Welcome to Mission Hinge. Our mission is to support talented individuals facing challenges, providing them with opportunities to shine on a suitable platform. We raise awareness and speak out against injustices like corruption, superstitions, and prejudices, ensuring success and integrity for all. Our goal is to create a knowledge hub and resource center to assist those facing difficulties in accessing opportunities. Share your suggestions with us as we strive together to advance our mission.
मिशन हिंज में आपका स्वागत है। हमारा मिशन है कि हम कठिनाइयों का सामना कर रहे प्रतिभाशाली व्यक्तियों का समर्थन करें, उन्हें एक उचित प्लेटफ़ॉर्म पर चमकने के लिए मौका प्रदान करें। हम भ्रष्टाचार, अंधविश्वास, और पूर्वाग्रहों जैसे अन्यायों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाते हैं और आवाज उठाते हैं, सभी के लिए सफलता और ईमानदारी सुनिश्चित करते हैं। हमारा उद्देश्य है उन लोगों की सहायता करना जो मौकों तक पहुंचने में कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं। हमारे साथ जुड़ें और हमारे मिशन को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। धन्यवाद
Mission Hinge
अबकी सावन के पावन अवसर पर Mission Hinge का भजन 2026 "भोले का जयकारा गूंजे" सुनें .... लाइक, सब्सक्राइब,शेयर करें और अपना बहुमूल्य सलाह अवश्य दें.....
1 month ago (edited) | [YT] | 1
View 0 replies
Mission Hinge
इटावा की घटना :-
21 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले के दांदरपुर गांव में भागवत कथा के दौरान कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहायक संत कुमार यादव के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार हुआ। आरोप है कि उनकी जाति पूछे जाने के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की, बाल काटे और अपमानित किया।
घटना के दो पहलू सामने आए हैं:-
- कथावाचकों पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से जाति छुपाकर कथा की और फर्जी आधार कार्ड का उपयोग किया ।
- वहीं दूसरी ओर, कथावाचकों ने दावा किया कि उन्हें केवल यादव होने के कारण अपमानित किया गया। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी और इसे संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताया।
ज्ञान की दृष्टि से विचार :-
धर्म का सार -: धर्म किसी जाति या वर्ग का बंधक नहीं है। श्रीकृष्ण स्वयं यादव थे, और उन्होंने गीता का उपदेश दिया। राम क्षत्रिय थे, और उन्होंने शबरी के जूठे बेर खाए और मर्यादा का आदर्श स्थापित किया।
- मानवता का धर्म :- किसी भी व्यक्ति का अपमान केवल उसकी जाति के आधार पर करना न केवल अधार्मिक है, बल्कि संविधान और मानवता दोनों के विरुद्ध है।
- सत्य की कसौटी :- यदि कथावाचकों ने कोई धोखाधड़ी की है, तो कानून के अनुसार जांच होनी चाहिए। लेकिन यदि उन्हें केवल जाति के कारण अपमानित किया गया, तो यह समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।
निष्कर्ष :-
"गलत रास्ता आदमी को उसकी मंज़िल से भटका देता है" — यह बात इस पूरे घटनाक्रम पर सटीक बैठती है। चाहे वह धार्मिक मंच हो या सामाजिक व्यवहार, जब हम अहंकार, भेदभाव या असत्य के रास्ते पर चलते हैं, तो हम अपने उद्देश्य से दूर हो जाते हैं।
1 year ago | [YT] | 2
View 0 replies
Mission Hinge
