दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की छात्रा आशिमा अहलावत ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीत कर देश के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन किया है। इसे लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने आशीमा अहलावत को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि से भारत के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन हुआ है। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (डीएसई) में एमए की छात्रा आशिमा ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में अपनी टीम की साथियों नीरू ढांडा और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। आशिमा की खेल उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली विश्ववियालय के स्पोर्ट्स काउंसिल के निदेशक डॉ अनिल कलकल ने बताया कि आशिमा दिल्ली विश्वविद्यालय की उस महिला शूटिंग टीम की सदस्य भी रही, जिसने जीएनडीयू, अमृतसर (पंजाब) में अप्रैल 2026 में आयोजित 'ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी शूटिंग (महिला) टूर्नामेंट के ट्रैप इवेंट में टीम गोल्ड मेडल जीता,इसके साथ ही उसी इवेंट में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल भी जीता था। #du#dulatestupdate#delhiuniversity#asiadgames#japan#sports#games
डीयू के लॉ फैकल्टी के 'फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स' की ओर से “अभिव्यक्ति: एशियन पार्लियामेंट्री डिबेट” के पहले संस्करण 'अभिव्यक्ति 1.0' के समापन समारोह के अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि DU के वाइसरीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में पहुंचे । उन्होंने अपने संबोधन में वाद विवाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा में शास्त्रार्थ का बहुत महत्व है। कार्यक्रम में डिबेट प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता DU VC प्रो. योगेश सिंह ने की।
🚨 सावित्री ने तर्कों से यमराज को निरुत्तर कर दिया था: अनुराग
अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में आगे कहा कि शास्त्रार्थ की परंपरा केवल ऋषियों-मुनियों तक सीमित नहीं थी, मनुष्यों और देवताओं के बीच में भी शास्त्रार्थ हुए हैं। महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण का युधिष्ठिर को गीता का ज्ञान देना, सावित्री द्वारा अपने तर्कों से यमराज को निरुत्तर कर देना आदि जैसे अनेकों उदाहरण भारतीय संस्कृति में शास्त्रार्थ के महत्व को प्रमाणित करते हैं। श्री ठाकुर ने बदलते भारत की उपलब्धियां गिनवाते हुए कहा कि लंबे समय तक देश अंग्रेजों द्वारा बनाए गए क़ानूनों पर ही चलता रहा। अब भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अंग्रेजी समय के 1800 से ज्यादा क़ानूनों को निरस्त किया है। अंग्रेजों के बनाए आपराधिक कानूनों को बदलकर उनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के नए कानून बनाए हैं। अंग्रेजों के क़ानूनों की सोच दंड देने की थी, जबकि अब बीएनएस की सोच न्याय देने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शब्द, शास्त्र और शास्त्रार्थ ये तीन शब्द याद रखें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिये गए ‘पंच प्रण’ को अपनाने का आह्वान भी किया।
🚨DU VC ने बताए डिबेट के तीन नियम
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने अपने अध्यक्षयीय उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी ओपिनियन और फ़ैक्ट में फर्क करना सीखें। उन्होंने कहा कि फ़ैक्ट के लिए मेहनत करनी पड़ती है, उसके लिए पढ़ना पड़ता है, सोर्स तक जाना पड़ता है। किसी भी चीज की तह तक जाने के लिए फ़ैक्ट को समझना बहुत जरूरी है। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि डिबेट के तीन नियम हैं, प्रमाण दो, तर्क दो और हार को स्वीकार करो।
🚨 भारत में सवाल पूछा जाना अच्छा माना जाता है: प्रो.योगेश सिंह
डीयू कुलपति ने प्राचीन भारतीय ग्रन्थों से कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल में जब दुनिया के बड़े हिस्से में सवाल पूछना एक अपराध था, तब भी भारत में इसे अच्छा माना जाता रहा। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आपने केवल डिबेट में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि तीन हजार वर्ष पुरानी भारतीय परंपरा में हिस्सा लिया है। प्रो. योगेश सिंह ने डिबेट में असहमति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय संविधान को बनाने में दो वर्ष लगे, अगर सभी एक दूसरे से सहमत होते क्या इतना समय लगता? इसी का प्रतिफल है कि इतना अच्छा संविधान हमारे सामने है।
