चरोदा जोन 2 रेलवे कॉलोनी में हूं । जहां नव युवा चेतना मंच सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति द्वारा म्यांमार के बौद्ध मंदिर को हूबहू उतारा गया है।
110 फ़ीट चौड़ा 105 फिट ऊंचे गणेश पंडाल को विक्की टेंट हाउस के माध्यम से सजाया है कोलकाता के कारीगरों ने।
समिति संरक्षक चंद्रप्रकाश पांडेय और कोषाध्यक्ष सनातन ठाकुर ने बताया कि समिति द्वारा गणेशोत्सव के आयोजन का 19 वर्ष है। हर साल कुछ नया करने के चलते अब इसकी प्रसिद्धि लगातार बढ़ती जा रही है
शायद यही वह गाना था जो सुबह 9 बजे वायरल हुआ और शाम 5 पांच बजे यानी मतदान खत्म होने तक हर "मोबाइल" पर बज रहा था।
और यहीं वह गाना था जिसने "गजेंद्र यादव" का एक हंसमुख, जिंदादिल इंसान के तौर पर परिचय कराया।
दुर्ग भिलाई के लोगों को याद होगा। नवम्बर 2023 । छत्तीसगढ़ विधानसभा का चुनाव। भाजपा के टिकट वितरण के दौरान जिले से 3 नाम बेहद चौकाने वाले आए थे। दुर्ग शहर से गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण से ललित चन्द्राकर और वैशाली नगर से रिकेश सेन ।
पहली बार आम जनता ने "गजेंद्र यादव" को जाना था। दुर्ग कभी कांग्रेस का गढ़ रहा था। इस गढ़ को स्व.हेमचंद यादव ने ध्वस्त किया। इस बार गजेंद्र यादव ने।
इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी "अरुण वोरा" के तिलस्म को तोड़ने के लिए भाजपा ने संघ के प्रांत सर संघचाक रहे बिसरा राम यादव के सुपुत्र को मैदान में उतारा था। तब मैं भी गजेंद्र यादव को नहीं जानता था
मतदान के दिन गजेंद्र यादव और अरुण वोरा साथ साथ चल रहे थे। गजेंद्र गाना गा रहे थे और अरुण वोरा उनके गीत सुन मुस्कुरा रहे थे। ये गाना इतनी तेजी से वायरल हुआ कि पूरी चुनावी फिजा ही बदल गई।
दुर्ग मेरे बचपन का शहर है। इसके हर गली, मोहल्ले से मेरे बचपन की यादें जुड़ी हैं। चाहे वह पुलिस लाइन हो, शनिचरी बाजार, मिल पारा, गंज पारा, आपापुरा, गवली पारा, केला बाड़ी, संतराबाड़ी,तितुरडीह, बैगा पारा, पोलसाय पारा, तमेर पारा, शंकर नगर, चंडी मंदिर पंचमुखी हनुमान मंदिर, पांच कंडील चौक, गांधी चौक सबसे गहरा नाता रहा है, आज भी है।
इसलिए दुर्ग को कुछ मिलता है तो अपनेपन सा लगता है। दुर्ग विधायक गजेंद्र भाई को आज "मंत्री" बनाया गया। खुशी हमें भी हो रही है। इस उम्मीद के साथ कि दुर्ग की खाली उम्मीदों को आप जरूर पूरा करेंगे।
श्री कृष्ण सेना की तरफ से बहुत बधाई, शुभकामनाएं गजेंद्र भाई
ये हैं धनीराम गुप्ता जी । वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, और भिलाई 3 के पहले "नोटरी" भी। रजिस्ट्रेशन कराने में थोड़ी देर कर दी वरना भिलाई 3 के प्रथम अधिवक्ता का तमगा भी लग जाता। भिलाई 3 के पहले अधिवक्ता का तमगा हासिल किया " बी संजीवा रेड्डी" जी ने।
बात करते हैं गुप्ता जी की । "कसौधन वैश्य गुप्ता समाज" से हैं। सामाजिक ,धार्मिक आयोजनों में खूब हिस्सा लेते हैं।