महावीर जयंती के पावन अवसर पर, सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ! यह दिन हमें भगवान महावीर के अद्वितीय जीवन और उनके द्वारा प्रदान किए गए अमूल्य शिक्षाओं की याद दिलाता है। भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य और शांति के सिद्धांतों को अपनाने का संदेश दिया। उनके उपदेश न केवल व्यक्तिगत जीवन को उन्नत बनाते हैं, बल्कि समाज को भी एक नैतिक और शांतिपूर्ण मार्ग पर ले जाते हैं।
आज के दिन, आइए हम उनके आदर्शों को आत्मसात करें और समाज में सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा दें। अहिंसा को अपने जीवन में अपनाकर हम दूसरों के साथ प्रेम और सम्मान का व्यवहार कर सकते हैं। सत्य के मार्ग पर चलते हुए हम अपने कार्यों को पारदर्शिता और ईमानदारी से भर सकते हैं। अपरिग्रह के सिद्धांत से हमें अपने जीवन में सादगी और आत्म-नियंत्रण लाने का प्रोत्साहन मिलता है।
महावीर जयंती केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणा का स्रोत है। आइए इस दिन पर हम भगवान महावीर की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को अधिक अर्थपूर्ण और पवित्र बनाएं।
भगवान महावीर की कृपा से हमारे देश और समाज में शांति, समृद्धि और सद्भाव का वातावरण बना रहे। महावीर जयंती आपके जीवन में सुख, शांति और आनंद लाए।
जय जिनेंद्र! 🙏
आपका अपना
आर एस दीवाना
कवि/गीतकार
1 year ago | [YT] | 6
View 0 replies
Mission Hinge
मित्रों नमस्कार ।
Mission hinge चैनल पर आपका स्वागत है ।
वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर जो चर्चा हो रही है, वह न
केवल एक कानूनी पहल है,बल्कि यह देशहित और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बिल एक ऐसा कदम है, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस बिल का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना और उन्हें समाज के व्यापक हित में उपयोग करना है। यह कदम न केवल अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ संपत्तियों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में हो।
प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ता और दूरदृष्टि ने इस बिल को एक वास्तविकता बनाया। यह उनकी नीति का हिस्सा है, जिसमें "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" का आदर्श निहित है। विपक्ष द्वारा इस बिल का विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन यह विरोध केवल राजनीतिक लाभ के लिए प्रतीत होता है।
विपक्षी दलों के आरोपों के बावजूद, सासयह बिल एक सकारात्मक बदलावका प्रतीक है। यह न केवल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाएगा, बल्कि यह समाज में एकता और समरसता को भी
बढ़ावा देगा।
इस प्रकार, वक्फ संशोधन बिल 2025 एक ऐसा कदम है, जो देश के विकास और जनहित के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह एक ऐसा उदाहरण है, जो दिखाता है कि जब नीयत
साफ हो और उद्देश्य पवित्र हो, तो सफलता निश्चित है।
________________________________________________
1 year ago | [YT] | 3
View 0 replies
Mission Hinge
ताकि सौरभ मुस्कान और साहिल जैसी दिल दहलाने वाली घटना दुबारा न घटे !
youtube.com/@missionhinge?si=cb5t_hpz8yagLlVs
मित्रों, नमस्कार!
Mission Hinge चैनल पर आपका हार्दिक स्वागत है।
अभी हाल ही दिनांक 04 मार्च सन् 2025 मेरठ शहर में
एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें मुस्कान नाम की लड़की ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने ही पति सौरभ की हत्या कर दी। यह घटना
न केवल हमारे समाज के लिए एक चेतावनी है,बल्कि हर माता-पिता के लिए एक गंभीर सोच का विषय भी है।
आज मैं आपके सामने एक महत्वपूर्ण सलाह लेकर आया हूं, जो शायद सभी को पसंद न आए। लेकिन अगर यह आपके दिल को छू जाए, तो कृपया कमेंट में अपनी राय जरूर साझा करें।
