ZULFIQAR HAIDARI VOICE

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ZULFIQAR HAIDARI VOICE

मेरे मीठे मीठे प्यारे दोस्तों,तसव्वुर कीजिए... एक बाप का दिल, जो अपने जिगर के टुकड़े को कुरबान करने का हुक्म पाता है। वो बाप, जो अल्लाह का नबी है, और वो बेटा, जो मासूमियत की मिसाल। रेगिस्तान की जलती रेत पर, चाकू हाथ में, आंसू आंखों में, लेकिन इरादा पक्का। क्या वो कुर्बानी पूरी होगी? या अल्लाह का कोई बड़ा मोजिजा नाजिल होगा? क्या ये कहानी सिर्फ बलिदान की है, या इसमें छुपा है तवक्कुल का वो राज जो जिंदगी बदल दे? आज की ये स्टोरी सुनकर आप रोएंगे, सोचेंगे, और कभी हार न मानेंगे। लेकिन अंत तक रुकिए, क्योंकि आखिरी मोड़ पर वो करिश्मा आएगा जो इमान को हिला देगा! सबस्क्राइब कर लीजिए, लाइक दबाइए, और कमेंट में बताइए - क्या आप भी ऐसी कुर्बानी के लिए तैयार हैं? चलिए, शुरू करते हैं हज़रत इब्राहिम (अ.स.) और हज़रत इस्माइल (अ.स.) की ये अमर दास्तान...*
नीचे दिए लिंक पर तुरंत क्लिक करे और ज्यादा से ज्यादा शेयर करे

https://youtu.be/CPkOzCHt7gY

2 months ago | [YT] | 0

ZULFIQAR HAIDARI VOICE

एक साधारण दिन, न्यूयॉर्क का जेएफके हवाई अड्डा। टोक्यो से आई एक फ्लाइट उतरती है। भीड़ में एक औरत कदम रखती है – साधारण कपड़े, लेकिन उसका पासपोर्ट असाधारण। उसने आव्रजन अधिकारियों को एक दस्तावेज़ सौंपा, जिस पर लिखा था "टोरेंज़ा" – एक देश, जो दुनिया के किसी नक्शे में नहीं! *वो कौन थी? और ये टोरेंज़ा क्या है?*

अधिकारी हैरान। पासपोर्ट असली लगता था – स्टैम्प्स, होलोग्राम, सब कुछ। लेकिन टोरेंज़ा? न कोई रिकॉर्ड, न कोई इतिहास। औरत ने शांत स्वर में कहा, "मैं टोरेंज़ा से हूँ।" उसकी आँखों में एक अजीब चमक थी। अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की, लेकिन वो गायब हो गई – जैसे हवा में घुल गई। *क्या वो सचमुच समय की यात्री थी?*

2 months ago | [YT] | 0

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एक साधारण दिन, न्यूयॉर्क का जेएफके हवाई अड्डा। टोक्यो से आई एक फ्लाइट उतरती है। भीड़ में एक औरत कदम रखती है – साधारण कपड़े, लेकिन उसका पासपोर्ट असाधारण। उसने आव्रजन अधिकारियों को एक दस्तावेज़ सौंपा, जिस पर लिखा था "टोरेंज़ा" – एक देश, जो दुनिया के किसी नक्शे में नहीं! *वो कौन थी? और ये टोरेंज़ा क्या है?*


अधिकारी हैरान। पासपोर्ट असली लगता था – स्टैम्प्स, होलोग्राम, सब कुछ। लेकिन टोरेंज़ा? न कोई रिकॉर्ड, न कोई इतिहास। औरत ने शांत स्वर में कहा, "मैं टोरेंज़ा से हूँ।" उसकी आँखों में एक अजीब चमक थी। अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की, लेकिन वो गायब हो गई – जैसे हवा में घुल गई। *क्या वो सचमुच समय की यात्री थी?*