इन दिनों "धनीराम गुप्ता" जी की चर्चा एक लेखक के तौर पर हो रही है। चर्चा जोरों पर इसलिए कि एक "गुप्ता समाज" के व्यक्ति ने "ब्राह्मणों" पर शानदार किताब लिख दी। " देवताओं के देवता ब्राह्मण देवता ? । प्रश्न वाचक चिन्ह भी है ताकि आपकी जिज्ञासा बढ़े।
किताब बेहद शानदार है। गुप्ता जी ने लंबे अध्ययन व शोध के बाद लिखी है। 300 रुपए की यह किताब अमेज़न पर भी उपलब्ध है।
गुप्ता जी ने कहा NDH TV के लिए हल्का फुल्का इंटरव्यू करना है। इंटरव्यू भी हो गया । कमेंट्स बॉक्स पर इंटरव्यू भी देख सकते हैं।
बहरहाल शानदार किताब के लिए बधाई, शुभकामनाएं गुप्ता जी
एक अधेड़ को "मनसे" के कार्यकर्ता सिर्फ इसलिए थप्पड़ मार रहे क्योंकि उसे "मराठी" नहीं आती है।
वोट बैंक की राजनीति ने 70, 75 साल में देश कितना बेड़ा गर्क किया, इसका सटीक उदाहरण है ये वीडियो।
देश और "संविधान" के निर्माताओं ने कितनी मेहनत से रियासतों को जोड़कर सुंदर देश के रूप में पिरोया है।
संविधान में क्या सुंदर व्याख्या दी है किसी भी प्रांत के नागरिक किसी भी प्रांत में रह सकते हैं, कामकाज कर सकते हैं। भारत को एक बोली भाषा में बांधे रखने के लिए "हिंदी को राष्ट्रभाषा" बनाया। क्या प्रांतवाद क्या भाषावाद संविधान का अपमान नही है ?
भारत के हर प्रांत का, हर प्रांत की बोली भाषा का मान, सम्मान, स्वाभिमान होना चाहिए, पर मराठी नहीं आने पर थप्पड़ ? बेहद दुर्भाग्यपूर्ण ! बेहद शर्मनाक । मन में सवाल उठता है, क्या यही "छत्रपति शिवाजी महाराज" का महाराष्ट्र है ? क्या यही "छत्रपति संभाजी महाराज" का महाराष्ट्र है ? क्या यहीं हिंदू ह्रदय सम्राट "बाला साहेब ठाकरे" कवमहाराष्ट्र है? क्या यहीं छत्रपति शिवाजी महाराज के "हिंदवी स्वराज" का सपना था ?
क्या मराठी के सम्मान के लिए आप हिंदी का अपमान नहीं कर रहे है? महाराष्ट्र के लोग भी तो दूसरे प्रान्त में रहते हैं, उनको साथ ऐसा होने लगे तो ? राज ठाकरे में लोग बाला साहेब ठाकरे की छवि देखा करते थे, पर हुआ क्या? मराठी और महाराष्ट्र की अस्मिता का मुद्दा बनाकर राजठाकरे को कभी राजनीति लाभ हुआ ? नहीं ! और शायद होगा भी नहीं ही, क्योंकि महाराष्ट्र की जनता बेहद समझदार है। वो जानती है कि राज ठाकरे दिशाहीन नेता बन चुके हैं।
अब जेहन में सवाल कौंधता है, क्या मराठी के नाम पर गरीबों को, असहायों को पीटने वाले या उन्हें उकसाने वाले नेताओ को बच्चों को मराठी आती होगी ? उनके बच्चे तो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते होंगे, कान्वेंट स्कूल में पढ़ते होंगे , बाकी तो सब राजनीति है।
अगड़ा, पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक, प्रांत, जाति , भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों का किसी से कोई मतलब नहीं, उनका सिर्फ एक ही मतलब है सांसद, विधायक बनना और सत्ता का सुख भोगना
सुबह बी जॉन प्रसाद का फोन आया। भैया मुकेश नहीं रहा। मैं चौका कौन मुकेश ? जॉन ने कहा अपना मुकेश, मुकेश कुर्रे। कोहका वाला । जिसके प्रिंटिंग प्रेस ऑफिस में हम लोग बैठते थे ।
