जब एक यात्री पहली बार सुपरफास्ट ट्रेन में चढ़ा तो सहयात्रियों से पूछने लगा कि गाजियाबाद कब आएगा? मुझे गाजियाबाद उतरना है। सहयात्रियों ने बताया कि भाई ये गाड़ी फास्ट ट्रेन है, गाजियाबाद से गुजरेगी, मगर रुकेगी नहीं। वह यात्री घबरा गया, तब सहयात्रियों ने समझाया कि घबराओ नहीं। गाजियाबाद में यह ट्रेन रोज स्लो हो जाती है। तुम एक काम करो, गाजियाबाद में जैसे ही ट्रेन स्लो हो तो तुम दौड़ते हुए प्लेटफॉर्म पर उतरना और फिर बिना रुके थोड़ी दूर तक ट्रेन जिस दिशा में जा रही है, उसी दिशा में दौड़ते रहना। इससे तुम गिरोगे नहीं। गाजियाबाद आने से पहले सहयात्रियों ने मुझे गेट पर खड़ा कर दिया। गाजियाबाद आते ही सिखाए अनुसार मैं प्लेटफॉर्म पर कूदा और कुछ अधिक ही तेजी से दौड़ गया। इतना तेज दौड़ा कि अगले कोच तक जा पहुंचा। उस दूसरे कोच के यात्रियों में से किसी ने मेरा हाथ पकड़ा तो किसी ने शर्ट पकड़ी और मुझे खींचकर ट्रेन में चढ़ा लिया। ट्रेन फिर गति पकड़ चुकी थी। सहयात्री मुझसे कहने लगे कि भाई तेरा नसीब अच्छा है, जो ये गाड़ी तुझे मिल गई। ये फास्ट ट्रेन है, गाजियाबाद में तो रुकती ही नहीं।
*दृश्य 1 :* पर्दा खुलता है: चीन बीमार हो जाता है, एक "संकट" में प्रवेश करता है और अपने व्यापार को पंगु बना देता है। पर्दा बंद हो जाता है। उन * SCENE II। * पर्दा खुलता है: चीनी मुद्रा का अवमूल्यन होता है। वे कुछ नहीं करते। पर्दा बंद हो जाता है।
* SCENE III। " पर्दा खुलता है :: यूरोप और अमरीका की कंपनियों के व्यापार में कमी के कारण इन कंपनियों के शेयरों के भाव गिर जाते है उनके मूल्य के 40% तक, जो चीन में स्थित हैं चीन कुछ नहीं करता है
* SCENE IV। * पर्दा खुलता है :: दुनिया बीमार है, चीन यूरोप और अमेरिका की कंपनियों के शेयर 30% से भी कम कीमत पर खरीद लेता है। जब दुनिया में इस बीमारी के कारण सारे व्यापार धंधे बंद पड़ जाते है, पर्दा बंद हो जाता है।
* SCENE V. * पर्दा खुलता है: चीन ने इस बीमारी को नियंत्रित कर लिया है और अब वह यूरोप और अमेरिका में कंपनियों का मालिक है। क्युकी यहां व्यापार धंधे ध्वस्त हो चुके हैं और वह यह तय करता है कि ये कंपनियां चीन में रहें और $ 20,000 बिलियन कमाएं। पर्दा बंद हो जाता है। नाटक इसे कहा जाता है?
