Abhivyakti IAS by Sunil Sir

Welcome to Abhivyakti IAS by Sunil Sir – A Platform for Serious Civil Services Aspirants

Abhivyakti IAS is a dedicated educational platform designed for aspirants preparing for UPSC Civil Services Examination and State PCS. The channel aims to build conceptual clarity, analytical thinking, and effective exam strategy, which are essential for success in the Civil Services Examination.

Guided by Sunil Abhivyakti Sir – UPSC Civil Services Interview Appeared, Founder & Director of Abhivyakti IAS, Writer-Editor of Abhivyakti Civil Services Magazine (since 2012, now Advanced IQIP – Exam Hall Guide), former Professor at Mewar University, AI-Integrated Content Expert, and mentor of many successful civil servants, Associated with several reputed Civil Services coaching institutes in India.

A unique innovation of the channel is the Advance IQIP -Daily News Editorial & Current Affairs Analysis, delivered continuously for the last 10 years by Professor Sunil Abhivyakti.


Abhivyakti IAS by Sunil Sir

📢 EXAM POINT OF VIEW — TEST 01

UPSC PREPARATION REALITY TEST

प्यारे बच्चों,

क्या आप केवल UPSC पढ़ रहे हैं, या वास्तव में परीक्षा के लिए तैयार भी हो रहे हैं?

आज का टेस्ट आपके History, Polity या Current Affairs के Knowledge को नहीं, बल्कि आपकी वास्तविक Preparation Quality को जाँचेगा।

इसमें आपकी Consistency, Planning, Revision, Test Temperament, Mental Resilience, Digital Control, Attempt Strategy और अपनी तैयारी के प्रति ईमानदारी का Reality Check होगा।

✅ 50 Situational Questions
⏱️ समय: 30 मिनट
🎯 Fresher से Multiple-Attempt Aspirants तक सभी के लिए
📅 आज—31 अगस्त
🕤 ठीक 9:30 AM

Test ठीक 9:30 बजे Abhivyakti IAS के सभी Official WhatsApp एवं Telegram Groups में एक साथ साझा किया जाएगा।

महत्वपूर्ण निर्देश:

* उत्तर वही चुनें जो पिछले 30 दिनों के आपके वास्तविक व्यवहार को दर्शाता है।
* आदर्श या अच्छा दिखाई देने वाला उत्तर चुनने की कोशिश न करें।
* Test के दौरान Internet, Friend, Mentor या किसी अन्य सहायता का प्रयोग न करें।
* Scoring Key और Readiness Result, Test पूरा होने के बाद साझा किए जाएँगे।

अपनी Answer Sheet, Pen और 30 मिनट का शांत समय तैयार रखिए।

यह परीक्षा आपके ज्ञान की नहीं—आपकी तैयारी की सच्चाई की है।

— Sunil Abhivyakti
Founder, Abhivyakti IAS
UPSC CSE Interview Appeared | UGC-NET Qualified

2 weeks ago | [YT] | 92

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

📢 प्यारे बच्चों, अब Analysis को Implementation में बदलने का समय आ गया है!

यदि आपने UPSC Mains 2026 के प्रश्नपत्रों का Analysis देखा होगा, तो एक बात जरूर समझ आई होगी—इस बार भी UPSC ने केवल किताबों से प्रश्न नहीं पूछे। उसने Traditional Knowledge और Contemporary Issues को आपस में जोड़कर देखा।

2026 Mains का Analysis बहुत सारे चैनलों पर हुआ और मैंने भी किया। लेकिन मेरा उद्देश्य केवल यह बताना नहीं था कि किसी प्रश्न का उत्तर क्या होगा। मेरा प्रयास था कि आपको यह दिखाई दे—

प्रश्न कहाँ से बना, Syllabus से कैसे जुड़ा और अख़बार की कौन-सी खबर उसके पीछे खड़ी थी?

इसी उद्देश्य से हमने अब तक कई लंबे Marathon Sessions किए:

✅ सबसे पहले GS Paper 1, 2, 3 और 4 का Pattern Analysis—पेपर में कितना Traditional था और कितना Contemporary?

