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डोनाल्ड ट्रंप और मोहम्मद बिन सलमान में लड़ाई क्यों हो गई?


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पिछले हफ्ते ट्रंप और सऊदी प्रिंस Mohammad Bin Salman (MBS) की मीटिंग दिखने में दोस्ताना थी, लेकिन अंदर बंद कमरे में माहौल गरम रहा।
ट्रंप चाहते थे कि सऊदी अरब अब्राहम अकॉर्ड्स जॉइन करे और इज़राइल से रिश्ते सामान्य करे।
लेकिन MBS ने साफ कहा अभी नहीं।

🔹Trump ने मीटिंग में बार-बार दबाव बनाया
🔹 व्हाइट हाउस ने पहले ही MBS को संकेत दे दिया था कि ट्रंप प्रगति चाहेंगे
🔹 लेकिन MBS पीछे नहीं हटे

MBS ने ट्रंप को क्या कहा?
वह इजराइल से शांति चाहते हैं, लेकिन गाज़ा युद्ध के बाद सऊदी जनता में जबरदस्त एंटी-इजराइल भावना है।
ऐसे माहौल में नॉर्मलाइज़ेशन करना संभव नहीं है।

MBS का कड़ा फ़ॉर्मूला भी सामने आया ⬇️
👉 अगर सऊदी–इजराइल शांति चाहिए, तो इज़राइल को
एक विश्वसनीय, समयबद्ध और अपरिवर्तनीय रोडमैप देना होगा फ़लस्तीनी राज्य के लिए।

यह वही बात है जिसे इजराइल की सरकार मानने को तैयार नहीं और यहीं पूरी डील अटक गई।

ट्रंप मीटिंग के बाद निराश और नाराज़ बताए जा रहे हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी के शब्द: 'ट्रंप ने बहुत कोशिश की, लेकिन MBS अपनी जगह से नहीं हिले।'

इससे बड़ा संकेत और क्या
🔹 MBS ने normalization को 'ना' नहीं कहा
🔹 लेकिन फ़िलहाल नहीं
🔹 और फ़लस्तीनी राज्य इस खेल की कुंजी है

बाहर मीडिया के सामने दोनों एक-दूसरे की तारीफ करते रहे, पर सच्चाई यही है:
सीजफायर के बाद भी मिडिल ईस्ट की अगली बड़ी जंग कूटनीतिक स्तर पर अभी जारी है।

💥 और दिलचस्प बात
ट्रंप ने MBS को कहा था कि सऊदी को इज़राइल वाला F-35 मिलेगा।
लेकिन अगले ही दिन अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नेतन्याहू को भरोसा दिलाया कि ऐसा नहीं होगा। सऊदी को डाउंग्रेडेड वर्ज़न मिलेगा।

यानि खेल कई लेयर में चल रहा है
सीधे ट्रंप vs MBS नहीं…
बल्कि अमेरिका–सऊदी–इजराइल तीनों के हितों का टकराव।

सवाल अब ये है
क्या इजराइल फ़लस्तीनी राज्य पर समझौता करेगा?
या सऊदी अपने फैसले को और टाल देगा?

अगला कदम कौन उठाएगा यही मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा सवाल है।

7 months ago | [YT] | 1