9 जनवरी 1831 लड़कियों की शिक्षा में अहम योगदान देने वाली एवं माता सावित्री बाई फुले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाली जिन्होंने लड़कियों को पढ़ाने में उनकी हर सम्भव सहायता की भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका राष्ट्रमाता फातिमा शेख जी की जंयती पर शत्-शत् नमन करते हैं।
भारत की पहली महिला शिक्षिका, शिक्षा की जननी माता सावित्रीबाई फुले जी के जन्मदिन पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उनका संघर्ष, साहस और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने सामाजिक अंधकार को चीरकर शिक्षा की ज्योति जलाई और नारी स्वाभिमान, समानता व न्याय का मार्ग दिखाया
सावित्रीबाई फुले जी ने उस समय लड़कियों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, जब समाज उन्हें बंद करने का प्रयास कर रहा था अपमान, विरोध और अत्याचार सहते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनके साहस, संघर्ष ने लाखों महिलाओं को सपने देखने, सीखने और आगे बढ़ने का अधिकार दिया।
सावित्रीबाई फुले द्वारा किए गए प्रमुख आंदोलन
# स्त्री शिक्षा आंदोलन # सामाजिक आंदोलन # बाल विवाह विरोधी आंदोलन # सती प्रथा के विरोध में सामाजिक आंदोलन # महिला अधिकार और स्वाभिमान आंदोलन # विधवा महिलाओं को दूसरा विवाह करने के लिए आंदोलन
बिस्मिल्लाह खान भारत के बहुत बड़े शहनाई वादक थे। उन्होंने 15 अगस्त 1947और 26 जनवरी 1950 को देश के लाल किले से शहनाई बजाई थी। वे इतने प्रसिद्ध थे कि देश-विदेश के बड़े-बड़े लोग उनसे मिलने के लिए आते थे।
बिस्मिल्लाह खान की एक महिला शिष्या थी। एक दिन उसने उनसे कहा— गुरु जी आपसे इतने बड़े-बड़े लोग मिलने आते हैं फिर भी आप इन पुराने और फटे हुए कपड़ों में ही उनसे मिल लेते हैं। क्या आपको अच्छे कपड़े नहीं पहनने चाहिए ?
यह सुनकर बिस्मिल्लाह खान मुस्कुराए और बोले—
बेटी लोग मुझसे मिलने मेरे कपड़ों के कारण नहीं आते, वे मेरी शहनाई और मेरे संगीत के कारण मिलने आते हैं
“कपड़े आज फटे हैं तो क्या हुआ, कल सील जाएंगे। लेकिन अगर व्यक्ति का चरित्र फट गया, तो वह कभी नहीं सीया जा सकता। इसलिए जीवन में सबसे ज़रूरी है अपने चरित्र को बनाए रखना।”
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, कर्म और कला से होती है।
बिस्मिल्लाह खान बताते हैं कि कपड़े फट जाएँ तो उन्हें सीया जा सकता है, लेकिन यदि इंसान का चरित्र गिर जाए तो उसे दोबारा ठीक करना बहुत कठिन हो जाता है। इसलिए जीवन में धन, प्रसिद्धि या दिखावे से अधिक ईमानदारी, सादगी और अच्छे चरित्र को महत्व देना चाहिए।
यदि पद और पैसा ही आपकी संपत्ति है तो एक दिन इसका अंत है और यदि मान और सम्मान ईमानदारी आपकी संपत्ति है तो यह अनंत है। प्रकृति ने इंसान बनाया प्यार करने और स्नेह से रहने के लिए, धन बनाया उपयोग करने के लिए। लोग प्यार पैसे से करते हैं एवम उपभोग इंसान का करते हैं। घमंड कभी मत करना अपने अच्छे दिनों का क्योंकि हर किसी की जिन्दगी में एक रात ऐसी भी आती हैं जिसके बाद सवेरा नहीं होता।
Ravinder Kalta
आप UGC बिल के समर्थन में है या विरोध में ?