✅ फिर Essay Paper के सभी 8 Topics का Complete Analysis—विषय की Demand, विचार के दरवाजे, Current Affairs और Newspaper से उसका संबंध।

✅ इसके बाद GS Paper 4 के Theory Part का तीन भागों में विस्तृत Analysis—Ethics को केवल Thinkers और Definitions से नहीं, बल्कि वर्तमान घटनाओं और वास्तविक उदाहरणों से कैसे जोड़ना है?

✅ फिर आया GS Paper 3 का तीन घंटे से अधिक का Mega Marathon—Economy, Agriculture, Science & Technology, Environment, Disaster Management और Internal Security के प्रश्नों की पूरी पड़ताल।

✅ इसके बाद GS Paper 2 का Complete Analysis—Polity, Governance, Social Justice और International Relations के प्रश्न Current Affairs से कैसे बने?

GS Paper 1 का Detailed Analysis, Ethics Case Studies और Optional Papers का कुछ हिस्सा अभी शेष है। इन्हें भी इसी चल रही Mains 2026 Analysis Series में धीरे-धीरे पूरा कराया जाएगा।

लेकिन बच्चों, केवल Analysis देखकर रुक जाना पर्याप्त नहीं है।

अब असली प्रश्न यह है—

जो कुछ हमने 2026 के Paper Analysis में समझा, उसे अपनी रोज़ की तैयारी में लागू कैसे करें?

इसीलिए मैं लेकर आ रहा हूँ एक विशेष Mega Marathon Session:

📰 अख़बार से SYLLABUS तक

IQIP NEWSPAPER LAB

EDITORIAL LAB — MAINS

NEWS LAB — PRELIMS

📅 सोमवार, 31 अगस्त 2026
⏰ शाम 4 बजे

यह सामान्य “How to Read Newspaper” Session नहीं है। इसमें आपको केवल अख़बार की Importance बताकर नहीं छोड़ा जाएगा।

हम practically सीखेंगे—

🔹 Newspaper में क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है?
🔹 किसी News को UPSC Syllabus से कैसे जोड़ना है?
🔹 एक ही खबर से Prelims के Facts और Mains के Dimensions कैसे निकालने हैं?
🔹 Editorial से Arguments, Examples, Data और Conclusion कैसे प्राप्त करना है?
🔹 Current Affairs को अलग Subject की तरह नहीं, बल्कि Polity, Economy, History, Geography, Environment, Ethics और Essay में कैसे integrate करना है?
🔹 लंबी-लंबी Notes बनाने के बजाय Smart और Revision-Friendly Notes कैसे तैयार करने हैं?
🔹 News → Syllabus → PYQ → Notes → Answer की पूरी यात्रा कैसे तय करनी है?

और सबसे महत्वपूर्ण बात—

इस Session में हम केवल Method नहीं पढ़ेंगे। हम 24 अगस्त से 29 अगस्त तक के पूरे एक सप्ताह के:

🗞️ The Hindu
🗞️ The Indian Express
🗞️ BusinessLine

के महत्वपूर्ण News और Editorials को लेकर उनका Live Syllabus Mapping करेंगे।

अर्थात यह केवल एक Lecture नहीं, बल्कि पूरे सप्ताह का Current Affairs Maha-Marathon होगा।

यह Session किनके लिए है?

👉 जो अभी UPSC की तैयारी शुरू कर रहे हैं और Newspaper देखकर घबरा जाते हैं।

👉 जो रोज़ अख़बार पढ़ते हैं, लेकिन समझ नहीं पाते कि इसमें UPSC के काम का क्या है।

👉 जिन्होंने बहुत सारी Notes बना लीं, लेकिन Revision के समय कुछ व्यवस्थित नहीं मिलता।

👉 जो एक या कई Attempts दे चुके हैं, लेकिन Prelims या Mains में Current Affairs का सही उपयोग नहीं कर पाए।

👉 और उन सभी मेहनती विद्यार्थियों के लिए, जिन्हें मेहनत की कमी नहीं—बस एक स्पष्ट Approach और Direction की आवश्यकता है।