इस अवसर पर दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, लॉ फैकल्टी की डीन प्रो. अंजू वाली टिक्कू और फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के निदेशक प्रो. एल. पुष्पा कुमार आदि सहित भारत भर के प्रतिष्ठित संस्थानों से भारी संख्या में विद्यार्थी, फैकल्टी और कानूनी पेशेवर उपस्थित रहे।
🚨50 से अधिक कॉलेजों ने भाग लिया: डॉ. मन्नत
कार्यक्रम के आरंभ में लॉ फैकल्टी की डीन प्रो. अंजू वाली टिक्कू ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के निदेशक प्रो. एल. पुष्पा कुमार ने डिबेट प्रतियोगिता 'अभिव्यक्ति 1.0' के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ मन्नत ने बताया कि 'अभिव्यक्ति' के इस पहले संस्करण में देश भर के पचास से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने भाग लिया है। 10 और 11 सितंबर, 2026 को इसके शुरुआती दौर ऑनलाइन आयोजित किए गए थे, और एडवांस राउंड 22 सितंबर, 2026 को डीयू कैंपस में आयोजित हुए। #du#duevent#solevent#duupdates#lawfaculty#delhiuniversity#delhinews
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वर्तमान Vice Chancellor प्रो. संगीता श्रीवास्तव को वाइस चांसलर के पद पर पुनर्नियुक्ति मिली है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह को 2 जुलाई को पहला टर्म खत्म होने की तारीख से अगले 5 साल के लिए फिर से दिल्ली विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। #du#aud#allahabaduniversity#munmunstivastava#duvc#yogeshsingh
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में डूसू के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने नॉर्थ कैंपस स्थित डूसू कार्यालय का उद्घाटन किया। भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का निर्वहन करते हुए, इस नए कार्यकाल का शुभारंभ पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पवित्र हवन-पूजन के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर डीयू के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिससे पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा, 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। डूसू कार्यालय में आयोजित इस हवन-पूजन ने न केवल नकारात्मक शक्तियों को एक कड़ा संदेश दिया है, बल्कि यह भी स्थापित किया है कि अभाविप का छात्र नेतृत्व अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़कर सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति के एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।
🚨 सिर्फ रस्म अदायगी नही नउद्घाटन
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि डूसू कार्यालय का हवन-पूजन के साथ उद्घाटन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह अभाविप की उस वैचारिक प्रतिबद्धता और संस्कार का प्रतीक है जो 'ज्ञान, शील और एकता' के मूल मंत्र पर आधारित है। डीयू के परिसरों में जहाँ कुछ विघटनकारी ताकतें केवल अराजकता और नकारात्मकता फैलाने का काम करती हैं, वहीं हमारा छात्र नेतृत्व भारतीय संस्कृति के पवित्र मूल्यों के साथ सकारात्मक निर्माण की शुरुआत कर रहा है। 🚨 सेफ़्टी ऑडिट प्राथमिकता: डबास , दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने हमें जो यह प्रचंड जनादेश दिया है, उसे हम एक अत्यंत पवित्र और बड़ी जिम्मेदारी मानते हैं। सत्य निकेतन सहित पूरे साउथ कैंपस और नॉर्थ कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा तथा परिसरों का 'सेफ्टी ऑडिट' हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को हर हाल में त्वरित कदम उठाने होंगे। डूसू अब पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ चुका है; हम छात्रों से किए गए हर एक चुनावी वादे को पूरी आक्रामकता और दृढ़ संकल्प के साथ ज़मीन पर उतारकर दिखाएंगे। #dusu 2026 #du#munmunsrivasta
केवाईएस ने जीसस एंड मेरी कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपा ज्ञापन! प्रदर्शन की दी थी चेतावनी केवाईएस ने छात्राओं को तुरंत हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की उठाई माँग!!
