बुलंद प्रदेश न्यूज़

सुजलाम, सुफलाम् मलयज-शीतलाम्. शस्यश्यामलाम् मातरम्. वन्दे...,

अस्वीकरण:- प्रेषित सामग्री केवल प्राप्त जानकारी व सूत्रों के आधार पर प्रेषित हैं।


बुलंद प्रदेश न्यूज़

क्या खत्म होगा मनासा का दशकों पुराना इंतजार?
क्षेत्रीय विधायक अनिरुद्ध मारू रेस में सबसे आगे!
मोहन मंत्रिमंडल का जल्द होगा विस्तार...,

भोपाल/नीमच(मप्र): प्रदेश डॉ. मोहन यादव के शनिवार को दिए एक बयान ने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सीएम ने साफ कर दिया है कि 'मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार शीघ्र किया जावेगा और इसमें नए चेहरों व विधायकों को मौका मिलेगाl
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद ही कयासों का दौर शुरू हो गया है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा नीमच जिले की हॉट सीट मनासा को लेकर हो रही है। सूत्रों की मानें तो मनासा से भाजपा विधायक अनुरुद्ध 'माधव' मारू का नाम मंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है।

सियासी समीकरण: दशकों से मंत्री पद को तरस रहा मनासा:-
मनासा विधानसभा का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। यह वही ऐतिहासिक माटी है जहां के कुकड़ेश्वर से निकलकर स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे थे। हालांकि, पटवा जी के दौर के बाद से मनासा क्षेत्र को राज्य सरकार में वो नुमाइंदगी और बड़ा मंत्री पद नहीं मिल सका, जिसका यह इलाका हकदार रहा है। सालों से मनासा के लोग अपनी इस कसक को दिल में दबाए बैठे थे।

क्यों मजबूत है माधव मारू का दावा?:-
पटवा जी की विरासत: -
मनासा की ऐतिहासिक राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए मालवा अंचल के इस हिस्से को साधना संगठन के लिए बेहद जरूरी है।

क्षेत्रीय संतुलन: मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भाजपा का गढ़ मजबूत करने और स्थानीय असंतोष को खत्म करने के लिए नीमच जिले को मंत्रिमंडल में तवज्जो मिलना तय माना जा रहा है।

संगठनात्मक पकड़: -
लगातार क्षेत्र में सक्रियता और क्षेत्रीय समीकरणों के चलते माधव मारू की दावेदारी बहुत मजबूत नजर आ रही है।

सीएम डॉ. मोहन यादव के बयान के बाद से मनासा और नीमच की जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उम्मीद जग गई है कि अगर माधव मारू को 'मोहन कैबिनेट' में जगह मिलती है, तो मनासा का सालों पुराना 'इंतजार' खत्म होगा और क्षेत्र के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।

अब सबकी निगाहें भोपाल पर टिकी हैं—देखना दिलचस्प होगा कि जब मोहन मंत्रिमंडल की नई लिस्ट जारी होगी, तो क्या उसमें अनुरुद्ध माधव मारू के नाम पर मुहर लगेगी?

7 hours ago | [YT] | 1

बुलंद प्रदेश न्यूज़

मप्र की ग्राम पंचायत लाखों रुपये का घोटाला,
सचिव निलंबित, सरपंच पर भी होगी कार्रवाई ?
जांच दौरान बड़ा खुलासा..,




सीधी: मप्र अंतर्गत सीधी जिले में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आये दिन खबरें छपती रहती हैं, कहीं जांच तक सीमित रहता है तो कहीं नाम मात्र की कार्यवाही की जाती है वहीं एक ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने पर सचिव पर कार्रवाई की गई है यह कार्यवाही जिला पंचायत सीईओ रहे शैलेन्द्र सिंह सोलंकी द्वारा 19 अगस्त को कुसमी और मझौली में हुई समीक्षा बैठकों के दो दिन बाद 21 अगस्त को जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमगांव के सचिव पर की गई है। चेकडैम निर्माण में भारी गड़बड़ी मिलने पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सरपंच पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

