 11 नवंबर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी के प्रति आमजन को सचेत किया है। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि हाल ही में अपराधी एक नया तरीका अपना रहे हैं। वे आम नागरिकों को कॉल कर स्वयं को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं और उन्हें धमकाते हैं कि उनका मोबाइल नंबर या आधार नंबर दिल्ली में हाल ही में हुई कार ब्लास्ट जैसी गंभीर आपराधिक घटना से जुड़ा हुआ है।
*इस तरीके से करते हैं वारदात :* उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम श्री विकास शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी पीड़ित को डराकर अपने सीनियर अधिकारी से बात कराने की बात कहते हैं और उन्हें मानसिक रूप से दबाव में ले आते हैं। दबाव बनाने के बाद वे आमजन से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक/यूपीआई विवरण मांगते हैं या उन्हें वीडियो कॉल पर वेरिफिकेशन के बहाने धमकाकर धनराशि की मांग करते हैं। यह तरीका लोगों में डर पैदा करके उन्हें त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर करता है, जिससे वे अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं।
*क्या करें और क्या न करें ?*
डीआईजी शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस आमजन को दृढ़ता से सलाह देती है कि इस प्रकार की कोई भी कॉल आने पर बिल्कुल न घबराएं। पुलिस के नाम पर धमकाने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत, बैंक, आधार, या अन्य संवेदनशील दस्तावेज़ों से संबंधित जानकारी साझा न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक, एसएमएस/व्हाट्सएप संदेश पर क्लिक करने से बचें।
*सहायता एवं शिकायत के लिए संपर्क*
ऐसी कोई भी संदिग्ध कॉल आने पर, तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन, डायल 112 अथवा साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि अगर आप किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार हो जाते हैं तो तत्काल निम्नलिखित कदम उठाएं: ~ तुरंत शिकायत करें: घटना की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन को दें, या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। तत्काल सहायता के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर संपर्क करें। ~ बैंक को सूचित करें: धोखाधड़ी की सूचना अपने बैंक को तुरंत दें ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांसेक्शन को समय रहते रोका जा सके। -------------
🛡️ आज का साइबर सुरक्षा विचार 🇮🇳 भारत साइबर अपराध से लड़ने के लिए तैयार है! फर्जी सिम हटाओ, साइबर अपराध मिटाओ एक फर्जी सिम = साइबर अपराध का हथियार आपका एक कदम = राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान 🚨 चेतावनी! दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (जैसे कि कंबोडिया) से चल रहे बड़े पैमाने पर निवेश धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम में भारतीय मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग हो रहा है। हजारों सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए जा रहे हैं—जब कोई ग्राहक सिम लेने जाता है और बायोमेट्रिक सत्यापन करता है, तो उसकी जानकारी से कई सिम बिना जानकारी के जारी कर दी जाती हैं। ✅ अब जिम्मेदारी लें: जानें आपके नाम पर कितनी सिम चल रही हैं 📱 Sanchar Saathi पोर्टल पर जाएं: 👉 sancharsaathi.gov.in 🔹 अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें 🔹 OTP से लॉगिन करें 🔹 सभी सक्रिय सिम की सूची देखें 🔹 जो सिम आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, उन्हें तुरंत ब्लॉक करें 🛡️ यह कदम उठाकर आप खुद को और देश को साइबर खतरे से बचा सकते हैं। 📩 अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज मिले—तो तुरंत रिपोर्ट करें! 🔍 Chakshu सुविधा का उपयोग करें: 👉 Report Fraud Communication रिपोर्टिंग प्रक्रिया: 1. वेबसाइट पर जाएं 2. “Report Suspected Fraud Communication” विकल्प चुनें 3. कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज का विवरण भरें 4. रिपोर्ट सबमिट करें 📞 अगर आपने पैसे गंवाए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। 🇮🇳 भारत की साइबर सुरक्षा में आपकी भूमिका बेहद अहम है! 