नमस्कार साथियों आपका स्वागत है हमारे यूट्यूब चैनल online study india पर All competition exam important video सपने और लक्ष्य में एक ही अंतर है सपने के लिए बिना मेहनत की नींद चाहिए और लक्ष्य के लिए बिना नींद की मेहनत
मारवाड़ के वास्तविक संस्थापक राव जोधा जी राठौड़, जिनका संघर्ष चित्तौड़गढ़ दुर्ग की तलहटी में एक दोहे से शुरू हुआ था
जब महाराणा कुम्भा के प्रकोप से बचाने के लिए एक व्यक्ति ने उनसे कहा था
"ज्यांका रणमल मारिया जोधा, भाग सके तो भाग"
वहां से 700 राजपूतों के साथ राव जोधा मारवाड़ के लिए निकले और मारवाड़ की धरती तक पहुंचने के बाद मात्र 7 लोग रह गए... यहीं से राव जोधा ने शुरुआत की और पूरा मारवाड़ बसा दिया, मेहरानगढ़ दुर्ग बनवा दिया जो परिस्थितियों से ना घबराकर कुछ नहीं से सब कुछ बना दे, उस वीर योद्धा का संघर्ष एक अलग महत्व रखता है
🇮🇳🇮🇳चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें, शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें, जिसमें बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे, देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें. Happy Republic Day 2024🇮🇳🇮🇳
छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई जी का जन्म 12 जनवरी, 1598 ई. को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के सिंदखेड़ गाँव में हुआ। इनके पिता का नाम लखोजी जाधव तथा माता का नाम महालसा बाई था। जीजाबाई जी का विवाह शाहजी के साथ कम उम्र में ही हो गया था। उन्होंने सदैव अपने पति का राजनीतिक कार्यों में साथ दिया।
जीजाबाई जी शिवाजी महाराज की माता होने के साथ-साथ उनकी मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत भी थीं। उनका सारा जीवन साहस और त्याग से भरा हुआ था। उन्होंने जीवन भर कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए भी धैर्य नहीं खोया।
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राजस्थान स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
1 year ago | [YT] | 3
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झीलो की नगरी उदयपुर ❤️
2 years ago | [YT] | 4
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मारवाड़ के वास्तविक संस्थापक राव जोधा जी राठौड़, जिनका संघर्ष चित्तौड़गढ़ दुर्ग की तलहटी में एक दोहे से शुरू हुआ था
जब महाराणा कुम्भा के प्रकोप से बचाने के लिए एक व्यक्ति ने उनसे कहा था
"ज्यांका रणमल मारिया जोधा, भाग सके तो भाग"
वहां से 700 राजपूतों के साथ राव जोधा मारवाड़ के लिए निकले और मारवाड़ की धरती तक पहुंचने के बाद मात्र 7 लोग रह गए... यहीं से राव जोधा ने शुरुआत की और पूरा मारवाड़ बसा दिया, मेहरानगढ़ दुर्ग बनवा दिया
जो परिस्थितियों से ना घबराकर कुछ नहीं से सब कुछ बना दे, उस वीर योद्धा का संघर्ष एक अलग महत्व रखता है
2 years ago | [YT] | 3
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🇮🇳🇮🇳चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें,
जिसमें बहकर आज़ादी पहुंची थी किनारे पे,
देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें.
Happy Republic Day 2024🇮🇳🇮🇳
2 years ago | [YT] | 2
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छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई जी का जन्म 12 जनवरी, 1598 ई. को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के सिंदखेड़ गाँव में हुआ। इनके पिता का नाम लखोजी जाधव तथा माता का नाम महालसा बाई था। जीजाबाई जी का विवाह शाहजी के साथ कम उम्र में ही हो गया था। उन्होंने सदैव अपने पति का राजनीतिक कार्यों में साथ दिया।
जीजाबाई जी शिवाजी महाराज की माता होने के साथ-साथ उनकी मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत भी थीं। उनका सारा जीवन साहस और त्याग से भरा हुआ था। उन्होंने जीवन भर कठिनाइयों और विपरीत परिस्थितियों को झेलते हुए भी धैर्य नहीं खोया।
2 years ago | [YT] | 3
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📕📕
2 years ago | [YT] | 1
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2 years ago | [YT] | 0
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