Session से पहले और Session के बाद

Before:
News पढ़ी → Highlight किया → Notes बनाए → फिर भूल गए।

After:
News पढ़ी → Syllabus पहचाना → Prelims Fact निकाला → Mains Dimensions बनाए → Example/Data जोड़ा → एक Smart Note तैयार किया → Answer में इस्तेमाल किया।

मेरा प्रयास रहेगा कि इस Session के बाद आप अख़बार को केवल Headlines के रूप में न देखें। आपको हर महत्वपूर्ण News के पीछे छिपा हुआ Syllabus, PYQ और संभावित Question दिखाई देने लगे।

अख़बार घटना बताता है, लेकिन Syllabus सिखाता है कि UPSC उस घटना के अंदर क्या देख रहा है।

यह Session शायद आपके लिए केवल एक Class न रहे। यह आपकी Newspaper और Current Affairs की पूरी Approach का Before और After Point बन सकता है।

🔗 Live Session Link:
youtube.com/live/iOx5FhMf3c0?si=Qk4ofGpo7L8M-W4w

नए विद्यार्थी इसे जरूर देखें। और जो कई प्रयासों के बाद थकने लगे हैं, वे याद रखें—असफल Attempt आपकी क्षमता का निर्णय नहीं है; वह केवल आपकी पिछली Strategy का Result है। Strategy बदलेगी, तो परिणाम बदलने की संभावना भी बदलेगी।

अंत में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पंक्ति—

“मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।”

तो आइए, अख़बार पढ़ने नहीं—अख़बार के भीतर छिपा UPSC Syllabus पढ़ने की शुरुआत करें।

मिलते हैं सोमवार शाम 4 बजे।
अख़बार से SYLLABUS तक!
— सुनील अभिव्यक्ति

2 weeks ago | [YT] | 98

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

📌 UPSC CSE MAINS ESSAY PAPER 2026 — अब केवल प्रश्न देखना नहीं, लिखना है!

सभी Aspirants आज यह अभ्यास जरूर करें—

1️⃣ Section A से एक और Section B से एक विषय चुनें।
मान लीजिए आप UPSC Mains के Examination Hall में बैठे हैं और दोनों विषयों पर 1000–1200 शब्दों में पूरा Essay लिखें।

2️⃣ बाकी बचे छह विषयों की Demand समझकर लिखें—
विषय वास्तव में क्या पूछ रहा है? उसके Keywords, मुख्य तर्क और संभावित Dimensions क्या होंगे?

📅 रविवार, सुबह 9:30 बजे
📍 Abhivyakti IAS YouTube Channel

मैं आठों Essay Topics पर एक विशेष Live Session लूँगा। आप अपने लिखे हुए Essays और Demand Analysis साथ लेकर जुड़िए तथा मेरे साथ अपना उत्तर Check कीजिए।

याद रखिए—Essay की पकड़ केवल पढ़ने से नहीं, बल्कि पहले स्वयं सोचने, लिखने और फिर अपनी सोच को सही Framework से जाँचने से मजबूत होती है। यही अभ्यास आपकी Essay की बुनियादी समझ बताएगा और उसे बेहतर भी बनाएगा।

पहले लिखिए, फिर सीखिए और रविवार को अपने उत्तर का ईमानदारी से मूल्यांकन कीजिए।

— Sunil Abhivyakti

3 weeks ago | [YT] | 94

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा देने वाले सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ!

परीक्षा भवन में मन शांत रखिए, धैर्य बनाए रखिए और प्रत्येक प्रश्न की मूल माँग (Core Demand) को ठीक से समझकर ही उत्तर लिखिए।

याद रखिए—
मेन्स में केवल “अच्छा” लिखना पर्याप्त नहीं होता; प्रश्न ने जो माँगा है, ठीक वही लिखना होता है।
ज्ञान सबके पास होता है, लेकिन चयन उसका होता है जो अपने ज्ञान को प्रश्न की माँग के अनुसार प्रस्तुत करता है।

और मेरे वे सभी बच्चे, जो इस बार मेन्स तक नहीं पहुँच पाए, निराश बिल्कुल न हों। आप इस समय अभिव्यक्ति IAS के मंच पर मेरे साथ जो मेहनत कर रहे हैं, वही मेहनत हमारी अगली सफलता की नींव बनेगी।

इस बार उन्हें शुभकामनाएँ…
अगली बार मंच हमारा होगा—और हम सब मिलकर ज़रूर फोड़ेंगे!