🔐 अगर हर नागरिक अपने नाम पर चल रही सिम की जांच करे और फर्जी सिम को बंद करे, तो साइबर अपराध की जड़ें कमजोर होंगी। 💡 जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है—इस जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ जरूर साझा करें। 🛑 साइबर अपराध को रोकने का पहला कदम: अपनी पहचान की सुरक्षा करें। 📲 Sanchar Saathi और Chakshu—आपके डिजिटल प्रहरी। 🌐 भारत की साइबर सुरक्षा की शुरुआत आपसे होती है। 🛑 अपनी पहचान को ठगों के हाथों में हथियार मत बनने दें। ✅ अपनी सिम की जांच करें ✅ फर्जी सिम को ब्लॉक करें ✅ Chakshu पर हर स्कैम की रिपोर्ट करें 🔐 साइबर अपराध को हराने का मंत्र: 👉 जांचो। ब्लॉक करो। रिपोर्ट करो। 🛡️ अब सिर्फ सरकार नहीं—जनता भी लड़ेगी साइबर युद्ध
*महिला जागरूक सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ बुधवार 20 अगस्त से*
*जयपुर पुलिस की अभिनव पहल महिला सुरक्षा की दिशा में बालिकाओ एवं महिलाओं को उनके अधिकारों, कानून एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करना एवं पुलिस व आमजन के बीच मेल मिलाप बढ़ाना* कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता जयपुर, 19 अगस्त। पुलिस महानिदेशक, राजस्थान श्री राजीव शर्मा के निर्देशानुसार जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनों एवं सुरक्षा के प्रति प्रभावी जागरूक, आमजन को जागरूक करने एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर सात दिवसीय अभियान 20 अगस्त से 26 अगस्त तक चलाया जायेगा।
‘‘सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी’’, महिला जागरूक सुरक्षा अभियान का शुभारंभ बुधवार 20 अगस्त को महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री राजीव शर्मा द्वारा पृथ्वीराज चौहान सभागार, तीसरी मंजिल, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, विधायक नगर, लालकोठी, जयपुर में प्रातः 09ः30 एएम पर किया जावेगा।
जयपुर पुलिस आयुक्त श्री बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि इस अभियान के तहत महिला पुलिस अधिकारी एवं महिला पुलिस कार्मिक अपने निवासरत् क्षेत्रें के आसपास वॉक एवं टॉक कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा कानूनों के प्रति जानकारी देते हुये जागरूक करेंगे। साथ ही उन्हें राजकॉप सिटीजन एप के नीड हेल्प के बारे में भी जानकारी देंगे। उनके निवास स्थान, कार्यस्थल पडोसी क्षेत्र के समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेें व नियम/कानून उल्लघंन करने वालो विरूद्व सख्त कार्यवाही करेंगे।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजो एवं औद्योगिक क्षेत्रों में भी महिला अधिकारी जा कर उन्हें अधिकारों के कानून के बारे में जागरूक करेंगे। उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने एवं बोलना के लिए प्रेरित करेंगी ताकि वे सशक्त बन सके। एवं अलग-अलग क्षेत्रों में आम बालिकाओं एवं महिलाओं को सुरक्षा वॉरियर्स बनायेंगे ताकि आम महिला अपनी समस्या पुलिस तक पहुंचा सके एवं पुलिस उनकी सुरक्षा एवं समस्या का समाधान सुनिश्चित कर सके।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजो एवं औद्योगिक क्षेत्र में बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा हेतु ऑटोरिक्शा, मिनीबस चालकों एवं परिचालकों का चरित्र सत्यापन चिन्ह्रित स्थानों पर कैम्प लगाकर वैरिफिकेशन किया जायेगा। इसी के साथ-साथ जोमाटो/अमेजन आदि के डिलेवरी बॉय के भी चरित्र सत्यापन किया जावेगा जिसमे निजी निवासों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों के भी उपर नजर रहेगा।
*सैयारा से ‘स्कैम ना हो जाये यारा'* *‘सैयारा’ देखकर लोग सिनेमाघरों में बेहोश हो रहे हैं…* *लेकिन असली बेहोशी तब होगी,* *जब ‘I love you’ के बाद ‘OTP भेजो प्लीज़’ आएगा —* *और अकाउंट का बैलेंस ₹0 दिखाएगा।*
देखिये हैदराबाद में एक बड़ी कंपनी के सीईओ के साथ क्या हुआ:
₹. उनके खाते से 16 लाख रुपए ऑनलाइन चोरी हो गए। कोई ओटीपी नहीं था, कोई कॉल नहीं थी, कोई ऑनलाइन लिंक नहीं भेजा गया या खोला गया। सीईओ खुद बहुत तकनीक-अनुकूल हैं लेकिन यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि इतनी रकम कैसे चुराई गई। मामले पर साइबर क्राइम के आला अधिकारी मौजूद थे लेकिन पता या समझ नहीं पा रहे थे। अदृश्य हाथ? वायरलेस अपराध?