मिली जानकारी के अनुसार यह कार्यवाही जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने किया था, यह कार्यवाही 21 अगस्त को की गई है, बताया गया कि पिपरहिया नाला, अमगांव में प्रस्तावित चेकडैम निर्माण का स्थल निरीक्षण किया गया। जांच में मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया, जबकि इस कार्य के लिए स्वीकृत 6.01 लाख रुपये में से 5,99,625 रुपये की राशि पहले ही आहरित कर ली गई थी। यह कृत्य ग्राम पंचायत अमगांव के सचिव राजेश गुप्ता और सरपंच श्यामबती सिंह द्वारा की गई गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया। हालांकि उसी दिन 21 अगस्त को जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी का तबादला भी हो गया।

सीएम हेल्पलाइन शिकायत में भी पुष्टि


जिला पंचायत के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम विड़ौरा के ग्रामीणों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में संबल योजना के तहत पैसे लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद संबंधित शिकायत को बंद कर दिया गया और सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया। जहां यह कार्यवाही की गई है।

तत्काल प्रभाव से सचिव निलंबित

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी के प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए सचिव राजेश गुप्ता को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा नियम 2011 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कुसमी निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

रोजगार सहायक को सौंपा अतिरिक्त प्रभार

प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए ग्राम रोजगार सहायक शिवम सिंह सोमवंशी को पंचायत के अतिरिक्त सचिवीय एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।


समीक्षा बैठक के 2 दिन बाद कार्रवाई

सूत्रों की माने तो 19 अगस्त को जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी द्वारा कुसमी और मझौली में समीक्षा बैठक ली गई थी, जिसके बाद पंचायत कर्मचारियों में कार्रवाई को लेकर डर का माहौल था। बैठक में कई सचिवों और रोजगार सहायकों को फटकार लगाई गई थी। वहीं मझौली जनपद क्षेत्र अंतर्गत कुछ ग्राम पंचायत के सचिवों के वेतन काटने की भी जानकारी मिल रही है, गौरतलब है कि सोलंकी का तबादला हो चुका है और अब सुश्री सौम्या आनंद ने जिला पंचायत सीईओ का कार्यभार संभाल लिया है।


सरपंच पर कब होगी कार्यवाही

ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच दोनों पर भ्रष्टाचार और अनियमितता का जांच में गंभीर खुलासा हुआ हैं जहां सचिव पर तो सस्पेंड कर दिया गया लेकिन सरपंच पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई जो बड़ा सवाल यह कि सरपंच पर कार्यवाही कब होगी,या फिर मामले को यहीं पर रफा दफा कर दिया जाएगा.

कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं?

मध्यप्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत: धारा 89: सरपंच को पद से हटाने का प्रावधान,धारा 92: वित्तीय अनियमितता पर दोषियों से राशि की वसूली,धारा 40: कर्तव्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार पर पद से हटाने की कार्रवाई का प्रावधान है ,इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर सरपंच और सचिव दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

अब नजर कार्रवाई पर


फिलहाल सचिव पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन सरपंच के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। यह भी देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

7 hours ago | [YT] | 0

बुलंद प्रदेश न्यूज़

भरतपुरा से लाल किले तक पहुंची ऐतिहासिक तिरंगा साइकिल यात्रा,
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज

रिपोर्ट: वि.के.(बंटी)राठौर

​मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले (सुवासरा विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम भरतपुरा से शुरू हुई विशाल तिरंगा साइकिल यात्रा का दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर सफल समापन हुआ। भाजपा नेता विनय जांगिड़ शर्मा के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन' में अपना नाम दर्ज कराकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

​यात्रा की मुख्य बातें:

​अवधि और दूरी: 13 अगस्त को ग्राम भरतपुरा से शुरू हुई यह यात्रा 10 दिनों में लगभग 800 किलोमीटर का सफर तय कर 23 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पहुंची।

​उद्देश्य: यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, एकता और अखंडता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था।

​युवाओं की भागीदारी: बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में तिरंगा थामकर पूरे उत्साह के साथ इस लंबे सफर को साइकिल से तय किया।

​अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: इस ऐतिहासिक यात्रा को 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन' में स्थान मिला है, जिससे मंदसौर जिले सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

​यात्रा के सफल समापन पर क्षेत्रवासियों ने इसमें शामिल सभी युवाओं और सहयोगियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

