जनमाष्टमी के उपलक्ष्य में आज हम लेकर आ रहे हैं एक और कृष्ण लीला की रहस्यमयी कहानी, सुंदर वृन्दावन के निधिवन की कहानी, निधिवन मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहां आज भी श्री कृष्ण रासलीला करने आते हैं और रासलीला करने के बाद वहीं सोते हैं. सूरज निकलने से पहले या यूं कहें पट खुलने से पहले वह चले जाते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें देख नहीं पाता है । वृंदावन में निधिवन में आज भी तुलसी के बड़े बड़े ऐसे पेड़ हैं,जैसे आम तौर पर कहीं नहीं मिलते । मान्यता है कि निधिवन के तुलसी के ये पेड़ वास्तव में गोपियाँ हैं। ये पेड़ रात में गोपियों का रूप धारण कर लेते हैं,और रोज रात्रि में श्री कृष्ण इन्हीँ गोपियों के साथ रास-लीला करते हैं। कृष्ण की धरती कहा जाने वाला वृंदावन धाम अपने आप में बड़ा ही सुंदर है । इसके लिए हमारे साथ चैनल पर जुड़े रहें ।
26 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव है, इस पावन अवसर पर हम कुछ ऐसा ऐतिहासिक मंदिर ला रहे हैं जहां हमारे बाल कृष्ण ने अपने भक्तों के लिए कुछ अनोखी लीलाएं की हैं, हमारे नटखट कृष्ण, भक्तों के लिए क्या-क्या करते हैं, जिसके दर्शन करने आपको जरूर जाना चाहिए ।आज का मंदिर दर्शन करने के लिए हमारे साथ बने रहें।
लक्ष्मण जी द्वारा स्थापित अनोखा और रहस्यमयी शिवलिंग । इस शिवलिंग में एक लाख छिद्र हैं। कहते हैं इस शिवलिंग में एक छिद्र ऐसा है जहां से चढ़ाया हुआ जल सीधे पाताल लोक जाता है ।
पंचांग के अनुसार, सावन का चौथा सोमवार आज है। यह महीना देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए सावन सोमवार व्रत भी किया जाता है। चौथे सावन सोमवार की आप सभी को बधाई ।
यह अज्ञात है कि यह संरचना डिज़ाइन के अनुसार झुकी हुई है या किसी अन्य कारण से।
यह मंदिर हिंदू देवता भगवान बिमलेश्वर को समर्पित है। यह हुमा में स्थित है,जो भारतीय राज्य ओडिशा में संबलपुर से 23 किमी दक्षिण में महानदी के तट पर बसा एक गाँव है। हर साल मार्च में शिवरात्रि के दिन मंदिर की तलहटी में एक वार्षिक मेला लगता है। इस मेले में भारी भीड़ उमड़ती है जिसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं ।
यहाँ एक विशेष प्रकार की मछली पाई जाती है जिसे 'कुडो' मछली के रूप में जाना जाता है; उन्हें अक्सर आगंतुक खिलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई कुडो मछली को पकड़ लेता है तो वह श्राप से पत्थर में बदल जाता है।
इस रहस्यमयी मंदिर की पूरी जानकारी के लिए पूरी वीडियो देखना ना भूले आज रात 9 बजे।
12 वीं सदी के इस मंदिर में देवताओं के राजा इंद्र के सफेद हाथी एरावत द्वारा भगवान शिव की पूजा की गई थी। ऐरावतेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है । खास चीज जो इस मंदिर को बेहद दिलचस्प और एकदम खास बनाती है, वो यहां की सीढ़ियां। इस मंदिर की रहस्मयी सीढ़ियों के माध्यम से आप संगीत के सातों सुर सुन सकते हैं। आप सीढ़ियों पर चलेंगे तब आपको धुन सुनने को मिल जाएंगे ।
कोलियाक बीच पर स्थित, यह भारत के सबसे दुर्लभ समुद्री मंदिरों में से एक है, एक चौकोर मंच पर 5 अलग-अलग स्वयंभू शिवलिंग हैं और प्रत्येक के सामने एक नंदी की मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर समुद्र में उच्च ज्वार के दौरान डूब जाता है और कम ज्वार के दौरान खुद को भव्यता से प्रकट करने के लिए उभर आता है। उच्च ज्वार के दौरान, शिवलिंग जलमग्न हो जाते हैं। इस दौरान केवल ध्वज और एक स्तंभ दिखाई देता है। आपको अपनी गुजरात यात्रा में अवश्य शामिल करना चाहिए और भावनगर में सबसे अधिक देखे जाने वाले तीर्थ स्थानों में से एक है।
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कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को बधाई
1 year ago | [YT] | 1