* स्कैन VI: * * शह और मात! *
* फिर से देखना लेकिन सच है *
कल और आज के बीच दो वीडियो जारी हुए हैं, जिनसे मुझे कुछ संदेह हुआ, कोई जरूरी नहीं हो सकता हो यह सिर्फ मेरी अटकल हो। पर मुझे विश्वास है कि कोरोनोवायरस का जानबूझकर स्वयं चीन द्वारा फैलाया गया था। वो पहले से ही तैयार थे इस नाटक के शुरू होने के तीन हफ्ते में ही उन्होंने 12,000 बिस्तर वाले अस्पताल पहले से ही बनवा लिए केसे? क्या वास्तव में उन्होंने इनका निर्माण दो सप्ताह में किया हो ही नहीं सकता वो उनका निर्माण पहले से ही कर चुके थे क्युकी ये सब एक योजना का हिस्सा था। कल उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने महामारी को रोक दिया है। वे जश्न मनाते हुए वीडियो में दिखाई देते हैं, वे घोषणा करते हैं कि उनके पास एक टीका भी है। सभी आनुवंशिक जानकारी के बिना वे इसे इतनी जल्दी कैसे बना सकते हैं? पर यदि आप खुद ही इस नाटक के निर्माता हो तो यह बिल्कुल मुश्किल भी नहीं है। और आज मैंने सिर्फ एक वीडियो देखा जो बताता है कि कैसे जिन पिंग जो की दुनिया के शक्तिशाली देश का राष्ट्रपति है उसने पूरी दुनिया को बगैर किसी युद्ध के घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कोरोनावायरस के कारण, चीन में पश्चिमी देशों कंपनियों का कारोबार नाटकीय रूप से गिर गया जब दुनिया भर के स्टॉक एक्सचेंजों में इन कंपनियों के शेयर के भाव गिर गए तो उन्हें चीनियों द्वारा खरीद लिया गया। अब चीन, अमेरिका और यूरोप में इन्हीं एक्सचेंजों और अपनी पूंजी द्वारा यह डिसाइड करेगा कि बाज़ार का रुख केसा होगा, औेर कीमतों को निर्धारित करने में सक्षम होगा पश्चिम को अपनी जरूरत की हर चीज बेचने के लिए। क्या गजब की योजना ?
हा इसमें संयोग से कुछ बूढ़े मर गए? कम उम्र के लोग भी मारे गए पर ना तो चीन को इसकी परवाह है और ना ही कोई बड़ी समस्या वो इनके परिजनों को थोड़े समय मुआवजे के रूप में पेंशन दे देगा , पर इसके एवज उसने कितनी बड़ी लूट की है। और अभी पश्चिम आर्थिक रूप से पराजित है, संकट में और बीमारी से स्तब्ध। और बिना कुछ जाने की यह सब एक योजना का हिस्सा है और बहुत ही सोच समझ कर बनाई गई परफेक्ट योजना । अब चीन 1.18 ट्रिलियन होल्डिंग वाले जापान के बाद अमेरिकी खजाने के सबसे बड़े मालिक है। -------_ -------------- _------- //// - ////// अब देखिए इस नाटक के दूसरे किरदारों का रोल केसे रूस और उत्तर कोरिया में करोना नामक घातक बीमारी के केस इतने कम है या नहीं है जबकि बे तो चीन के सहयोगी है उनके आपस में आवाजाही भी ज्यादा है फिर भी क्युकर उनके यहां करोना ने वैसा विकराल रूप दिखाया जैसा की अन्य अमेरिकी और यूरोपीय देशों में देखने को मिला क्या इसलिए कि वे चीन के कट्टर सहयोगी हैं
दूसरी ओर संयुक्त राज्य अमेरिका / दक्षिण कोरिया / यूनाइटेड किंगडम / फ्रांस / इटली / स्पेन और एशिया गंभीर रूप से प्रभावित हैं
कैसे वुहान अचानक घातक वायरस से मुक्त हुआ ?