8 hours ago | [YT] | 1

बुलंद प्रदेश न्यूज़

भरतपुरा से लाल किले तक पहुंची ऐतिहासिक तिरंगा साइकिल यात्रा,
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज

रिपोर्ट: वि.के.(बंटी)राठौर

​मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले (सुवासरा विधानसभा क्षेत्र) के ग्राम भरतपुरा से शुरू हुई विशाल तिरंगा साइकिल यात्रा का दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर सफल समापन हुआ। भाजपा नेता विनय जांगिड़ शर्मा के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन' में अपना नाम दर्ज कराकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

​यात्रा की मुख्य बातें:

​अवधि और दूरी: 13 अगस्त को ग्राम भरतपुरा से शुरू हुई यह यात्रा 10 दिनों में लगभग 800 किलोमीटर का सफर तय कर 23 अगस्त को दिल्ली के लाल किले पहुंची।

​उद्देश्य: यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, एकता और अखंडता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था।

​युवाओं की भागीदारी: बड़ी संख्या में युवाओं ने हाथों में तिरंगा थामकर पूरे उत्साह के साथ इस लंबे सफर को साइकिल से तय किया।

​अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि: इस ऐतिहासिक यात्रा को 'वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन' में स्थान मिला है, जिससे मंदसौर जिले सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

​यात्रा के सफल समापन पर क्षेत्रवासियों ने इसमें शामिल सभी युवाओं और सहयोगियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

8 hours ago | [YT] | 0

बुलंद प्रदेश न्यूज़

हाथ में माइक, गले में कैमरा और YouTube चैनल... क्या इससे कोई पत्रकार बन जाता है?

आजकल सोशल मीडिया के दौर में एक नया चलन तेजी से बढ़ रहा है।

जिसके हाथ में मोबाइल कैमरा आया, जिसने एक YouTube चैनल बना लिया और जिसके गले में माइक लटक गया, वह खुद को पत्रकार समझने लगा।

फिर किसी भी दुकान, अस्पताल, सरकारी कार्यालय, स्कूल या निजी संस्थान में घुसकर सवाल शुरू..."कैमरे के सामने जवाब दीजिए..."

लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल कैमरा और YouTube चैनल किसी व्यक्ति को किसी भी परिसर में प्रवेश करने और किसी से भी पूछताछ करने का कानूनी अधिकार दे देता है?

जवाब है: बिल्कुल नहीं. पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है, लेकिन पत्रकारिता की स्वतंत्रता का अर्थ अराजकता की स्वतंत्रता नहीं है।

पत्रकारिता की स्वतंत्रता बनाम परिसर में प्रवेश का अधिकार
किसी व्यक्ति को समाचार संकलन करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह किसी स्कूल के परिसर में बिना अनुमति प्रवेश कर जाए।

स्कूल कोई सार्वजनिक सड़क नहीं है।

विशेषकर नाबालिग बच्चों वाले परिसर में प्रवेश, वीडियो रिकॉर्डिंग, बच्चों से सीधे सवाल-जवाब और उनकी तस्वीरें/वीडियो बनाना सुरक्षा और निजता से जुड़े गंभीर प्रश्न पैदा कर सकता है।

यदि कोई व्यक्ति न तो उस विद्यालय का अभिभावक है, न कर्मचारी, न विद्यार्थी और न ही विद्यालय द्वारा अधिकृत व्यक्ति है, तो उसका केवल यह कहना कि "मैं पत्रकार हूं" उसे विद्यालय में प्रवेश का स्वतः अधिकार नहीं देता।

स्कूल प्रशासन सुरक्षा कारणों से ऐसे व्यक्ति को प्रवेश से रोक सकता है और उससे पहचान तथा रिपोर्टिंग के उद्देश्य के संबंध में जानकारी मांग सकता है।

बच्चों के मामले में मामला और गंभीर है

बच्चों से संबंधित पत्रकारिता में विशेष सावधानी आवश्यक है।

NCPCR की guidelines के अनुसार बच्चे की privacy और dignity की रक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। Media द्वारा बच्चे का interview उसकी best interest में होना चाहिए और आवश्यक परिस्थितियों में parent/legal guardian या competent authority की consent/supervision का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है।