2 weeks ago | [YT] | 8
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Ravinder Kalta
9 जनवरी 1831
लड़कियों की शिक्षा में अहम योगदान देने वाली एवं माता सावित्री बाई फुले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाली जिन्होंने लड़कियों को पढ़ाने में उनकी हर सम्भव सहायता की भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका राष्ट्रमाता फातिमा शेख जी की जंयती पर शत्-शत् नमन करते हैं।
1 month ago (edited) | [YT] | 2
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Ravinder Kalta
भारत की पहली महिला शिक्षिका, शिक्षा की जननी माता सावित्रीबाई फुले जी के जन्मदिन पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
उनका संघर्ष, साहस और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने सामाजिक अंधकार को चीरकर शिक्षा की ज्योति जलाई और नारी स्वाभिमान, समानता व न्याय का मार्ग दिखाया
सावित्रीबाई फुले जी ने उस समय लड़कियों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, जब समाज उन्हें बंद करने का प्रयास कर रहा था अपमान, विरोध और अत्याचार सहते हुए भी उन्होंने हार नहीं मानी। उनके साहस, संघर्ष ने लाखों महिलाओं को सपने देखने, सीखने और आगे बढ़ने का अधिकार दिया।
सावित्रीबाई फुले द्वारा किए गए प्रमुख आंदोलन
# स्त्री शिक्षा आंदोलन
# सामाजिक आंदोलन
# बाल विवाह विरोधी आंदोलन
# सती प्रथा के विरोध में सामाजिक आंदोलन
# महिला अधिकार और स्वाभिमान आंदोलन
# विधवा महिलाओं को दूसरा विवाह करने के लिए आंदोलन
*Ravinder Kalta*
1 month ago | [YT] | 5
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Ravinder Kalta
बिस्मिल्लाह खान भारत के बहुत बड़े शहनाई वादक थे। उन्होंने 15 अगस्त 1947और 26 जनवरी 1950 को देश के लाल किले से शहनाई बजाई थी। वे इतने प्रसिद्ध थे कि देश-विदेश के बड़े-बड़े लोग उनसे मिलने के लिए आते थे।
बिस्मिल्लाह खान की एक महिला शिष्या थी। एक दिन उसने उनसे कहा—
गुरु जी आपसे इतने बड़े-बड़े लोग मिलने आते हैं फिर भी आप इन पुराने और फटे हुए कपड़ों में ही उनसे मिल लेते हैं। क्या आपको अच्छे कपड़े नहीं पहनने चाहिए ?
यह सुनकर बिस्मिल्लाह खान मुस्कुराए और बोले—
बेटी लोग मुझसे मिलने मेरे कपड़ों के कारण नहीं आते, वे मेरी शहनाई और मेरे संगीत के कारण मिलने आते हैं
“कपड़े आज फटे हैं तो क्या हुआ, कल सील जाएंगे।
लेकिन अगर व्यक्ति का चरित्र फट गया, तो वह कभी नहीं सीया जा सकता।
इसलिए जीवन में सबसे ज़रूरी है अपने चरित्र को बनाए रखना।”
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसके चरित्र, कर्म और कला से होती है।
बिस्मिल्लाह खान बताते हैं कि कपड़े फट जाएँ तो उन्हें सीया जा सकता है, लेकिन यदि इंसान का चरित्र गिर जाए तो उसे दोबारा ठीक करना बहुत कठिन हो जाता है। इसलिए जीवन में धन, प्रसिद्धि या दिखावे से अधिक ईमानदारी, सादगी और अच्छे चरित्र को महत्व देना चाहिए।
Ravinder Kalta
1 month ago | [YT] | 11
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Ravinder Kalta
यदि पद और पैसा ही आपकी संपत्ति है तो एक दिन इसका अंत है और यदि मान और सम्मान ईमानदारी आपकी संपत्ति है तो यह अनंत है। प्रकृति ने इंसान बनाया प्यार करने और स्नेह से रहने के लिए, धन बनाया उपयोग करने के लिए। लोग प्यार पैसे से करते हैं एवम उपभोग इंसान का करते हैं। घमंड कभी मत करना अपने अच्छे दिनों का क्योंकि हर किसी की जिन्दगी में एक रात ऐसी भी आती हैं जिसके बाद सवेरा नहीं होता।
3 months ago | [YT] | 18
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Ravinder Kalta
1 year ago | [YT] | 7
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Ravinder Kalta
1 year ago | [YT] | 6
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Ravinder Kalta
Happy Garu Nanak jayanti
1 year ago | [YT] | 9
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Ravinder Kalta
It is better to die standing up than to live life on the knees
1 year ago | [YT] | 16
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Ravinder Kalta
हरियाणा में बी.एस.पी.-इनेलो गठबंधन को कितनी सीटें मिल सकती हैं?
अनुमान अनुपात
1 year ago | [YT] | 15
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