चीन का कहना है कि उसके द्वारा उठाए गए कठोर उपाय के कारण वुहान करोना मुक्त हो गया केसे वो कोंस उपाय थे चीन ने उनका खुलासा नहीं किया चलिए हम इसको इस तरह से देखते है कि वुहान ही क्यों जो वायरस पूरी दुनिया में फेल गया वो वायरस चीन के दूसरे हिस्सों में क्यू नहीं फेला बीजिंग जो कि चीन की राजधानी थी वह इसका कोई भी असर देखने को क्यू नहीं मिला क्या एक संक्रमित बीजिंग तक नहीं पहुंचा जबकि पूरी दुनिया में संक्रमण फेल चुका है या फिर इस नाटक को सिर्फ वुहान के लिए रचा गया था क्या एक भी संक्रमित व्यक्ति ने नवम्बर से लेकर जनवरी तक वुहान से चीन के अन्य हिस्सों में यात्रा नहीं की जबकि इसके उलट ये संक्रमित दुनिया लगभग हर कोने में पहुंच गए वो भी अच्छी खासी तादाद केसे? क्यू ? बीजिंग में करोना से एक व्यक्ति नहीं मारा गया? और सिर्फ वुहान में हजारों
यह विचार करना और दिलचस्प है ., की अब केसे चीन ने इस पर काबू पा लिया उन्होंने इसका क्या इलाज किया और फिर अब उसे व्यापार के लिए खोल भी दिया आखिर केसे जबकि दुनिया भर के डाक्टर इसका इलाज ढूंढ रहे हैं तो चीनियों ने केसे ये चमत्कार कर लिया
खैर ..
करोना को हमे व्यापार युद्ध में यूएसए द्वारा चीन की बांह मोड़ने की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए
अमेरिका और उपर्युक्त सभी देश आर्थिक रूप से तबाह हैं
जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन की योजना के अनुसार ढह जाएगी।
चीन जानता है कि वह अमेरिका को सैन्य रूप से नहीं हरा सकता क्योंकि अमरीका वर्तमान में दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश है।
तो उसने यहां वाइरस का उपयोग किया ... जो कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षमताओं को पंगु बना दें।
मुझे यकीन है कि नैन्सी पेलोसी( जो की अमेरिकी विपक्षी दल की नेता है) को भी इसमें एक हिस्सा मिला होगा .... ट्रम्प को पछाड़ने के लिए ...। राष्ट्रपति ट्रम्प हमेशा से यह बताते रहे हैं कि कैसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था सभी मोर्चों पर सुधार कर रही थी और नौकरियां संयुक्त राज्य अमेरिका में वापस आ रही थीं।
AMERICA GREAT AGAIN बनाने की उनकी दृष्टि को नष्ट करने का एकमात्र तरीका एक ECONOMIC HAVOC है।
नैन्सी पेलोसी महाभियोग के माध्यम से ट्रम्प को नीचे लाने में असमर्थ थी ..... इसलिए क्यू ना चीन के साथ मिलकर एक वायरस जारी करके ट्रम्प को नष्ट कर दिया जाए ।
वुहान की महामारी एक सोची समझी साजिश थी।
आप ही सोचिए महामारी के चरम पर .... चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ... उन प्रभावी क्षेत्रों का दौरा करने के लिए जाते वक़्त बस एक साधारण आरएम 1 फेसमास्क पहने हुए थे जबकि इटली में इस महामारी का इलाज कर रहे डाक्टर पूरी तरह कवर होने और सावधानी बरतने के बाद भी संक्रमित हो रहे है
राष्ट्रपति के रूप में उन्हें सिर से पैर तक ढंका जाना चाहिए था ... लेकिन ऐसा नहीं था क्यों? क्या इसीलिए की इस महामारी से होने किसी भी प्रकार नुकसान से बचने के लिए उन्होंने पहले से ही कोई टीका लगा रखा था इसका मतलब है की इस महामारी का इलाज पहले ही ढूंढ लिया गया था बाद में इस वायरस को फैलाया गया है शायद यह सब चीन की योजना थी अब ECONOMIC COLLAPSE के कगार पर बैठे देशों से अधिकतर शेयर स्टॉक खरीदने के बाद विश्व अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने की ..... बाद में चीन यह घोषणा करेगा कि उनके मेडिकल