शक्ति रूप (नारी शक्ति) नारी के पास एक रहस्यमयी चाबी होती है जो सत्यता, सौंदर्य और शक्ति के बंद दरवाजे खोलकर स्वतंत्रता की ओर ले जाती है। उसमें परम्पयरा की सीमाओं को देखते हुए इसमें जिम्मेदारी उठाने की क्षमता है। शक्ति को पुन: प्राप्तओ करते उसके सार को पुनर्जीवित करती है।

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आओ योग -नारी चेनल के माध्यम से अपनी सभी समस्याओ को जड से समाप्त करे



YOG- NAARI

इस वर्ष 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है, यह एक ऐसा उत्सव है जो सभी की भागीदारी का स्वागत करता है और उसे महत्व देता है। इसका लक्ष्य योग को एक व्यापक आंदोलन में बदलना है जो स्वास्थ्य पर जोर देता है और वैश्विक स्वास्थ्य और शांति को बढ़ावा देता है।

21 जून का महत्त्व: 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है क्योंकि यह ग्रीष्म अयनांत (Summer Solstice) के साथ संयोग रखता है — यह उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जब सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं। यह दिन अधिकतम प्रकाश लाता है और योग परंपराओं में इसे आध्यात्मिक जागरण के संक्रमण काल के रूप में माना जाता है।


21 जून का दिन खास क्यों?

21 जून को ग्रीष्म संक्रांति होती है। भारतीय संस्कृति के अनुसार ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढलता है इसीलिए ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

इस बार योग दिवस की थीम है- योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ'

योग के फायदे
योग शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। योग न केवल व्यायाम है, बल्कि एक जीवनशैली है। योग अपनाकर हम स्वस्थ, शांत और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। तनाव से कोसों दूर सकते हैं।
उसके बड़े फायदे-

- योग से आप अपने शरीर का लचीलापन बढ़ा सकते हैं। इससे फिटनेस अच्छी रहती है। मांसपेशियों में खिंचाव की संभावना कम हो जाती है।

- योग करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। गठिया और कमर दर्द नहीं होता।

6 months ago | [YT] | 23

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Face yoga ka video link

https://youtu.be/Mm63hRi0ksg?si=zWssk...

फेस योगा एक तरह से मॉडर्न योग का हिस्सा है। लोग सोचते हैं कि वो क्रीम लगाकर या दूसरे आर्टिफिशियल तरीके से चेहरे को खूबसूरत बना सकते हैं, जबकि अगर आपको अपनी फेसियल ब्यूटी परमानेंट चाहिए, तो आपको फेस योग करना चाहिए। फेस योगा, चेहरे की झुर्रियों और फाइन लाइन्स को दूर करने के साथ-साथ यह चेहरे की मांसपेशियों को भी तंदुरुस्त रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे करने से आपके चेहरे का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, लिम्फ ड्रेनेज में कारगर होता है, चेहरे की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है और टेन्शन रिलीज करता है।

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11 months ago | [YT] | 3

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अपने ब्लड ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित करने के लिए भारतीय मधुमेह आहार चार्ट – Sugar Patient Diet Chart in Hindi
यह सच है कि कुछ भारतीय मुख्य खाद्य पदार्थ कार्ब्स और चीनी से भरपूर होते हैं। हालांकि, भारतीय भोजन में कई और खाद्य पदार्थ भी हैं जो स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने में आपकी मदद करते हैं। भारतीय सुपरफूड आपकी अनियमित रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद करते हैं। वे आपके समग्र स्वास्थ्य को भी पोषण देते हैं। मधुमेह वाले लोगों के लिए सैम्पल शुगर पेशेंट डाइट चार्ट प्लान इस प्रकार है:

सुबह सवेरे
अपने दिन की शुरुआत में चाय/कॉफी से परहेज़ करें। यह कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाता है और रक्त शर्करा को अस्थिर करता है। आप अपने दिन की शुरुआत एक ताज़ा और डिटॉक्स ड्रिंक के साथ कर सकते हैं और साथ ही आप सुबह सबसे पहले भीगे हुए मेथी के साथ गर्म पानी ले सकते हैं। आप इस ड्रिंक के साथ 1 मुट्ठी भीगे हुए मेवे भी ले सकते हैं।

नाश्ता
यह दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। मधुमेह के रोगियों के लिए भारतीय नाश्ते के लिए बहुत सारे स्वादिष्ट विकल्प हैं। आप दलिया (दलिया), ताजी स्मूदी, बिना तेल/मक्खन वाली सब्जियों की चपाती या एक कटोरी ताजे फल खा सकते हैं। मांसाहारी लोगों के लिए उबले अंडे एक अच्छा विकल्प हैं। साबुत अनाज की रोटी, उपमा, पोहा, रागी इडली और डोसा भी नाश्ते के लिए स्वस्थ विकल्प हैं। आप नाश्ते में एक गिलास दूध भी ले सकते हैं।

सुबह के दौरान (मिड-मॉर्निंग)
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों के साथ अपनी मिड-मॉर्निंग भूख को संतुष्ट करें। आप सुबह-सुबह स्वस्थ मेवे और बीज खा सकते हैं। इससे आपकी भूख तो पूरी होगी ही साथ ही आपका ब्लड शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहेगा।

