भानपुरा में 12 लाख रुपये की अवैध अफीम के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
भानपुरा (मंदसौर): नशा मुक्ति अभियान के तहत भानपुरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 किलोग्राम 82 ग्राम अवैध अफीम जब्त की है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
12 सितंबर को भानपुरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने दुधाखेड़ी माताजी मंदिर के पास बायपास तिराहे पर घेराबंदी की। जांच के दौरान नीमच जिले के रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम भदाना के रहने वाले सत्यनारायण मीणा (42) और उसकी पत्नी राधाबाई (38) को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 6.082 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। जब्त माल और आरोपियों के खिलाफ धारा 8/18 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) रामसनेही मिश्रा और एसडीओपी (गरोठ) विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) विनय बुंदेला और भानपुरा पुलिस टीम द्वारा की गई।
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी नाकाम, एमडी ड्रग्स और डोडाचूरा के साथ आरोपी गिरफ्तार..,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
मंदसौर (मध्य प्रदेश): जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल तथा अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) जितेन्द्र भास्कर के निर्देशन में थाना अफजलपुर पुलिस को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी उप-निरीक्षक विकास गेहलोत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
दिनांक 11 सितंबर 2026 को अफजलपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक गंजा व्यक्ति (हल्के नीले रंग की टी-शर्ट व नीले लोअर में) हाथ में विमल का झोला लिए पलवई फंटे से अवैध मादक पदार्थ लेकर कहीं जाने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी द्वारा तत्काल टीम गठित कर पलवई फंटे पर नाकाबंदी की गई।
संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचने पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस बल और पंचों की मदद से उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।
बरामदगी और आरोपी की पहचान
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुख्तयार अहमद खान (पिता मुस्लिम अहमद खान, निवासी: नीम चौक के पीछे, सागर पेशा, जावरा शहर, जिला रतलाम, म.प्र.) बताया।
तलैशी लेने पर आरोपी के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई:
एमडी ड्रग्स: 260 ग्राम (लोअर की जेब में रखी प्लास्टिक की थैली से)
डोडाचूरा: 5 किलो 150 ग्राम (हाथ में लिए विमल के झोले से)
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
अवैध मादक पदार्थों के परिवहन पर थाना अफजलपुर में आरोपी के खिलाफ धारा 8/15 और 8/22 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से मादक पदार्थों के मुख्य स्रोत और नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
इस सफल कार्रवाई में उप-निरीक्षक विकास गेहलोत एवं अफजलपुर थाना टीम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
शासकीय सील कार्यवाही की धज्जियां उड़ाने वाले तथाकथित डॉ बंगाली मनमानी,
01 माह पश्चात भी कार्यवाही नहीं?
प्रशासनिक मिलीभगत या उदासीनता?
याचिकाकर्ता पहुंचे जिला एसपी की जन सुनवाई में,
मामला 2 बार पंचनामा 2 बार सीलबंद कार्यवाही व एफआईआर बावजूद चद्दर शेड में इलाज ऑपरेशन का..,
रामपुरा/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले अंतर्गत रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बैंसला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पिछले सात महीनों से सुर्खियों में चल रहे बिना डिग्री वाले तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली पर दो बार पंचनामा, दो बार सीलबंद कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बावजूद अवैध इलाज और ऑपरेशन का काला कारोबार बदस्तूर जारी है। प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए आरोपी अब सीलबंद क्लिनिक परिसर के पीछे बने चद्दर के शेड में मेडिकल की आड़ में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
शासकीय सील तोड़ी और बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंका:- तथाकथित डॉक्टर बंगाली पर बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के अवैध रूप से पाइल्स (बवासीर) व मस्से का इलाज और ऑपरेशन करने का आरोप है। इसके अलावा, क्लिनिक से निकलने वाला खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट खुले वातावरण में फेंका जा रहा है, जिससे संक्रमण और बड़ी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। प्रशासनिक सील की धज्जियां उड़ाते हुए आरोपी द्वारा बार-बार क्लिनिक संचालित करने पर कलेक्टर के सख्त रुख के बाद 20 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दोबारा सीलबंद कार्रवाई कर पंचनामा तैयार किया था।
