@Namsteभारत यूट्यूब चैनल पर आपका स्वागत है। यहां आपको मिलेंगे बिहार के साथ पूरे देश -विदेशों कि लेटेस्ट ख़बरें, राजनीति में मच रहे भूचाल, मनोरंजन के साथ खेल -खिलाड़ियों के दाव -पेंच, सोशल मीडिया वायरल आंधी जो पल भर में स्टार ✨ बना दे और पल भर में बनी बनाई इज्ज़त तार -तार कर दे, फिल्मी सितारों कि दुनियां के साथ कुछ खास मुद्दों पर बातचीत।
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एनडीए ने रोहतास जिले के सातों विधानसभा सीट पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
जिले में भाजपा किसी भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ रही है। ये भी सोचने वाली बात है।🤔
207 चेनारी विधानसभा:
मुरारी प्रसाद गौतम (लोजपा-आर)
208 सासाराम विधानसभा:
स्नेहलता (आरएलएम)
209 करगहर विधानसभा:
वशिष्ठ सिंह (जदयू)
210 दिनारा विधानसभा:
आलोक सिंह (आरएलएम)
211 नोखा विधानसभा:
नागेंद्र चंद्रवंशी (जदयू)
212 डिहरी विधानसभा:
राजीव रंजन उर्फ सोनू सिंह (लोजपा-आर)
213 काराकाट विधानसभा:
महाबली सिंह (जदयू)
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2 months ago | [YT] | 0
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बिहार की राजनीति में एक तरफ RJD ने बाहुबली रहे शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट दिया।
जो न तो माफिया है और न ही बाहुबली, वो सिर्फ बाहुबली का बेटा है इसलिए लोग विरोध कर रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार की JDU ने स्वच्छ छवि वाले बाहुबलियों की फौज खड़ी कर रखी है,
मोकामा: अनंत सिंह
एकमा: धूमल सिंह
कुचायकोट: अमरेंद्र कुमार पांडेय
ये JDU के वो दरख़्त है जिनका अपराध की दुनियां से कोई नाता नहीं है लोग इन्हें फालतू में बाहुबली कहते हैं।
2 months ago | [YT] | 0
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पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस (10 अक्टूबर): मुत्तकी की भारत यात्रा के दौरान अफगान दूतावास पर आयोजित इस कार्यक्रम में केवल पुरुष पत्रकारों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई। महिला पत्रकारों को सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोका गया, भले ही वे ड्रेस कोड का पालन कर रही थीं। इससे भारत में व्यापक आक्रोश फैल गया।
विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इसे "महिलाओं के अधिकारों पर चुप्पी" बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे "सुविधाजनक दिखावा" करार दिया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने पुरुष पत्रकारों से कहा कि उन्हें बहिष्कार के विरोध में कार्यक्रम छोड़ देना चाहिए था।
पत्रकार संगठनों और मीडिया हस्तियों ने इसे तालिबान की लिंग-भेदभाव वाली नीतियों का प्रतिबिंब माना।
भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया: MEA ने स्पष्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं था।
नई प्रेस कॉन्फ्रेंस (12 अक्टूबर): विवाद के बाद मुत्तकी ने दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें महिला पत्रकारों को न केवल आमंत्रित किया गया, बल्कि वे पहली पंक्ति में बैठीं। लगभग 50 से अधिक पत्रकारों (पुरुष और महिला दोनों) ने भाग लिया। यह तालिबान के दबाव में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
मुत्तकी का स्पष्टीकरणप्रेस कॉन्फ्रेंस में मुत्तकी ने पिछली घटना पर सफाई दी:यह "तकनीकी समस्या" (technical issue) थी, न कि जानबूझकर बहिष्कार।
समय की कमी के कारण पत्रकारों की एक छोटी सूची तैयार की गई थी, जिसमें महिलाओं को शामिल करने का इरादा था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
उन्होंने जोर देकर कहा, "किसी के अधिकारों—चाहे पुरुषों के हों या महिलाओं के—को कभी नकारा नहीं जाना चाहिए।"
इसके अलावा, प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफगान महिलाओं की शिक्षा और रोजगार पर सवाल उठे। मुत्तकी ने दावा किया कि लड़कियों की शिक्षा "हराम" नहीं है, लेकिन यह सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा के अगले आदेश तक "स्थगित" है।
उन्होंने धार्मिक मदरसों में उच्च शिक्षा की उपलब्धता का जिक्र किया, लेकिन आलोचकों ने इसे अपर्याप्त बताया।
अन्य प्रमुख चर्चाएँभारत-अफगानिस्तान संबंध:
मुत्तकी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात का जिक्र किया, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और मानवीय सहायता पर बात हुई। भारत ने काबुल में अपनी मिशन को दूतावास स्तर पर अपग्रेड करने की घोषणा की।
पाकिस्तान सीमा विवाद: मुत्तकी ने हाल के संघर्षों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, कहा कि अधिकांश लड़ाई पाकिस्तानी क्षेत्र में हो रही है। उन्होंने शांति की इच्छा जताई।
यह घटना भारत में लिंग समानता और प्रेस स्वतंत्रता पर बहस को तीव्र करने वाली है।
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भतीजे के थे चाची से अवैध संबंध....