आप सभी को ढेर सारा प्रेम, विश्वास और शुभकामनाएँ। ❤️

— सुनील अभिव्यक्ति सर
अभिव्यक्ति IAS

3 weeks ago | [YT] | 51

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

5 pm today
जुड़िए और जानिये क्या है सप्तधारा?
youtube.com/live/an7W755c42k?feature=share

1 month ago | [YT] | 82

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

Happy 😃 Independence Day
🇮🇳 15 अगस्त: केवल बधाई नहीं—एक नई शपथ

आज मैं आपको स्वतंत्रता दिवस की केवल बधाई नहीं देना चाहता।

आज हम स्वयं से एक असुविधाजनक प्रश्न पूछें—

1947 में हमने विदेशी शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी, लेकिन आज हमें किन चीजों से आज़ादी चाहिए?

धूमिल ने अपनी कविता ‘बीस साल बाद’ में पूछा था—

“क्या आज़ादी सिर्फ़ तीन थके हुए रंगों का नाम है
जिन्हें एक पहिया ढोता है
या इसका कोई ख़ास मतलब होता है?”

यह प्रश्न तिरंगे के गौरव पर नहीं, बल्कि तिरंगे में निहित वचन को पूरा करने के हमारे दायित्व पर है।

आजादी का अर्थ केवल यह नहीं कि हमारे देश पर कोई विदेशी शासन न करे। आजादी का अर्थ यह भी है कि इस देश का कोई बच्चा भूख, गरीबी, जाति, लिंग, अशिक्षा, डिजिटल दूरी या अपने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपने सपनों को छोटा करने के लिए विवश न हो।

इन तस्वीरों में मैं दिल्ली के एक सर्वोदय कन्या विद्यालय में बच्चियों के साथ संवाद कर रहा हूँ। दिल्ली सरकार के Entrepreneurship Mindset Curriculum के अंतर्गत मुझे उन्हें उद्यमशीलता के गुण समझाने का अवसर मिला था।

मैं वहाँ व्यापार करना सिखाने नहीं गया था।

क्योंकि उद्यमशीलता का अर्थ केवल कोई दुकान या कंपनी खोलना नहीं है। उद्यमशीलता का अर्थ है—समस्या को पहचानना, प्रश्न पूछना, नया समाधान खोजना, जोखिम लेना, असफल होकर फिर खड़ा होना और अपनी परिस्थितियों को अपनी नियति मानने से इनकार करना।

उन बच्चियों की आँखों में मैंने जिज्ञासा, प्रतिभा और बड़े सपने देखे।

तब एक बात और स्पष्ट हुई—

सरकारी विद्यालयों के बच्चों को हमारी दया नहीं चाहिए। उन्हें भी वही श्रेष्ठ मार्गदर्शन, exposure, तकनीक, पुस्तकें, आत्मविश्वास और अवसर चाहिए, जो किसी सुविधासंपन्न परिवार के बच्चे को सहज रूप से मिल जाते हैं।

जरा रामू और श्यामू के दो काल्पनिक परिवारों की कहानी समझिए।

दोनों एक ही मोहल्ले में रहते हैं। दोनों मेहनत करते हैं। दोनों अपने बच्चों से बहुत प्रेम करते हैं। दोनों घरों में राशन पहुँच जाता है और दोनों परिवारों के बच्चे विद्यालय जाते हैं।

बाहर से देखने पर लगेगा—दोनों की मूल आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं।

लेकिन वास्तविक जीवन की कहानी इसके बाद शुरू होती है।

श्यामू की बेटी के पास पढ़ने के लिए अलग कमरा है। घर में पुस्तकें, लैपटॉप और तेज इंटरनेट है। परिवार में कोई छात्रवृत्ति, प्रवेश परीक्षा, अच्छे कॉलेज, इंटर्नशिप और करियर के विकल्पों की जानकारी रखने वाला भी है।

