jai maa
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DS Bhakti Music 101
🙏 शिव-पार्वती विवाह 🙏
जब सती के खुद को योगाग्रि में भस्म कर लेने का समाचार शिवजी के पास पहुंचा। तब शिवजी ने वीरभद्र को भेजा। उन्होंने वहां जाकर यज्ञ विध्वंस कर डाला और सब देवताओं को यथोचित फल दिया। सती ने मरते समय शिव से यह वर मांगा कि हर जन्म में आप ही मेरे पति हों। इसी कारण उन्होंने हिमाचल के घर जाकर पार्वती का जन्म लिया।
जब से पार्वती हिमाचल के घर में जन्म तब से उनके घर में सुख और सम्पतियां छा गई। पार्वती जी के आने से पर्वत शोभायमान हो गया। जब नारद जी ने ये सब समाचार सुने तो वे हिमाचल पहुंचे। वहां पहुंचकर वे हिमाचल से मिले और हंसकर बोले तुम्हारी कन्या गुणों की खान है। यह स्वभाव से ही सुन्दर, सुशील और शांत है। यह कन्या सुलक्षणों से सम्पन्न है। यह अपने पति को प्यारी होगी।
अब इसमें जो दो चार अवगुण है वे भी सुन लो। गुणहीन, मानहीन, माता-पिता विहीन, उदासीन, लापरवाह। इसका पति नंगा, योगी, जटाधारी और सांपों को गले में धारण करने वाला होगा।
यह बात सुनकर पार्वती के माता-पिता चिंतित हो गए। उन्होंने देवर्षि से इसका उपाय पूछा। तब नारद जी बोले जो दोष मैंने बताए मेरे अनुमान से वे सभी शिव में है। अगर शिवजी के साथ विवाह हो जाए तो ये दोष गुण के समान ही हो जाएंगे।
यदि तुम्हारी कन्या तप करे तो शिवजी ही इसकी किस्मत बदल सकते हैं। तब यह सुनकर पार्वतीजी की मां विचलित हो गई। उन्होंने पार्वती के पिता से कहा आप अनुकूल घर में ही अपनी पुत्री का विवाह किजिएगा क्योंकि पार्वती मुझे प्राणों से अधिक प्रिय है। पार्वती को देखकर मैंना का गला भर आया। पार्वती ने अपनी मां से कहा मां मुझे एक ब्राहा्रण ने सपने में कहा है कि जो नारदजी ने कहा है तु उसे सत्य समझकर जाकर तप कर। यह तप तेरे लिए दुखों का नाश करने वाला है। उसके बाद माता-पिता को बड़ी खुशी से समझाकर पार्वती तप करने गई।
पार्वतीजी ने शिव को पति रूप में पाने के लिए तपस्या आरंभ की। लेकिन शिव को सांसारिक बंधनों में कदापि रुचि नहीं थी, इसलिए पार्वतीजी ने अत्यंत कठोर तपस्या की ताकि शिव प्रसन्न होकर उनसे विवाह कर लें।
जब सप्तर्षि पार्वती जी की परीक्षा लेने गए
सप्तर्षि ने पार्वती से जाकर पूछा तुम किस के लिए इतना कठिन तप कर रही हो। तब पार्वती ने सकुचाते हुए कहा आप लोग मेरी मुर्खता को सुनकर हंसेंगें। मैं शिव को अपना पति बनाना चाहती हूं। पार्वती की बात सुनकर सभी ऋषि हंसने लगे और बोले की तुमने उस नारद का उपदेश सुनकर शिव को अपना पति माना है जो सब कुछ चौपट कर देता है। उनकी बातों पर विश्वास करके तुम ऐसा पति चाहती हो जो स्वभाव से ही उदासीन, गुणहीन निर्लज्ज, बुरे वेषवाला , बिना घर बार वाला , नंगा और शरीर पर नागों को धारण करने वाला है।ऐसे वर के मिलने से कहो तुम्हे क्या सुख मिलेगा।
अब हमारा कहा मानो हमने तुम्हारे लिए बहुत अच्छा वर चुना है। हमने तुम्हारे लिए जो वर चुना है वह लक्ष्मी का स्वामी और वैकुंठपुरी का रहने वाला है। तब पार्वती उनकी बात सुनकर बोली कहा है कि मेरा हठ भी पर्वत के ही समान मजबूत है। मैं अपना यह जन्म शिव के लिए हार चुकी हूं। मेरी तो करोड़ जन्मों तक यही जिद रहेगी। पार्वती की यह बात सुनकर सभी ऋषि बोले आप माया हैं और शिव भगवान है। आप दोनों समस्त जगत के माता-पिता है।