कार्रवाई के नाम पर एक महीने से सुस्ती:- संयुक्त कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग रामपुरा ने 5 अगस्त 2026 को स्थानीय रामपुरा पुलिस थाने में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई हेतु शिकायती प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। हालांकि, शिकायत दिए जाने के एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी निष्क्रियता का फायदा उठाकर आरोपी बेखौफ होकर अवैध क्लिनिक चला रहा है।
एसपी जनसुनवाई में लगाई गुहार:- स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से परेशान होकर याचिकाकर्ता 8 सितंबर को जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास की जनसुनवाई में उपस्थित होकर अब तक की पूरी वास्तुस्थिति से अवगत कराया। याचिकाकर्ताओं ने जनहित, पर्यावरण सुरक्षा और प्रशासनिक गरिमा की रक्षा के लिए एक और शिकायती आवेदन सौंपा। फरियादियों ने मांग की है कि शासकीय सील का अनादर करने, फर्जी डॉक्टरी से लोगों की जान जोखिम में डालने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली को तुरंत गिरफ्तार कर क्लिनिक को पूरी तरह से ध्वस्त या जब्त किया जाए।
भारतीय किसान संघ की समीक्षा बैठक शामगढ़ में संपन्न, 15 सितंबर को तहसील स्तर पर ज्ञापन देने का निर्णय
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
शामगढ़/मंदसौर: भारतीय किसान संघ जिला गरोठ की समीक्षा बैठक सोमवार को शामगढ़ में आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्णय:
15 सितंबर को ज्ञापन दिवस: तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले ज्ञापन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। संगठन ने निर्णय लिया है कि इसकी सूचना गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी ताकि किसान एकजुट हो सकें। इसके लिए तहसील प्रभारियों व सह-प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
पुतला दहन कार्यक्रम: ज्ञापन देने से पूर्व बीमा कंपनियों की मनमानी और सैटेलाइट आधारित फसल आकलन व्यवस्था के विरोध में पुतला दहन किया जाएगा।
फसल बीमा की राशि से वंचित किसान: बैठक में फसल बीमा की राशि न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संघ ने स्पष्ट किया कि बीमा में किसी भी तरह की अनियमितता या अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीमा के बहिष्कार की चेतावनी: संगठन ने "फसल बीमा नहीं तो किसान प्रीमियम नहीं देगा" का आह्वान किया। साथ ही सैटेलाइट पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर बीमा कंपनियों के बहिष्कार की बात कही।
प्रमुख उपस्थिति:
बैठक में प्रांत सदस्य रघुनंदन पाटीदार, जिला अध्यक्ष कृपाल सिंह सोलंकी, जिला मंत्री रामनिवास बैरागी, सहमंत्री बाबूलाल धाकड़, कोषाध्यक्ष निहालचंद पाटीदार, गरोठ अध्यक्ष सुल्तान सिंह राठौड़, भानपुरा अध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, सुवासरा अध्यक्ष भारत सिंह गुजर, शामगढ़ अध्यक्ष डूंगर सिंह सिसोदिया, मंत्री बलराम शर्मा और प्रचार प्रमुख रामलाल माली सहित कई पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी जिला मंत्री रामनिवास बैरागी ने दी।
कमलाशंकर विश्वकर्मा नीमच जिले के लिए 'आयोग मित्र' नियुक्त..,
नीमच: 07 सितंबर, मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल ने मनासा तहसील के ग्राम भाटखेड़ी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमलाशंकर विश्वकर्मा को अगले दो वर्षों के लिए नीमच जिले का 'आयोग मित्र' नामांकित किया है।
आयोग के शोध अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, श्री विश्वकर्मा मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के लिए मानसेवी (निःशुल्क) सेवाएं देंगे। वे पूर्व में भी इस पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मुख्य जिम्मेदारी: आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मानव अधिकारों की रक्षा करना।
शिकायत/सूचना संपर्क: मानव अधिकार हनन से जुड़ी घटनाओं की जानकारी मोबाइल नंबर 7838960968 पर दी जा सकती है।
युवा जोश से अपराधियों पर प्रहार: टीआई विनय बुंदेला की सक्रियता से असामाजिक तत्वों में खौफ, भानपुरा में बढ़ा पुलिस पर विश्वास...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
भानपुरा /मंदसौर: मंदसौर जिला अंतर्गत भानपुरा थाना क्षेत्र में इन दिनों युवा नेतृत्व और सक्रिय पुलिसिंग का नया स्वरूप देखने को मिल रहा है। थाना प्रभारी (टीआई) विनय बुंदेला द्वारा पदभार संभालते ही कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिससे क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगा है।
मंदसौर पुलिस कप्तान विनोद कुमार मीणा द्वारा भानपुरा थाने की कमान सौंपे जाने के बाद से ही युवा टीआई विनय बुंदेला एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर केंद्रित ठोस रणनीति बनाई है।
त्वरित कार्रवाई और सतत निगरानी
अपराधिक घटनाओं की सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन लेना और असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस कड़े अभियान से जहां बदमाशों में हड़कंप है, वहीं क्षेत्र के आमजन में सुरक्षा का भाव और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास तेजी से बढ़ा है।
शासकीय सील तोड़ने के आरोपी पर डेढ़ माह पश्चात भी कोई कार्यवाही नहीं?
क्या बेटे की डिग्री छुपा लेगी पिता के काले कारनामे या मिल जाएगी ईलाज ऑपरेशन की अनुमति?
खुला चैलेंज "रोक सको तो रोक लो"?