और यदि मामला POCSO Act से संबंधित है तो बच्चे की पहचान उजागर करना गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है। POCSO Act की धारा 23 मीडिया में बच्चे की पहचान उजागर करने पर विशेष प्रतिबंध लगाती है।

इसलिए स्कूल में कैमरा लेकर पहुंच जाना और बच्चों को कैमरे के सामने खड़ा करके सवाल पूछना कोई सामान्य "पत्रकारिता" नहीं मानी जा सकती। "मैं YouTuber हूं" कोई कानूनी लाइसेंस नहीं है.YouTube channel चलाना अपने आप में अपराध नहीं है.स्वतंत्र पत्रकारिता करना भी अपने आप में अपराध नहीं है।

लेकिन...

पत्रकारिता की आड़ में किसी की निजता भंग करना, जबरन परिसर में घुसना, धमकाना, अपमानित करना, झूठे आरोप लगाना, बच्चों को कैमरे के सामने लाना या बिना अनुमति रिकॉर्डिंग करना अलग कानूनी प्रश्न पैदा कर सकता है।

यदि कोई व्यक्ति परिसर छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद भी वहां बना रहता है और परिस्थितियां कानून की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं, तो BNS की धारा 329 में वर्णित criminal trespass के प्रावधानों की जांच की जा सकती है।

यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध जानबूझकर ऐसी झूठी या मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित की जाती है जिससे उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे, तो परिस्थितियों के अनुसार BNS की धारा 356 के अंतर्गत defamation का प्रश्न भी उठ सकता है। हालांकि हर आलोचना या नकारात्मक रिपोर्ट को मानहानि नहीं कहा जा सकता, क्योंकि कानून में exceptions भी हैं।

ऐसे तथाकथित "फर्जी पत्रकारों" के खिलाफ क्या करें?
सबसे पहले भावनात्मक प्रतिक्रिया न दें।
सबूत सुरक्षित करें।

1. पूरा वीडियो डाउनलोड/सेव करें।
2. वीडियो का URL सुरक्षित रखें।
3. तारीख और समय नोट करें।
4. व्यक्ति का नाम, चैनल का नाम और उपलब्ध पहचान सुरक्षित करें।
5. स्कूल के CCTV फुटेज सुरक्षित करवाएं।
6. प्रवेश रजिस्टर/visitor register सुरक्षित रखें।
7. यदि बच्चों की रिकॉर्डिंग हुई है तो उसकी अलग से जानकारी रखें।
8. वीडियो के screenshots और screen recording सुरक्षित रखें।
9. यदि धमकी या दबाव दिया गया है तो उसके audio/video/message सुरक्षित रखें।

शिकायत कहां करें यह सबसे महत्वपूर्ण है.

पहला स्तर: स्कूल प्रशासन - प्रधानाचार्य/प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर घटना का रिकॉर्ड बनाएं और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का अनुरोध करें।

दूसरा स्तर: शिक्षा विभाग - सरकारी/मान्यता प्राप्त स्कूल के मामले में संबंधित BSA/DIOS तथा जिला शिक्षा अधिकारियों को शिकायत दी जा सकती है। मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हो तो जिला प्रशासन को भी सूचित किया जा सकता है।

तीसरा स्तर: पुलिस - यदि बिना अनुमति प्रवेश, जबरन रुकना, धमकी, अभद्रता, मारपीट, जबरन रिकॉर्डिंग, बच्चों को परेशान करना, झूठी पहचान का इस्तेमाल करना अथवा कोई अन्य संज्ञेय अपराध बनता है तो स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दें।

उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक पोर्टल पर online complaint facilities उपलब्ध हैं और DGP Complaint Cell के लिए भी आधिकारिक संपर्क उपलब्ध कराया गया है।

चौथा स्तर: Cyber Crime - यदि वीडियो YouTube, Facebook, Instagram या अन्य digital platform पर डाला गया है और उसमें धमकी, harassment, impersonation, privacy violation अथवा अन्य cyber offence का तत्व है तो cyber complaint का रास्ता भी उपलब्ध है। UP Police की Cyber Crime व्यवस्था में online complaints की सुविधा और Cyber Crime HQ का विवरण उपलब्ध है।