अरे ! कैसे क्या हुआ ? जॉन ने बताया अपनी पत्नी के साथ अपनी मौसी के यहां खुर्सीपार गया था। खाना खाने। रात 10 बजे स्कूटी से घर लौट रहा था। तेलहा नाला के पास बेकाबू ट्रक ने स्कूटी को ठोकर मार दिया । मुकेश और उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई।
उफ ! नियति का कैसा खेल है। दो जवान मौते। मुकेश बेहद खुशमिजाज था। शादी का कार्ड देते वक्त कहा था भैया बारात में चलना है। बारात में नहीं जा सका। उसकी काठी में जाना पड़ गया।
मुकेश तथा उसकी पत्नी की मौत का जिम्मेदार कौन है? सुविधाजनक यातायात के नाम पर हमको क्या मिला ? खूनी सड़क। न फ्लाई ओवर, न बायपास । सड़क के बीच से गुजरता हाई स्पीड फोरलेन। इसको भी प्रशासन व्यवस्थित नहीं कर पा रहा है।
NDH TV
अद्भुत...
ये है म्यांमार का बौद्ध मंदिर ...
चौकिए नहीं मैं इस वक्त म्यांमार में नहीं हूं।
चरोदा जोन 2 रेलवे कॉलोनी में हूं । जहां नव युवा चेतना मंच सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति द्वारा म्यांमार के बौद्ध मंदिर को हूबहू उतारा गया है।
110 फ़ीट चौड़ा 105 फिट ऊंचे गणेश पंडाल को विक्की टेंट हाउस के माध्यम से सजाया है कोलकाता के कारीगरों ने।
समिति संरक्षक चंद्रप्रकाश पांडेय और कोषाध्यक्ष सनातन ठाकुर ने बताया कि समिति द्वारा गणेशोत्सव के आयोजन का 19 वर्ष है। हर साल कुछ नया करने के चलते अब इसकी प्रसिद्धि लगातार बढ़ती जा रही है
वीडियो जल्द ही
8 months ago | [YT] | 1
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NDH TV
नया लोगो
8 months ago | [YT] | 0
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NDH TV
तू जहां जहां चलेगा...मेरा साया साथ होगा
शायद यही वह गाना था जो सुबह 9 बजे वायरल हुआ और शाम 5 पांच बजे यानी मतदान खत्म होने तक हर "मोबाइल" पर बज रहा था।
और यहीं वह गाना था जिसने "गजेंद्र यादव" का एक हंसमुख, जिंदादिल इंसान के तौर पर परिचय कराया।
दुर्ग भिलाई के लोगों को याद होगा। नवम्बर 2023 । छत्तीसगढ़ विधानसभा का चुनाव। भाजपा के टिकट वितरण के दौरान जिले से 3 नाम बेहद चौकाने वाले आए थे। दुर्ग शहर से गजेंद्र यादव, दुर्ग ग्रामीण से ललित चन्द्राकर और वैशाली नगर से रिकेश सेन ।
पहली बार आम जनता ने "गजेंद्र यादव" को जाना था। दुर्ग कभी कांग्रेस का गढ़ रहा था। इस गढ़ को स्व.हेमचंद यादव ने ध्वस्त किया। इस बार गजेंद्र यादव ने।
इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी "अरुण वोरा" के तिलस्म को तोड़ने के लिए भाजपा ने संघ के प्रांत सर संघचाक रहे बिसरा राम यादव के सुपुत्र को मैदान में उतारा था। तब मैं भी गजेंद्र यादव को नहीं जानता था
मतदान के दिन गजेंद्र यादव और अरुण वोरा साथ साथ चल रहे थे। गजेंद्र गाना गा रहे थे और अरुण वोरा उनके गीत सुन मुस्कुरा रहे थे। ये गाना इतनी तेजी से वायरल हुआ कि पूरी चुनावी फिजा ही बदल गई।