यूपी के सुल्तानपुर के बढ़ुआकला थाना क्षेत्र के बबुरी गांव निवासी रमेश मंगलवार को देर से घर पहुंचा
जैसे ही कमरे में पहुंचा उसकी पत्नी वंदना अपने भतीजे विशाल के साथ बिस्तर पर लेटी हुई थी, ये नजारा देख रमेश का पारा चढ़ गया
उसने विशाल को तब तक मारा जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो गई! बचाने के लिए पत्नी आई उसको भी पीटा।
#murder #मर्डर #उत्तरप्रदेश #सुल्तानपुर
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स्थान - बरैली
शीर्षक --- इंसानियत
लेख - मोहम्मद आदिल रजा
काबुल की मुख्य सड़कों पर, मुत्तकी की हालिया भारत यात्रा से लौटने के बाद। बुजुर्ग व्यक्ति कूड़ा साफ कर रहा था, उसके हाथ मैले-धूल भरे थे।
मुत्तकी ने रुककर बुजुर्ग से गर्मजोशी से हाथ मिलाया (हाथ की मैल का कोई परवाह न करते हुए), इस्लामी अभिवादन "अस्सलामु अलैकुम" किया, और बटुए से नोट निकालकर दिए। वीडियो में मुत्तकी साधारण कुर्ता-पायजामा में दिखे, जो उनकी "जनसाधारण" छवि को मजबूत करता है।
अफगान समाज मुख्य रूप से पश्तूनवाली (पश्तूनों की अनौपचारिक नैतिक संहिता) पर आधारित है, जो समानता, मेहमाननवाजी और सम्मान पर जोर देती है।
तालिबान शासन में कुरान की व्याख्या के तहत सभी मुसलमान "समान" माने जाते हैं—कोई हिंदू वर्ण-व्यवस्था जैसा कठोर जाति-भेद नहीं है।
विदेश मंत्री जैसे उच्च पदाधिकारी भी सादा जीवन जीते हैं, जो इस्लामी "जिहाद" की भावना से प्रेरित है।
शायद मुत्तकी का यह कदम तालिबान की प्रचार रणनीति का हिस्सा लगता है, जो दिखाता है कि शासक और आम नागरिक में कोई फर्क नहीं है।
तालिबान नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा खुद सादगी का प्रतीक हैं। हालांकि, आलोचक कहते हैं कि यह समानता केवल पुरुषों तक सीमित है—महिलाओं पर सख्त प्रतिबंध (शिक्षा, रोजगार) इसे चुनौती देते हैं।
अफगानिस्तान में कबीलाई (ट्राइबल) संरचनाएं पाई जाती हैं (पश्तून, ताजिक, हजारा आदि), जो कभी-कभी भेदभाव पैदा करती हैं, लेकिन औपचारिक वर्ण-व्यवस्था नहीं। यह "समानता" आक्रमणकारियों के खिलाफ एकजुटता का आधार बनी।
"अजेय भूमि" --- ब्रिटिश, सोवियत और अमेरिकी हार का जिक्र बिल्कुल सटीक है। अफगानिस्तान को "कब्रिस्तान ऑफ एम्पायर्स" कहा जाता है, क्योंकि इसकी सामाजिक एकजुटता और भौगोलिक कठिनाई ने आक्रमणों को विफल किया।
वर्ण-रहित समाज ने सभी को विदेशी आक्रमण के खिलाफ एकजुट किया। कठिन पहाड़ी इलाके, ट्राइबल लॉयल्टी और धार्मिक जिहाद ने इसे "अजेय" बनाया। इतिहासकार जैसे विलियम डालरिंपल इसे "अफगान रेजिलिएंस" का परिणाम मानते हैं।
यह घटना तालिबान की छवि को मजबूत करने का प्रयास है, खासकर भारत यात्रा के विवाद के बाद। लेकिन अफगानिस्तान की चुनौतियां (आर्थिक संकट, मानवाधिकार) बरकरार हैं।
#अफगानिस्तान #afganistan #इंसानियत #mutaki
3 months ago | [YT] | 1