2 months ago | [YT] | 0

ZULFIQAR HAIDARI VOICE

क्या आपने सुना है उस औरत की कहानी, जो एक दिन न्यूयॉर्क के जेएफके हवाई अड्डे पर उतरी और पूरी दुनिया को हैरान कर दिया? एक पासपोर्ट, एक नाम टोरेंज़ा – एक ऐसा देश, जो नक्शे पर कहीं नहीं! क्या वो समय की यात्री थी? या किसी समानांतर ब्रह्मांड से आई थी? सोशल मीडिया पर वायरल ये कहानी सच है पूरा सच jannne ke liye diye link par turant click kariye
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https://youtu.be/JddNL3FwOcc

2 months ago (edited) | [YT] | 0

ZULFIQAR HAIDARI VOICE

kaise Ek shahzadi ne sare shahar ko shaitani Jadu se halaaq hone bacha liya..Quran ki kaun si wo noorani ayat ne itni zayada power use di....??

शामी मुल्क की शहज़ादी नूर का चेहरा चाँदनी सा दमकता था और उसका दिल ईमान की रोशनी से जगमगाता था। मगर उसकी ज़िंदगी एक अनसुलझा रहस्य बन चुकी थी। उसके वालिद, बादशाह ज़फर, की वफात के बाद शामी के महल में एक अजीब खामोशी छा गई थी। लोग फुसफुसाते थे कि महल के नीचे एक प्राचीन तिलस्म दफन है, जो हर शहज़ादी को अपने जाल में फँसाता है। नूर को सपनों में बार-बार एक अंधेरी जंगल की पुकार सुनाई देती थी, जहाँ एक रहस्यमयी आवाज़ उसे बुलाती थी। एक रात, उसने फैसला किया कि वह इस रहस्य का पर्दा उठाएगी।

चाँदनी रात में, नूर ने अपने शाही लिबास को छोड़कर सादा कपड़े पहने और महल से चुपके से निकल पड़ी। वह एक घने जंगल की ओर बढ़ी, जहाँ पेड़ों के साये डरावने आकार बनाते थे। हवा में ठंडी सिहरन थी, और दूर कहीं सियार की आवाज़ गूँज रही थी। जंगल के बीच में एक पुराना, टूटा-फूटा मकबरा दिखा, जिसके आसपास जंगली फूलों की महक बिखरी थी। नूर का दिल धड़क रहा था, मगर उसने दुआ पढ़ी, “या अल्लाह, मुझे हिम्मत दे और रास्ता दिखा।”

मकबरे के पास पहुँचते ही हवा रुक गई, जैसे समय ठहर सा गया हो। अचानक, एक चमकदार रोशनी....

Puri story janne ke liye diye hue link par click kariye
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https://youtu.be/Z6E1uGR0m5Y

8 months ago | [YT] | 0

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चिराग़-ए-दिल्ली इलाके का नाम हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के प्रिय शिष्य नसीरुद्दीन महमूद चिराग़-ए-दिल्ली के नाम पर पड़ा है। आज भी चिराग़-ए-दिल्ली में उनकी दरगाह मौजूद है। इस नाम के पीछे एक दिलचस्प कहानी है।

दरअसल, हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में एक बावली (कुआँ) बनाई जा रही थी, लेकिन उस समय के सुल्तान गयासुद्दीन तुगलक ने कारीगरों को काम करने से रोक दिया। ऐसे में, कारीगरों ने तेल के दीये जलाकर चोरी-छिपे रात में बावली बनाने का काम जारी रखा। जब सुल्तान को इस बात का पता चला, तो उसने तेल बेचने पर भी पाबंदी लगा दी। इस वजह से कई दिनों तक बावली का काम रुक गया।

कहा जाता है कि इसके बाद हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया ने अपने शिष्य नसीरुद्दीन महमूद को पानी से दीये जलाने का आशीर्वाद दिया। नसीरुद्दीन ने बावली का पानी घड़ों में भरा और उससे दीये जलाए। इस चमत्कार के बाद नसीरुद्दीन महमूद को "चिराग़-ए-दिल्ली" (दिल्ली का चिराग़) कहा जाने लगा, और इसी नाम से यह इलाका भी प्रसिद्ध हो गया।

