आज़ादी की कभी शाम न होने देंगे,
शहीदों की क़ुरबानी बदनाम न होने देंगे,
बची हो जो एक बूँद भी गरम लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम न होने देंगे ||
।। वंदे मातरम्।।