यह कहकर सप्तर्षि पार्वती को प्रणाम करके वहां से चले गए।
पार्वतीजी की दृढ़ निष्ठा ने जीत लिया शिवजी का मन
वर्षो तपस्या करने के बाद एक दिन पार्वतीजी के पास एक ब्रह्मचारी आया। वह ब्रह्मचारी तपस्विनी पार्वती का अघ्र्य स्वीकार करने से पूर्व बोल उठा - तुम्हारे जैसी सुकुमारी क्या तपस्या के योग्य है? मैंने दीर्घकाल तक तप किया है। चाहो तो मेरा आधा या पूरा तप ले लो, किंतु तुम इतनी कठिन तपस्या मत करो। तुम चाहो तो त्रिभुवन के स्वामी भगवान विष्णु भी..। किंतु पार्वती ने ऐसा उपेक्षा का भाव दिखाया कि ब्रह्मचारी दो क्षण को रुक गया।
फिर बोला - योग्य वर में तीन गुण देखे जाते हैं - सौंदर्य, कुलीनता और संपत्ति। इन तीनों में से शिव के पास एक भी नहीं है। नीलकंठ, त्रिलोचन, जटाधारी, विभूति पोते, सांप लपेटे शिव में तुम्हें कहीं सौंदर्य दिखता है? उनकी संपत्ति का तो कहना ही क्या, नग्न रहते हैं। बहुत हुआ तो चर्म(चमड़ा) लपेट लिया। कोई नहीं जानता कि उनकी उत्पत्ति कैसे हुई।
ब्रह्मचारी पता नहीं क्या-क्या कहता रहा, किंतु अपने आराध्य की निंदा पार्वती को अच्छी नहीं लगी। अत: वे अन्यत्र जाने को उठ खड़ी हुईं। तब शिव उनकी निष्ठा देख ब्रह्मचारी रूप त्याग प्रकट हुए और उनसे विवाह किया। जहां दृढ़ लगन, कष्ट सहने का साहस और अटूट आत्मविश्वास हो, वहां लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होती है।"
#harharmahadev #maaparwati #bholenath #shiv
12 hours ago | [YT] | 20
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DS Bhakti Music 101
https://youtu.be/8okOyz4z1fM?si=Yp7Aj...
🎶 NEW GANPATI SONG OUT NOW 🎶
“सुन लो मेरी पुकार गजानन” 🙏
सुनिए और बप्पा का आशीर्वाद पाइए 🌺
▶️ Out now on YouTube
#GanpatiBappaMorya #bhakti #ganpati
2 days ago | [YT] | 27
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DS Bhakti Music 101
एक बार माता पार्वती ने अपने उबटन से एक बालक की रचना की और उसमें प्राण फूंके।
उसे आज्ञा दी — “जब तक मैं स्नान कर रही हूँ, कोई भीतर न आए।”
उसी समय भगवान शिव वहाँ आए।
बालक ने द्वार रोक दिया।
क्रोधित शिवगणों और स्वयं शिव से भी वह बालक नहीं डरा।
युद्ध हुआ… और भगवन शंकर के उग्र क्रोध के कारण उस बालक का शीश कट गया।
जब माता पार्वती को यह ज्ञात हुआ,
तो उनका शोक और क्रोध पूरे ब्रह्मांड को कंपा देने वाला था।
तब भगवान शिव ने संकल्प लिया —
इस बालक को पुनः जीवन दिया जाएगा।
जिस प्राणी का सिर उत्तर दिशा की ओर हो —
वही सिर लाने का आदेश दिया गया।
सबसे पहले जो मिला — गज (हाथी)।
शिव ने गज-मस्तक स्थापित किया
और बोले —
🌼 “आज से यह बालक गणेश कहलाएगा —
गण + ईश, अर्थात सभी गणों का स्वामी।”
लेकिन कथा यहीं समाप्त नहीं होती…
शिव ने वरदान दिया —
✨ “बिना गणेश की पूजा के कोई भी यज्ञ, तप या कार्य पूर्ण नहीं होगा।”
इसीलिए वे बने —
🌸 विघ्नहर्ता भी और विघ्नकर्ता भी 🌸
जो अहंकार से चलता है, उसके मार्ग में वे विघ्न बनते हैं,
और जो श्रद्धा से चलता है, उसके लिए वे स्वयं मार्ग बन जाते हैं।
🙏 जय श्री गणेश 🙏
#bhakti #ganpatibappa #dsbhaktimusic101
5 days ago | [YT] | 49
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DS Bhakti Music 101
