हॉस्टल लाइफ भी कितनी अजीब होती है ... अलग-अलग जगह से आने वाले सभी छात्र एकजुट रहकर जीवन का गोल्डन टाइम बेहतरीन ढंग से जीते हैं। हमारा गोल्डन टाइम 9वी,10वीं, 11वीं, 12वीं, वह समय पूरे जीवन का स्वर्णिम काल था। जिसमें ना कमाने की चिंता ना खाने की चिंता। खेलना कूदना दोस्तों के साथ गप्पे मारना स्कूल हॉस्टल सब अपना ही था। रात में देर से सोना सुबह जल्दी उठने पर वापस सो जाना। सर के हाथ की मार खाना, घंटी लगने पर थाली लेकर दौड़ जाना , हर साल बोलना कि इस साल एस एल सी निकलवा लेंगे पर चारों साल वही रहे। बाजार में घूमने निकलने पर तुरंत सर का दिख जाना आम बात थी... जब घर आने के लिए छुट्टी मिलती थी मन बड़ा खुश होता था, छुट्टी से वापस हॉस्टल जाने के 2 दिन पहले ही मायूसी छा जाती थी, घर वाले बहुत कुछ सामान साथ में ले जाने के लिए कहते थे पर हमेशा मना करना स्वभाव रहता था, वहां जाने के दो दिन तक घर की याद बनी रहती थी, न जाने कहां गए वो दिन, उम्र बढ़ रही है लगातार संघर्ष जारी है जीवन की दौड़ धूप में कभी उन दोनों को याद करते हैं मन खुशी से भर उठता है। #उजाले हमेशा अपनी यादों के अपने साथ में रखना। न जाने जिंदगी किस गली में शाम हो जाए।। Panchal Sir ki Class Narendra Panchal youtube.com/@panchalsirkiclass?si=VKSdwlmNURPUezfC
✨ सफलता की कहानी..... Panchal Sir ki Class... सफलता की शुरुआत हमेशा छोटे-छोटे कदमों से होती है। निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। हर माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा और सकारात्मक वातावरण मिले, तो वे निश्चित ही एक अच्छे नागरिक बनते हैं। एक अच्छे नागरिक के निर्माण में विद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले विद्यालयों में जवाहर नवोदय विद्यालय का विशेष स्थान है। यहाँ से पढ़कर निकले विद्यार्थी देश-विदेश में अपने देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी प्रेरणा के साथ आलोट क्षेत्र के एक छात्र लक्की पिता राजेंद्र टेलर मेरे पास आया। उसने पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी की और परिणामस्वरूप उसका चयन नवोदय विद्यालय में हुआ। यही नहीं, उसके 9 साथियों ने भी समर्पण के साथ तैयारी की और वे भी चयनित हुए। इस सफलता में बच्चों की मेहनत के साथ-साथ उनके माता-पिता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। सभी अभिभावकों ने मुझ पर भरोसा जताया, और मैंने उस विश्वास को निभाने का पूरा प्रयास किया। इसी क्रम में आज छात्र के मामा श्री राजू जी टेलर एवं लक्की के पिताजी ने ग्राम सोमचढ़ी में मुझे आमंत्रित कर स्नेहपूर्वक भोजन कराया तथा शाल, श्रीफल और वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही मेरे सहयोगी साथियों— किशोर सिंह जी डोडिया (नारायणी), हेमेंद्र सिंह जी निगम (विक्रमगढ़), देवीलाल जी पाटीदार (पिपलिया सिसोदिया) का भी सम्मान किया गया। यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है कि मैं आने वाले समय में और अधिक समर्पण के साथ समाज के हर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करता रहूँ। आप सभी को हृदय से धन्यवाद 🙏 Panchal Sir ki Class Narendra Panchal