तो आइए, बिना किसी देरी के, शुरू करते हैं आज का वीडियो…
संयुक्त परिवार, ऐसे अपराध को रोकने का एक सशक्त
उपाय :-
मुस्कान, साहिल और सौरभ की घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि पारिवारिक ताने-बाने में कमी कैसे घातक परिणाम दे सकती है। इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए माता-पिता को अपने बच्चों और परिवार के प्रति अधिक सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए।
ऐसे अपराधों के पीछे कई कारण हो सकते हैं, आइए इस विषय पर चर्चा करें :-
1. अलगाव और अकेलापन :-
जब परिवार के सदस्य अलग रहते हैं, तो उनमें संवाद हीनता के कारण भावनात्मक दूरी बढ़ जाती है और वो विकराल रूप ले लेती है जो खतरनाक अनहोनी को जन्म देती है। मुस्कान और सौरभ का अलगाव इसका एक जीता जागता उदाहरण है।
2. गलत संगत और नशे की लत :-
ये सर्वविदित है कि नशा नाश की जननी है। जो भी इसके खतरनाक पंजे में फंसा समझो कि उसके घर परिवार की शांति भंग हुई। साहिल ने मुस्कान को नशे की लत लगाई, जिससे वह अपराध की ओर बढ़ी और नशे में जघन्य अपराध
कर बैठी और अब जेल के सलाखों के पीछे है।
3. संस्कारों की कमी :-
परिवार के संपर्क में न रहने से नैतिक मूल्यों की कमी हो सकती है और बच्चे निर्कुश ही जाते हैं जो परिवार के लिए
स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। घर के अच्छे संस्कार बाहर निकलकर चहुंदिस अपना प्रभाव छोड़ता है।
आइए अब हम इसके समाधान की चर्चा करते हैं।
संयुक्त परिवार न केवल भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि यह नैतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करता है। माता-पिता को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए :-
साथ रहने की व्यवस्था :-
यदि बेटा बाहर काम करता है, तो बहू को ससुराल या मायके में रखना चाहिए और परिवार के सदस्यों के बीच नियमित बातचीत और मेलजोल बनाए रखना चाहिए।
संस्कार और शिक्षा :-
बच्चों को नैतिक शिक्षा और सही-गलत का ज्ञान देना चाहिए जिससे बच्चे समय पड़ने पर सही गलत का निर्णय लेने में सक्षम हो और उन्हें अपने हद में रहने की आदत पड़ जाय तथा अपने माता पिता के मान सम्मान का हमेशा ध्यान रहे।
अब पेश है कुछ ध्यान देने योग्य उदाहरण :-
1. एक परिवार जिसमें सभी सदस्य साथ रहते हैं, वहां आपसी समझ और सहयोग अधिक होता है। ऐसे परिवारों में अपराध की संभावना कम होती है।
2. मुस्कान और सौरभ का अलगाव, और साहिल का प्रभाव, यह दर्शाता है कि अकेलापन और गलत संगत कैसे अपराध को जन्म दे सकते हैं।
अतः हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि माता-पिता अपने बच्चों और परिवार के प्रति सतर्क रहें। संयुक्त परिवार न
केवल अपराधों को रोकने में मदद करता है, बल्कि यह समाज में नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देने के साथ साथ
परिवार में एक जुटता का संदेश देता है।
यह लेख हर जिम्मेदार माता-पिता को अपने परिवार को एकजुट रखने और अपराधों को रोकने के लिए प्रेरित करेगा और परिवार में खुशहाली लाएगा।
दोस्तों ! हमारे इस लेख को लाइक करें, शेयर करें, और चैनल को सब्सक्राइब करें। क्योंकि हम लाते हैं आपके लिए
ऐसे ही समाजोपयोगी आपकी ही समस्याओं और समाधान की कहानी।
धन्यवाद !
youtube.com/@missionhinge?si=cb5t_hpz8yagLlVs
1 year ago (edited) | [YT] | 2
View 0 replies
Mission Hinge
हमारा अपना प्यारा संविधान.....
1 year ago | [YT] | 3
View 0 replies
Mission Hinge
परमेश्वर की चिट्ठी पृथ्वी के सर्वश्रेष्ठ जीवों के नाम
(मानवता)
___________________________________________
हे मेरे! पृथ्वी के जीवों में सर्वश्रेष्ठजीव मानव !