शोधकर्ताओं ने वायरस को नष्ट करने का इलाज ढूंढ लिया है और इस तरह इस नाटक की समाप्ति की घोषणा हो जाएगी और बिना किसी युद्ध के चीन ने अपना साम्राज्य पूरी दुनिया में फेला दिया अब वह अपने देश में बैठे बैठे ही किसी भी देश की अर्थवयवस्था को हिला सकता है जैसा की अभी भारत ने मलेशिया के साथ किया था जब मलेशिया के राष्ट्रपति ने धारा 370 के खिलाफ बयान दिए थे उसके बाद भारत ने वहा के बाजार को हिलाकर रख दिया ऐसा ही अब चीन भी अपने सभी पश्चिमी गठबंधनों के साथ मिलकर विश्व की अलग देशों की अर्थव्यवस्था के साथ करेगा, और ये देश बहुत जल्द ही अपने नए मास्टर ..... चीन के गुलाम हो जाएंगे भविष्य का युद्ध हथियारों से नहीं व्यापार से शेयर स्टॉक से लड़ा जाएगा और चीन ने इस विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी है आपको हमे और देश को समझना होगा कि इस तरह के युद्ध में हमारी रणनीति क्या हो
केंद्र सरकार, इसके स्वायत्त/अधीनस्थ कार्यालय और सरकारी कंपनियां बंद रहेंगी. अपवाद- रक्षा, सीआरपीएफ़, ट्रेज़री, पेट्रोलियम, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी, आपदा प्रबंधन, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन यूनिट, डाकघर, एनआईसी के दफ़्तर.
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, उनकी स्वायत्त संस्थाओं, कंपनियों के दफ़्तर बंद रहेंगे. अपवाद: पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफ़ेंस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन और जेलें.
ज़िला प्रसासन और ट्रेज़री अपवाद: म्यूनिसिपल बॉडीज़- स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं का स्टाफ़
अस्पताल और अन्य संबंधित मेडिकल संस्थान, उत्पादन और आवंटन यूनिट, निजी और सरकारी क्षेत्र की डिस्पेंसरियां, केमिस्ट, लैब, क्लीनिक, नर्सिंग होम और ऐंबुलेंस वगैरह काम करते रहेंगे. स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ़ और अन्य कर्मचारियों को लाने-ले जाने की इजाज़त रहेगी. व्यावसायिक और निजी संस्थान बंद रहेंगे सभी यातायात सेवाएं- वायु, रेल सड़क- बंद रहेंगी अपवाद
खाद्य सामग्री, राशन फल, सब्ज़ियों, डेयरी, दध, मीट, मछली और चारे वगैरह की दुकानें और सरकारी राशन की दुकानें खुली रहेंगी. ज़िला प्रशासन होम डिलीवरी को बढ़ावा दे सकता है ताकि लोग घर से बाहर न निकलें. बैंक , इंश्योरेंस ऑफिस और एटीएम प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया टेलिकम्यूनिकेशंस, इंटरनेट सर्विसेज, ब्रॉडकास्टिंग और केबल सर्विसेज. आईटी और आईटी से संबंधिक सेवाएं (संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम) सभी ज़रूरी वस्तुओं, जैसे खाना, दवाओं, मेडिकल उपकरणों की ई कॉमर्स के माध्यम से डिलीवरी चालू रहेगी पेट्रोल पंप, एलपीजी, पेट्रोलियम और गैस आउटलेट पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट कैपिटल और डेट मार्केट सर्विस जिन्हें सेबी ने अधिसूचित किया हो कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएं निजी सुरक्षा सेवा औद्योगिक संस्थान बंद रहेंगे ज़रूरी वस्तुओं का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां ज़रूरी वस्तुओं की ढुलाई अग्निशमन, क़ानून व्यवस्था और आपातकाल सेवाओं से जुड़े वाहन दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बंदी की घोषणा की गई है. सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इसी तरह की बंदी की घोषणा की थी.
