चुनाव से 5 दिन पहले BJP को याद आए Journalists — ₹5,000 का 'Gift' 🎁
BJP ne West Bengal mein ek bada promise kiya hai — agar satta mili toh har accredited journalist ko milenge ₹5,000 per month. Announcement hui Press Club Kolkata mein, Elections se sirf 5 din pehle. State BJP President Samik Bhattacharya ne kaha — "Jo hamare liye likhe, jo hamare khilaf likhe — sab hamare dost hain." Lekin sawaal yeh hai — kya ₹5,000 se press freedom milti hai? Jab India Press Freedom Index mein 180 deshon mein 159th rank par ho, toh ek monthly allowance kitna kaam aayega? Is video mein hum samjhenge — yeh promise journalism ke liye benefit hai ya ek subtle bribe? 📌 Apni raay comments mein zaroor batao. 🔔 Channel subscribe karo aur bell dabao — har sach seedha tumhare paas aayega. 📍 Aditya Unscripted — Every body is somebody's fool. #BJPBengal#WestBengalElections2026#PressFreedom#IndianJournalism#MediaFreedom#BJPvsMedia#Bengal2026#ElectionNews#JournalistRights#AdityaUnscripted#SamikBhattacharya#चुनाव2026#पत्रकारिता#FreePress#IndiaElections2026 BJP Bengal journalists West Bengal election 2026 BJP 5000 monthly allowance press freedom India Samik Bhattacharya Bengal assembly election journalist allowance BJP media freedom India BJP election promise Bengal Aditya Unscripted West Bengal polls 2026 BJP media policy Indian journalism election news Hindi
लखनऊ का केस: ✔️ मोहम्मद वासिफ को 2 बार झूठे Beef केस में फंसाया गया ✔️ बीवी आमिना का affair था भोपाल के आमान से ✔️ Bajrang Dal को fake tip देकर पुलिस भिजवाई ✔️ High Court से आमिना भाग निकली
लेकिन मीडिया ने जो नहीं बताया वो है:
❌ कैसे एक fake ID से पूरे Gau Rakshak गिरोह को बेवकूफ बनाया गया ❌ Police ने बिना जांच के कैसे गिरफ्तारी की ❌ ये System कितना खतरनाक है मुसलमानों के लिए
पूरी कहानी, असली सवाल, और वो सच जो मीडिया छुपा रहा है 👇
चालीस के नज़दीक़ या हालिया पार कर चुके लोगों की बड़ी दिक्कत है।अब तक वे ख़ुद को लड़का ही मानते हैं और दुनिया उन्हें अधेड़ समझने लगती है। बेचारे अपने मन में सोचते रह जाते हैं कि कैसे कुछ ही सालों में सब बदल गया। हर दिन कोई न कोई भरम टूटता है।
क्योंकि कुछ साल पहले तक वो सबके भैया होते थे फिर अचानक अंकिल हो गए। और दस पंद्रह साल पहले तक जिन्हें वो अंकल कहते थे अब उनके दोस्त बन जाते हैं। महफ़िलों में साथ बैठने लगते हैं। बच्चों के भविष्य की समझाइश देने लगते हैं।
अगला समझा रहा होता है और चालीस के नजदीक या हालिया पार वाला समझने की कोशिश कर रहा होता है कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है, ख़ैर वो कुछ नहीं समझ पाता। वे पुराने अंकिल और नए सीनियर दोस्त अपने बच्चों की शादी के बारे में उनसे यानी चालीस वालों से सलाह लेने लगते हैं लेकिन चालीस वाले जो ख़ुद ही इन सालों में फ़िगरिंग आउट मोड में होते हैं। लेकिन झूठ मूठ के सीरियस बनते हैं इस ख़ुशी में कि चलो कोई तो उनको सीरियसली ले रहा है।
असल में वो किसे बताएं अपनी पीड़ा क्योंकि उनकी पत्नी भी ऐसा ही महसूस कर रही होती है।
वो लड़की से बीवी , भाभी, मम्मी , आँटी फिर दर्जन भर और रिश्ते अपने आधार पर लिखवा लेती है। लिहाज़ा दोनों मियाँ बीवी घोर कन्फ़्यूज़न में जीते हैं और एक दूसरे को चालीस के पार या नज़दीक वाले रोल में खींचकर लाने की कोशिश करते हैं।बिना ये जाने की सामने वाला भी उनकी तरह कन्फ्यूज है हालांकि पत्नी थोड़ा जानती हैं और ये भी जानती हैं कि कन्फ़्यूज़न में जीवन नहीं कटता इसलिए वो चालीस वाले अपने पार्टनर लड़कों को जगाती हैं पर वो नहीं जाग पाते।
जिनके बाल सफ़ेद नहीं होते उनके अनुसार उनका टशन अलग लेवल पर होता है और जिनके हो जाते हैं वे या तो काले करते हैं या ग्रे स्टाइलिंग पर उतर आते हैं। वैसे ये दोनों स्थितियां ठीक हैं तीसरी वाली से लेकिन उनमें भी कॉन्फिडेंस कूट कूट कर मिल जाता है। उनका पैकेज बाकी कमी पूरी करता है।