नई दिल्ली 15 सितंबर 2026 मुनमुन श्रीवास्तव @munmunsrivastava
क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) कार्यकर्ताओं ने जीसस एंड मेरी कॉलेज (जेएमसी),DU की छात्राओं के साथ मिलकर कॉलेज प्रिंसिपल से मुलाकात की और दिल्ली के बाहर से आने वाली सभी ज़रूरतमंद छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की माँग उठाई। बताया जाता है कि कॉलेज प्रशासन ने प्रदर्शन की चेतावनी के बाद ही प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केवाईएस कार्यकर्ता, मुदिता और अमृता कर रही थीं।
🚨 सत्य निकेतन ने झकझोड़ कर रख दिया
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना के बाद हॉस्टलों के लिए केवाईएस द्वारा शुरू किए गए एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। जेएमसी छात्राओं ने केवाईएस को क्लासरूम में सीसीटीवी के ज़रिए उनकी निगरानी किए जाने के बारे में भी जानकारी दी। यह अभूतपूर्व है और दिल्ली विश्वविद्यालय में कहीं भी ऐसा नहीं होता है। कॉलेज प्रशासन द्वारा महिलाओं के खिलाफ़ ऐसी हरकत निंदनीय है। केवाईएस आने वाले दिनों में कॉलेज प्रशासन के सामने यह मुद्दा भी पुरज़ोर तरीके से उठाएगा। बाद में, प्रतिनिधिमंडल ने मैत्रेयी कॉलेज प्रिंसिपल से भी मुलाकात कर उन्हें अपना सौंपा ज्ञापन। 🚨सिर्फ इमारत ही नहीं गिरी सिस्टम ढहा है
सत्य निकेतन की घटना सिर्फ़ एक इमारत के गिरने का मामला नहीं है। इसने एक बहुत बड़ी और पुरानी समस्या को उजागर किया है, और वह है कॉलेजों द्वारा हॉस्टल की सुविधा न देना। हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण, छात्र-छात्राएं किराए के कमरों और पेइंग-गेस्ट (पीजी) आवासों में रहने को मजबूर हैं, जो अक्सर असुरक्षित इमारतों और असुरक्षित इलाकों में होते हैं। उन्हें अक्सर मकान मालिकों और पीजी मालिकों द्वारा उत्पीड़न, मनमानी पाबंदियों और शोषणकारी व्यवहार का सामना करना पड़ता है। छात्राएं इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित होती हैं। असुरक्षित इमारतों के अलावा, उन्हें असुरक्षित इलाकों में मकान मालिकों से रोज़ाना उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
Munmun Srivastava
डीयू की आशिमा अहलावत ने एशियाई खेलों में किया देश का नाम रोशन
नई दिल्ली, 30 सितंबर
मुनमुन श्रीवास्तव
@munmunsrivastava
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की छात्रा आशिमा अहलावत ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में सिल्वर मेडल जीत कर देश के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन किया है। इसे लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय में खुशी का माहौल है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने आशीमा अहलावत को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि से भारत के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन हुआ है। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (डीएसई) में एमए की छात्रा आशिमा ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में अपनी टीम की साथियों नीरू ढांडा और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। आशिमा की खेल उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली विश्ववियालय के स्पोर्ट्स काउंसिल के निदेशक डॉ अनिल कलकल ने बताया कि आशिमा दिल्ली विश्वविद्यालय की उस महिला शूटिंग टीम की सदस्य भी रही, जिसने जीएनडीयू, अमृतसर (पंजाब) में अप्रैल 2026 में आयोजित 'ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी शूटिंग (महिला) टूर्नामेंट के ट्रैप इवेंट में टीम गोल्ड मेडल जीता,इसके साथ ही उसी इवेंट में व्यक्तिगत सिल्वर मेडल भी जीता था।
#du #dulatestupdate #delhiuniversity #asiadgames #japan #sports #games
13 hours ago | [YT] | 13
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Munmun Srivastava
HOW MANY SEATS STILL LYING VACANT IN DU COLLEGES/DEPARTMENT In UG /PG😲‼️WHAT DO YOU THINK 🤔⁉️⚠️
#du #dumopupround #duadmission #delhiuniversity #munmunsrivastava
4 days ago | [YT] | 20
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Munmun Srivastava
डीयू में “अभिव्यक्ति: एशियन पार्लियामेंट्री डिबेट”
समापन समारोह में पहुंचे अनुराग ठाकुर
नई दिल्ली, 25 सितंबर
मुनमुन श्रीवास्तव
@munmunsrivastava
