॥ ओ३म् ॥
ॐ दक्षिणावन्तो अमृतं भजन्ते ॥ ऋग्वेद 1:125:6 = पुरुषार्थियो द्वारा किया दान परमानंद रुपी शाश्वत सुख को प्राप्त करता है।
🙏 *ओ३म्*🙏
*यज्ञ, हवन, 16 संस्कार(गर्भाधान, पुंसवन, सीमन्तोनयन, जातकर्म, नामकरण, निष्क्रमण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म, कर्णवेध, उपनयन, वेदारम्भ, समावर्तन, विवाह, वानप्रस्थ, संन्यास और अन्त्येष्टि संस्कार) जन्मदिन, पुण्यतिथि, गृह-प्रवेश, वास्तु शान्ति, स्वस्ति-यज्ञ, शान्ति-यज्ञ, पंच महा यज्ञ, चतुर्वेद परायण पाठ, चतुर्वेद परायण महायज्ञ, रूद्र महायज्ञ, गायत्री जप, महामृत्युंजय जप, अनुष्ठान, गायत्री यज्ञ, ओ३म् संकीर्तन, यज्ञ चिकित्सा, यज्ञ उपचार, यज्ञ के द्वारा सभी समस्याओ के समाधान के लिए सम्पर्क करें।
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*आपका पुरोहित*
*आचार्य प्रेम आर्य*
गया, बिहार
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ARYA SAMAJ MANDIR
मैं आत्मा हूँ
अच्छी हूँ, बुरी हूँ, जैसी भी हूँ, मैं एक
आत्मा हूँ। यह शरीर केवल मेरे इस
संसार से जुड़े रहना का माध्यम है। यह
शरीर जो मुझे प्राप्त हुआ है यह
रूपवान् है, कुरूप है, गोरा है, काला है,
लम्बा है, नाटा है, पतला है, मोटा है, या
जैसा भी है इसके सभी गुण-दोषों का
निरधारण मेरे द्वारा होता है तथा मेरे
प्रारब्धों के अनुसार यह कष्ट पाता है,
परन्तु यह चलता इस संसार-बन्धन के
अनुरूप है। यह संसार से मिला शरीर
संसार में ही रह जायगा, इससे मेरा कोई
-भी बन्धन नहीं है। जब यह नहीं था मैं
तब भी थी। जब ये नहीं रहेगा मैं तब भी
रहूँगी, क्योंकि मैं एक आत्मा हूँ।
12 hours ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
Arya Samaj Mandir Manpur Gaya Bihar
10 months ago | [YT] | 1
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ARYA SAMAJ MANDIR
यज्ञ के पश्चात सत्यार्थ प्रकाश का वितरण किया गया।
आचार्य श्री प्रेम आर्य, गया, बिहार
11 months ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
1 year ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
1 year ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
1 year ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
2 years ago | [YT] | 1
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ARYA SAMAJ MANDIR
समयसूचक AM और PM का उद्गगम भारत ही था, लेकिन हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है :
AM : Ante Meridian PM : Post Meridian
एंटे यानि पहले, लेकिन किसके? पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके?
यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था।काफ़ी अध्ययन करने के पश्चात ज्ञात हुआ और हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को साफ-साफ दृष्टिगत किया है। कैसे? देखिये...
AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya
PM = पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasya
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सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसी को गौण कर दिया। अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस वास्तविक ‘मतलब' को इंगित नहीं करते।
आरोहणम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)।
पतनम् मार्तण्डस्य यानि सूर्य का ढलाव।
बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है - 'आरोहनम मार्तण्डस्य' (AM)।
बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है - 'पतनम मार्तण्डस्य' (PM)।
पश्चिम के प्रभाव में रमे हुए और पश्चिमी शिक्षा पाए कुछ लोगों को भ्रम हुआ कि समस्त वैज्ञानिकता पश्चिम जगत की देन है।
हम अपनी हजारों साल की समृद्ध विरासत, परंपराओं और संस्कृति का पालन करते हुए भी आधुनिक और उन्नत हो सकते हैं।इस से शर्मिंदा न हों बल्कि इस पर गौरव की अनुभूति करें और केवल नकली सुधारवादी बनने के लिए इसे नीचा न दिखाएं।समय निकालें और इसके बारे में पढ़ें / समझें / बात करें / जानने की कोशिश करें।
अपने “सनातनी" होने पर गौरवान्वित महसूस करें।
#सनातनी #सनातनभारत #सनातन #सनातनहमारीपहचान
2 years ago | [YT] | 0
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ARYA SAMAJ MANDIR
ओ३म् ( ज्ञान - विज्ञान )
🚩 ज्ञान से मुक्ति . . . .
1.जितना जितना ज्ञान उतना उतना सुख . . .
2.🚩सुख (भौतिक/आध्यात्मिक) चाहिए तो ज्ञान प्राप्त करना ही पड़ेगा.इसका कोई विकल्प नहीं
3.भौतिक सुख क्षणिक (अल्पकालिक) होता है अतः चिर स्थाई विशेष सुख अर्थात आनन्द के लिए तो मोक्ष शास्त्रों का स्वाध्याय करना ही पड़ेगा.कोई विकल्प नहीं
4.जो धन आदि के अभाव से ग्रस्त है,उनकी प्राथमिकता है कि धन चाहिए ... ठीक बात.
परन्तु जिन्हें धन का अभाव नही वे भी दुःखी देखे जाते हैं ... तो मात्र धन प्राप्त करना समाधान नहीं
5.धनी मनुष्य का यदि शरीर ही स्वस्थ नही है तो वह भी दुःखी
6.पहला सुख निरोगी काया/शरीर. इसके लिए नित्य -----
ब्रह्ममुहूर्त में उठना (सर्वाधिक शुद्ध वायु की प्राप्ति हेतु )
घूमना / दौड़ना ....
आसन - व्यायाम - प्राणायाम
नित्य ईश्वर का ध्यान (आयुर्वेद के अनुसार )
हवन हो जाए तो सर्वोत्तम बात (क्योंकि औषधीय वायु में प्राणायाम करने से शरीर निरोग रहता/हो जाता है )
7.🚩शरीर स्वस्थ रहने पर जिनको मोक्ष की इच्छा है वह सुख पूर्वक स्वाध्याय /ध्यान कर सकता है
8.जीवन का लक्ष्य तो मोक्ष ही है. ज्ञानपूर्वक ----
शरीर की शुद्धि (जल आदि से)
मन की शुद्धि (सत्य आचरण से)
बुद्धि की शुद्धि (ज्ञान से )
आत्मा की शुद्धि (विद्या व तप से)
(🚩विद्या ऐसा ज्ञान है जिससे ईश्वर,जीव,प्रकृति का ठीक -ठीक ज्ञान होता है.यह गुरु,सत्संग,मोक्ष शास्त्रों के स्वाध्याय से प्राप्त होती है)
🚩सुखी होना है तो आज से ही विद्या प्राप्त करनी आरम्भ कर दो ... सब आत्माएं सुख ही चाहती हैं
2 years ago | [YT] | 1
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ARYA SAMAJ MANDIR
आर्य समाज के संस्थापक कौन है ?
2 years ago | [YT] | 0
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