Hi everyone, welcome to my new YouTube Community. Now you can post on my channel too. To get started, tell me in a post what you'd like to see next on my channel. Visit my Community: youtube.com/@HindiStoriesGyanVigyan/community
आर्यन अपने तंग अपार्टमेंट में अकेला बैठा था, मेज पर रखी मद्धम रोशनी वाली टेबल लैंप की रोशनी में किताबों, नोट्स और मॉक टेस्ट के ढेर बिखरे थे। यूपीएससी परीक्षा, भारत की सिविल सेवा की कठिन राह, दो हफ्ते दूर थी। उसकी जिंदगी तारीखों, तथ्यों और फॉर्मूलों का धुंधलका बन चुकी थी, हर दिन अगले में घुलता जा रहा था। दबाव उसके दिमाग पर शिकंजा कसे था, लेकिन आज रात कुछ अलग थी— हवा में कुछ भारीपन था, मानो हवा ही उसे घूर रही हो।उसने एक प्रैक्टिस पेपर खोला, सवाल 47 उसे घूर रहा था: “यदि एक ट्रेन स्टेशन A से सुबह 9:00 बजे 60 किमी/घंटा की रफ्तार से निकलती है…” शब्द धुंधले हो गए। उसने आँखें मलीं। सवाल बदल गया था। “तुम्हारी अपनी चीख की आवाज क्या है?”आर्यन ठिठक गया। उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगा, इतना कि दीवार घड़ी की टिक-टिक को दबा दे। उसने पेज दोबारा पढ़ा। सवाल वापस सामान्य था— ट्रेन, रफ्तार, दूरी। दिमाग का भ्रम, उसने खुद को तसल्ली दी। नींद की कमी। तनाव। वह आगे बढ़ा, जवाब लिखता गया, लेकिन कमरा छोटा लगने लगा, परछाइयाँ तेज।रात 2:13 बजे, उसका फोन बजा। अनजान नंबर से मैसेज: “सही जवाब दो, वरना तुम फेल हो।” वह घूरता रहा, नब्ज तेज। स्पैम, उसने सोचा, लेकिन उसका अंगूठा स्क्रीन पर रुका। कोई कॉलर आईडी नहीं। सिग्नल बार्स गायब। फोन ऑफलाइन था। उसने फोन फेंक दिया, जो खटाक से गिरा, जैसे गोली चली हो।प्रैक्टिस पेपर खुला पड़ा था। सवाल 73: “तुम्हारे पीछे कौन खड़ा है?” आर्यन तेजी से पलटा, कुर्सी फर्श पर रगड़ खा गई। कुछ नहीं, सिर्फ खिड़की में उसका धुंधला प्रतिबिंब। उसकी साँस रुक गई। सवाल गायब था जब उसने दोबारा देखा— उसकी जगह सिंधु घाटी पर एक सामान्य इतिहास का सवाल। उसने किताब जोर से बंद की, दिल धड़क रहा था।दरवाजे पर हल्की खटखट। तीन धीमी, जानबूझकर की गई थपकियाँ। आर्यन अकेला रहता था, नौवें माले पर। इस वक्त कोई नहीं आता। वह टस से मस नहीं हुआ। खटखट फिर आई, धीमी, भारी। फोन बजा, स्क्रीन चमकी: “दरवाजा खोलो।”उसने पेन उठाया, उसका एकमात्र हथियार, और दरवाजे की ओर रेंगा। झरोखे में कालापन, जैसे किसी ने उसे ढक दिया हो। उसने कान दरवाजे पर लगाया— सन्नाटा, सिवाय एक हल्के गुनगुनाहट के, जैसे स्टैटिक। उसका हाथ डंडी पर काँप रहा था। उसने दरवाजा नहीं खोला।वापस मेज पर, प्रैक्टिस पेपर फिर खुला था, हालाँकि उसने उसे छुआ नहीं था। सवाल 99: “तुम अभी भी यहाँ क्यों हो?” शब्द पेज पर धड़क रहे थे, स्याही खून की तरह बह रही थी। आर्यन पीछे हटा, उसका कॉफी मग गिरा। वह टूटा, लेकिन टुकड़े फर्श पर गिरने से पहले गायब हो गए।कमरा झुका। उसके नोट्स— महीनों की मेहनत— खाली थे। हर पेज, हर किताब, खाली। लैपटॉप स्क्रीन टिमटिमाई, एक पंक्ति दिखी: “तुम पहले ही फेल हो चुके हो।” गुनगुनाहट तेज हो गई, उसके सिर में कंपन करने लगी। उसने कान खुजाए, लेकिन वह अब उसके अंदर थी।