माँ दुर्गा के चरणों में समर्पित यह नया भक्ति गीत — https://youtu.be/KKZP5Gf9Zag
“तेरे चरणों का दास, तेरे द्वार आया”।
इसे अवश्य सुनें और अपना बहुमूल्य फीडबैक कमेंट में दें।
जय माँ दुर्गा 🙏
माँ दुर्गा आप सभी पर अपनी कृपा सदैव बनाए रखें। 🌺
6 days ago | [YT] | 100
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DS Bhakti Music 101
आज की पावन सुबह की शुरुआत कीजिए माँ दुर्गा के चरणों में वंदना के साथ।
श्रद्धा और समर्पण से भरे नए भक्ति गीत
“तेरे चरणों का दास, तेरे द्वार आया” का आनंद लें।
माँ दुर्गा की ममतामयी छाया में अपने मन को शांति, विश्वास और भक्ति के लोक में खो जाने दीजिए।
जय माता दी 🌺🙏
वीडियो चैनल पर उपलब्ध है
1 week ago | [YT] | 45
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DS Bhakti Music 101
🌺 जय माँ दुर्गा 🌺
https://youtu.be/6flPGTOHN30
✨ नया भक्ति गीत आ गया है… ✨
“कोना रंग फुलवा मइया के भावे…”
एक ऐसा भजन,
जिसमें है भक्ति की मिठास है,
लोक परंपरा की खुशबू है,
और माँ से दिल की सच्ची पुकार 🙏
🌸 कौन सा रंग माँ को प्रिय है?
🌸 किस भाव से माँ प्रसन्न होती हैं?
इस भजन में मिलेगा हर सवाल का भावपूर्ण उत्तर…
🔔 वीडियो रिलीज़ हो गया है।
आप सभी से निवेदन है—
माँ के इस गीत को सुनिए,
और अपनी भक्ति से इसे आशीर्वाद दीजिए ❤️
🚩 जय माता दी 🚩
#bhakti #maadurga #hindi #bhojpuri #devotional
1 week ago | [YT] | 26
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DS Bhakti Music 101
🙏अर्द्धनारीश्वर शिव🙏
सृष्टि के प्रारंभ में जब ब्रह्माजी द्वारा रची गई मानसिक सृष्टि विस्तार न पा सकी, तब ब्रह्माजी को बहुत दुःख हुआ। उसी समय आकाशवाणी हुई ब्रह्मन्! अब मैथुनी सृष्टि करो। आकाशवाणी सुनकर ब्रह्माजी ने मैथुनी सृष्टि रचने का निश्चय तो कर लिया, किंतु उस समय तक नारियों की उत्पत्ति न होने के कारण वे अपने निश्चय में सफल नहीं हो सके।
तब ब्रह्माजी ने सोचा कि परमेश्वर शिव की कृपा के बिना मैथुनी सृष्टि नहीं हो सकती। अतः वे उन्हें प्रसन्न करने के लिए कठोर तप करने लगे। बहुत दिनों तक ब्रह्माजी अपने हृदय में प्रेमपूर्वक महेश्वर शिव का ध्यान करते रहे। उनके तीव्र तप से प्रसन्न होकर भगवान उमा-महेश्वर ने उन्हें अर्द्धनारीश्वर रूप में दर्शन दिया।
महेश्वर शिव ने कहा- पुत्र ब्रह्मा, तुमने प्रजाओं की वृद्धि के लिए जो कठिन तप किया है, उससे मैं परम प्रसन्न हूं। मैं तुम्हारी इच्छा अवश्य पूरी करूंगा। ऐसा कहकर शिवजी ने अपने शरीर के आधे भाग से उमा देवी को अलग कर दिया। ब्रह्मा ने कहा.-एक उचित सृष्टि निर्मित करने में अब तक मैं असफल रहा हूं। मैं अब स्त्री-पुरुष के समागम से मैं प्रजाओं को उत्पन्न कर सृष्टि का विस्तार करना चाहता हूं। परमेश्वरी शिवा ने अपनी भौंहों के मध्य भाग से अपने ही समान कांतिमती एक शक्ति प्रकट की। सृष्टि निर्माण के लिए शिव की वह शक्ति ब्रह्माजी की प्रार्थना के अनुसार दक्षकी पुत्री हो गई।
इस प्रकार ब्रह्माजी को उपकृत कर तथा अनुपम शक्ति देकर देवी शिवा महादेव जी के शरीर में प्रविष्ट हो गईं, यही अर्द्धनारीश्वर शिव का रहस्य है और इसी से आगे सृष्टि का संचालन हो पाया, जिसके नियामक शिवशक्ति ही हैं।".