डीयू के लॉ फैकल्टी के 'फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स' की ओर से “अभिव्यक्ति: एशियन पार्लियामेंट्री डिबेट” के पहले संस्करण 'अभिव्यक्ति 1.0' के समापन समारोह के अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि DU के वाइसरीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में पहुंचे । उन्होंने अपने संबोधन में वाद विवाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा में शास्त्रार्थ का बहुत महत्व है। कार्यक्रम में डिबेट प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता DU VC प्रो. योगेश सिंह ने की।
🚨 सावित्री ने तर्कों से यमराज को निरुत्तर कर दिया था: अनुराग
अनुराग ठाकुर ने अपने संबोधन में आगे कहा कि शास्त्रार्थ की परंपरा केवल ऋषियों-मुनियों तक सीमित नहीं थी, मनुष्यों और देवताओं के बीच में भी शास्त्रार्थ हुए हैं। महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण का युधिष्ठिर को गीता का ज्ञान देना, सावित्री द्वारा अपने तर्कों से यमराज को निरुत्तर कर देना आदि जैसे अनेकों उदाहरण भारतीय संस्कृति में शास्त्रार्थ के महत्व को प्रमाणित करते हैं। श्री ठाकुर ने बदलते भारत की उपलब्धियां गिनवाते हुए कहा कि लंबे समय तक देश अंग्रेजों द्वारा बनाए गए क़ानूनों पर ही चलता रहा। अब भारत सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अंग्रेजी समय के 1800 से ज्यादा क़ानूनों को निरस्त किया है। अंग्रेजों के बनाए आपराधिक कानूनों को बदलकर उनकी जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के नए कानून बनाए हैं। अंग्रेजों के क़ानूनों की सोच दंड देने की थी, जबकि अब बीएनएस की सोच न्याय देने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शब्द, शास्त्र और शास्त्रार्थ ये तीन शब्द याद रखें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिये गए ‘पंच प्रण’ को अपनाने का आह्वान भी किया।
🚨DU VC ने बताए डिबेट के तीन नियम
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने अपने अध्यक्षयीय उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी ओपिनियन और फ़ैक्ट में फर्क करना सीखें। उन्होंने कहा कि फ़ैक्ट के लिए मेहनत करनी पड़ती है, उसके लिए पढ़ना पड़ता है, सोर्स तक जाना पड़ता है। किसी भी चीज की तह तक जाने के लिए फ़ैक्ट को समझना बहुत जरूरी है। प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि डिबेट के तीन नियम हैं, प्रमाण दो, तर्क दो और हार को स्वीकार करो।
🚨 भारत में सवाल पूछा जाना अच्छा माना जाता है: प्रो.योगेश सिंह
डीयू कुलपति ने प्राचीन भारतीय ग्रन्थों से कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल में जब दुनिया के बड़े हिस्से में सवाल पूछना एक अपराध था, तब भी भारत में इसे अच्छा माना जाता रहा। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आपने केवल डिबेट में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि तीन हजार वर्ष पुरानी भारतीय परंपरा में हिस्सा लिया है। प्रो. योगेश सिंह ने डिबेट में असहमति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय संविधान को बनाने में दो वर्ष लगे, अगर सभी एक दूसरे से सहमत होते क्या इतना समय लगता? इसी का प्रतिफल है कि इतना अच्छा संविधान हमारे सामने है।
इस अवसर पर दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, लॉ फैकल्टी की डीन प्रो. अंजू वाली टिक्कू और फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के निदेशक प्रो. एल. पुष्पा कुमार आदि सहित भारत भर के प्रतिष्ठित संस्थानों से भारी संख्या में विद्यार्थी, फैकल्टी और कानूनी पेशेवर उपस्थित रहे।
🚨50 से अधिक कॉलेजों ने भाग लिया: डॉ. मन्नत
कार्यक्रम के आरंभ में लॉ फैकल्टी की डीन प्रो. अंजू वाली टिक्कू ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और फाइव-ईयर इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के निदेशक प्रो. एल. पुष्पा कुमार ने डिबेट प्रतियोगिता 'अभिव्यक्ति 1.0' के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ मन्नत ने बताया कि 'अभिव्यक्ति' के इस पहले संस्करण में देश भर के पचास से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने भाग लिया है। 10 और 11 सितंबर, 2026 को इसके शुरुआती दौर ऑनलाइन आयोजित किए गए थे, और एडवांस राउंड 22 सितंबर, 2026 को डीयू कैंपस में आयोजित हुए।
#du #duevent #solevent #duupdates #lawfaculty #delhiuniversity #delhinews
5 days ago | [YT] | 17
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Munmun Srivastava
🔥BREAKING NEWS 🔥