दरवाजा अपने आप खुला। बाहर गलियारा नहीं, एक खालीपन था— अनंत, रोशनी को निगलता हुआ। एक आकृति वहाँ खड़ी थी, चेहराहीन, उसकी परछाई धुएँ की तरह हिल रही थी। वह हिली नहीं, लेकिन आर्यन को हर साँस के साथ वह करीब महसूस हुई।वह पलक झपकाता है, और वह वापस अपनी मेज पर था। घड़ी 2:12 AM दिखा रही थी। फोन बजा। “सही जवाब दो, वरना तुम फेल हो।” प्रैक्टिस पेपर सवाल 47 पर खुला था: “तुम्हारी अपनी चीख की आवाज क्या है?”आर्यन की चीख कभी नहीं आई। कमरा अंधेरा हो गया, और गुनगुनाहट ने सब कुछ निगल लिया।सुबह होने पर अपार्टमेंट खाली था। किताबें सलीके से रखीं, पेपर खाली। मकान मालिक को आर्यन का कोई निशान नहीं मिला— न कपड़े, न पहचान पत्र, न कोई संकेत कि वह कभी था। सिवाय एक चीज के: एक प्रैक्टिस पेपर, सवाल 47 लाल स्याही में गोल किया हुआ, जिसमें हल्की लोहे की गंध थी।कोई सवाल नहीं पढ़ सका। हर बार देखने पर वह बदल जाता था।
I have created a book on short stories including sci-fi hindi story, psychological thriller and historical fiction in hindi. If you are interested please vote.
85 Km Films
Hi everyone, welcome to my new YouTube Community. Now you can post on my channel too. To get started, tell me in a post what you'd like to see next on my channel.
Visit my Community: youtube.com/@HindiStoriesGyanVigyan/community
2 months ago | [YT] | 0
View 0 replies
85 Km Films
Which type of story do you like most?
10 months ago | [YT] | 1
View 0 replies
85 Km Films
If you want your story idea to be made into a full story video on this channel, give your suggestions in the comments.
10 months ago | [YT] | 1
View 0 replies
85 Km Films
https://youtu.be/Ksz1xJ3oml0?si=ahP5G...
10 months ago | [YT] | 2
View 0 replies
85 Km Films
गायब सवाल
आर्यन अपने तंग अपार्टमेंट में अकेला बैठा था, मेज पर रखी मद्धम रोशनी वाली टेबल लैंप की रोशनी में किताबों, नोट्स और मॉक टेस्ट के ढेर बिखरे थे। यूपीएससी परीक्षा, भारत की सिविल सेवा की कठिन राह, दो हफ्ते दूर थी। उसकी जिंदगी तारीखों, तथ्यों और फॉर्मूलों का धुंधलका बन चुकी थी, हर दिन अगले में घुलता जा रहा था। दबाव उसके दिमाग पर शिकंजा कसे था, लेकिन आज रात कुछ अलग थी— हवा में कुछ भारीपन था, मानो हवा ही उसे घूर रही हो।उसने एक प्रैक्टिस पेपर खोला, सवाल 47 उसे घूर रहा था: “यदि एक ट्रेन स्टेशन A से सुबह 9:00 बजे 60 किमी/घंटा की रफ्तार से निकलती है…” शब्द धुंधले हो गए। उसने आँखें मलीं। सवाल बदल गया था। “तुम्हारी अपनी चीख की आवाज क्या है?”आर्यन ठिठक गया। उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगा, इतना कि दीवार घड़ी की टिक-टिक को दबा दे। उसने पेज दोबारा पढ़ा। सवाल वापस सामान्य था— ट्रेन, रफ्तार, दूरी। दिमाग का भ्रम, उसने खुद को तसल्ली दी। नींद की कमी। तनाव। वह आगे बढ़ा, जवाब लिखता गया, लेकिन कमरा छोटा लगने लगा, परछाइयाँ तेज।रात 2:13 बजे, उसका फोन बजा। अनजान नंबर से मैसेज: “सही जवाब दो, वरना तुम फेल हो।” वह घूरता रहा, नब्ज तेज। स्पैम, उसने सोचा, लेकिन उसका अंगूठा स्क्रीन पर रुका। कोई कॉलर आईडी नहीं। सिग्नल बार्स गायब। फोन ऑफलाइन था। उसने फोन फेंक दिया, जो खटाक से गिरा, जैसे गोली चली हो।