पांचवां स्तर: NCPCR / SCPCR - यदि मामला बच्चों की privacy, dignity, safety या child rights से जुड़ा है तो National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR) अथवा संबंधित State Commission for Protection of Child Rights के समक्ष शिकायत की जा सकती है। NCPCR की वर्तमान website पर child-rights complaints और guidelines के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध है।

Press Council में शिकायत कब. यहां भी एक महत्वपूर्ण कानूनी अंतर समझना जरूरी है। Press Council of India मुख्यतः print media से संबंधित मामलों के लिए है।

उसकी अपनी वेबसाइट स्पष्ट करती है कि electronic/social media और OTT content उसके statutory jurisdiction में नहीं आते। इसलिए केवल YouTube channel के विरुद्ध हर मामले में Press Council में शिकायत करना उचित forum नहीं होगा।

लेकिन यदि सामग्री किसी newspaper, news agency या working journalist द्वारा प्रकाशित की गई है और journalistic misconduct/ethical violation का मामला है, तो Press Council Act, 1978 के तहत शिकायत का रास्ता उपलब्ध हो सकता है।

सवाल पत्रकारिता के खिलाफ नहीं है। सवाल पत्रकारिता की आड़ में की जा रही अराजकता के खिलाफ है। एक वास्तविक पत्रकार से सवाल पूछने का अधिकार कोई नहीं छीन सकता।

लेकिन पत्रकार को भी यह समझना होगा कि...स्कूल उसका स्टूडियो नहीं है। बच्चे उसका content नहीं हैं। किसी की निजता उसकी TRP नहीं है। कैमरा कानून से ऊपर नहीं है।

और सबसे महत्वपूर्ण...माइक हाथ में होने से किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं मिल जाता।

लोकतंत्र में पत्रकारिता की स्वतंत्रता आवश्यक है, लेकिन उतना ही आवश्यक है कि पत्रकारिता जिम्मेदारी, सत्यता, निजता, गरिमा और कानून की सीमा के भीतर हो।

इसलिए अगली बार कोई व्यक्ति केवल माइक और कैमरा लेकर किसी संस्थान में घुसकर यह कहे कि "मैं पत्रकार हूं, मुझे कोई नहीं रोक सकता... तो जवाब बहुत सरल है:
"पत्रकारिता का सम्मान अपनी जगह है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है।"

अधिवक्ता सत्येंद्र नाथ श्रीवास्तव
अधिवक्ता, उच्च न्यायालय

18 hours ago | [YT] | 1

बुलंद प्रदेश न्यूज़

मंदसौर में 67 किलो डोडाचूरा के साथ पंजाब और हरियाणा के 5 तस्कर गिरफ्तार

रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा

​मंदसौर: वायडी नगर थाना पुलिस ने महू-नीमच हाईवे पर कार्रवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा के पांच अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 67.38 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई जा रही है।

​पुलिस के अनुसार गश्त और चेकिंग के दौरान हाईवे से गुजर रहे पांच संदिग्धों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद पांच पिट्ठू बैगों से डोडाचूरा बरामद हुआ।

​गिरफ्तार आरोपी:

​लवदीप सिंह (22), निवासी फाजिल्का, पंजाब

​राजिंदर सिंह (58), निवासी फाजिल्का, पंजाब

​गुरप्रीत (29), निवासी फतेहाबाद, हरियाणा

​अंग्रेज सिंह उर्फ गेज सिंह (23), निवासी फाजिल्का, पंजाब

​हरिंदरपाल सिंह उर्फ काला (42), निवासी फाजिल्का, पंजाब

​पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। डोडाचूरा कहां से लाया गया था और किसे सप्लाई किया जाना था, इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

1 day ago | [YT] | 1

बुलंद प्रदेश न्यूज़

मित्र की गाड़ी ड्राइव कर नगर भ्रमण पर निकले गरोठ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया

रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा

​गरोठ/मंदसौर: गरोठ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश सेठिया का एक सहज और मिलनसार रूप सामने आया है। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उनका पुराना अंदाज बरकरार है।