मोबाइल से सारी स्कैनिंग की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, *सिर्फ एक सुराग उनके ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज से मिला.*
यह पाया गया कि कार्यालय में *सीईओ का मोबाइल चार्जर* बदल दिया गया था और उसके स्थान पर एक और यूएसबी चार्जर (बिल्कुल समान मेक/मॉडल) रखा गया था। *ऐसा आसान ऑपरेशन एक सफाई कर्मचारी द्वारा किया गया जो कार्यालय समय के बाहर काम करता है*। उनका सारा डेटा कॉपी कर लिया गया, उनकी पूरी मोबाइल बैंकिंग हैक कर ली गई और खाते से आसानी से पैसे निकाल लिए गए। इस मोडस ऑपरेंडी में, सबसे पहले चार्जर को बदला जाता है और उस बदले गए चार्जर में पहले से ही एक माइक्रो चिप लगाई जाती है और सारा डेटा कॉपी और हैक कर लिया जाता है। और इसका पता लगाना बहुत मुश्किल है. तो अब से, *चार्जर और यूएसबी कॉर्ड पर विशेष नजर रखें*। उन्हें अपने कार्यालय में न छोड़ें। और किसी दूसरे का मोबाइल इस्तेमाल न करें और न ही किसी अनजान जगह पर अपना मोबाइल चार्ज करें। *हवाई अड्डों/मॉल/क्लबों आदि में लटकते चार्जर/फ्री चार्जिंग के प्रलोभन में न पड़ें।* और जब आप विदेश जाएं, तो मॉल/रेस्तरां/पर्यटक कोच आदि में मुफ्त वाईफाई पासवर्ड के चक्कर में न पड़ें।
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*साइबर क्राइम अलर्ट, दिल्ली कार ब्लास्ट की धमकी देकर धोखाधड़ी*
• राजस्थान पुलिस ने दी चेतावनी: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर आमजन को धमका रहे साइबर अपराधी, सतर्क रहें, तत्काल शिकायत करें
जयपुर 11 नवंबर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को एक गंभीर साइबर धोखाधड़ी के प्रति आमजन को सचेत किया है। पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जारी इस एडवाइजरी में बताया गया है कि हाल ही में अपराधी एक नया तरीका अपना रहे हैं। वे आम नागरिकों को कॉल कर स्वयं को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं और उन्हें धमकाते हैं कि उनका मोबाइल नंबर या आधार नंबर दिल्ली में हाल ही में हुई कार ब्लास्ट जैसी गंभीर आपराधिक घटना से जुड़ा हुआ है।
*इस तरीके से करते हैं वारदात :*
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम श्री विकास शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधी पीड़ित को डराकर अपने सीनियर अधिकारी से बात कराने की बात कहते हैं और उन्हें मानसिक रूप से दबाव में ले आते हैं। दबाव बनाने के बाद वे आमजन से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक/यूपीआई विवरण मांगते हैं या उन्हें वीडियो कॉल पर वेरिफिकेशन के बहाने धमकाकर धनराशि की मांग करते हैं। यह तरीका लोगों में डर पैदा करके उन्हें त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर करता है, जिससे वे अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं।
*क्या करें और क्या न करें ?*
डीआईजी शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस आमजन को दृढ़ता से सलाह देती है कि इस प्रकार की कोई भी कॉल आने पर बिल्कुल न घबराएं। पुलिस के नाम पर धमकाने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत, बैंक, आधार, या अन्य संवेदनशील दस्तावेज़ों से संबंधित जानकारी साझा न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक, एसएमएस/व्हाट्सएप संदेश पर क्लिक करने से बचें।
*सहायता एवं शिकायत के लिए संपर्क*
ऐसी कोई भी संदिग्ध कॉल आने पर, तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन, डायल 112 अथवा साइबर हेल्प डेस्क पर संपर्क करें। उन्होंने बताया कि अगर आप किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार हो जाते हैं तो तत्काल निम्नलिखित कदम उठाएं:
~ तुरंत शिकायत करें: घटना की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन को दें, या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। तत्काल सहायता के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर संपर्क करें।
~ बैंक को सूचित करें: धोखाधड़ी की सूचना अपने बैंक को तुरंत दें ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांसेक्शन को समय रहते रोका जा सके।
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2 months ago | [YT] | 0
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Techno Cyber
🛡️ आज का साइबर सुरक्षा विचार
🇮🇳 भारत साइबर अपराध से लड़ने के लिए तैयार है!
फर्जी सिम हटाओ, साइबर अपराध मिटाओ
एक फर्जी सिम = साइबर अपराध का हथियार
आपका एक कदम = राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान
🚨 चेतावनी!