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वर्तमान Vice Chancellor प्रो. संगीता श्रीवास्तव को वाइस चांसलर के पद पर पुनर्नियुक्ति मिली है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. योगेश सिंह को 2 जुलाई को पहला टर्म खत्म होने की तारीख से अगले 5 साल के लिए फिर से दिल्ली विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है।
#du #aud #allahabaduniversity #munmunstivastava #duvc#yogeshsingh
1 week ago | [YT] | 26
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Munmun Srivastava
DU Update: हवन-पूजन के साथ हुआ दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ सचिवालय का उद्घाटन
नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026
मुनमुन श्रीवास्तव
@munmunsrivastava
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में डूसू के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने नॉर्थ कैंपस स्थित डूसू कार्यालय का उद्घाटन किया। भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का निर्वहन करते हुए, इस नए कार्यकाल का शुभारंभ पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पवित्र हवन-पूजन के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर डीयू के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिससे पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा, 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। डूसू कार्यालय में आयोजित इस हवन-पूजन ने न केवल नकारात्मक शक्तियों को एक कड़ा संदेश दिया है, बल्कि यह भी स्थापित किया है कि अभाविप का छात्र नेतृत्व अपनी सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़कर सकारात्मक और रचनात्मक छात्र राजनीति के एक नए युग की शुरुआत कर रहा है।
🚨 सिर्फ रस्म अदायगी नही नउद्घाटन
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि डूसू कार्यालय का हवन-पूजन के साथ उद्घाटन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह अभाविप की उस वैचारिक प्रतिबद्धता और संस्कार का प्रतीक है जो 'ज्ञान, शील और एकता' के मूल मंत्र पर आधारित है। डीयू के परिसरों में जहाँ कुछ विघटनकारी ताकतें केवल अराजकता और नकारात्मकता फैलाने का काम करती हैं, वहीं हमारा छात्र नेतृत्व भारतीय संस्कृति के पवित्र मूल्यों के साथ सकारात्मक निर्माण की शुरुआत कर रहा है।
🚨 सेफ़्टी ऑडिट प्राथमिकता: डबास
,
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने हमें जो यह प्रचंड जनादेश दिया है, उसे हम एक अत्यंत पवित्र और बड़ी जिम्मेदारी मानते हैं। सत्य निकेतन सहित पूरे साउथ कैंपस और नॉर्थ कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा तथा परिसरों का 'सेफ्टी ऑडिट' हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को हर हाल में त्वरित कदम उठाने होंगे। डूसू अब पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में आ चुका है; हम छात्रों से किए गए हर एक चुनावी वादे को पूरी आक्रामकता और दृढ़ संकल्प के साथ ज़मीन पर उतारकर दिखाएंगे।
#dusu 2026 #du #munmunsrivasta
1 week ago | [YT] | 29
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Munmun Srivastava
🥳GEN Z की अब अपनें नेता के रूप में पहली पसंद कौन✅ ❓
1 week ago | [YT] | 19
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Munmun Srivastava
DUSU ELECTION 2026 RESULT
FINAL VOTE RESULT TABLE
NOTA 🚫 MADE DIFFERENCE 🤔⚠️
#dusu #dusuelectionresult #electionresult #abvp #nsui #munmunsrivastava
1 week ago | [YT] | 28
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Munmun Srivastava
*DUSU after round 10:*
*President:*
ABVP Yash Dabas: 11,472
*NSUI Vijay Meena: 11,966*
*Vice President:*
ABVP Ishu Maurya: 7,838
NSUI Virr Chatrath: 2,268
*Independent Deepanshu Shokeen: 15,601*
*Secretary:*
*ABVP Riya Chhawdi: 9,953*
NSUI Namrata Chaudhary 7,712
*Joint Secretary:*
ABVP Lakshya Raj Singh: 7,425
NSUI Gopal Choudhary: 7,918
*Independent Vishesh Yadav: 8,007*
1 week ago | [YT] | 30
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Munmun Srivastava
WHO WILL WIN DELHI UNIVERSITY ELECTION -2026⁉️⚠️
#dusu #duelection2026 #delhiuniversity #du
1 week ago | [YT] | 16
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Munmun Srivastava
केवाईएस ने जीसस एंड मेरी कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपा ज्ञापन! प्रदर्शन की दी थी चेतावनी
केवाईएस ने छात्राओं को तुरंत हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की उठाई माँग!!