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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने दृष्टि IAS पर UPSC CSE 2022 के लिए भ्रामक विज्ञापन के आरोप में ₹5 लाख का जुर्माना लगाया। संस्थान ने 216+ चयन का दावा किया, लेकिन 162 उम्मीदवारों (75%) ने केवल मुफ्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम लिया था, प्रीलिम्स-मेन्स खुद क्लियर किए।
यह दूसरा उल्लंघन है—2021 के लिए पहले ₹3 लाख का जुर्माना लगा। कोचिंग संस्थानों को पारदर्शी विज्ञापन अनिवार्य।
#DrishtiIASFine #UPSCScam #CCPAWarning
3 months ago | [YT] | 0
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केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने दृष्टि IAS पर UPSC CSE 2022 के लिए भ्रामक विज्ञापन के आरोप में ₹5 लाख का जुर्माना लगाया। संस्थान ने 216+ चयन का दावा किया, लेकिन 162 उम्मीदवारों (75%) ने केवल मुफ्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम लिया था, प्रीलिम्स-मेन्स खुद क्लियर किए।
यह दूसरा उल्लंघन है—2021 के लिए पहले ₹3 लाख का जुर्माना लगा। कोचिंग संस्थानों को पारदर्शी विज्ञापन अनिवार्य।
#DrishtiIASFine #UPSCScam #CCPAWarning
3 months ago | [YT] | 0
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यह घटना राजस्थान के सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के एक कैंसर अस्पताल में हुई, जहां से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीतकर आए थे।
एक वीडियो वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि भाजपा कार्यकर्ता कैंसर मरीजों को मात्र 10 रुपये के बिस्किट पैकेट थमा रहे हैं, फोटो खिंचवाने के बाद उन्हें वापस ले लेते हैं। यह PR स्टंट या क्रेडिट लेने की होड़ का उदाहरण लगता है, जो मरीजों के दर्द को भुनाने जैसा है।
क्यों शर्मनाक? कैंसर जैसे गंभीर रोग से जूझ रहे मरीजों के साथ ऐसी सतही हरकत न केवल असंवेदनशील है, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए उनकी पीड़ा का मजाक उड़ाती है। कार्यकर्ता फोटोशूट के बाद बिस्किट छीन लेते हैं, जो दर्शाता है कि असली मंशा सेवा नहीं, बल्कि प्रचार था।
क्या करें? ऐसी घटनाओं की आधिकारिक जांच होनी चाहिए। अस्पताल प्रशासन या स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर शिकायत दर्ज की जा सकती है। राजनीतिक दलों को ऐसी 'मार्केटिंग' से बचना चाहिए, क्योंकि यह जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती है।
#राजस्थानसरकर #राजस्थानसतर्कहै #RajasthanNews #rajasthan
3 months ago | [YT] | 0
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3 months ago | [YT] | 0
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3 months ago | [YT] | 2
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