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1 year ago | [YT] | 0
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जब एक यात्री पहली बार सुपरफास्ट ट्रेन में चढ़ा तो सहयात्रियों से पूछने लगा कि गाजियाबाद कब आएगा? मुझे गाजियाबाद उतरना है।
सहयात्रियों ने बताया कि भाई ये गाड़ी फास्ट ट्रेन है,
गाजियाबाद से गुजरेगी, मगर रुकेगी नहीं।
वह यात्री घबरा गया, तब सहयात्रियों ने समझाया कि घबराओ नहीं।
गाजियाबाद में यह ट्रेन रोज स्लो हो जाती है। तुम एक काम करो, गाजियाबाद में जैसे ही ट्रेन स्लो हो तो तुम दौड़ते हुए प्लेटफॉर्म पर उतरना और फिर बिना रुके थोड़ी दूर तक ट्रेन जिस दिशा में जा रही है, उसी दिशा में दौड़ते रहना। इससे तुम गिरोगे नहीं।
गाजियाबाद आने से पहले सहयात्रियों ने मुझे गेट पर खड़ा कर दिया। गाजियाबाद आते ही सिखाए अनुसार मैं प्लेटफॉर्म पर कूदा और कुछ अधिक ही तेजी से दौड़ गया।
इतना तेज दौड़ा कि अगले कोच तक जा पहुंचा।
उस दूसरे कोच के यात्रियों में से किसी ने मेरा हाथ पकड़ा तो किसी ने शर्ट पकड़ी और मुझे खींचकर ट्रेन में चढ़ा लिया। ट्रेन फिर गति पकड़ चुकी थी।
सहयात्री मुझसे कहने लगे कि
भाई तेरा नसीब अच्छा है, जो ये गाड़ी तुझे मिल गई। ये फास्ट ट्रेन है, गाजियाबाद में तो रुकती ही नहीं।
5 years ago | [YT] | 0
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*दृश्य 1 :*
पर्दा खुलता है: चीन बीमार हो जाता है, एक "संकट" में प्रवेश करता है और अपने व्यापार को पंगु बना देता है। पर्दा बंद हो जाता है।
उन
* SCENE II। *
पर्दा खुलता है: चीनी मुद्रा का अवमूल्यन होता है। वे कुछ नहीं करते। पर्दा बंद हो जाता है।
* SCENE III। "
पर्दा खुलता है :: यूरोप और अमरीका की कंपनियों के व्यापार में कमी के कारण इन कंपनियों के शेयरों के भाव गिर जाते है उनके मूल्य के 40% तक, जो चीन में स्थित हैं चीन कुछ नहीं करता है
* SCENE IV। *
पर्दा खुलता है :: दुनिया बीमार है, चीन यूरोप और अमेरिका की कंपनियों के शेयर 30% से भी कम कीमत पर खरीद लेता है। जब दुनिया में इस बीमारी के कारण सारे व्यापार धंधे बंद पड़ जाते है, पर्दा बंद हो जाता है।
* SCENE V. *
पर्दा खुलता है: चीन ने इस बीमारी को नियंत्रित कर लिया है और अब वह यूरोप और अमेरिका में कंपनियों का मालिक है। क्युकी यहां व्यापार धंधे ध्वस्त हो चुके हैं और वह यह तय करता है कि ये कंपनियां चीन में रहें और $ 20,000 बिलियन कमाएं। पर्दा बंद हो जाता है। नाटक इसे कहा जाता है?