यह कहानी नसीरुद्दीन महमूद की आध्यात्मिक शक्ति और हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के आशीर्वाद का प्रतीक है, जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।
Puri karamat dekhne ke liye diye link par click kariye
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https://youtu.be/6Fudh8wF5MA

10 months ago | [YT] | 0

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हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया (रहमतुल्लाह अलैह) एक महान सूफी संत और चिश्ती सिलसिले के प्रमुख थे। उनकी करामातें (चमत्कार) उनकी आध्यात्मिक शक्ति और अल्लाह के साथ उनके गहरे संबंध का प्रमाण हैं। यहाँ उनकी कुछ मशहूर करामातें दी गई हैं:

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### **1. अमीर खुसरो का मिलन**
हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया और अमीर खुसरो का रिश्ता बहुत गहरा था। एक बार अमीर खुसरो दिल्ली से दूर थे और उन्हें हज़रत निज़ामुद्दीन से मिलने की तीव्र इच्छा हुई। उसी समय हज़रत निज़ामुद्दीन ने अपने शिष्यों से कहा, "खुसरो आ रहे हैं।" कुछ ही देर में अमीर खुसरो वहाँ पहुँच गए। यह उनकी आध्यात्मिक दूरदर्शिता का प्रमाण था।

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### **2. बिना पानी के हौज़ भरना**
एक बार हज़रत निज़ामुद्दीन के खानकाह में पानी की कमी हो गई। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि वे हौज़ (तालाब) में पानी भर दें। शिष्यों ने कहा कि पानी नहीं है, तो हज़रत निज़ामुद्दीन ने अपनी चादर हौज़ में डाल दी। अचानक हौज़ पानी से भर गया। यह उनकी एक बड़ी करामात थी।

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### **3. मृत बच्चे को जीवित करना**
एक बार एक महिला अपने मृत बच्चे को लेकर हज़रत निज़ामुद्दीन के पास आई और रोते हुए उनसे प्रार्थना की। हज़रत निज़ामुद्दीन ने बच्चे पर अपना हाथ रखा और दुआ की। बच्चा जीवित हो गया। यह करामात उनकी दुआ की ताकत को दर्शाती है।

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### **4. दूर से आवाज़ सुनना**
एक बार हज़रत निज़ामुद्दीन ने अपने शिष्यों से कहा कि अमीर खुसरो दिल्ली से दूर हैं और वह उन्हें याद कर रहे हैं। उसी समय अमीर खुसरो ने एक गीत गाया, जिसमें हज़रत निज़ामुद्दीन की याद का जिक्र था। हज़रत निज़ामुद्दीन ने उस गीत को सुन लिया और अपने शिष्यों से कहा कि खुसरो उन्हें याद कर रहे हैं।

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### **5. गरीब की मदद**
एक गरीब आदमी हज़रत निज़ामुद्दीन के पास आया और अपनी गरीबी का हाल बताया। हज़रत निज़ामुद्दीन ने उसे एक टुकड़ा दिया और कहा कि इसे बेच दो। जब उस आदमी ने उसे बाजार में बेचा, तो वह टुकड़ा सोने में बदल गया। इससे उसकी गरीबी दूर हो गई।

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### **6. जानवरों पर अधिकार**
हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया का जानवरों पर भी अधिकार था। एक बार एक शेर उनके खानकाह के पास आ गया। हज़रत निज़ामुद्दीन ने शेर को आदेश दिया कि वह चला जाए। शेर उनके आदेश का पालन करते हुए चला गया।

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### **7. बिना बताए मेहमानों का स्वागत**
हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया को अक्सर पता चल जाता था कि कोई मेहमान आने वाला है। वह अपने शिष्यों से कहते थे कि वह खाना तैयार करें क्योंकि मेहमान आ रहे हैं। बिना किसी सूचना के मेहमान आ जाते थे।