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (जैसे कि कंबोडिया) से चल रहे बड़े पैमाने पर निवेश धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम में भारतीय मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग हो रहा है।
हजारों सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए जा रहे हैं—जब कोई ग्राहक सिम लेने जाता है और बायोमेट्रिक सत्यापन करता है, तो उसकी जानकारी से कई सिम बिना जानकारी के जारी कर दी जाती हैं।
✅ अब जिम्मेदारी लें: जानें आपके नाम पर कितनी सिम चल रही हैं
📱 Sanchar Saathi पोर्टल पर जाएं:
👉 sancharsaathi.gov.in
🔹 अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें
🔹 OTP से लॉगिन करें
🔹 सभी सक्रिय सिम की सूची देखें
🔹 जो सिम आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, उन्हें तुरंत ब्लॉक करें
🛡️ यह कदम उठाकर आप खुद को और देश को साइबर खतरे से बचा सकते हैं।
📩 अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज मिले—तो तुरंत रिपोर्ट करें!
🔍 Chakshu सुविधा का उपयोग करें:
👉 Report Fraud Communication
रिपोर्टिंग प्रक्रिया:
1. वेबसाइट पर जाएं
2. “Report Suspected Fraud Communication” विकल्प चुनें
3. कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज का विवरण भरें
4. रिपोर्ट सबमिट करें
📞 अगर आपने पैसे गंवाए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
🇮🇳 भारत की साइबर सुरक्षा में आपकी भूमिका बेहद अहम है!
🔐 अगर हर नागरिक अपने नाम पर चल रही सिम की जांच करे और फर्जी सिम को बंद करे, तो साइबर अपराध की जड़ें कमजोर होंगी।
💡 जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है—इस जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ जरूर साझा करें।
🛑 साइबर अपराध को रोकने का पहला कदम: अपनी पहचान की सुरक्षा करें।
📲 Sanchar Saathi और Chakshu—आपके डिजिटल प्रहरी।
🌐 भारत की साइबर सुरक्षा की शुरुआत आपसे होती है।
🛑 अपनी पहचान को ठगों के हाथों में हथियार मत बनने दें।
✅ अपनी सिम की जांच करें
✅ फर्जी सिम को ब्लॉक करें
✅ Chakshu पर हर स्कैम की रिपोर्ट करें
🔐 साइबर अपराध को हराने का मंत्र:
👉 जांचो। ब्लॉक करो। रिपोर्ट करो।
🛡️ अब सिर्फ सरकार नहीं—जनता भी लड़ेगी साइबर युद्ध
4 months ago | [YT] | 2
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Be Alert From Cyber Scamers !
4 months ago | [YT] | 0
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*‘‘सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी’’*
*जयपुर पुलिस का महिला सुरक्षा पर एक विशेष अभियान*
*महिला जागरूक सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ बुधवार 20 अगस्त से*
*जयपुर पुलिस की अभिनव पहल महिला सुरक्षा की दिशा में बालिकाओ एवं महिलाओं को उनके अधिकारों, कानून एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करना एवं पुलिस व आमजन के बीच मेल मिलाप बढ़ाना*
कमलेश आमेटा विशेष संवाददाता
जयपुर, 19 अगस्त। पुलिस महानिदेशक, राजस्थान श्री राजीव शर्मा के निर्देशानुसार जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनों एवं सुरक्षा के प्रति प्रभावी जागरूक, आमजन को जागरूक करने एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए व्यापक स्तर पर सात दिवसीय अभियान 20 अगस्त से 26 अगस्त तक चलाया जायेगा।
‘‘सशक्त नारी जिम्मेदारी हमारी’’, महिला जागरूक सुरक्षा अभियान का शुभारंभ बुधवार 20 अगस्त को महानिदेशक पुलिस, राजस्थान श्री राजीव शर्मा द्वारा पृथ्वीराज चौहान सभागार, तीसरी मंजिल, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, विधायक नगर, लालकोठी, जयपुर में प्रातः 09ः30 एएम पर किया जावेगा।