वह असफल होती है तो परिवार कहता है—

“कोई बात नहीं, फिर प्रयास करो। हम तुम्हारे साथ हैं।”

रामू की बेटी भी उतनी ही प्रतिभाशाली है। उसके माता-पिता भी उससे उतना ही प्रेम करते हैं, लेकिन एक मोबाइल पूरे परिवार के बीच साझा होता है। कभी इंटरनेट डेटा समाप्त हो जाता है, कभी आवेदन की अंतिम तारीख निकल जाती है। पढ़ने के लिए अलग स्थान नहीं और सही मार्गदर्शन देने वाला भी कोई नहीं।

वह असफल होती है तो परिस्थितियाँ उससे कहती हैं—

“शायद यह रास्ता तुम्हारे लिए बना ही नहीं है।”

श्यामू की बेटी पूछती है—

“मैं बड़ी होकर क्या बनूँगी?”

रामू की बेटी पूछती है—

“क्या मेरे लिए भी यह संभव है?”

उसके प्रश्न में जुड़ा हुआ यह छोटा-सा शब्द—“भी”—हमारी पूरी सामाजिक विषमता की कहानी कह देता है।

अंतर दोनों बच्चियों की बुद्धि, प्रतिभा या मेहनत में नहीं है। अंतर उन्हें मिली हुई उड़ान-पट्टी में है।

एक बच्ची दुनिया को संभावनाओं का खुला मैदान समझती है। दूसरी हर दरवाजे पर पहले यह जाँचती है कि उसे अंदर जाने की अनुमति है भी या नहीं।

यही वंचना का सबसे खतरनाक रूप है।

वंचना केवल जेब खाली नहीं करती; वह धीरे-धीरे मनुष्य का मनोबल भी खाली करने लगती है। परिस्थितियाँ जब किसी बच्चे के मन में यह विश्वास बैठा दें कि कुछ सपने “हमारे जैसे लोगों” के लिए नहीं बने हैं, तब गुलामी बाहर नहीं, उसके मन के भीतर जन्म ले चुकी होती है।

रोटी आवश्यक है, लेकिन रोटी ही मनुष्य की अंतिम मंजिल नहीं है।

खाद्यान्न से पेट की भूख मिट सकती है, लेकिन अवसर, शिक्षा, मार्गदर्शन, सम्मान और आत्मविश्वास के बिना उसकी संभावनाएँ भूखी रह जाती हैं।

इसलिए आज हमें—

भूख से ही नहीं, भूख के अपमान से भी आजादी चाहिए।

गरीबी से ही नहीं, पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाले निर्धनता के कालचक्र से भी आजादी चाहिए।

विद्यालय से वंचित होने से ही नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होने से भी आजादी चाहिए।

डिजिटल दूरी, लैंगिक भेदभाव, सामाजिक पूर्वाग्रह और अवसरों की असमानता से आजादी चाहिए।

और सबसे बढ़कर उस मानसिक पराधीनता से आजादी चाहिए, जो किसी बच्चे से कहती है—

“तुम्हारा जन्म ही तुम्हारे भविष्य की सीमा है।”

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने ‘कुरुक्षेत्र’ में लिखा था—

“शान्ति नहीं तब तक; जब तक सुख-भाग न नर का सम हो,
नहीं किसी को बहुत अधिक हो, नहीं किसी को कम हो।”

लोकतंत्र केवल वोट देने का अधिकार नहीं हो सकता। लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ तब प्रकट होगा, जब प्रत्येक बच्चे को अपने जीवन की दिशा चुनने की वास्तविक स्वतंत्रता और अवसर मिलेगा।

इस 15 अगस्त पर हम एक छोटी, लेकिन सच्ची शपथ लें—

हमने अपने जीवन में जो कुछ सीखा है, उसका कुछ हिस्सा किसी ऐसे व्यक्ति तक अवश्य पहुँचाएँगे, जिसकी वहाँ तक पहुँच नहीं है।