​हाल ही में उनके पुराने मित्र गणेश मेघवाल उनसे मिलने पहुंचे। गणेश मेघवाल पेशे से गाड़ी के माध्यम से हम्माली का कार्य करते हैं। मुलाकात के दौरान गणेश ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “अब तो आप बड़े आदमी बन गए हो, हमारे साथ न तो चलते हो और न ही चाय पीते हो।”

​मित्र की इस बात को सेठिया ने आत्मीयता से लिया। उन्होंने तुरंत गणेश की बात स्वीकार की और कहा, “चलो, आज तुम्हारी गाड़ी में ही चलते हैं।” इसके बाद राजेश सेठिया खुद गाड़ी की चाबी संभालकर स्टेयरिंग पर बैठ गए और अपने मित्र को साथ बैठाकर नगर भ्रमण पर निकल पड़े।

1 day ago | [YT] | 2

बुलंद प्रदेश न्यूज़

मंदसौर पुलिस की दिनांक 22.08.26 की कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान की गई महत्‍वपूर्ण कार्यवाही..,

रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा


मंदसौर:मंदसौर पुलिस की जिले में अपराधियों के विरूद्ध रात्रि में चला विशेष अभियान, कुल 156 वारंटियों को धरदबोचा, जिनमें 95 स्‍थायी वारंटी (धारा 138- 15, विद्युत अधिनियम- 41 एवं अन्‍य- 39) एवं 54 गिरफ्तारी वारंटियों को मंदसौर पुलिस द्वारा कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान धरदबोचा।
 पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीना की सतत निगरानी में चला अपराधियों के विरूद्ध विशेष अभियान।
 कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा हिस्‍ट्रीशीटर/गुंडा/बदमाशों की चेकिंग करते कुल 74 निगरानी बदमाशों को चेक किया एवं 100 गुंडा/बदमाशों को चेक करते कुल 176 हिस्‍ट्रीशीटर/गुंडा बदमाशों/जिलाबदर बदमाशों की चैकिंग की गई।
 कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान जिले के समस्‍त राजपत्रित अधिकारियों समेत समस्‍त थानों की 37 गश्‍त पार्टियों में कुल 400 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के द्वारा गश्‍त की कार्यवाही को अंजाम दिया गया।
पुलिस अधीक्षक मंदसौर श्री विनोद कुमार मीना के निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक मंदसौर अनुभाग श्री टी.एस. बघेल एवं अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक गरोठ अनुभाग रामस्नेही मिश्रा के मार्गदर्शन में समस्‍त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना / चौकी प्रभारियों द्वारा अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण हेतु समय समय पर कॉम्बिंग गश्‍त का आयोजन किया गया। इसी क्रम में दिनांक 21.08.26 एवं 22.08.26 की दरम्‍यानी रात्रि को समस्‍त राजपत्रित/अराजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारियों समेत जिले के 400 से अधिक पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा संयुक्‍त रूप से रात्रि में संपूर्ण जिले में कॉम्बिंग गश्‍त की गई। कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान जिले में निम्‍न महत्‍वपूर्ण कार्यवाहियां की गई :-






1. कुल 95 स्‍थायी वारंटी गिरफ्तार किये गये जिनमें थाना कोतवाली- 08, थाना वायडी नगर- 07, थाना नई आबादी-06, थाना भावगढ- 05, थाना दलोदा- 08, थाना नाहरगढ- 08, थाना अफजलपुर- 06, थाना पिपलियामंडी- 09, थाना नारायणगढ- 05, थाना मल्‍हारगढ़- 09, थाना सीतामउ- 08, थाना सुवासरा- 05, थाना शामगढ़- 05, थाना गरोठ- 04, थाना भानपुरा- 02 थाना गांधीसागर- 00 द्वारा तामिल किया गया।
2. इसी प्रकार जिले में कार्यवाही के दौरान कुल 54 गिरफ्तारी वारंटियों की भी धरपकड़ की गई जो थाने अनुसार है- थाना कोतवाली-04, थाना वायडी नगर- 03, थाना नई आबादी- 05, थाना भावगढ- 00, थाना अफजलपुर- 00, थाना नाहरगढ-01, थाना दलौदा- 00, थाना पिपलियामंडी- 01, थाना नारायणगढ़- 05, थाना मल्‍हारगढ- 04, थाना सीतामउ- 06, थाना सुवासरा- 02, थाना शामगढ़- 08, थाना गरोठ- 10, थाना भानपुरा-05, थाना गांधीसागर- 00 के द्वारा कार्यवाही की गई।
3. कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा 25 आम्र्स एक्ट के 02 प्रकरणों में कार्यवाही की गई।
4. कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा अवैध शराब के कुल 22 प्रकरणों में 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्‍जे से कुल 80.39 लीटर कुल कीमती 28640 रू की अवैध शराब जप्‍त की गई।
5. कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा धारा 151 के अंतर्गत 07 प्रकरणों में 10 आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई।
6. कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा जुआ सट्टा के 10 प्रकरणों में 14 आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करते उनके आधिपत्य से 5190 रूपये बरामद किये गये।
7. कॉम्बिंग गश्‍त के दौरान मंदसौर पुलिस के द्वारा 03 प्रकरणों में 126,135(30) BNS व वाहन चेकिंग के दौरान 02 चालानी कार्यवाही की गई।