मामला कार्यवाही बावज़ूद चद्दर शेड में संचालित तथाकथित डॉ बंगाली द्वारा ईलाज ऑपरेशन का...,
रामपुरा/नीमच: जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बैंसला में बिना डिग्रीधारी तथाकथित डॉ मोहन मलिक का गत 07 माह से प्रशासन के लिए नासूर बना हुआ कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा, या यूं कहे कि कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत सहानुभूति अथवा बेबसी कहना एक विचारणीय मुद्दा हैं। मामलानुसार , रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बैंसला क्षेत्र में सूचना तंत्र से प्राप्त सूचनानुसार स्थानीय बैंसला में बिना डिग्रीधारी तथाकथित मस्सा बवासीर डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली द्वारा क्लिनिक का संचालन गत कई वर्षों से किया जा रहा हैं, तथा क्लिनिक का बायोमेडिकल वेस्ट मटेरियल ग्राम के नज़दीक पुलिया में फेंकना सामने आया, जिसकी जन तथा पर्यावरण हित याचिका कर्ता द्वारा शिकायत दिनांक 24 फरवरी 2026 को जिला कलेक्टर नीमच की जन सुनवाई में की गई, जिसमें दो माह पश्चात गति देते हुए जिला व उपखंड स्वास्थ विभाग ने दिनांक 24 अप्रैल को याचिकाकर्ता की उपस्थिति में मौके का मुआयना कर पंचनामा तैयारी किया, पश्चात इसके सुपरफास्ट गति के साथ 01 मई को राजस्व विभाग, पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग टिम द्वारा क्लिनिक को शासकीय सीलबंद कार्यवाही कि गई । कहानी में ट्विस्ट तो तब आता हैं कि , एक दिन पश्चात उक्त तथाकथित डॉक्टर द्वारा क्लिनिक की शासकीय सील तोड़ कर ईलाज उपकरण को निवास परिसर में ही चद्दर शेड में सेट कर ईलाज पुनः शुरू कर लिया जाता हैं। जनहित याचिकाकर्ताओं द्वारा गत 20 जुलाई को जिला कलेक्टर जन सुनवाई में पुनः याचिका दी गई, जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला कलेक्टर श्री चंद्रा के निर्देशानुसार स्वास्थ विभाग राजस्व विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा पुनः सीलबंद कार्यवाही कर दोबारा पंचनामा तैयार कर पुलिस थाना रामपुरा को प्रतिवेदन सौंपा गया।किंतु विडंबना देखिए, तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक को शासकीय सील तोड़ने बावजूद दोबारा सीलबंद कार्यवाही होने बावजूद अभी तक ना गिरफ्तार किया गया और ना ही पूर्व एफआईआर को अपडेट किया गया और ना ही दोबारा एफआईआर दर्ज की गई। जबकि डॉ बंगाली द्वारा आज भी सारी कार्यवाही को ताक पर रख कर धड़ल्ले से निवास स्थान परिसर के चद्दर शेड में फिर इलाज ऑपरेशन संचालित हैं। सूत्रों की मानें तो, एक सेविंग ब्लेड के चार टुकड़े कर एक टुकड़े से एक ऑपरेशन किया जाता है, 2 माह पहले ऑपरेशन का रेट 17 हजार था आज 35 हज़ार प्रति ऑपरेशन हैं। स्थानीयों की मानें तो, डॉ बंगाली द्वारा करोड़ो की जमीन खरीदी कर रिश्तेदारों के नाम की हुई हैं, वहीं तरल रुपयो को सोना खरीदने में खर्च किया जा रहा। मीडिया द्वारा भी समय समय पर जिम्मेदार प्रशासन को अवगत भी कराया जाता रहा हैं किन्तु, आज दिनांक तक कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की गईं। वहीँ संचालित एक मेडिकल स्टोर की आड़ में पुनः ऑपरेशन ईलाज का खेल अनवरत जारी हैं , इन सब में यह भी विचारणीय प्रश्न है कि, दूर दराज में ग्राम बैंसला में एक संचालित मेडिकल पर लाखों की दवाओं की बिक्री किन किन डॉक्टर्स की पर्चियों पर हो रहीं तथा मेडिकल पर मिलने वाली दवाएं प्रतिबंधित हैं या चलित? दवाएं कहा से आ रही और कितना टैक्स पैड किया जा रहा? किंतु जिम्मेदार प्रशासन को ना जनता से कुछ लेना है और ना पर्यावरण से ? जिम्मेदार प्रशासन की तथाकथित डॉक्टर से सहानुभूति या बेबसी किसका संरक्षण या कुछ और ? यह एक विचारणीय प्रश्न हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि, डिप्टी सीएम के गृह क्षेत्र में एक झोलाछाप को संरक्षण क्यों हैं ? बंगाली पहले भी की गई प्रशासनिक कार्यवाहियों पर कई बार यूं ही छूट चुका हैं। जानकारों का कहना हैं कि, अब ये डॉक्टर इसके लड़के की आने वाली तथाकथित डिग्री का सहारा लेकर क्लिनिक संचालन करेगा। लेकिन मुद्दा यहाँ भी वहीं है कि, क्या बेटे की डिग्री पिता के काले कारनामो को क्लीन चिट दे देगी? @हाइलाइट बुलंद मध्यप्रदेश Collector Office Neemuch PRO Jansampark Neemuch CM Madhya Pradesh Madhya Pradesh Police Jansampark Madhya Pradesh Aniruddha Madhav Maru Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
सीतामऊ थाने में महिला मोर्चा ने पुलिस अधिकारियों को बांधी राखी, मनाया रक्षाबंधन का पर्व...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
सीतामऊ/मंदसौर: रक्षाबंधन के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा (सीतामऊ मंडल) की पदाधिकारियों ने पुलिस थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। जिला अध्यक्ष प्रियंका गोस्वामी के नेतृत्व में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी दिनेश प्रजापति और थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति को राखी बांधकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी अपनी ड्यूटी निभाते हुए समाज की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं, इसलिए उनके साथ यह पर्व मनाना सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति व जिला महिला मोर्चा उपाध्यक्ष राधा सोनी, मंडल अध्यक्ष साधना मेहता, मंडल उपाध्यक्ष सुमित्रा बैरागी, मंडल मंत्री मेघा शर्मा और पार्षद माया चावड़ा सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