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जनमाष्टमी के उपलक्ष्य में आज हम लेकर आ रहे हैं एक और कृष्ण लीला की रहस्यमयी कहानी, सुंदर वृन्दावन के निधिवन की कहानी, निधिवन मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहां आज भी श्री कृष्ण रासलीला करने आते हैं और रासलीला करने के बाद वहीं सोते हैं. सूरज निकलने से पहले या यूं कहें पट खुलने से पहले वह चले जाते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें देख नहीं पाता है । वृंदावन में निधिवन में आज भी तुलसी के बड़े बड़े ऐसे पेड़ हैं,जैसे आम तौर पर कहीं नहीं मिलते । मान्यता है कि निधिवन के तुलसी के ये पेड़ वास्तव में गोपियाँ हैं। ये पेड़ रात में गोपियों का रूप धारण कर लेते हैं,और रोज रात्रि में श्री कृष्ण इन्हीँ गोपियों के साथ रास-लीला करते हैं। कृष्ण की धरती कहा जाने वाला वृंदावन धाम अपने आप में बड़ा ही सुंदर है । इसके लिए हमारे साथ चैनल पर जुड़े रहें ।
1 year ago (edited) | [YT] | 12
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नमस्ते दोस्तो,
26 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव है, इस पावन अवसर पर हम कुछ ऐसा ऐतिहासिक मंदिर ला रहे हैं जहां हमारे बाल कृष्ण ने अपने भक्तों के लिए कुछ अनोखी लीलाएं की हैं, हमारे नटखट कृष्ण, भक्तों के लिए क्या-क्या करते हैं, जिसके दर्शन करने आपको जरूर जाना चाहिए ।आज का मंदिर दर्शन करने के लिए हमारे साथ बने रहें।
1 year ago | [YT] | 2
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आप सभी को राखी की हार्दिक बधाई, महादेव का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे
1 year ago | [YT] | 1
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आप सभी को राखी की हार्दिक बधाई, महादेव का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे
1 year ago | [YT] | 3
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लक्ष्मण जी द्वारा स्थापित अनोखा और रहस्यमयी शिवलिंग । इस शिवलिंग में एक लाख छिद्र हैं। कहते हैं इस शिवलिंग में एक छिद्र ऐसा है जहां से चढ़ाया हुआ जल सीधे पाताल लोक जाता है ।
1 year ago | [YT] | 2
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पंचांग के अनुसार, सावन का चौथा सोमवार आज है। यह महीना देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए सावन सोमवार व्रत भी किया जाता है।
चौथे सावन सोमवार की आप सभी को बधाई ।
हर हर महादेव!
1 year ago | [YT] | 3
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यह अज्ञात है कि यह संरचना डिज़ाइन के अनुसार झुकी हुई है या किसी अन्य कारण से।
यह मंदिर हिंदू देवता भगवान बिमलेश्वर को समर्पित है। यह हुमा में स्थित है,जो भारतीय राज्य ओडिशा में संबलपुर से 23 किमी दक्षिण में महानदी के तट पर बसा एक गाँव है। हर साल मार्च में शिवरात्रि के दिन मंदिर की तलहटी में एक वार्षिक मेला लगता है। इस मेले में भारी भीड़ उमड़ती है जिसमें विदेशी पर्यटक भी शामिल होते हैं ।
यहाँ एक विशेष प्रकार की मछली पाई जाती है जिसे 'कुडो' मछली के रूप में जाना जाता है; उन्हें अक्सर आगंतुक खिलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई कुडो मछली को पकड़ लेता है तो वह श्राप से पत्थर में बदल जाता है।
इस रहस्यमयी मंदिर की पूरी जानकारी के लिए पूरी वीडियो देखना ना भूले आज रात 9 बजे।
1 year ago | [YT] | 2
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12 वीं सदी के इस मंदिर में देवताओं के राजा इंद्र के सफेद हाथी एरावत द्वारा भगवान शिव की पूजा की गई थी। ऐरावतेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है ।
खास चीज जो इस मंदिर को बेहद दिलचस्प और एकदम खास बनाती है, वो यहां की सीढ़ियां। इस मंदिर की रहस्मयी सीढ़ियों के माध्यम से आप संगीत के सातों सुर सुन सकते हैं। आप सीढ़ियों पर चलेंगे तब आपको धुन सुनने को मिल जाएंगे ।
1 year ago | [YT] | 5
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कोलियाक बीच पर स्थित, यह भारत के सबसे दुर्लभ समुद्री मंदिरों में से एक है, एक चौकोर मंच पर 5 अलग-अलग स्वयंभू शिवलिंग हैं और प्रत्येक के सामने एक नंदी की मूर्ति विराजमान है। यह मंदिर समुद्र में उच्च ज्वार के दौरान डूब जाता है और कम ज्वार के दौरान खुद को भव्यता से प्रकट करने के लिए उभर आता है। उच्च ज्वार के दौरान, शिवलिंग जलमग्न हो जाते हैं। इस दौरान केवल ध्वज और एक स्तंभ दिखाई देता है। आपको अपनी गुजरात यात्रा में अवश्य शामिल करना चाहिए और भावनगर में सबसे अधिक देखे जाने वाले तीर्थ स्थानों में से एक है।
निष्कलंक महादेव मंदिर🕉
1 year ago | [YT] | 1
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