तुम सदा प्रसन्न रहो ! स्वस्थ रहो ! तुम्हें मेरा आशीर्वाद है l
मैं पूरे ब्रम्हान्ड को चलाने वाला वो सर्वोच्चशक्ति बोल रहा हूँ जिसे तुम ईश्वर,भगवान,अल्लाह, खुदा,गॉड अन्य नामों से जानते हो। मुझे तुम क्या कहते हो तुम्हारी अपनी समझ है। मेरे लिए तुम सब एक समान हो।
मेरे बच्चे! तुम ये क्या कर रहे हो ? तुम अपनी श्रेष्ठता को क्यों खोते जा रहे हो। तुमको मैंने सर्वश्रेष्ठ जीव बनाया कि
तुम मेरी सुंदर रचना पृथ्वी पर उपलब्ध सभी जड़ चेतन का कल्याण करोगे। मैंने जिस उद्देश्य से तुम्हें सर्वश्रेष्ठ बनाकर
पृथ्वी पर भेजा । तुम उसके विपरीत कार्य कर रहे हो। मैं तुम्हारी गलतियों को कहाँ तक गिनाऊँ? फिर भी मैं तुम्हारी सबसे पहली और बड़ी गलती बताने जा रहा हूँ जो समस्त पृथ्वी पर रहने वाले सभी जड़ और चेतन के लिए खतरा बनता जा रहा है। हाँ मेरे बच्चे हाँ ! इसे समझने का प्रयास करो। तुमने वृक्षों की कटाई करके मानव जाति को ही नहीं बल्कि समस्त पृथ्वी को ही खतरे में डाल दिया है। आओ तुम्हें हम संक्षेप में समझाने का प्रयास करते हैं कि वृक्षों के लगातार होते कमी से तुम्हारी सुंदर पृथ्वी और समस्त मानव जाति के लिए किस प्रकार खतरा उत्पन्न हो रहा है l पर्यावरण संतुलन को बनाये रखना वृक्षों का सबसे बड़ी भूमिका है। ये ऑक्सीजन प्रदान करने के साथ साथ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर हमारी वायुमंडलीय हवा को शुद्ध करते हैं। लगातार वृक्षों के कटाई से हम वनों को खोते जा रहे हैं।पेड़ों की लगातार कटाई से जैव-विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन पेड़ पौधों पर आश्रित अनेक प्रकार के पक्षी, स्तनपायी, कीट, और अन्य जीव-जंतु जो पेड़ों, जंगलो पर निर्भर करते हैं, उनका आवास अपना घर नष्ट होता जा रहा है। और तुम्हारा आवास जरूरत से कहीं बहुत ही अधिक बनता जा रहा है।
मिट्टी का क्षरण, मरुस्थलीकरण, और जलस्रोतों की कमी - पेड़ों के कम होने से उत्पन्न हो रही हैं।वृक्षों का कटना सिर्फ
जमीनी सतह पर ही नहीं, बल्कि जलीय संसाधनों पर भी गहरा प्रभाव डाल रहा है। वृक्षों के कमी से मिट्टी का
कटाव बढ़ता है, जिससे तलछट का संक्रमण होता है और जल संसाधन - नदियाँ, तालाब, और जलाशय- में मिट्टी और मलबा जमा होता है। पेड़ों के कारण भूमिगत जल पुनर्भरण
होता है, क्योंकि पेड़ों की पत्तियाँ वर्षाजल को सोखकर भूमिगत जल स्तर में मदद करती हैं। पेड़ों का महत्वपूर्ण सह-संप्रेषक के रूप में होना, हमें ‘global warming’ से सुरक्षित रखता है। ‘Greenhouse gases’ का संतुलन, पेड़ों की मौजूदगी से ही सम्भाला जा सकता है।
अतः हे मेरे प्यारे बच्चे अब और ज्यादा तुम्हें मैं क्या बताऊँ तुम अपनी श्रेष्ठता का परिचय दो और पेड़ों की महत्ता को
समझते हुए इसे कटने से बचाने का संकल्प लो और पेड़ लगाने का पवित्र कार्य करते हुए अपनी सुंदर पृथ्वी को
बचाने का प्रयास करो। इसी में तुम्हारा और समस्त मानव जाति का कल्याण है। अच्छा अब मैं अपनी वाणी पर इस
आशा के साथ विराम चाहता हूँ कि मेरे इस संदेश को उरतल से तुम सभी अनुसरण करोगे ।
कवि राधेश्याम दीवाना की ये पंक्तियाँ इस विषय में महत्वपूर्ण संदेश दे रही हैं ------
वृक्षों से वर्षा, वर्षा से जल।
जल ही जीवन है पल पल।।
वृक्ष हम सबको लगाना है।
वसुंधरा को अपने बचाना है।।
2 years ago | [YT] | 2
View 0 replies
Mission Hinge
दोस्तों नमस्कार !