यदि हम शिक्षक हैं तो किसी जरूरतमंद बच्चे को अपना समय दें।

यदि हम किसी पेशे में हैं तो किसी बच्चे को सही करियर की जानकारी दें।

यदि हमारे पास पुस्तकें हैं तो उन्हें अलमारी में बंद रखने के बजाय किसी विद्यार्थी तक पहुँचाएँ।

यदि हमारे पास अनुभव या संपर्क हैं तो किसी योग्य व्यक्ति के लिए अवसर का एक दरवाजा खोलें।

किसी एक बच्चे को छात्रवृत्ति की सूचना देना, किसी का आवेदन भरवा देना, किसी को एक कौशल सिखा देना या केवल यह विश्वास दिलाना कि—

“हाँ, तुम भी कर सकते हो।”

शायद किसी के पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है।

किसी का हाथ दया से नहीं, बराबरी के भाव से थामिए।

उपकार नहीं—अवसर दीजिए।
सहानुभूति भर नहीं—साथ दीजिए।
भाषण नहीं—मार्गदर्शन दीजिए।
और अपने ज्ञान को केवल निजी पूँजी नहीं—सामाजिक विरासत बनाइए।

मैथिलीशरण गुप्त ने ‘भारत-भारती’ में लिखा था—

“हम कौन थे, क्या हो गए हैं और क्या होंगे अभी,
आओ, विचारें आज मिलकर ये समस्याएँ सभी।”

आज केवल विचार करने का नहीं, अपने हिस्से का उत्तरदायित्व स्वीकार करने का दिन है।

1947 ने हमें विदेशी शासन से स्वतंत्र किया था।

आज हमारा एक छोटा-सा प्रयास किसी बच्चे को विरासत में मिली वंचना, भय और हीनभावना से स्वतंत्र कर सकता है।

स्वतंत्रता का अगला अध्याय तभी लिखा जाएगा, जब किसी बच्चे का जन्म यह तय नहीं करेगा कि वह जीवन में कहाँ तक पहुँच सकता है।

इस 15 अगस्त पर मेरी प्रतिज्ञा है—

“जीवन ने मुझे जो कुछ सिखाया है, मैं उसे अपने तक सीमित नहीं रखूँगा। उसे उन लोगों तक पहुँचाऊँगा, जिन्हें सीखने की इच्छा तो मिली है, लेकिन अवसर नहीं।”

यह केवल स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना नहीं—हम सबकी साझा प्रतिज्ञा हो।

क्योंकि स्वतंत्रता केवल इतिहास से मिली उपलब्धि नहीं है;
स्वतंत्रता प्रत्येक पीढ़ी का सतत उत्तरदायित्व है।

जय हिंद। 🇮🇳

—सुनील अभिव्यक्ति
Upsc cse interview appeared
Director- founder Abhivyakti ias

1 month ago | [YT] | 167

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

समस्त देशवासियों और हमारे प्यारे परिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस की अनंत बधाई!

"कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है।
हम लहराएंगे हर जगह यह तिरंगा, नशा यह भारत के सम्मान का है।"

आज का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे वीर जवानों, स्वतंत्रता सेनानियों और उन अनगिनत नायकों के त्याग और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।
आज का दिन हमें याद दिलाता है कि आज़ादी एक उपहार है, जिसे संजोकर रखना और बेहतर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। 80 वर्षों की इस महान यात्रा में भारत ने दुनिया के पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

आइए, इस ऐतिहासिक अवसर पर हम न केवल अपने अतीत के नायकों को नमन करें, बल्कि एक ऐसे भारत के निर्माण में अपना योगदान दें जो सशक्त, समृद्ध और सभी के लिए समावेशी हो। आपकी छोटी सी सकारात्मक पहल भी देश को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

इस पावन अवसर पर आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

जय हिंद! जय भारत! वंदे मातरम! 🫡🧡🤍💚

1 month ago | [YT] | 42

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

महत्वपूर्ण सूचना: कल की IQIP एडिटोरियल क्लास के समय में परिवर्तन

प्यारे बच्चों,

अपरिहार्य कारणों से केवल कल (Monday) के लिए हमारी IQIP Editorial Analysis Class के समय में थोड़ा बदलाव किया गया है।