* स्कैन VI: *
* शह और मात! *
* फिर से देखना लेकिन सच है *
कल और आज के बीच दो वीडियो जारी हुए हैं, जिनसे मुझे कुछ संदेह हुआ, कोई जरूरी नहीं हो सकता हो यह सिर्फ मेरी अटकल हो। पर मुझे विश्वास है कि कोरोनोवायरस का जानबूझकर स्वयं चीन द्वारा फैलाया गया था। वो
पहले से ही तैयार थे इस नाटक के शुरू होने के तीन हफ्ते में ही उन्होंने 12,000 बिस्तर वाले अस्पताल पहले से ही बनवा लिए केसे? क्या वास्तव में उन्होंने इनका निर्माण दो सप्ताह में किया हो ही नहीं सकता वो उनका निर्माण पहले से ही कर चुके थे क्युकी ये सब एक योजना का हिस्सा था।
कल उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने महामारी को रोक दिया है। वे जश्न मनाते हुए वीडियो में दिखाई देते हैं, वे घोषणा करते हैं कि उनके पास एक टीका भी है। सभी आनुवंशिक जानकारी के बिना वे इसे इतनी जल्दी कैसे बना सकते हैं? पर यदि आप खुद ही इस नाटक के निर्माता हो तो यह बिल्कुल मुश्किल भी नहीं है।
और आज मैंने सिर्फ एक वीडियो देखा जो बताता है कि कैसे जिन पिंग जो की दुनिया के शक्तिशाली देश का राष्ट्रपति है उसने पूरी दुनिया को बगैर किसी युद्ध के घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कोरोनावायरस के कारण, चीन में पश्चिमी देशों कंपनियों का कारोबार नाटकीय रूप से गिर गया जब दुनिया भर के स्टॉक एक्सचेंजों में इन कंपनियों के शेयर के भाव गिर गए तो उन्हें चीनियों द्वारा खरीद लिया गया। अब चीन, अमेरिका और यूरोप में इन्हीं एक्सचेंजों और अपनी पूंजी द्वारा यह डिसाइड करेगा कि बाज़ार का रुख केसा होगा, औेर कीमतों को निर्धारित करने में सक्षम होगा पश्चिम को अपनी जरूरत की हर चीज बेचने के लिए। क्या गजब की योजना ?
हा इसमें संयोग से कुछ बूढ़े मर गए? कम उम्र के लोग भी मारे गए पर ना तो चीन को इसकी परवाह है और ना ही कोई बड़ी समस्या वो इनके परिजनों को थोड़े समय मुआवजे के रूप में पेंशन दे देगा , पर इसके एवज उसने कितनी बड़ी लूट की है। और अभी पश्चिम आर्थिक रूप से पराजित है, संकट में और बीमारी से स्तब्ध। और बिना कुछ जाने की यह सब एक योजना का हिस्सा है और बहुत ही सोच समझ कर बनाई गई परफेक्ट योजना ।
अब चीन 1.18 ट्रिलियन होल्डिंग वाले जापान के बाद अमेरिकी खजाने के सबसे बड़े मालिक है।
-------_ -------------- _------- //// - //////
अब देखिए इस नाटक के दूसरे किरदारों का रोल केसे रूस और उत्तर कोरिया में करोना नामक घातक बीमारी के केस इतने कम है या नहीं है जबकि बे तो चीन के सहयोगी है उनके आपस में आवाजाही भी ज्यादा है फिर भी क्युकर उनके यहां करोना ने वैसा विकराल रूप दिखाया जैसा की अन्य अमेरिकी और यूरोपीय देशों में देखने को मिला
क्या इसलिए कि वे चीन के कट्टर सहयोगी हैं
दूसरी ओर संयुक्त राज्य अमेरिका / दक्षिण कोरिया / यूनाइटेड किंगडम / फ्रांस / इटली / स्पेन और एशिया गंभीर रूप से प्रभावित हैं
कैसे वुहान अचानक घातक वायरस से मुक्त हुआ ?
चीन का कहना है कि उसके द्वारा उठाए गए कठोर उपाय के कारण वुहान करोना मुक्त हो गया केसे वो कोंस उपाय थे चीन ने उनका खुलासा नहीं किया चलिए हम इसको इस तरह से देखते है कि वुहान ही क्यों जो वायरस पूरी दुनिया में फेल गया वो वायरस चीन के दूसरे हिस्सों में क्यू नहीं फेला बीजिंग जो कि चीन की राजधानी थी वह इसका कोई भी असर देखने को क्यू नहीं मिला क्या एक संक्रमित बीजिंग तक नहीं पहुंचा जबकि पूरी दुनिया में संक्रमण फेल चुका है या फिर इस नाटक को सिर्फ वुहान के लिए रचा गया था क्या एक भी संक्रमित व्यक्ति ने नवम्बर से लेकर जनवरी तक वुहान से चीन के अन्य हिस्सों में यात्रा नहीं की जबकि इसके उलट ये संक्रमित दुनिया लगभग हर कोने में पहुंच गए वो भी अच्छी खासी तादाद केसे? क्यू ?