आज में मेरी बिटिया को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय आलोट में छोड़ने के लिए गया तो मैं मेरे साथ एक पौधा ले गया क्योंकि जब मैं एडमिशन के वक्त गया था वहां लगे सभी पौधे छोटे थे व छाया की कमी थी।आदरणीय प्राचार्य महोदय ने सब पालकों से आग्रह किया कि आप अपने बालक बालिका से मिलने आए तो अपनी स्वेच्छा से एक पौधा जरूर यहां लगाए ताकि आपके और सरकार के सहयोग से यह परिसर हरा भरा हो सके, क्योंकि वहां के स्टॉफ व सभी कर्मचारी परिसर को सतत रूप से हरा भरा करने में लगे हुए है, इस बातचित की चर्चा मै ओर मेरी बिटिया ममता कर रहे थे तो मेरे बड़े भाई साहब नागेश्वर जी ने अपने खेत पर उनके द्वारा तैयार पौधा विद्यालय जाने से पहले लाकर दे दिया ,पौधा ऐसा दिया जो 24 घंटे ऑक्सीजन देता है,पौधे को लेकर आलोट गए वहां बस 2 मिनट के लिए दुकान से सामान लेने लगे तभी एक छोटी गाय माता आ गई और पौधे के पत्तों को पावन कर गई ..... हमारे मन में थोड़ा उदासी का भाव छा गया पर बड़ी मेहनत से उसे खेत से घर लाकर हमारे भाई साहब ने दिया था और कहा कि इसेअपने हाथ से जरूर लगाना ,क्योंकि वो नित इसकी देखभाल कर रहे थे,अब पौधा सुरक्षित जगह लग गया है| ---------------------------------------- आप भी अपने आसपास के परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ पौधों की देखभाल करें और नए पौधे अवश्य लगाए|
Narendra Panchal
कक्षा दसवीं में सुजल पांचाल के द्वारा 88.8 % बनने पर बहुत बधाई शुभकामनाएं
13 hours ago | [YT] | 12
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Narendra Panchal
प्रिय पुत्र सुजल पांचाल को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं आपका जीवन आनंद औरमंगलमय हो आप हमेशा स्वस्थ रहोमस्त रहो।
Happy birthday सुजल पांचाल
1 day ago | [YT] | 17
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Narendra Panchal
हॉस्टल लाइफ भी कितनी अजीब होती है ...
अलग-अलग जगह से आने वाले सभी छात्र एकजुट रहकर जीवन का गोल्डन टाइम बेहतरीन ढंग से जीते हैं।
हमारा गोल्डन टाइम 9वी,10वीं, 11वीं, 12वीं, वह समय पूरे जीवन का स्वर्णिम काल था।
जिसमें ना कमाने की चिंता ना खाने की चिंता।
खेलना कूदना दोस्तों के साथ गप्पे मारना स्कूल हॉस्टल सब अपना ही था।
रात में देर से सोना सुबह जल्दी उठने पर वापस सो जाना। सर के हाथ की मार खाना, घंटी लगने पर थाली लेकर दौड़ जाना , हर साल बोलना कि इस साल एस एल सी निकलवा लेंगे पर चारों साल वही रहे।
बाजार में घूमने निकलने पर तुरंत सर का दिख जाना आम बात थी...
जब घर आने के लिए छुट्टी मिलती थी
मन बड़ा खुश होता था, छुट्टी से वापस हॉस्टल जाने के 2 दिन पहले ही मायूसी छा जाती थी, घर वाले बहुत कुछ सामान साथ में ले जाने के लिए कहते थे पर हमेशा मना करना स्वभाव रहता था, वहां जाने के दो दिन तक घर की याद बनी रहती थी, न जाने कहां गए वो दिन, उम्र बढ़ रही है लगातार संघर्ष जारी है जीवन की दौड़ धूप में कभी उन दोनों को याद करते हैं मन खुशी से भर उठता है।
#उजाले हमेशा अपनी यादों के अपने साथ में रखना।
न जाने जिंदगी किस गली में शाम हो जाए।।
Panchal Sir ki Class
Narendra Panchal
youtube.com/@panchalsirkiclass?si=VKSdwlmNURPUezfC
6 days ago | [YT] | 20
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Narendra Panchal
✨ सफलता की कहानी.....
Panchal Sir ki Class...