संत रविदास जी की 650वीं जयंती: मेलखेड़ा में सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत.., रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
गरोठ:संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के शुभ अवसर पर ग्राम पंचायत मेलखेड़ा में प्रदेश स्तरीय सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, गरोठ जनपद अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूफान सिंह राठौड़, शिवराज सिंह गुर्जर, सरपंच राजेंद्र सिंह पडिहार और ईश्वर सिंह राठौड़ सहित सभी ग्रामवासियों ने अतिथियों व संतों का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान शांति व व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग रहा।
अरावली की गोद में विराजित मिंडकेश्वर महादेव मंदिर, सांस्कृतिक धार्मिक ऐतिहासिक विरासती धरोहर, प्रशासनिक अनदेखी एवं संरक्षक की उपेक्षा के चलते मंडरा रहा अस्तित्व पर खतरा, जागीरी भूमि से अर्जित आय पर भी उठ रहे सवाल...?
रिपोर्ट: बुलंद मध्यप्रदेश अख़बार
मप्र अंतर्गत नीमच जिले के रामपुरा नगर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा ऐतिहासिक मिंडकेश्वर महादेव मंदिर प्रशासनिक अनदेखी और संरक्षक की उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। अरावली पर्वत श्रृंखला की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर पौराणिक समय से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार भगवान मिंडकेश्वर महादेव को नगर का आराध्य देव माना जाता है। चंद्रावत राजवंश से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर को केवल एक मंदिर कहना इसकी महत्ता को कम करना होगा। यह स्थान रामपुरा की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन वर्तमान में मंदिर की स्थिति इसके संरक्षण और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मंदिर की दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है और कई स्थानों पर पत्थर निकलने की स्थिति दिखाई दे रही है। यदि समय रहते मरम्मत और संरक्षण का कार्य नहीं किया गया तो मंदिर को और नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे धीरे अपना मूल स्वरूप खोकर खंडहर में तब्दील होने की कगार पर पहुंच सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, इस मंदिर की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। सवाल यह है कि यदि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक विरासत को किस रूप में देखेंगी? चर्चा यह भी है कि, मंदिर पर प्रशासन द्वारा पुजारी भी नियुक्त है एवं मंदिर की देखरेख के लिए संबंधित कृषि भूमि मनासा तहसील के ग्राम बावडा में 10 एकड़ भूमि बताई जाती है, जिसका उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था एवं देखभाल में सहयोग करना है। बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि, मंदिर के रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए इस आय का कितना उपयोग किया गया? स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर की देखभाल पर अपेक्षित राशि खर्च नहीं होने से व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। रामपुरा की इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन, पुरातत्व एवं संबंधित विभाग और मंदिर प्रबंधन को संयुक्त रूप से पहल करने की आवश्यकता है। मंदिर का तकनीकी निरीक्षण, जर्जर हिस्सों की मरम्मत, पत्थरों एवं प्लास्टर का संरक्षण तथा उपलब्ध आय व्यय की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। क्योंकि सवाल सिर्फ एक मंदिर की मरम्मत का नहीं, बल्कि रामपुरा की उस विरासत को बचाने का है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आखिर कब जागेगा प्रशासन? कब होगा मिंडकेश्वर महादेव मंदिर का संरक्षण? मंदिर की भूमि से होने वाली आय का कितना हिस्सा मंदिर की देखभाल पर खर्च हुआ? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
बुलंद प्रदेश न्यूज़
भानपुरा में 12 लाख रुपये की अवैध अफीम के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
भानपुरा (मंदसौर): नशा मुक्ति अभियान के तहत भानपुरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 किलोग्राम 82 ग्राम अवैध अफीम जब्त की है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके पति को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
12 सितंबर को भानपुरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने दुधाखेड़ी माताजी मंदिर के पास बायपास तिराहे पर घेराबंदी की। जांच के दौरान नीमच जिले के रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम भदाना के रहने वाले सत्यनारायण मीणा (42) और उसकी पत्नी राधाबाई (38) को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 6.082 किलोग्राम अफीम बरामद हुई।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। जब्त माल और आरोपियों के खिलाफ धारा 8/18 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (गरोठ) रामसनेही मिश्रा और एसडीओपी (गरोठ) विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) विनय बुंदेला और भानपुरा पुलिस टीम द्वारा की गई।