नई दिल्ली 15 सितंबर 2026
मुनमुन श्रीवास्तव
@munmunsrivastava
क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) कार्यकर्ताओं ने जीसस एंड मेरी कॉलेज (जेएमसी),DU की छात्राओं के साथ मिलकर कॉलेज प्रिंसिपल से मुलाकात की और दिल्ली के बाहर से आने वाली सभी ज़रूरतमंद छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की माँग उठाई। बताया जाता है कि कॉलेज प्रशासन ने प्रदर्शन की चेतावनी के बाद ही प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केवाईएस कार्यकर्ता, मुदिता और अमृता कर रही थीं।
🚨 सत्य निकेतन ने झकझोड़ कर रख दिया
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की दुखद घटना के बाद हॉस्टलों के लिए केवाईएस द्वारा शुरू किए गए एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। जेएमसी छात्राओं ने केवाईएस को क्लासरूम में सीसीटीवी के ज़रिए उनकी निगरानी किए जाने के बारे में भी जानकारी दी। यह अभूतपूर्व है और दिल्ली विश्वविद्यालय में कहीं भी ऐसा नहीं होता है। कॉलेज प्रशासन द्वारा महिलाओं के खिलाफ़ ऐसी हरकत निंदनीय है। केवाईएस आने वाले दिनों में कॉलेज प्रशासन के सामने यह मुद्दा भी पुरज़ोर तरीके से उठाएगा। बाद में, प्रतिनिधिमंडल ने मैत्रेयी कॉलेज प्रिंसिपल से भी मुलाकात कर उन्हें अपना सौंपा ज्ञापन।
🚨सिर्फ इमारत ही नहीं गिरी सिस्टम ढहा है
सत्य निकेतन की घटना सिर्फ़ एक इमारत के गिरने का मामला नहीं है। इसने एक बहुत बड़ी और पुरानी समस्या को उजागर किया है, और वह है कॉलेजों द्वारा हॉस्टल की सुविधा न देना। हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण, छात्र-छात्राएं किराए के कमरों और पेइंग-गेस्ट (पीजी) आवासों में रहने को मजबूर हैं, जो अक्सर असुरक्षित इमारतों और असुरक्षित इलाकों में होते हैं। उन्हें अक्सर मकान मालिकों और पीजी मालिकों द्वारा उत्पीड़न, मनमानी पाबंदियों और शोषणकारी व्यवहार का सामना करना पड़ता है। छात्राएं इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित होती हैं। असुरक्षित इमारतों के अलावा, उन्हें असुरक्षित इलाकों में मकान मालिकों से रोज़ाना उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।
🚨हॉस्टल के लिए उठायें ठोस कदम
केवाईएस ने कॉलेज प्रिंसिपल के साथ बैठक में मांग की कि कॉलेज प्रशासन ज़रूरतमंद बाहरी छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाएँ। इसके अलावा, कॉलेज प्रशासन से कहा गया कि उसे हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने के अपने इरादे के बारे में तुरंत एक बयान जारी करना चाहिए।
#du #dulatestupdate #kys #munmunsrivastava #duupdate #munmunsrivastava #jesusandmerrycollege #jmc #duuniversity
2 weeks ago | [YT] | 10
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