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आपदा सखी योजना
महिला स्वयंसेवकों को आपदा से पूर्व चेतावनी, प्राथमिक चिकित्सा, राहत एवं बचाव कार्यों, मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

8 months ago | [YT] | 0

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केदारनाथ मंदिर
* महाभारत के वन पर्व में केदारनाथ को भृगुतुंग कहा गया है
* केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है यहां भगवान शिव के पिछले भाग की पूजा की जाती है
* रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित केदारनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार आदि गुरु शंकराचार्य जी ने किया था
* नयनार संत शैव धर्म प्रचारक थे, जिनकी संख्या 63 बतायी गयी
* पाँच शैव तीर्थ - पहला पशुपति नाथ नेपाल में, दूसरा कुमाऊँ के जागेश्वर में, तीसरा गढ़वाल का केदारनाथ, चौथा हिमाचल के बैजनाथ तथा पाँचवा तीर्थ कश्मीर के अमरनाथ है
* केदारनाथ मंदिर खरखंड़, भरतखंड एवं केदारनाथ शिखरों के मध्य समुद्र तल से 3584 मी० की ऊँचाई पर स्थित है
* भैरव नाथ को भगवान केदार का रक्षक देवता माना जाता है
* केदारनाथ भगवान की पूजा ब्रह्मकमल चढाकर भी की जाती है
* शरद ऋतु में भगवान केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में होती है
* केदारनाथ मंदिर के पुजारियों को रावल कहते है जो मैसूर के जंगम ब्राह्मण होते है और उनका निवास स्थान ऊखीमठ में होता है
* 18वीं शताब्दी में रानी अहिल्या बाई होल्कर ने केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था, केदारनाथ मंदिर समिति का मुख्यालय ऊखीमठ में है
* केदारनाथ मंदिर समिति का गठन 1948 ई० में हुआ, ब्रिटिश काल में बद्रीनाथ व केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 ई० में पारित हुआ

10 months ago | [YT] | 1

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भारत के लोकसभा अध्यक्षों में सबसे लंबा कार्यकाल बलराम जाखड़ का रहा है। उन्होंने 1980 से 1989 तक लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल से संबंधित कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
* उन्होंने दो बार लोकसभा अध्यक्ष का पद संभाला।
* उनका कार्यकाल 7वीं और 8वीं लोकसभा के दौरान रहा।
* उन्होंने भारतीय संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की, और सबसे लंबे समय तक लोकसभा अध्यक्ष रहे।
इसलिए, सबसे अधिक लोकसभा अध्यक्ष का कार्यकाल बलराम जाखड़ का रहा है।

10 months ago | [YT] | 1

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फूलों की घाटी, उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यान है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहां फूलों की घाटी के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है:
मुख्य विशेषताएं:
* स्थान: यह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है।
* यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: फूलों की घाटी को 2005 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।
* वनस्पति विविधता: यह अल्पाइन फूलों और वनस्पतियों की विविधता के लिए जाना जाता है। यहां 300 से अधिक प्रकार के फूल पाए जाते हैं, जिनमें एनीमोन, गेरियम, ब्लू पोस्पी और ब्लूबेल जैसे फूल शामिल हैं।
* जीव विविधता: यह क्षेत्र दुर्लभ और लुप्तप्राय जानवरों का भी घर है, जिनमें एशियाई काला भालू, हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग, भूरा भालू, लाल लोमड़ी और नीली भेड़ शामिल हैं।
* खुलने का समय: फूलों की घाटी आमतौर पर 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। मानसून के दौरान, जून से नवंबर तक, यहां फूल अपनी पूरी सुंदरता में खिलते हैं।
* भौगोलिक स्थिति: यह नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है और समुद्र तल से लगभग 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
* खोज: इस घाटी की खोज वनस्पति शास्त्री फ्रेक सिडनी स्माइथ ने की थी।
यात्रा जानकारी:
* फूलों की घाटी ट्रेकिंग के लिए एक शानदार स्थान है।
* यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
* यह जगह रिसर्चर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
फूलों की घाटी एक ऐसा स्थान है जहां प्रकृति अपनी पूरी सुंदरता के साथ प्रकट होती है, और यह निश्चित रूप से देखने लायक है।

10 months ago | [YT] | 1

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10 months ago | [YT] | 1