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी नाकाम, एमडी ड्रग्स और डोडाचूरा के साथ आरोपी गिरफ्तार..,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
मंदसौर (मध्य प्रदेश): जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेरसिंह बघेल तथा अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) जितेन्द्र भास्कर के निर्देशन में थाना अफजलपुर पुलिस को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी उप-निरीक्षक विकास गेहलोत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर एक तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई
दिनांक 11 सितंबर 2026 को अफजलपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक गंजा व्यक्ति (हल्के नीले रंग की टी-शर्ट व नीले लोअर में) हाथ में विमल का झोला लिए पलवई फंटे से अवैध मादक पदार्थ लेकर कहीं जाने की फिराक में है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी द्वारा तत्काल टीम गठित कर पलवई फंटे पर नाकाबंदी की गई।
संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचने पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस बल और पंचों की मदद से उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया।
बरामदगी और आरोपी की पहचान
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुख्तयार अहमद खान (पिता मुस्लिम अहमद खान, निवासी: नीम चौक के पीछे, सागर पेशा, जावरा शहर, जिला रतलाम, म.प्र.) बताया।
तलैशी लेने पर आरोपी के पास से निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई:
एमडी ड्रग्स: 260 ग्राम (लोअर की जेब में रखी प्लास्टिक की थैली से)
डोडाचूरा: 5 किलो 150 ग्राम (हाथ में लिए विमल के झोले से)
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
अवैध मादक पदार्थों के परिवहन पर थाना अफजलपुर में आरोपी के खिलाफ धारा 8/15 और 8/22 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी से मादक पदार्थों के मुख्य स्रोत और नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
इस सफल कार्रवाई में उप-निरीक्षक विकास गेहलोत एवं अफजलपुर थाना टीम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
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शासकीय सील कार्यवाही की धज्जियां उड़ाने वाले तथाकथित डॉ बंगाली मनमानी,
01 माह पश्चात भी कार्यवाही नहीं?
प्रशासनिक मिलीभगत या उदासीनता?
याचिकाकर्ता पहुंचे जिला एसपी की जन सुनवाई में,
मामला 2 बार पंचनामा 2 बार सीलबंद कार्यवाही व एफआईआर बावजूद चद्दर शेड में इलाज ऑपरेशन का..,
रामपुरा/नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच जिले अंतर्गत रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम बैंसला से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पिछले सात महीनों से सुर्खियों में चल रहे बिना डिग्री वाले तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली पर दो बार पंचनामा, दो बार सीलबंद कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बावजूद अवैध इलाज और ऑपरेशन का काला कारोबार बदस्तूर जारी है। प्रशासन की कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए आरोपी अब सीलबंद क्लिनिक परिसर के पीछे बने चद्दर के शेड में मेडिकल की आड़ में मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा है।
शासकीय सील तोड़ी और बायोमेडिकल वेस्ट खुले में फेंका:-
तथाकथित डॉक्टर बंगाली पर बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के अवैध रूप से पाइल्स (बवासीर) व मस्से का इलाज और ऑपरेशन करने का आरोप है। इसके अलावा, क्लिनिक से निकलने वाला खतरनाक बायोमेडिकल वेस्ट खुले वातावरण में फेंका जा रहा है, जिससे संक्रमण और बड़ी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। प्रशासनिक सील की धज्जियां उड़ाते हुए आरोपी द्वारा बार-बार क्लिनिक संचालित करने पर कलेक्टर के सख्त रुख के बाद 20 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दोबारा सीलबंद कार्रवाई कर पंचनामा तैयार किया था।
कार्रवाई के नाम पर एक महीने से सुस्ती:-
संयुक्त कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग रामपुरा ने 5 अगस्त 2026 को स्थानीय रामपुरा पुलिस थाने में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई हेतु शिकायती प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। हालांकि, शिकायत दिए जाने के एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इसी निष्क्रियता का फायदा उठाकर आरोपी बेखौफ होकर अवैध क्लिनिक चला रहा है।
एसपी जनसुनवाई में लगाई गुहार:-
स्थानीय पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से परेशान होकर याचिकाकर्ता 8 सितंबर को जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास की जनसुनवाई में उपस्थित होकर अब तक की पूरी वास्तुस्थिति से अवगत कराया। याचिकाकर्ताओं ने जनहित, पर्यावरण सुरक्षा और प्रशासनिक गरिमा की रक्षा के लिए एक और शिकायती आवेदन सौंपा।
