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Dr Rajneesh Jain HomoeopathyToday India
5 months ago | [YT] | 3
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5 months ago | [YT] | 4
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5 months ago | [YT] | 0
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1 year ago | [YT] | 6
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Dr Rajneesh Jain HomoeopathyToday India
"होम्योपैथी: प्राचीन चिकित्सा की आधुनिक दुनिया में भूमिका"
"नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे चैनल पर। आज हम बात करेंगे होम्योपैथी के बारे में, जो कि एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है लेकिन आज भी यह कई लोगों के लिए उपचार का महत्वपूर्ण विकल्प बनी हुई है।"
"होम्योपैथी, जिसे डॉ. सैमुअल हैनिमान ने 18वीं सदी के अंत में विकसित किया था, एक अनूठी चिकित्सा प्रणाली है। यह 'समरूपता के नियम' पर आधारित है, जिसका अर्थ है 'जैसा इलाज वैसा रोग'। यानी, जिस पदार्थ से स्वस्थ व्यक्ति में रोग के लक्षण उत्पन्न होते हैं, उसी पदार्थ को अत्यंत पतला करके उसी रोग के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।"
"होम्योपैथी की खोज 1796 में डॉ. सैमुअल हैनिमान ने की थी। उन्होंने इसे 'समरूपता के नियम' पर आधारित करके विकसित किया। उनके अनुसार, 'समान समान को ठीक करता है', यानी जो पदार्थ स्वस्थ व्यक्ति में लक्षण उत्पन्न करता है, वही रोगी व्यक्ति में उन लक्षणों को ठीक कर सकता है।"
"डॉ. हैनिमान ने अपने सिद्धांत को सिद्ध करने के लिए कई प्रयोग किए। उन्होंने पाया कि कई प्राकृतिक पदार्थ, जब उन्हें अत्यंत पतला किया जाता है, तो वे शरीर के आत्म-उपचार तंत्र को सक्रिय कर सकते हैं। यह सिद्धांत आज भी होम्योपैथी के मूल सिद्धांतों में से एक है।"
"होम्योपैथी के मुख्य सिद्धांतों में शामिल हैं:
1.समरूपता का नियम: समान लक्षणों का समान इलाज।
2.संपूर्णता का उपचार: मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक पहलुओं का समग्र इलाज।
3.पतला करना और ससंकुलन: औषधियों को बार-बार पतला करके उनकी चिकित्सा शक्ति बढ़ाना।
4.व्यक्तिगत उपचार: प्रत्येक व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना बनाना।"
"समरूपता का नियम यह कहता है कि जो पदार्थ स्वस्थ व्यक्ति में लक्षण उत्पन्न करता है, वही रोगी व्यक्ति में उन लक्षणों को ठीक कर सकता है। उदाहरण के लिए, प्याज काटते समय जो लक्षण उत्पन्न होते हैं, जैसे नाक बहना और आंखों से पानी आना, वही लक्षण यदि किसी को एलर्जी के कारण हो रहे हैं, तो होम्योपैथी में प्याज का अत्यंत पतला अर्क उन लक्षणों को ठीक कर सकता है।"
"होम्योपैथी के कई लाभ हैं:
* सुरक्षा: अत्यंत पतली औषधियों के कारण यह सुरक्षित होती है।
* कोई दुष्प्रभाव नहीं: होम्योपैथिक औषधियों के बहुत कम दुष्प्रभाव होते हैं।
* प्राकृतिक उपचार: औषधियाँ प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होती हैं।
* दीर्घकालिक लाभ: रोग को जड़ से ठीक करने का प्रयास।"
"होम्योपैथी ने कई रोगों में सफलतापूर्वक परिणाम दिए हैं, जैसे एलर्जी, त्वचा रोग, पाचन समस्याएँ, मानसिक तनाव, और कई अन्य। यह पद्धति न केवल लक्षणों को कम करती है, बल्कि रोग के मूल कारण को भी ठीक करने का प्रयास करती है।"
"आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में होम्योपैथी का विशेष स्थान है। यह पद्धति विशेष रूप से उन रोगियों के लिए लाभकारी हो सकती है जो पारंपरिक चिकित्सा से असंतुष्ट हैं या उनके लिए विकल्प तलाश रहे हैं। इसके अलावा, होम्योपैथी को स्वास्थ्य सुधार, बीमारी की रोकथाम और दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयोग किया जा सकता है।"
"आजकल, होम्योपैथी का उपयोग कई चिकित्सा क्षेत्रों में किया जा रहा है, जैसे कि पेडियाट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, और मानसिक स्वास्थ्य। यह पद्धति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाती है, जो रोगी के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक पहलुओं का ध्यान रखती है।"
"भविष्य में, होम्योपैथी का महत्व और भी बढ़ेगा। अनुसंधान और विकास के माध्यम से, इसे और अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित चिकित्सा पद्धति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।"
"अनुसंधान और विकास के साथ, होम्योपैथी की प्रभावशीलता और सुरक्षा को साबित करने के लिए अधिक वैज्ञानिक अध्ययन किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, होम्योपैथिक चिकित्सकों के लिए उच्च मानकों की शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विकास किया जा रहा है, जिससे यह पद्धति और अधिक मान्यता प्राप्त कर सके।"
"तो दोस्तों, यह था होम्योपैथी के बारे में हमारा विस्तृत वीडियो। हमें उम्मीद है कि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी। अगर आपके कोई प्रश्न हैं या आप अपने अनुभव साझा करना चाहते हैं, तो कृपया कमेंट करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। धन्यवाद!"
1 year ago | [YT] | 1
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