बीजिंग में करोना से एक व्यक्ति नहीं मारा गया? और सिर्फ वुहान में हजारों
यह विचार करना और दिलचस्प है ., की अब केसे चीन ने इस पर काबू पा लिया उन्होंने इसका क्या इलाज किया और फिर अब उसे व्यापार के लिए खोल भी दिया आखिर केसे जबकि दुनिया भर के डाक्टर इसका इलाज ढूंढ रहे हैं तो चीनियों ने केसे ये चमत्कार कर लिया
खैर ..
करोना को हमे व्यापार युद्ध में यूएसए द्वारा चीन की बांह मोड़ने की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए
अमेरिका और उपर्युक्त सभी देश आर्थिक रूप से तबाह हैं
जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन की योजना के अनुसार ढह जाएगी।
चीन जानता है कि वह अमेरिका को सैन्य रूप से नहीं हरा सकता क्योंकि अमरीका वर्तमान में दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश है।
तो उसने यहां वाइरस का उपयोग किया ... जो कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रक्षा क्षमताओं को पंगु बना दें।
मुझे यकीन है कि नैन्सी पेलोसी( जो की अमेरिकी विपक्षी दल की नेता है) को भी इसमें एक हिस्सा मिला होगा .... ट्रम्प को पछाड़ने के लिए ...।
राष्ट्रपति ट्रम्प हमेशा से यह बताते रहे हैं कि कैसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था सभी मोर्चों पर सुधार कर रही थी और नौकरियां संयुक्त राज्य अमेरिका में वापस आ रही थीं।
AMERICA GREAT AGAIN बनाने की उनकी दृष्टि को नष्ट करने का एकमात्र तरीका एक ECONOMIC HAVOC है।
नैन्सी पेलोसी महाभियोग के माध्यम से ट्रम्प को नीचे लाने में असमर्थ थी ..... इसलिए क्यू ना चीन के साथ मिलकर एक वायरस जारी करके ट्रम्प को नष्ट कर दिया जाए ।
वुहान की महामारी एक सोची समझी साजिश थी।
आप ही सोचिए महामारी के चरम पर .... चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ... उन प्रभावी क्षेत्रों का दौरा करने के लिए जाते वक़्त बस एक साधारण आरएम 1 फेसमास्क पहने हुए थे जबकि इटली में इस महामारी का इलाज कर रहे डाक्टर पूरी तरह कवर होने और सावधानी बरतने के बाद भी संक्रमित हो रहे है
राष्ट्रपति के रूप में उन्हें सिर से पैर तक ढंका जाना चाहिए था ... लेकिन ऐसा नहीं था क्यों? क्या इसीलिए की इस महामारी से होने किसी भी प्रकार नुकसान से बचने के लिए उन्होंने पहले से ही कोई टीका लगा रखा था इसका मतलब है की इस महामारी का इलाज पहले ही ढूंढ लिया गया था बाद में इस वायरस को फैलाया गया है
शायद यह सब चीन की योजना थी अब ECONOMIC COLLAPSE के कगार पर बैठे देशों से अधिकतर शेयर स्टॉक खरीदने के बाद विश्व अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने की ..... बाद में चीन यह घोषणा करेगा कि उनके मेडिकल शोधकर्ताओं ने वायरस को नष्ट करने का इलाज ढूंढ लिया है और इस तरह इस नाटक की समाप्ति की घोषणा हो जाएगी और बिना किसी युद्ध के चीन ने अपना साम्राज्य पूरी दुनिया में फेला दिया अब वह अपने देश में बैठे बैठे ही किसी भी देश की अर्थवयवस्था को हिला सकता है जैसा की अभी भारत ने मलेशिया के साथ किया था जब मलेशिया के राष्ट्रपति ने धारा 370 के खिलाफ बयान दिए थे उसके बाद भारत ने वहा के बाजार को हिलाकर रख दिया ऐसा ही अब चीन भी अपने सभी पश्चिमी गठबंधनों के साथ मिलकर विश्व की अलग देशों की अर्थव्यवस्था के साथ करेगा, और ये देश बहुत जल्द ही अपने नए मास्टर ..... चीन के गुलाम हो जाएंगे भविष्य का युद्ध हथियारों से नहीं व्यापार से शेयर स्टॉक से लड़ा जाएगा और चीन ने इस विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी है आपको हमे और देश को समझना होगा कि इस तरह के युद्ध में हमारी रणनीति क्या हो