मंदसौर पुलिस द्वारा जिले में लगातार अपराधिक तत्‍वों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही लगातार की जा रही है। मंदसौर पुलिस द्वारा भविष्‍य में भी आपराधिक तत्‍वों के विरूद्ध इस प्रकार की कठोरतम कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

1 day ago | [YT] | 2

बुलंद प्रदेश न्यूज़

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान: गरोठ जनपद कार्यालय में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र वितरित, सुशासन की ओर बढ़ते कदम

रिपोर्ट: बी आर विश्वकर्मा

​गरोठ/मंदसौर: मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत गरोठ जनपद कार्यालय में जनसेवा और सुशासन के संकल्प के साथ एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​कार्यक्रम के दौरान मंदसौर कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह एवं गरोठ-भानपुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री चंदरसिंह सिसोदिया द्वारा बोलिया निवासी अनु पिता श्री रमेशचंद पाटीदार को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

​इस अवसर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जनकल्याण के प्रति समर्पण और संवेदनशील शासन ही मध्य प्रदेश सरकार की मुख्य पहचान है। हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना ही इस अभियान और सुशासन का मूल संकल्प है।

1 day ago | [YT] | 1

बुलंद प्रदेश न्यूज़

₹2.16 लाख भरण-पोषण राशि न देने पर मुंबई भागा वारंटी, दलौदा पुलिस ने सील्फाटा से किया गिरफ्तार...,

रिपोर्ट: बी.आर.विश्वकर्मा

​मंदसौर। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे स्थायी वारंटी गिरफ्तारी अभियान के तहत दलौदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने कुटुंब न्यायालय मंदसौर के आदेश का उल्लंघन कर मुंबई में फरारी काट रहे स्थायी वारंटी सद्दाम पिता सत्तार मंसूरी (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम अमलावद, थाना दलौदा) को मुंबई के सील्फाटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।

​मामले का विवरण

माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मंदसौर के प्रकरण क्रमांक 291/19 (धारा 125(3) द.प्र.सं.) "श्रीमती हिना विरुद्ध सद्दाम" में अनावेदक सद्दाम को अपनी पत्नी को ₹2,16,000/- भरण-पोषण की राशि अदा करनी थी। राशि का भुगतान न करने और लगातार न्यायालय की पेशी पर अनुपस्थित रहने के कारण न्यायालय ने उसे फरार घोषित करते हुए 23 नवंबर 2023 को स्थायी वारंट जारी किया था।

​कार्रवाई और गिरफ्तारी

पुलिस अधीक्षक श्री विनोद कुमार मीणा (भा.पु.से.), अति. पुलिस अधीक्षक श्री तेरसिंह बघेल एवं एसडीओपी मंदसौर सुश्री कीर्ति बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी दलौदा उप-निरीक्षक रवींद्र प्रताप डांगी व उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का मुंबई में होना ट्रेस किया। दलौदा पुलिस टीम ने सील्फाटा, मुंबई पहुँचकर आरोपी को धर दबोचा और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

​सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि रवींद्र प्रताप डांगी, सउनि प्रमोद सिंह तोमर एवं प्र.आर. अजीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

1 day ago | [YT] | 2