फरियादियों ने मांग की है कि शासकीय सील का अनादर करने, फर्जी डॉक्टरी से लोगों की जान जोखिम में डालने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली को तुरंत गिरफ्तार कर क्लिनिक को पूरी तरह से ध्वस्त या जब्त किया जाए।
5 days ago | [YT] | 4
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
भारतीय किसान संघ की समीक्षा बैठक शामगढ़ में संपन्न, 15 सितंबर को तहसील स्तर पर ज्ञापन देने का निर्णय
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
शामगढ़/मंदसौर: भारतीय किसान संघ जिला गरोठ की समीक्षा बैठक सोमवार को शामगढ़ में आयोजित की गई। इस बैठक में किसानों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्णय:
15 सितंबर को ज्ञापन दिवस: तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले ज्ञापन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई। संगठन ने निर्णय लिया है कि इसकी सूचना गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी ताकि किसान एकजुट हो सकें। इसके लिए तहसील प्रभारियों व सह-प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
पुतला दहन कार्यक्रम: ज्ञापन देने से पूर्व बीमा कंपनियों की मनमानी और सैटेलाइट आधारित फसल आकलन व्यवस्था के विरोध में पुतला दहन किया जाएगा।
फसल बीमा की राशि से वंचित किसान: बैठक में फसल बीमा की राशि न मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संघ ने स्पष्ट किया कि बीमा में किसी भी तरह की अनियमितता या अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बीमा के बहिष्कार की चेतावनी: संगठन ने "फसल बीमा नहीं तो किसान प्रीमियम नहीं देगा" का आह्वान किया। साथ ही सैटेलाइट पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर बीमा कंपनियों के बहिष्कार की बात कही।
प्रमुख उपस्थिति:
बैठक में प्रांत सदस्य रघुनंदन पाटीदार, जिला अध्यक्ष कृपाल सिंह सोलंकी, जिला मंत्री रामनिवास बैरागी, सहमंत्री बाबूलाल धाकड़, कोषाध्यक्ष निहालचंद पाटीदार, गरोठ अध्यक्ष सुल्तान सिंह राठौड़, भानपुरा अध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, सुवासरा अध्यक्ष भारत सिंह गुजर, शामगढ़ अध्यक्ष डूंगर सिंह सिसोदिया, मंत्री बलराम शर्मा और प्रचार प्रमुख रामलाल माली सहित कई पदाधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
बैठक में लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी जिला मंत्री रामनिवास बैरागी ने दी।
6 days ago | [YT] | 0
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
कमलाशंकर विश्वकर्मा नीमच जिले के लिए 'आयोग मित्र' नियुक्त..,
नीमच: 07 सितंबर, मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल ने मनासा तहसील के ग्राम भाटखेड़ी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता कमलाशंकर विश्वकर्मा को अगले दो वर्षों के लिए नीमच जिले का 'आयोग मित्र' नामांकित किया है।
आयोग के शोध अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, श्री विश्वकर्मा मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के लिए मानसेवी (निःशुल्क) सेवाएं देंगे। वे पूर्व में भी इस पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मुख्य जिम्मेदारी: आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मानव अधिकारों की रक्षा करना।
शिकायत/सूचना संपर्क: मानव अधिकार हनन से जुड़ी घटनाओं की जानकारी मोबाइल नंबर 7838960968 पर दी जा सकती है।
1 week ago | [YT] | 2
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
युवा जोश से अपराधियों पर प्रहार: टीआई विनय बुंदेला की सक्रियता से असामाजिक तत्वों में खौफ, भानपुरा में बढ़ा पुलिस पर विश्वास...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
भानपुरा /मंदसौर: मंदसौर जिला अंतर्गत भानपुरा थाना क्षेत्र में इन दिनों युवा नेतृत्व और सक्रिय पुलिसिंग का नया स्वरूप देखने को मिल रहा है। थाना प्रभारी (टीआई) विनय बुंदेला द्वारा पदभार संभालते ही कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिससे क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगा है।
मंदसौर पुलिस कप्तान विनोद कुमार मीणा द्वारा भानपुरा थाने की कमान सौंपे जाने के बाद से ही युवा टीआई विनय बुंदेला एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा पर केंद्रित ठोस रणनीति बनाई है।
त्वरित कार्रवाई और सतत निगरानी
अपराधिक घटनाओं की सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन लेना और असामाजिक तत्वों पर सतत निगरानी रखना उनकी कार्यशैली का प्रमुख हिस्सा बन चुका है। अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस कड़े अभियान से जहां बदमाशों में हड़कंप है, वहीं क्षेत्र के आमजन में सुरक्षा का भाव और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास तेजी से बढ़ा है।
1 week ago | [YT] | 2
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
प्रशासन की मजबूरी, मेहरबानी या उदासीनता?
झोलाछाप बंगाली का तांडव बरक़रार?
शासकीय सील तोड़ने के आरोपी पर डेढ़ माह पश्चात भी कोई कार्यवाही नहीं?
क्या बेटे की डिग्री छुपा लेगी पिता के काले कारनामे या मिल जाएगी ईलाज ऑपरेशन की अनुमति?
खुला चैलेंज "रोक सको तो रोक लो"?