सफलता की शुरुआत हमेशा छोटे-छोटे कदमों से होती है। निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से एक दिन सफलता अवश्य मिलती है।
हर माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा और सकारात्मक वातावरण मिले, तो वे निश्चित ही एक अच्छे नागरिक बनते हैं। एक अच्छे नागरिक के निर्माण में विद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
पूरे भारत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले विद्यालयों में जवाहर नवोदय विद्यालय का विशेष स्थान है। यहाँ से पढ़कर निकले विद्यार्थी देश-विदेश में अपने देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
इसी प्रेरणा के साथ आलोट क्षेत्र के एक छात्र लक्की पिता राजेंद्र टेलर मेरे पास आया। उसने पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी की और परिणामस्वरूप उसका चयन नवोदय विद्यालय में हुआ। यही नहीं, उसके 9 साथियों ने भी समर्पण के साथ तैयारी की और वे भी चयनित हुए।
इस सफलता में बच्चों की मेहनत के साथ-साथ उनके माता-पिता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। सभी अभिभावकों ने मुझ पर भरोसा जताया, और मैंने उस विश्वास को निभाने का पूरा प्रयास किया।
इसी क्रम में आज छात्र के मामा श्री राजू जी टेलर एवं लक्की के पिताजी ने ग्राम सोमचढ़ी में मुझे आमंत्रित कर स्नेहपूर्वक भोजन कराया तथा शाल, श्रीफल और वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही मेरे सहयोगी साथियों—
किशोर सिंह जी डोडिया (नारायणी),
हेमेंद्र सिंह जी निगम (विक्रमगढ़),
देवीलाल जी पाटीदार (पिपलिया सिसोदिया)
का भी सम्मान किया गया।
यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा है कि मैं आने वाले समय में और अधिक समर्पण के साथ समाज के हर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का प्रयास करता रहूँ।
आप सभी को हृदय से धन्यवाद 🙏
Panchal Sir ki Class
Narendra Panchal
3 weeks ago | [YT] | 43
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Narendra Panchal
होली परिवार के साथ....2026
1 month ago (edited) | [YT] | 57
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Narendra Panchal
होली 2026 दोस्तो के साथ
1 month ago | [YT] | 28
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Narendra Panchal
Thank you आप सभी का आभार
3 months ago | [YT] | 58
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Narendra Panchal
नवोदय विद्यालय का कट ऑफ के लिए देखिए
https://youtu.be/mocHvJqv4Vo
3 months ago | [YT] | 5
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Narendra Panchal
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 तैयारी के लिए प्रैक्टिस सेट (50 मॉडल पेपर) pdf के रूप में चाहिए तो संपर्क करे ।
Whatsapp 9669256326 पर
6 months ago | [YT] | 20
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Narendra Panchal
आज में मेरी बिटिया को पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय आलोट में छोड़ने के लिए गया तो मैं मेरे साथ एक पौधा ले गया क्योंकि जब मैं एडमिशन के वक्त गया था वहां लगे सभी पौधे छोटे थे व छाया की कमी थी।आदरणीय प्राचार्य महोदय ने सब पालकों से आग्रह किया कि आप अपने बालक बालिका से मिलने आए तो अपनी स्वेच्छा से एक पौधा जरूर यहां लगाए ताकि आपके और सरकार के सहयोग से यह परिसर हरा भरा हो सके, क्योंकि वहां के स्टॉफ व सभी कर्मचारी परिसर को सतत रूप से हरा भरा करने में लगे हुए है, इस बातचित की चर्चा मै ओर मेरी बिटिया ममता कर रहे थे तो मेरे बड़े भाई साहब नागेश्वर जी ने अपने खेत पर उनके द्वारा तैयार पौधा विद्यालय जाने से पहले लाकर दे दिया ,पौधा ऐसा दिया जो 24 घंटे ऑक्सीजन देता है,पौधे को लेकर आलोट गए वहां बस 2 मिनट के लिए दुकान से सामान लेने लगे तभी एक छोटी गाय माता आ गई और पौधे के पत्तों को पावन कर गई .....
हमारे मन में थोड़ा उदासी का भाव छा गया पर बड़ी मेहनत से उसे खेत से घर लाकर हमारे भाई साहब ने दिया था और कहा कि इसेअपने हाथ से जरूर लगाना ,क्योंकि वो नित इसकी देखभाल कर रहे थे,अब पौधा सुरक्षित जगह लग गया है|
----------------------------------------
आप भी अपने आसपास के परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ पौधों की देखभाल करें और नए पौधे अवश्य लगाए|
8 months ago | [YT] | 38
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