6 years ago | [YT] | 1
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इन 21 दिनों में जो बंद रहेगा-
केंद्र सरकार, इसके स्वायत्त/अधीनस्थ कार्यालय और सरकारी कंपनियां बंद रहेंगी.
अपवाद- रक्षा, सीआरपीएफ़, ट्रेज़री, पेट्रोलियम, सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी, आपदा प्रबंधन, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन यूनिट, डाकघर, एनआईसी के दफ़्तर.
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, उनकी स्वायत्त संस्थाओं, कंपनियों के दफ़्तर बंद रहेंगे.
अपवाद: पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफ़ेंस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन और जेलें.
ज़िला प्रसासन और ट्रेज़री
अपवाद: म्यूनिसिपल बॉडीज़- स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं का स्टाफ़
अस्पताल और अन्य संबंधित मेडिकल संस्थान, उत्पादन और आवंटन यूनिट, निजी और सरकारी क्षेत्र की डिस्पेंसरियां, केमिस्ट, लैब, क्लीनिक, नर्सिंग होम और ऐंबुलेंस वगैरह काम करते रहेंगे. स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ़ और अन्य कर्मचारियों को लाने-ले जाने की इजाज़त रहेगी.
व्यावसायिक और निजी संस्थान बंद रहेंगे
सभी यातायात सेवाएं- वायु, रेल सड़क- बंद रहेंगी
अपवाद
खाद्य सामग्री, राशन फल, सब्ज़ियों, डेयरी, दध, मीट, मछली और चारे वगैरह की दुकानें और सरकारी राशन की दुकानें खुली रहेंगी. ज़िला प्रशासन होम डिलीवरी को बढ़ावा दे सकता है ताकि लोग घर से बाहर न निकलें.
बैंक , इंश्योरेंस ऑफिस और एटीएम
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया
टेलिकम्यूनिकेशंस, इंटरनेट सर्विसेज, ब्रॉडकास्टिंग और केबल सर्विसेज. आईटी और आईटी से संबंधिक सेवाएं (संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम)
सभी ज़रूरी वस्तुओं, जैसे खाना, दवाओं, मेडिकल उपकरणों की ई कॉमर्स के माध्यम से डिलीवरी चालू रहेगी
पेट्रोल पंप, एलपीजी, पेट्रोलियम और गैस आउटलेट
पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट
कैपिटल और डेट मार्केट सर्विस जिन्हें सेबी ने अधिसूचित किया हो
कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएं
निजी सुरक्षा सेवा
औद्योगिक संस्थान बंद रहेंगे
ज़रूरी वस्तुओं का उत्पादन करने वाली फैक्ट्रियां
ज़रूरी वस्तुओं की ढुलाई
अग्निशमन, क़ानून व्यवस्था और आपातकाल सेवाओं से जुड़े वाहन
दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बंदी की घोषणा की गई है. सोमवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी इसी तरह की बंदी की घोषणा की थी.
6 years ago | [YT] | 1
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