श्री हरिवंश

पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज जी
"भगवद् प्राप्ति दुर्लभ नहीं,दुर्लभ है भगवद् प्राप्त महापुरुषों का मिलना |"

Pujya Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj Ji is a Rasik Saint from Vrindavan. He epitomizes the "Sahchari Bhav" or "Sakhi Bhav" initiated by Anant Shri Vibhushit, Vanshi Avtar, Paratpar Prem Swaroop - Shri Hit Harivansh Mahaprabhu.

(श्री सेवक वाणी - 2.3)
तहाँ जाति कुल नहीं विचार, कौन सु उत्तम कौन गंवार |
सार भजन हरिवंश कौ ||
या रस मगन मिटै भव-त्रास, सुनहु रसिक हरिवंश-विलास |
श्री हरिवंशही गाइहौं ||