चालीस के नजदीक या हालिया पार की उस उम्र में उन्हें चौबीस पच्चीस साल वाले किस्से ज़्यादा ही याद आते हैं, अक्सर वे नए लड़कों की ओर मन ही मन प्रतियोगी भाव में आ जाते हैं लेकिन फिर ये मन का भरम भी टूट जाता है, जैसे ही अचानक वही लड़का आकर कहता है “अंकल! थोड़ा ओपनर देना।”
राजा राम ने रावण को भी उसके अंत समय में सद्भावना सिखा दी। सबका मन जीत लिया था लेकिन ये दिल में नफ़रत लिए रह गए। दीपावली पर किसी के भी दिल को क्यों जलाना, रोशनी की लड़ी से तो दिल मिलते हैं न! फिर क्यों ये जलने जलाने की बात हो रही है। पटाखे थोड़ा सोच समझकर, दूसरे की फिक्र करके जला लो बस काफी है। हर जगह नफ़रत का इंजेक्शन लगा दिया जाता है।
Aditya Unscripted
चुनाव से 5 दिन पहले BJP को याद आए Journalists — ₹5,000 का 'Gift' 🎁
BJP ne West Bengal mein ek bada promise kiya hai — agar satta mili toh har accredited journalist ko milenge ₹5,000 per month.
Announcement hui Press Club Kolkata mein, Elections se sirf 5 din pehle. State BJP President Samik Bhattacharya ne kaha — "Jo hamare liye likhe, jo hamare khilaf likhe — sab hamare dost hain."
Lekin sawaal yeh hai — kya ₹5,000 se press freedom milti hai? Jab India Press Freedom Index mein 180 deshon mein 159th rank par ho, toh ek monthly allowance kitna kaam aayega?
Is video mein hum samjhenge — yeh promise journalism ke liye benefit hai ya ek subtle bribe?
📌 Apni raay comments mein zaroor batao.
🔔 Channel subscribe karo aur bell dabao — har sach seedha tumhare paas aayega.
📍 Aditya Unscripted — Every body is somebody's fool.
#BJPBengal #WestBengalElections2026 #PressFreedom #IndianJournalism #MediaFreedom #BJPvsMedia #Bengal2026 #ElectionNews #JournalistRights #AdityaUnscripted #SamikBhattacharya #चुनाव2026 #पत्रकारिता #FreePress #IndiaElections2026
BJP Bengal journalists West Bengal election 2026 BJP 5000 monthly allowance press freedom India Samik Bhattacharya Bengal assembly election journalist allowance BJP media freedom India BJP election promise Bengal Aditya Unscripted West Bengal polls 2026 BJP media policy Indian journalism election news Hindi
2 weeks ago | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
33% महिला आरक्षण का वादा: कानून 2023 में बना, लागू 2029 में होगा। और चर्चा फिर से 2026 के चुनाव के ठीक पहले?
आपको क्या लगता है, यह महज़ एक 'Coincidence' है या एक सोची-समझी 'Strategy'? अपना वोट ज़रूर दें। 👇
इस वीडियो को भी देखिए...
4 weeks ago | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
📢 ये खबर शायद आपने पढ़ी होगी...
लखनऊ का केस:
✔️ मोहम्मद वासिफ को 2 बार झूठे Beef केस में फंसाया गया
✔️ बीवी आमिना का affair था भोपाल के आमान से
✔️ Bajrang Dal को fake tip देकर पुलिस भिजवाई
✔️ High Court से आमिना भाग निकली
लेकिन मीडिया ने जो नहीं बताया वो है:
❌ कैसे एक fake ID से पूरे Gau Rakshak गिरोह को बेवकूफ बनाया गया
❌ Police ने बिना जांच के कैसे गिरफ्तारी की
❌ ये System कितना खतरनाक है मुसलमानों के लिए
पूरी कहानी, असली सवाल, और वो सच जो मीडिया छुपा रहा है 👇
🎥 https://
#LucknowCase #UntoldTruth #SystemExposed #Bhopalcase #crime #news #story #viral
2 months ago | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
"Saurabh Dwivedi ने Lallanntop क्यों छोड़ा?" ये सवाल बहुत ट्रेंड हुआ। हमने भी ट्रेंड को पकड़ने की कोशिश की लेकिन अपने हिसाब से देखिए हुआ कितना है!
#lallantop #SaurabhDwivedi
#Journalist
https://youtu.be/RPVdgrzbdNk
2 months ago | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
AI जातिवादी है — सच या बकवास? @AdityaUnscripted
आजकल हर जगह AI है —
newsrooms में, classrooms में, hiring में, surveillance में।
लेकिन बड़ा सवाल यह है👇
Is AI neutral?
Or does it carry the same caste, class & power bias as society?