ये लेख अंधविश्वास, ढोंग ढकोसले, जादू टोना, पाखंडवाद के विरुद्ध एक जंग है। किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का इसका कोई मकशद नहीं। मानवता धर्म से भूले भटके मानव को मानवता के राह पर लाना ही इसका पवित्र उद्देश्य है।
बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि जिस देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले एक से बढ़कर एक महान समाज सुधारक संत महात्मा हुए हों वो देश आज भी अंधविश्वास ढोंग ढकोसला के पीछे भाग रहा है।
एक ऐसा गौरवशाली देश जहां रहीम,कबीर दास, भगवानबुद्ध, महावीर स्वामी, गुरु नानक देव, ज्योतिबा फूले, संत गाडगे,माता सावित्री बाई फुले, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, महात्मा गाँधी, राजा राम मोहन राय, पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे अपने अपने समय के विशिष्ट महान समाज सुधारक महात्माओं ने जन्म लिया हो आज भी वो देश अंधविश्वास ढोंग ढकोसले का दंश झेल रहा है, क्यों ?
राजा राममोहन राय ने ब्रम्हसमाज के अंतर्गत कई धार्मिक रूढ़ियों सती प्रथा, बाल विवाह, जातिवाद कर्मकांड के विरुद्ध आवाज उठाई और शत् प्रतिशत सफल भी रहे l
एक ऐसा देश जहां समय के साथ सतत रहने वाला अनंत या शाश्वत धर्म हिंदू सनातन के झंडे को आगे ले जाने वाले महान आध्यात्मिक गुरु स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जैसे पवित्र आत्मा ने जन्म लिया उस देश की भोली भाली जनता अंधविश्वास ढोंग ढकोसले के पीछे भाग रही है। बड़े ही दुर्भाग्य की बात है। शर्म आती है ऐसे ढोंगी और नौटंकी बाज बाबाओं और धर्म गुरुओं पर। छी!!! घिन आती है इनके ऐसे कुत्सित कर्मों से ।
आज भगवान बुद्ध के देश का ये क्या हाल हो गया है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण जैसे किसी में है ही नहीं l जिसको देखो वही भूत प्रेतबाधा के पीछे भाग रहा है। ये बाधाएं अपनी सोंच पर निर्भर करता है। हमारी सोच जैसी होगी वैसा हमारा मन होगा l भूत प्रेत हमारी नकारात्मक सोच का परिणाम है। हमारी नकारात्मकता ही भूत प्रेत बाधा को जन्म देती है।
कुछ समाज विरोधी ढोंगी बाबा, भोली भाली जनता को बड़े ही चतुराई से बेवकूफ बना रहे हैं l ये हर जगह हैं l इनके लिए धर्म मजहब कुछ भी नहीं है I बस इनको अपना ग्राहक दिखाई देता है l मजारों, देवी देवथानों, गिरजाघरों में ये हर जगह पाए जाते हैं l इनका यही अड्डा होता है l यहाँ पर ये अपना खतरनाक जाल लगाए बैठे फसने वाली मछली का इंतेजार करते रहते हैं l भोली भाली जनता का दिमाग ये पढ़ने में माहिर होते हैं l जाल में मछली फसते ही इनका खेल शुरू हो जाता है ।