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### **8. बीमार का इलाज**
एक बार एक बीमार व्यक्ति हज़रत निज़ामुद्दीन के पास आया। हज़रत निज़ामुद्दीन ने उसे अपने हाथ से पानी पिलाया और दुआ की। उस व्यक्ति की बीमारी ठीक हो गई।

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### **9. अदृश्य हो जाना**
एक बार कुछ लोग हज़रत निज़ामुद्दीन को नुकसान पहुँचाने आए। जब वह उनके पास पहुँचे, तो हज़रत निज़ामुद्दीन अदृश्य हो गए। यह देखकर वह लोग डर गए और उनसे माफ़ी माँगी।

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### **10. मृत्यु का समय जानना**
हज़रत निज़ामुद्दीन को अपनी मृत्यु का समय पहले से ही पता था। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा कि वह जल्द ही इस दुनिया से जाने वाले हैं। उनकी भविष्यवाणी सच हुई, और उनका इंतकाल उसी समय हुआ।

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हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की करामातें उनकी आध्यात्मिक शक्ति और अल्लाह के साथ उनके गहरे संबंध को दर्शाती हैं। उनकी शिक्षाएँ और करामातें आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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https://youtu.be/2m0fj5imB68

10 months ago | [YT] | 0

ZULFIQAR HAIDARI VOICE

1. जलती हुई लकड़ी का ठंडा हो जाना**
एक बार ख्वाजा बख्तियार काकी (र.अ.) के पास एक व्यक्ति आया और उनसे कहा कि वह उनकी करामात देखना चाहता है। ख्वाजा साहब ने उस व्यक्ति को एक जलती हुई लकड़ी पकड़ने के लिए दी। जब उस व्यक्ति ने लकड़ी को पकड़ा, तो वह ठंडी हो गई और उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। यह देखकर वह व्यक्ति उनके चमत्कार पर विश्वास करने लगा।

Puri biography dekhne ke liye diye hue link par click kariye
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https://youtu.be/FS_RK50z-u0

10 months ago | [YT] | 0

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चार वालियों की करामात, जिनको अल्लाह ने अजीब सुपर नेचुरल पावर से नवाजा था, जानने के लिए अभी तुरंत क्लिक करिए नीचे लिंक पर
इस्लाम, क़ुरआन और हदीस में अल्लाह के वलियों (दोस्तों) का बहुत ऊँचा मक़ाम बताया गया है। वली वे लोग हैं, जो अल्लाह से गहराई से मुहब्बत करते हैं, उसके आदेशों का पालन करते हैं, और उसकी राह में हर मुश्किल को खुशी से सहन करते हैं। क़ुरआन में अल्लाह फ़रमाता है:

*"सुनो! अल्लाह के दोस्तों के लिए न कोई डर है और न ही वे ग़मगीन होंगे। वे वे लोग हैं जो ईमान लाए और तक़वा अपनाया। उनके लिए इस दुनिया में भी खुशी है और आख़िरत में भी।" (सूरह युनुस 10:62-64)*

हदीस शरीफ में पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया: *"जो शख्स मेरे वली से दुश्मनी करेगा, मैं उससे जंग का एलान करता हूं।"* (सहीह बुखारी)

वलियों का मक़ाम इस बात पर आधारित है कि वे अल्लाह की रज़ा के लिए अपने नफ़्स की ख्वाहिशों को छोड़ देते हैं और पूरी तरह अल्लाह पर भरोसा करते हैं। वे इंसानियत के लिए रहमत और भलाई का ज़रिया बनते हैं। उनका मक़सद हमेशा अल्लाह की इबादत और उसकी मख़लूक की खिदमत करना होता है।

वलियों को इस्लाम में अल्लाह का क़रीबी माना गया है, और वे उम्मत के लिए रहमत और मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
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https://youtu.be/0_g49WYrLoM

11 months ago (edited) | [YT] | 0

ZULFIQAR HAIDARI VOICE

Allah pak tamaam ummate e Muhammadiya par apna khas rahem farmaye❤️❤️❤️

1 year ago | [YT] | 5