प्रैक्टिस पेपर खुला पड़ा था। सवाल 73: “तुम्हारे पीछे कौन खड़ा है?” आर्यन तेजी से पलटा, कुर्सी फर्श पर रगड़ खा गई। कुछ नहीं, सिर्फ खिड़की में उसका धुंधला प्रतिबिंब। उसकी साँस रुक गई। सवाल गायब था जब उसने दोबारा देखा— उसकी जगह सिंधु घाटी पर एक सामान्य इतिहास का सवाल। उसने किताब जोर से बंद की, दिल धड़क रहा था।दरवाजे पर हल्की खटखट। तीन धीमी, जानबूझकर की गई थपकियाँ। आर्यन अकेला रहता था, नौवें माले पर। इस वक्त कोई नहीं आता। वह टस से मस नहीं हुआ। खटखट फिर आई, धीमी, भारी। फोन बजा, स्क्रीन चमकी: “दरवाजा खोलो।”उसने पेन उठाया, उसका एकमात्र हथियार, और दरवाजे की ओर रेंगा। झरोखे में कालापन, जैसे किसी ने उसे ढक दिया हो। उसने कान दरवाजे पर लगाया— सन्नाटा, सिवाय एक हल्के गुनगुनाहट के, जैसे स्टैटिक। उसका हाथ डंडी पर काँप रहा था। उसने दरवाजा नहीं खोला।वापस मेज पर, प्रैक्टिस पेपर फिर खुला था, हालाँकि उसने उसे छुआ नहीं था। सवाल 99: “तुम अभी भी यहाँ क्यों हो?” शब्द पेज पर धड़क रहे थे, स्याही खून की तरह बह रही थी। आर्यन पीछे हटा, उसका कॉफी मग गिरा। वह टूटा, लेकिन टुकड़े फर्श पर गिरने से पहले गायब हो गए।कमरा झुका। उसके नोट्स— महीनों की मेहनत— खाली थे। हर पेज, हर किताब, खाली। लैपटॉप स्क्रीन टिमटिमाई, एक पंक्ति दिखी: “तुम पहले ही फेल हो चुके हो।” गुनगुनाहट तेज हो गई, उसके सिर में कंपन करने लगी। उसने कान खुजाए, लेकिन वह अब उसके अंदर थी।दरवाजा अपने आप खुला। बाहर गलियारा नहीं, एक खालीपन था— अनंत, रोशनी को निगलता हुआ। एक आकृति वहाँ खड़ी थी, चेहराहीन, उसकी परछाई धुएँ की तरह हिल रही थी। वह हिली नहीं, लेकिन आर्यन को हर साँस के साथ वह करीब महसूस हुई।वह पलक झपकाता है, और वह वापस अपनी मेज पर था। घड़ी 2:12 AM दिखा रही थी। फोन बजा। “सही जवाब दो, वरना तुम फेल हो।” प्रैक्टिस पेपर सवाल 47 पर खुला था: “तुम्हारी अपनी चीख की आवाज क्या है?”आर्यन की चीख कभी नहीं आई। कमरा अंधेरा हो गया, और गुनगुनाहट ने सब कुछ निगल लिया।सुबह होने पर अपार्टमेंट खाली था। किताबें सलीके से रखीं, पेपर खाली। मकान मालिक को आर्यन का कोई निशान नहीं मिला— न कपड़े, न पहचान पत्र, न कोई संकेत कि वह कभी था। सिवाय एक चीज के: एक प्रैक्टिस पेपर, सवाल 47 लाल स्याही में गोल किया हुआ, जिसमें हल्की लोहे की गंध थी।कोई सवाल नहीं पढ़ सका। हर बार देखने पर वह बदल जाता था।
11 months ago | [YT] | 0
View 0 replies
85 Km Films
I have created a book on short stories including sci-fi hindi story, psychological thriller and historical fiction in hindi. If you are interested please vote.
1 year ago | [YT] | 0
View 0 replies
85 Km Films
Topic of Next Video
1 year ago | [YT] | 0
View 0 replies
85 Km Films
What kind of videos would you like to see on this channel???
1 year ago | [YT] | 0
View 0 replies
85 Km Films
What is your favourite topic to Study?? Comment.
1 year ago | [YT] | 0
View 0 replies