कहीं कोई सर पटक रहा है। कहीं कोई मछली जैसा जमीन पर तड़पड़ा रहा है। कहीं कोई जोर जोर से झूम रहा है। कहीं कोई बंदर की तरह इधर उधर उछलकूद कर रहा है। ये सब क्या है? नकारात्मक सोच का असर है। ऐसे नकारात्मक सोच का ये ढोंगी लोग फयदा उठाते हैं।
कभी कभी तो ये ढोंगी कैंसर, टीवी, एड्स जैसे खतरनाक बीमारी को ठीक करने का दावा करते हैं। यहाँ कि ये मुर्दे को भी जिंदा करने का ढोंग करते हैं। हद हो गई इनके ढोंग का।
सोशल मीडिया पर ढोंगियों को नौटंकी करते अक्सर देखा जाता है। एक बार सोशल मीडिया पर एक ढोंगी को भक्तों के सामने ढोंग करते हुए देखा। वो बंदरों जैसी हरकत कर रहा था। जिस तरह कोई बन्दर किसी फल को कुछ गिराता खाता है उसी तरह ये ढोंगी केले को इधर उधर गिराते हुए खा रहा था। उसने काफी केले को बर्बाद किया। वो भक्तों को दिखाने की कोशिश कर रहा था कि उसके ऊपर हनुमान जी की सवारी आयी है। भक्त भी सभी अक्ल से पैदल जो उसके इस नौटंकी को बड़े श्रद्धा से देख रहे थे। देख क्या रहे थे सभी हनुमान जी का साक्षात दर्शन कर रहे थे।
ये ढोंगी बहुत ही चतुर चालक कुशल माइंड रीडर होते हैं। हमारे आपके दिमाग में क्या चल रहा है अच्छी तरह पढ़ लेते हैं और फिर शुरू करते हैं वो खेल जो हम और आप देखना चाहते हैं।
आज समय की मांग है कि शुरू से ही बच्चों की शिक्षा के साथ मनोविज्ञान की शिक्षा अनिवार्य कर दिया जाए। जिस प्रकार हिंदी, गनित,अंग्रेजी विषय जरूरी है उसी तरह मनोविज्ञान को भी शुरू से ही बच्चों की शिक्षा में शामिल किया जाए l पूरी तरह से अनिवर्य कर दिया जाए। इससे नई पौध की सोच बदलेगी। एक नई सुबह होगी l धर्म कोई बुरा नही l बुरे हाथों में धर्म का होना ही बुरा है।
समाज सुधार,मानवता की राह में मानवता की रक्षा के लिए जो भी चैनल काम कर रहे हैं उनको हम बराबर सुने और उनका समर्थन करें। जैसे आचार्य प्रशांत सर, ओझा सर, विकाश दिव्यकीर्ति सर और खान सर ने समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम कर रहे हैं। आइये समाज के ऐसे मजबूत स्तंभ को हम सब मिलकर सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा जितना हो सके आगे बढ़ाएं।
अंत मे में हम आपसे कहना चाहेंगे कि यदि आपके पास कोई सुझाव है तो अपने कमेंट में हमें जरूर बताएंगे। आपके सुझाव का स्वागत है। इस लेख को आगे बढ़ाएं। मानवता के लिए हमारी मदद करें। लाइक शेयर सब्सक्राइब कर हमारे चैनल को सपोर्ट करें।
आपका सुझाव हमारी ताकत है। अत: आपके सुझाव का हमें इंतजार रहेगा।
धन्यवाद नमस्कार।
आर एस दीवाना।
(राधेश्याम दीवाना)
#andhvishwas
#pakhandvad
#manavata
2 years ago | [YT] | 6
View 1 reply
Mission Hinge
ओउम् नमः शिवाय !
2 years ago | [YT] | 2
View 0 replies
Mission Hinge
एक केंद्र पर जाते हैं ये अनेक राह। श्री गणेशाय नमः करो या करो विस्मिल्लाह।।
2 years ago | [YT] | 4
View 0 replies
Load more