कल सुबह 9:30 AM के बजाय यह क्लास दोपहर 3:00 PM पर लाइव होगी।

कल का शेड्यूल:

🗓️ दिन: सोमवार (Tomorrow)
⏰ नया समय: दोपहर 3:00 PM (केवल कल के लिए)
📚 विषय: Daily Editorial Analysis (IQIP Approach)

परसों से क्लास पुनः अपने पूर्व निर्धारित समय (सुबह 9:30 AM) पर ही चलेगी।

समय के इस अस्थायी बदलाव के अनुसार अपनी तैयारी का शेड्यूल बना लें और दोपहर 3 बजे लाइव जुड़ना न भूलें!

Class link- youtube.com/live/0ZGPZoRzRpc?feature=share

धन्यवाद,
सुनील सर

अभिव्यक्ति IAS

1 month ago | [YT] | 15

Abhivyakti IAS by Sunil Sir

🌿 IQIP Health Series — Sunday Reset Day 🌿

नमस्कार प्यारे बच्चों, स्वास्थ्य प्रणाम। 🙏

हर रविवार हमारी Health Series में विश्राम का दिन होगा।

लेकिन यह आराम करने का दिन नहीं…

यह स्वयं को देखने का दिन होगा।

यह स्वयं को सुधारने का दिन होगा।



भारतीय ज्ञान परंपरा में आत्म-परीक्षण (Self-Audit) का बहुत महत्वपूर्ण स्थान रहा है।

🪷 बौद्ध परंपरा में उपोसथ (Uposatha) के अवसर पर भिक्षु एकत्र होकर पातिमोक्ख (Pātimokkha) का पाठ करते थे और अपने आचरण की समीक्षा करते थे।

🕉️ जैन परंपरा में प्रतिक्रमण (Pratikraman) का उद्देश्य था—दिनभर या सप्ताहभर में हुई भूलों को स्वीकार करना, उनसे सीखना और स्वयं को बेहतर बनाना।

📖 भगवद्गीता भी हमें निरंतर स्वयं पर विजय और आत्म-अनुशासन का संदेश देती है।

इसी भावना को आधुनिक जीवन में अपनाते हुए…

अब से हर रविवार होगा—

Sunday Reset

Self-Audit • Recovery • Reset



आज केवल तीन प्रश्न लिखिए—

1. Progress

इस सप्ताह Health और Studies के कितने लक्ष्य पूरे हुए?

2. Mistakes

कहाँ आलस हुआ?

कहाँ Routine टूटा?

कहाँ समय व्यर्थ गया?

3. Resolution

अगले 7 दिनों में मैं कौन-सी 3 आदतें सुधारूँगा?



आज कोई बहाना नहीं…

कोई दिखावा नहीं…

सिर्फ ईमानदार Self-Audit।



याद रखिए—

जो व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करता…

वह उन्हें दोहराता है।

जो व्यक्ति हर सप्ताह स्वयं का मूल्यांकन करता है…

वह हर सप्ताह स्वयं का बेहतर संस्करण बनता है।



और हाँ…

मैं केवल आपको सलाह नहीं दे रहा हूँ।

आज मैं भी अपने Teaching, Fitness, Diet, Discipline और Routine का पूरा Self-Audit करूँगा।

मैं भी अपनी कमियाँ लिखूँगा।

मैं भी अगले सप्ताह के लिए नया संकल्प लूँगा।



आज का Sunday Task

अपनी नोटबुक में लिखिए—

“इस सप्ताह मेरा सबसे बड़ा Realization क्या रहा?”

और Comment में केवल एक पंक्ति में अपनी सबसे बड़ी सीख लिखिए।



आज विश्राम नहीं…

आज आत्म-परीक्षण।

आज Reset।

कल से फिर नई ऊर्जा, नए अनुशासन और नए संकल्प के साथ। 💚

IQIP Health Series

Body • Mind • Soul
स्वास्थ्य प्रणाम।🙏🙏

1 month ago | [YT] | 89