इस वीडियो में हम एक viral claim नहीं,
बल्कि technology के अंदर छिपे social structures की बात करते हैं।
👉 यह कोई emotional rant नहीं है
👉 यह blind defence भी नहीं है
यह सवाल है —
AI किसके data से सीखता है, और किसके ख़िलाफ़ काम करता है?
Vijender Masijeevi
@PleaseSitDown #caste #castediscrimination
🎥 पूरा वीडियो यहाँ देखें:
https://youtu.be/RcLyZYtr4Us
2 months ago | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
kabir is timeless
2 months ago | [YT] | 2
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Aditya Unscripted
Gwalior police ka ye mamla shandar example hai ye samjhne ke liye ki khatra kitna ho Sakta hai
#news #MadhyaPradesh #Gwalior #police #RTI
https://youtu.be/TiqrQEBChXI?si=zi7Hq...
5 months ago (edited) | [YT] | 1
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Aditya Unscripted
चालीस के नज़दीक़ या हालिया पार कर चुके लोगों की बड़ी दिक्कत है।अब तक वे ख़ुद को लड़का ही मानते हैं और दुनिया उन्हें अधेड़ समझने लगती है। बेचारे अपने मन में सोचते रह जाते हैं कि कैसे कुछ ही सालों में सब बदल गया। हर दिन कोई न कोई भरम टूटता है।
क्योंकि कुछ साल पहले तक वो सबके भैया होते थे फिर अचानक अंकिल हो गए। और दस पंद्रह साल पहले तक जिन्हें वो अंकल कहते थे अब उनके दोस्त बन जाते हैं। महफ़िलों में साथ बैठने लगते हैं। बच्चों के भविष्य की समझाइश देने लगते हैं।
अगला समझा रहा होता है और चालीस के नजदीक या हालिया पार वाला समझने की कोशिश कर रहा होता है कि उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है, ख़ैर वो कुछ नहीं समझ पाता। वे पुराने अंकिल और नए सीनियर दोस्त अपने बच्चों की शादी के बारे में उनसे यानी चालीस वालों से सलाह लेने लगते हैं लेकिन चालीस वाले जो ख़ुद ही इन सालों में फ़िगरिंग आउट मोड में होते हैं। लेकिन झूठ मूठ के सीरियस बनते हैं इस ख़ुशी में कि चलो कोई तो उनको सीरियसली ले रहा है।
असल में वो किसे बताएं अपनी पीड़ा क्योंकि उनकी पत्नी भी ऐसा ही महसूस कर रही होती है।
वो लड़की से बीवी , भाभी, मम्मी , आँटी फिर दर्जन भर और रिश्ते अपने आधार पर लिखवा लेती है। लिहाज़ा दोनों मियाँ बीवी घोर कन्फ़्यूज़न में जीते हैं और एक दूसरे को चालीस के पार या नज़दीक वाले रोल में खींचकर लाने की कोशिश करते हैं।बिना ये जाने की सामने वाला भी उनकी तरह कन्फ्यूज है हालांकि पत्नी थोड़ा जानती हैं और ये भी जानती हैं कि कन्फ़्यूज़न में जीवन नहीं कटता इसलिए वो चालीस वाले अपने पार्टनर लड़कों को जगाती हैं पर वो नहीं जाग पाते।
जिनके बाल सफ़ेद नहीं होते उनके अनुसार उनका टशन अलग लेवल पर होता है और जिनके हो जाते हैं वे या तो काले करते हैं या ग्रे स्टाइलिंग पर उतर आते हैं। वैसे ये दोनों स्थितियां ठीक हैं तीसरी वाली से लेकिन उनमें भी कॉन्फिडेंस कूट कूट कर मिल जाता है। उनका पैकेज बाकी कमी पूरी करता है।
चालीस के नजदीक या हालिया पार की उस उम्र में उन्हें चौबीस पच्चीस साल वाले किस्से ज़्यादा ही याद आते हैं, अक्सर वे नए लड़कों की ओर मन ही मन प्रतियोगी भाव में आ जाते हैं लेकिन फिर ये मन का भरम भी टूट जाता है, जैसे ही अचानक वही लड़का आकर कहता है “अंकल! थोड़ा ओपनर देना।”
5 months ago | [YT] | 5
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Aditya Unscripted
राजा राम ने रावण को भी उसके अंत समय में सद्भावना सिखा दी। सबका मन जीत लिया था लेकिन ये दिल में नफ़रत लिए रह गए। दीपावली पर किसी के भी दिल को क्यों जलाना, रोशनी की लड़ी से तो दिल मिलते हैं न! फिर क्यों ये जलने जलाने की बात हो रही है। पटाखे थोड़ा सोच समझकर, दूसरे की फिक्र करके जला लो बस काफी है। हर जगह नफ़रत का इंजेक्शन लगा दिया जाता है।
#Diwali #दीपावली
6 months ago | [YT] | 0
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Aditya Unscripted
7 months ago | [YT] | 1
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