दुर्ग मेरे बचपन का शहर है। इसके हर गली, मोहल्ले से मेरे बचपन की यादें जुड़ी हैं। चाहे वह पुलिस लाइन हो, शनिचरी बाजार, मिल पारा, गंज पारा, आपापुरा, गवली पारा, केला बाड़ी, संतराबाड़ी,तितुरडीह, बैगा पारा, पोलसाय पारा, तमेर पारा, शंकर नगर, चंडी मंदिर पंचमुखी हनुमान मंदिर, पांच कंडील चौक, गांधी चौक सबसे गहरा नाता रहा है, आज भी है।
इसलिए दुर्ग को कुछ मिलता है तो अपनेपन सा लगता है। दुर्ग विधायक गजेंद्र भाई को आज "मंत्री" बनाया गया। खुशी हमें भी हो रही है। इस उम्मीद के साथ कि दुर्ग की खाली उम्मीदों को आप जरूर पूरा करेंगे।
श्री कृष्ण सेना की तरफ से बहुत बधाई, शुभकामनाएं गजेंद्र भाई
#श्रीकृष्ण_सेना #ndh_tv #gajenderyadav
8 months ago | [YT] | 1
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टप्पा तालाब, भिलाई 3 का ऐतिहासिक धरोहर
टप्पा तालाब बचाओ आंदोलन, 7 वां सप्ताह
श्रमदान संकल्प अभियान
20 जुलाई, सुबह 7 से 9
विनीत- देवकुमारी भल्लावी,पार्षद
संकल्प पर्यावरण संरक्षण समिति
10 months ago | [YT] | 1
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हर हर महादेव
10 months ago | [YT] | 5
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NDH TV
ये हैं धनीराम गुप्ता जी । वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, और भिलाई 3 के पहले "नोटरी" भी। रजिस्ट्रेशन कराने में थोड़ी देर कर दी वरना भिलाई 3 के प्रथम अधिवक्ता का तमगा भी लग जाता। भिलाई 3 के पहले अधिवक्ता का तमगा हासिल किया " बी संजीवा रेड्डी" जी ने।
बात करते हैं गुप्ता जी की । "कसौधन वैश्य गुप्ता समाज" से हैं। सामाजिक ,धार्मिक आयोजनों में खूब हिस्सा लेते हैं।
इन दिनों "धनीराम गुप्ता" जी की चर्चा एक लेखक के तौर पर हो रही है। चर्चा जोरों पर इसलिए कि एक "गुप्ता समाज" के व्यक्ति ने "ब्राह्मणों" पर शानदार किताब लिख दी। " देवताओं के देवता ब्राह्मण देवता ? । प्रश्न वाचक चिन्ह भी है ताकि आपकी जिज्ञासा बढ़े।
किताब बेहद शानदार है। गुप्ता जी ने लंबे अध्ययन व शोध के बाद लिखी है। 300 रुपए की यह किताब अमेज़न पर भी उपलब्ध है।
गुप्ता जी ने कहा NDH TV के लिए हल्का फुल्का इंटरव्यू करना है। इंटरव्यू भी हो गया । कमेंट्स बॉक्स पर इंटरव्यू भी देख सकते हैं।
बहरहाल शानदार किताब के लिए बधाई, शुभकामनाएं गुप्ता जी
10 months ago | [YT] | 0
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वीडियो देखकर मन विचलित हो गया...
एक अधेड़ को "मनसे" के कार्यकर्ता सिर्फ इसलिए थप्पड़ मार रहे क्योंकि उसे "मराठी" नहीं आती है।
वोट बैंक की राजनीति ने 70, 75 साल में देश कितना बेड़ा गर्क किया, इसका सटीक उदाहरण है ये वीडियो।
देश और "संविधान" के निर्माताओं ने कितनी मेहनत से रियासतों को जोड़कर सुंदर देश के रूप में पिरोया है।
संविधान में क्या सुंदर व्याख्या दी है किसी भी प्रांत के नागरिक किसी भी प्रांत में रह सकते हैं, कामकाज कर सकते हैं। भारत को एक बोली भाषा में बांधे रखने के लिए "हिंदी को राष्ट्रभाषा" बनाया। क्या प्रांतवाद क्या भाषावाद संविधान का अपमान नही है ?