जयपुर पुलिस आयुक्त श्री बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि इस अभियान के तहत महिला पुलिस अधिकारी एवं महिला पुलिस कार्मिक अपने निवासरत् क्षेत्रें के आसपास वॉक एवं टॉक कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा कानूनों के प्रति जानकारी देते हुये जागरूक करेंगे। साथ ही उन्हें राजकॉप सिटीजन एप के नीड हेल्प के बारे में भी जानकारी देंगे। उनके निवास स्थान, कार्यस्थल पडोसी क्षेत्र के समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करेें व नियम/कानून उल्लघंन करने वालो विरूद्व सख्त कार्यवाही करेंगे।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजो एवं औद्योगिक क्षेत्रों में भी महिला अधिकारी जा कर उन्हें अधिकारों के कानून के बारे में जागरूक करेंगे। उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने एवं बोलना के लिए प्रेरित करेंगी ताकि वे सशक्त बन सके। एवं अलग-अलग क्षेत्रों में आम बालिकाओं एवं महिलाओं को सुरक्षा वॉरियर्स बनायेंगे ताकि आम महिला अपनी समस्या पुलिस तक पहुंचा सके एवं पुलिस उनकी सुरक्षा एवं समस्या का समाधान सुनिश्चित कर सके।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजो एवं औद्योगिक क्षेत्र में बालिकाओं एवं महिलाओं की सुरक्षा हेतु ऑटोरिक्शा, मिनीबस चालकों एवं परिचालकों का चरित्र सत्यापन चिन्ह्रित स्थानों पर कैम्प लगाकर वैरिफिकेशन किया जायेगा। इसी के साथ-साथ जोमाटो/अमेजन आदि के डिलेवरी बॉय के भी चरित्र सत्यापन किया जावेगा जिसमे निजी निवासों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों के भी उपर नजर रहेगा।
5 months ago | [YT] | 1
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Techno Cyber
🇮🇳 *हर घर तिरंगा अभियान
5 months ago | [YT] | 2
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Techno Cyber
6 months ago | [YT] | 1
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*सैयारा से ‘स्कैम ना हो जाये यारा'*
*‘सैयारा’ देखकर लोग सिनेमाघरों में बेहोश हो रहे हैं…*
*लेकिन असली बेहोशी तब होगी,*
*जब ‘I love you’ के बाद ‘OTP भेजो प्लीज़’ आएगा —*
*और अकाउंट का बैलेंस ₹0 दिखाएगा।*
*❤️ दिल दें, OTP नहीं।*
6 months ago | [YT] | 2
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Techno Cyber
देखिये हैदराबाद में एक बड़ी कंपनी के सीईओ के साथ क्या हुआ:
₹. उनके खाते से 16 लाख रुपए ऑनलाइन चोरी हो गए। कोई ओटीपी नहीं था, कोई कॉल नहीं थी, कोई ऑनलाइन लिंक नहीं भेजा गया या खोला गया। सीईओ खुद बहुत तकनीक-अनुकूल हैं लेकिन यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि इतनी रकम कैसे चुराई गई। मामले पर साइबर क्राइम के आला अधिकारी मौजूद थे लेकिन पता या समझ नहीं पा रहे थे। अदृश्य हाथ? वायरलेस अपराध?
मोबाइल से सारी स्कैनिंग की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला, *सिर्फ एक सुराग उनके ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज से मिला.*
यह पाया गया कि कार्यालय में *सीईओ का मोबाइल चार्जर* बदल दिया गया था और उसके स्थान पर एक और यूएसबी चार्जर (बिल्कुल समान मेक/मॉडल) रखा गया था। *ऐसा आसान ऑपरेशन एक सफाई कर्मचारी द्वारा किया गया जो कार्यालय समय के बाहर काम करता है*। उनका सारा डेटा कॉपी कर लिया गया, उनकी पूरी मोबाइल बैंकिंग हैक कर ली गई और खाते से आसानी से पैसे निकाल लिए गए। इस मोडस ऑपरेंडी में, सबसे पहले चार्जर को बदला जाता है और उस बदले गए चार्जर में पहले से ही एक माइक्रो चिप लगाई जाती है और सारा डेटा कॉपी और हैक कर लिया जाता है। और इसका पता लगाना बहुत मुश्किल है. तो अब से, *चार्जर और यूएसबी कॉर्ड पर विशेष नजर रखें*। उन्हें अपने कार्यालय में न छोड़ें। और किसी दूसरे का मोबाइल इस्तेमाल न करें और न ही किसी अनजान जगह पर अपना मोबाइल चार्ज करें। *हवाई अड्डों/मॉल/क्लबों आदि में लटकते चार्जर/फ्री चार्जिंग के प्रलोभन में न पड़ें।* और जब आप विदेश जाएं, तो मॉल/रेस्तरां/पर्यटक कोच आदि में मुफ्त वाईफाई पासवर्ड के चक्कर में न पड़ें।
साइबर अपराध पुलिस द्वारा पोस्ट किया गया*
1 year ago | [YT] | 2
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Techno Cyber
2 years ago | [YT] | 3
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Techno Cyber
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2 years ago | [YT] | 4
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