#bhakti #shiva #mahadev
1 week ago | [YT] | 23
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DS Bhakti Music 101
🔔 jai maa kali🔔
माँ काली का शक्तिशाली भजन आ गया है नीचे लिंक पे क्लिक करे और माँ के भक्ति मे खो जाए।🙏
https://youtu.be/iqMqQJ7TexU?si=SuVTh...
भय को हराने वाली शक्ति माँ महाकाली के चरणों में नमन।🔱
माँ का नाम जप करिये और भजन का आनंद ले।🌺
#maa #kali #bhakti #bhajan
1 week ago (edited) | [YT] | 15
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DS Bhakti Music 101
🌸 जय माँ काली 🌸
जब अधर्म बढ़ता है,
तब माँ काली प्रकट होती हैं 🔱
माँ महाकाली का नया भक्ति भजन
आज आपके लिए आ रहा है 🙏
भक्ति से सुनें,
और माँ का आशीर्वाद पाएं 🌺
#maakali #bhakti #devotional #bhajan
2 weeks ago | [YT] | 6
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DS Bhakti Music 101
🙏शिव का रौद्र रूप है वीरभद्र🙏
यह अवतार तब हुआ था जब ब्रह्मा के पुत्र दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया लेकिन भगवान शिव को उसमें नहीं बुलाया। जबकि दक्ष की पुत्री सती का विवाह शिव से हुआ था। यज्ञ की बात ज्ञात होने पर सती ने भी वहां चलने को कहा लेकिन शिव ने बिना आमंत्रण के जाने से मना कर दिया। फिर भी सती जिद कर अकेली ही वहां चली गई। अपने पिता के घर जब उन्होंने शिव का और स्वयं का अपमान अनुभव किया तो उन्हें क्रोध भी हुआ और उन्होंने यज्ञवेदी में कूदकर अपनी देह त्याग दी। जब भगवान शिव को यह पता हुआ तो उन्होंने क्रोध में अपने सिर से एक जटा उखाड़ी और उसे रोषपूर्वक पर्वत के ऊपर पटक दिया। उस जटा के पूर्वभाग से महाभंयकर वीरभद्र प्रगट हुए।
शास्त्रों में भी इसका उल्लेख है-
क्रुद्ध: सुदष्टष्ठपुट: स धूर्जटिर्जटां तडिद्व ह्लिस टोग्ररोचिषम्।
उत्कृत्य रुद्र: सहसोत्थितो हसन् गम्भीरनादो विससर्ज तां भुवि॥
ततोऽतिकाय स्तनुवा स्पृशन्दिवं। - श्रीमद् भागवत -4/5/1
अर्थात सती के प्राण त्यागने से दु:खी भगवान शिव ने उग्र रूप धारण कर क्रोध में अपने होंठ चबाते हुए अपनी एक जटा उखाड़ ली, जो बिजली और आग की लपट के समान दीप्त हो रही थी। सहसा खड़े होकर उन्होंने गंभीर अठ्ठाहस के साथ जटा को पृथ्वी पर पटक दिया। इसी से महाभयंकर वीरभद्र प्रगट हुए।
भगवान शिव के वीरभद्र अवतार का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। यह अवतार हमें संदेश देता है कि शक्ति का प्रयोग वहीं करें जहां उसका सदुपयोग हो। वीरों के दो वर्ग होते हैं- भद्र एवं अभद्र वीर।
राम, अर्जुन और भीम वीर थे। रावण, दुर्योधन और कर्ण भी वीर थे लेकिन पहला भद्र (सभ्य) वीर वर्ग और दूसरा अभद्र (असभ्य) वीर वर्ग है। सभ्य वीरों का काम होता है हमेशा धर्म के पथ पर चलना तथा नि:सहायों की सहायता करना। वहीं असभ्य वीर वर्ग सदैव अधर्म के मार्ग पर चलते हैं तथा नि:शक्तों को परेशान करते हैं। भद्र का अर्थ होता है कल्याणकारी। अत: वीरता के साथ भद्रता की अनिवार्यता इस अवतार से प्रतिपादित होती है।"
#mahadev #birbhadra #bhakti #bhaktikatha
2 weeks ago | [YT] | 6
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