मामला कार्यवाही बावज़ूद चद्दर शेड में संचालित तथाकथित डॉ बंगाली द्वारा ईलाज ऑपरेशन का...,
रामपुरा/नीमच: जिला नीमच अंतर्गत रामपुरा तहसील क्षेत्र के ग्राम बैंसला में बिना डिग्रीधारी तथाकथित डॉ मोहन मलिक का गत 07 माह से प्रशासन के लिए नासूर बना हुआ कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा, या यूं कहे कि कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की मिली भगत सहानुभूति अथवा बेबसी कहना एक विचारणीय मुद्दा हैं।
मामलानुसार , रामपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम बैंसला क्षेत्र में सूचना तंत्र से प्राप्त सूचनानुसार स्थानीय बैंसला में बिना डिग्रीधारी तथाकथित मस्सा बवासीर डॉक्टर मोहन मलिक बंगाली द्वारा क्लिनिक का संचालन गत कई वर्षों से किया जा रहा हैं, तथा क्लिनिक का बायोमेडिकल वेस्ट मटेरियल ग्राम के नज़दीक पुलिया में फेंकना सामने आया, जिसकी जन तथा पर्यावरण हित याचिका कर्ता द्वारा शिकायत दिनांक 24 फरवरी 2026 को जिला कलेक्टर नीमच की जन सुनवाई में की गई, जिसमें दो माह पश्चात गति देते हुए जिला व उपखंड स्वास्थ विभाग ने दिनांक 24 अप्रैल को याचिकाकर्ता की उपस्थिति में मौके का मुआयना कर पंचनामा तैयारी किया, पश्चात इसके सुपरफास्ट गति के साथ 01 मई को राजस्व विभाग, पुलिस विभाग व स्वास्थ्य विभाग टिम द्वारा क्लिनिक को शासकीय सीलबंद कार्यवाही कि गई । कहानी में ट्विस्ट तो तब आता हैं कि , एक दिन पश्चात उक्त तथाकथित डॉक्टर द्वारा क्लिनिक की शासकीय सील तोड़ कर ईलाज उपकरण को निवास परिसर में ही चद्दर शेड में सेट कर ईलाज पुनः शुरू कर लिया जाता हैं।
जनहित याचिकाकर्ताओं द्वारा गत 20 जुलाई को जिला कलेक्टर जन सुनवाई में पुनः याचिका दी गई, जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला कलेक्टर श्री चंद्रा के निर्देशानुसार स्वास्थ विभाग राजस्व विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा पुनः सीलबंद कार्यवाही कर दोबारा पंचनामा तैयार कर पुलिस थाना रामपुरा को प्रतिवेदन सौंपा गया।किंतु विडंबना देखिए, तथाकथित डॉक्टर मोहन मलिक को शासकीय सील तोड़ने बावजूद दोबारा सीलबंद कार्यवाही होने बावजूद अभी तक ना गिरफ्तार किया गया और ना ही पूर्व एफआईआर को अपडेट किया गया और ना ही दोबारा एफआईआर दर्ज की गई।
जबकि डॉ बंगाली द्वारा आज भी सारी कार्यवाही को ताक पर रख कर धड़ल्ले से निवास स्थान परिसर के चद्दर शेड में फिर इलाज ऑपरेशन संचालित हैं। सूत्रों की मानें तो, एक सेविंग ब्लेड के चार टुकड़े कर एक टुकड़े से एक ऑपरेशन किया जाता है, 2 माह पहले ऑपरेशन का रेट 17 हजार था आज 35 हज़ार प्रति ऑपरेशन हैं।
स्थानीयों की मानें तो, डॉ बंगाली द्वारा करोड़ो की जमीन खरीदी कर रिश्तेदारों के नाम की हुई हैं, वहीं तरल रुपयो को सोना खरीदने में खर्च किया जा रहा।
मीडिया द्वारा भी समय समय पर जिम्मेदार प्रशासन को अवगत भी कराया जाता रहा हैं किन्तु, आज दिनांक तक कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की गईं। वहीँ संचालित एक मेडिकल स्टोर की आड़ में पुनः ऑपरेशन ईलाज का खेल अनवरत जारी हैं , इन सब में यह भी विचारणीय प्रश्न है कि, दूर दराज में ग्राम बैंसला में एक संचालित मेडिकल पर लाखों की दवाओं की बिक्री किन किन डॉक्टर्स की पर्चियों पर हो रहीं तथा मेडिकल पर मिलने वाली दवाएं प्रतिबंधित हैं या चलित? दवाएं कहा से आ रही और कितना टैक्स पैड किया जा रहा?
किंतु जिम्मेदार प्रशासन को ना जनता से कुछ लेना है और ना पर्यावरण से ?
जिम्मेदार प्रशासन की तथाकथित डॉक्टर से सहानुभूति या बेबसी किसका संरक्षण या कुछ और ? यह एक विचारणीय प्रश्न हैं।
स्थानीय लोगों का कहना हैं कि,
डिप्टी सीएम के गृह क्षेत्र में एक झोलाछाप को संरक्षण क्यों हैं ? बंगाली पहले भी की गई प्रशासनिक कार्यवाहियों पर कई बार यूं ही छूट चुका हैं।
जानकारों का कहना हैं कि, अब ये डॉक्टर इसके लड़के की आने वाली तथाकथित डिग्री का सहारा लेकर क्लिनिक संचालन करेगा। लेकिन मुद्दा यहाँ भी वहीं है कि, क्या बेटे की डिग्री पिता के काले कारनामो को क्लीन चिट दे देगी?
