सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

🔔 सम्यक्-प्रणम्य | Jain Stotra | Jain Quiz | Jain Bhajan | Jain Knowledge | Jain Dharma

🙏 सम्यक्-प्रणम्य – एक आध्यात्मिक श्रृंखला जो जैन धर्म के मूल्यों, स्तोत्रों, ज्ञानवर्धक लेखों और भजनों को समर्पित है।
यहाँ पाएँ:

शक्तिशाली जैन स्तोत्र
ज्ञानवर्धक जैन प्रश्नोत्तरी (Jain Quiz)
प्रेरणादायक कहानियाँ और धार्मिक विचार
सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र की प्रेरणा

📌 हर वीडियो आपको आत्मिक शांति, भक्ति और जागरूकता की ओर ले जाएगा।

🌞 Samyak-Pranamya – Jain Dharma Playlist
Explore the spiritual essence of Jainism through:
Powerful Jain Stotras (Bhaktamar, Kalyan Mandir, Parshwanath Strotra, etc.)
Enlightening Jain Quizzes to test and grow your knowledge
Inspiring Jain stories and reflections
Content based on Samyak Darshan, Gyan, and Charitra

🎧 Subscribe and join this journey of wisdom, devotion, and awakening.
#JainStotra #JainQuiz #SamyakPranamya #Bhaktamar #JainDharma #JainBhajan #JainKnowledge #SpiritualAwakening #SamyakDarshan #highlights #bhakti #bhajan #bhaktisong #samayakpranamya



सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

जब तक पांडव बनकर रहोगे, तब तक
भारत की रक्षा होती रहेगी और
भारत-भारत ही रहेगा।
हमने बहुत माला फेरी है, तब कहीं जाकर
भारत में जन्म लेने का सौभाग्य मिला है।
भारत कुछ नहीं है, बल्कि सबकुछ है।
— संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी



#army #samyakpranamya #bharat #vidyasagarji #hindi

1 day ago (edited) | [YT] | 60

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

आप सभी को गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं। जय भारत 🇮🇳


#army #samyakpranamya #bharat #republicday

2 days ago (edited) | [YT] | 32

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

सम्मेद शिखरजी में रोपवे का प्रस्ताव रद्द किया गया है। जय जिनेन्द्र 🙏

5 days ago | [YT] | 14

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

लो फिर बसन्त आई,
लो फिर बसन्त आई,
फूलों पे रंग लाई..

चलो बे दरंग,
लबे आबे गंग,
बजे जलतरंग,
मन पर उमंग छाई..

लो फिर बसन्त आई,
फूलों पे रंग लाई ,

" बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं "

6 days ago | [YT] | 9

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

आज है तीर्थंकर श्री विमलनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं अर्हं श्री विमलनाथ जिनेन्द्राय नमः

तिथि~माघ शुक्ल चतुर्थी
दिनांक ~22 जनवरी 2026
दिन ~गुरूवार
तीर्थंकर विमलनाथ जी का जन्म कल्याणक , कम्पिलजी में हुआ था | आज के ही दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में मातारानी जयश्यामा ने तीर्थंकरको जन्म दिया था |

आज तीर्थंकर विमलनाथ जी का तप कल्याणक भी है जो कम्पिलजी में ही हुआ था | आज के ही दिन घास पर ओस देखकर मन प्रसन्न ,सूर्योदय से नष्ट , वैराग्य हुआ , संध्या के समय उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में 1000 राजाओं के साथ जिन दीक्षा ली |

दिव्य दर्शन करें इस कल्याणक क्षेत्र के

1 week ago | [YT] | 82

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

🚩 किणी (कोल्हापूर) के दि. जैन मंदिर में विराजमान पार्श्वनाथ भगवान के दिव्य दर्शन 🙏🙏🙏

1 week ago | [YT] | 72

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

17 जनवरी, 2006 का दिन कुंडलपुर के इतिहास में बहुत खास है, क्योंकि इसी दिन आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के सानिध्य में 2500 साल पुरानी बड़े बाबा (भगवान आदिनाथ) की प्रतिमा को पुराने मंदिर से नए मंदिर के मुख्य आसन पर स्थापित किया गया था, जिसे 'गगन विहार' या 'उच्चासन दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जो आज भी श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है।

1 week ago | [YT] | 57

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

🛕दिनांक~ 17 जनवरी 2026
🛕तिथि ~माघ कृष्ण चतुर्दशी
🛕शुभ दिन ~शनिवार
17 जनवरी, शनिवार को हमारे जैन धर्म का एक बहुत ही बड़ा पर्व है। माघ कृष्ण चतुर्दशी को जैन धर्म के इस युग के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का मोक्ष कल्याणक पर्व है।

आदिब्रह्मा
🙏🏻 ऋषभदेव भगवान की जय🙏🏻
🙏🏻 मोक्ष कल्याणक पर्व की जय🙏🏻

इंडिया नहीं, भारत बोलें
"मातृभाषा अपनाएँ, संस्कृति बचाएँ"

1 week ago | [YT] | 2

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

🛕दिनांक~ 17 जनवरी 2026
🛕तिथि ~माघ कृष्ण चतुर्दशी
🛕शुभ दिन ~शनिवार
तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान का मोक्ष कल्याणक हैl


आदिम तीर्थकर प्रभु, आदिनाथ मुनिनाथ।
आधि व्याधि अघ मद मिटे तुम पद में मममाथ।।
वृष का होता अर्थ है, दयामयी शुभ धर्म।
वृष से तुम भरपूर हो, वृष से मिटते कर्म।।
दीनों के दुर्दिन मिटे तुम दिनकर को देख।
सोया जीवन जागता, मिटता अघ अविवेक।।
शरण चरण है आपके, तारण तरण जहाज।
भव दधि तट तक ले चलो करुणाकर जिनराज।।

1 week ago | [YT] | 36

सम्यक्-प्रणम्य | Samyak-Pranamya

चिन्ता छूती कब तुम्हें, चिंतन से भी दूर।
अधिगम में गहरे गये, अव्यय सुख के पूर।।
युगों-युगों से युग बना, विघन अघों का गेह।
युग दृष्टा युग में रहें, पर ना अघ से नेह।।
शीतल चंदन है नहीं, शीतल हिम ना नीर।
शीतल जिनतव मत रहा, शीतल हरता पीर।।
सुचिर काल से मैं रहा, मोह नींद से सुप्त।
मुझे जगाकर, कर कृपा, प्रभो करो परितृप्त।।

1 week ago | [YT] | 55