भारत के हर प्रांत का, हर प्रांत की बोली भाषा का मान, सम्मान, स्वाभिमान होना चाहिए, पर मराठी नहीं आने पर थप्पड़ ? बेहद दुर्भाग्यपूर्ण ! बेहद शर्मनाक । मन में सवाल उठता है, क्या यही "छत्रपति शिवाजी महाराज" का महाराष्ट्र है ? क्या यही "छत्रपति संभाजी महाराज" का महाराष्ट्र है ? क्या यहीं हिंदू ह्रदय सम्राट "बाला साहेब ठाकरे" कवमहाराष्ट्र है? क्या यहीं छत्रपति शिवाजी महाराज के "हिंदवी स्वराज" का सपना था ?
क्या मराठी के सम्मान के लिए आप हिंदी का अपमान नहीं कर रहे है? महाराष्ट्र के लोग भी तो दूसरे प्रान्त में रहते हैं, उनको साथ ऐसा होने लगे तो ? राज ठाकरे में लोग बाला साहेब ठाकरे की छवि देखा करते थे, पर हुआ क्या? मराठी और महाराष्ट्र की अस्मिता का मुद्दा बनाकर राजठाकरे को कभी राजनीति लाभ हुआ ? नहीं ! और शायद होगा भी नहीं ही, क्योंकि महाराष्ट्र की जनता बेहद समझदार है। वो जानती है कि राज ठाकरे दिशाहीन नेता बन चुके हैं।
अब जेहन में सवाल कौंधता है, क्या मराठी के नाम पर गरीबों को, असहायों को पीटने वाले या उन्हें उकसाने वाले नेताओ को बच्चों को मराठी आती होगी ? उनके बच्चे तो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते होंगे, कान्वेंट स्कूल में पढ़ते होंगे , बाकी तो सब राजनीति है।
अगड़ा, पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक, प्रांत, जाति , भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों का किसी से कोई मतलब नहीं, उनका सिर्फ एक ही मतलब है सांसद, विधायक बनना और सत्ता का सुख भोगना
जय श्री कृष्ण
#श्रीकृष्ण_सेना #rajthakre #mns #महाराष्ट्र
10 months ago | [YT] | 0
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सुबह बी जॉन प्रसाद का फोन आया। भैया मुकेश नहीं रहा। मैं चौका कौन मुकेश ?
जॉन ने कहा अपना मुकेश, मुकेश कुर्रे। कोहका वाला । जिसके प्रिंटिंग प्रेस ऑफिस में हम लोग बैठते थे ।
अरे ! कैसे क्या हुआ ? जॉन ने बताया अपनी पत्नी के साथ अपनी मौसी के यहां खुर्सीपार गया था। खाना खाने। रात 10 बजे स्कूटी से घर लौट रहा था। तेलहा नाला के पास बेकाबू ट्रक ने स्कूटी को ठोकर मार दिया । मुकेश और उसकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई।
उफ ! नियति का कैसा खेल है। दो जवान मौते। मुकेश बेहद खुशमिजाज था। शादी का कार्ड देते वक्त कहा था भैया बारात में चलना है। बारात में नहीं जा सका। उसकी काठी में जाना पड़ गया।
मुकेश तथा उसकी पत्नी की मौत का जिम्मेदार कौन है? सुविधाजनक यातायात के नाम पर हमको क्या मिला ? खूनी सड़क। न फ्लाई ओवर, न बायपास । सड़क के बीच से गुजरता हाई स्पीड फोरलेन। इसको भी प्रशासन व्यवस्थित नहीं कर पा रहा है।
विन्रम श्रदांजलि मुकेश
10 months ago | [YT] | 0
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NDH TV
जय बजरंगबली
10 months ago | [YT] | 1
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NDH TV
राधे राधे
10 months ago | [YT] | 2
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