@हाइलाइट बुलंद मध्यप्रदेश Collector Office Neemuch PRO Jansampark Neemuch CM Madhya Pradesh Madhya Pradesh Police Jansampark Madhya Pradesh Aniruddha Madhav Maru Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
1 week ago (edited) | [YT] | 9
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
सीतामऊ थाने में महिला मोर्चा ने पुलिस अधिकारियों को बांधी राखी, मनाया रक्षाबंधन का पर्व...,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
सीतामऊ/मंदसौर: रक्षाबंधन के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा (सीतामऊ मंडल) की पदाधिकारियों ने पुलिस थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। जिला अध्यक्ष प्रियंका गोस्वामी के नेतृत्व में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी दिनेश प्रजापति और थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति को राखी बांधकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी अपनी ड्यूटी निभाते हुए समाज की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं, इसलिए उनके साथ यह पर्व मनाना सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति व जिला महिला मोर्चा उपाध्यक्ष राधा सोनी, मंडल अध्यक्ष साधना मेहता, मंडल उपाध्यक्ष सुमित्रा बैरागी, मंडल मंत्री मेघा शर्मा और पार्षद माया चावड़ा सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।
1 week ago (edited) | [YT] | 2
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
संत रविदास जी की 650वीं जयंती: मेलखेड़ा में सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत..,
रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा
गरोठ:संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के शुभ अवसर पर ग्राम पंचायत मेलखेड़ा में प्रदेश स्तरीय सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, गरोठ जनपद अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तूफान सिंह राठौड़, शिवराज सिंह गुर्जर, सरपंच राजेंद्र सिंह पडिहार और ईश्वर सिंह राठौड़ सहित सभी ग्रामवासियों ने अतिथियों व संतों का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान शांति व व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का विशेष सहयोग रहा।
1 week ago | [YT] | 2
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बुलंद प्रदेश न्यूज़
अरावली की गोद में विराजित मिंडकेश्वर महादेव मंदिर,
सांस्कृतिक धार्मिक ऐतिहासिक विरासती धरोहर,
प्रशासनिक अनदेखी एवं संरक्षक की उपेक्षा के चलते मंडरा रहा अस्तित्व पर खतरा,
जागीरी भूमि से अर्जित आय पर भी उठ रहे सवाल...?
रिपोर्ट: बुलंद मध्यप्रदेश अख़बार
मप्र अंतर्गत नीमच जिले के रामपुरा नगर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा ऐतिहासिक मिंडकेश्वर महादेव मंदिर प्रशासनिक अनदेखी और संरक्षक की उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। अरावली पर्वत श्रृंखला की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर पौराणिक समय से क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार भगवान मिंडकेश्वर महादेव को नगर का आराध्य देव माना जाता है।
चंद्रावत राजवंश से जुड़ी इस ऐतिहासिक धरोहर को केवल एक मंदिर कहना इसकी महत्ता को कम करना होगा। यह स्थान रामपुरा की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन वर्तमान में मंदिर की स्थिति इसके संरक्षण और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मंदिर की दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है और कई स्थानों पर पत्थर निकलने की स्थिति दिखाई दे रही है। यदि समय रहते मरम्मत और संरक्षण का कार्य नहीं किया गया तो मंदिर को और नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में यह ऐतिहासिक धरोहर धीरे धीरे अपना मूल स्वरूप खोकर खंडहर में तब्दील होने की कगार पर पहुंच सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि, इस मंदिर की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। सवाल यह है कि यदि समय रहते संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियां इस ऐतिहासिक विरासत को किस रूप में देखेंगी?
चर्चा यह भी है कि, मंदिर पर प्रशासन द्वारा पुजारी भी नियुक्त है एवं मंदिर की देखरेख के लिए संबंधित कृषि भूमि मनासा तहसील के ग्राम बावडा में 10 एकड़ भूमि बताई जाती है, जिसका उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था एवं देखभाल में सहयोग करना है। बावजूद इसके स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि, मंदिर के रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए इस आय का कितना उपयोग किया गया?
स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर की देखभाल पर अपेक्षित राशि खर्च नहीं होने से व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
रामपुरा की इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए प्रशासन, पुरातत्व एवं संबंधित विभाग और मंदिर प्रबंधन को संयुक्त रूप से पहल करने की आवश्यकता है। मंदिर का तकनीकी निरीक्षण, जर्जर हिस्सों की मरम्मत, पत्थरों एवं प्लास्टर का संरक्षण तथा उपलब्ध आय व्यय की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक मंदिर की मरम्मत का नहीं, बल्कि रामपुरा की उस विरासत को बचाने का है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आखिर कब जागेगा प्रशासन?
कब होगा मिंडकेश्वर महादेव मंदिर का संरक्षण?
मंदिर की भूमि से होने वाली आय का कितना हिस्सा मंदिर की देखभाल पर खर्च हुआ?
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
1 week ago | [YT] | 8
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