दिन का खाना
आपके दोपहर के भोजन की थाली में अच्छी तरह से पकी हुई और कम कार्ब वाली सब्जियों की एक बड़ी सर्विंग शामिल होनी चाहिए। दाल में भरपूर पोषक तत्व होते हैं। मूंग दाल प्रोटीन का समृद्ध स्रोत है। सब्जी और दाल के साथ, आप 1 या 2 साबुत गेहूं, रागी, जौ, ज्वार या बेसन की चपाती ले सकते हैं। मांसाहारी लोगों के लिए सब्जी और दाल की जगह स्टीम्ड या ग्रिल्ड मीट/सी फूड अच्छा विकल्प होता है। सफेद चावल के बजे क्विनोआ और ब्राउन राइस स्वास्थ्यप्रद विकल्प हैं।

दिन के स्नैक:
भुना हुआ चना, चिवड़ा, ग्रीक योगर्ट, एक कटोरी फ्रूट और गुड़ स्नैक्स के लिए सबसे अच्छे विकल्प हैं। चिप्स, बिस्कुट, पैक्ड नमकीन और तले हुए स्नैक्स जैसे प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज़ करें। ये आपके रक्त शर्करा के स्तर को आसानी से बढ़ा सकते हैं। आप काम वसा वाले दूध के साथ चाय/कॉफी भी ले सकते है। साथ ही ग्रीन टी एक बेहतर विकल्प

रात का खाना
यह दिन का अंतिम भोजन होता है। इसका हल्का और स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी है। रात के खाने के लिए लो फैट या लो कार्ब फूड सबसे अच्छे होते हैं। आप रात के खाने में सूप, एक कटोरी सलाद, ग्रिल्ड पनीर या टोफू ले सकते हैं। मांसाहारी लोग ग्रिल्ड फिश या चिकन खा सकते हैं। आप अपने डिनर को लंच की तरह भी रख सकते हैं लेकिन कम मात्रा में।

https://youtu.be/yWJ4nAsBdgU?si=KToi-...

2 years ago | [YT] | 12

YOG- NAARI

Setubandhasan..
https://youtu.be/KdsjGiSpb6E?si=DuTU-...

ब्रिज पोज (सेतु बंधासन) ऐसा ही एक योगाभ्यास है जो आपको कई तरह के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है।
वरिष्ठ योग विशेषज्ञ क्लाउडिया कमिंस कहते हैं, "इंद्रियों को जगाने के लिए मेरी पसंदीदा मुद्राओं में से एक है सेतुबंधासन। पीठ, पैर और कूल्हों को मजबूत करने के साथ रीढ़ की शक्ति को बढ़ाने और हृदय को खोलने के लिए इस योग का अभ्यास करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इस प्रक्रिया के अभ्यास से मन शांत होता है, शरीर ऊर्जावान हो जाता है, जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं।

*सेतु बंधासन योग का अभ्यास कैसे करें?*

सेतु बंधासन योग का अभ्यास काफी सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी है। किसी भी उम्र के लोग विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को बगल में रखें। अब धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं। हिप्स को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं। कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।

*सेतु बंधासन योग करने के क्या फायदे हैं*

पीठ, ग्लूट्स, टांगों और टखनों को मजबूत बनाता है।

छाती, हृदय और कूल्हे के लचीलेपन को बढ़ाता है।

छाती, गर्दन, कंधों और रीढ़ को फैलाता है।

मन को शांत करता है, तनाव और अवसाद को कम करने में भी सहायक है।

पेट, फेफड़े और थायराइड को उत्तेजित करके उनके कार्यों को आसान बनाता है।

पाचन में सुधार करने में भी इस योग का अभ्यास लाभदायक माना जाता है।

2 years ago | [YT] | 3

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youtube.com/shorts/BUO1FMVF3Y...

*बिना जिम जाए कम करना है बेली फैट, तो हर रोज करें भुजंगासन , मिलेंगे और भी फायदे*

क्या आपको नहीं मिलता है जिम या वॉक पर जाने की समय और इसकी वजह से आपका वजन बढ़ रहा है या आप एक्टिव महसूस नहीं कर पा रहे हैं। तो आइए आपको बताते है एक ऐसा आसन जिसे आप घर पर ही आराम से कर सकती है।

कैसे करें भुजंगासन
सबसे पहले योगा मैट को फर्श पर बिछाएं और पेट के बल मैट पर लेट जाएं, दोनों हाथों को सिर के बगल में रखें और माथे को जमीन पर लगा
इस दौरान अपने दोनों पैरों को पीछे की और सीधा रखें और दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी बना लें।

अब अपने दोनों हाथों की हथेलियों को अपने कंधों के बराबर में लाएं। अब लंबी गहरी सांस लेते हुए जमीन की सहारा लेते हुए, अपने पेट के उपर के शरीर को ऊपर उठाएं।

आपको सबसे पहले सिर फिर चेस्ट और आखिर में पेट को ऊपर उठाएं।

सांस को अंदर की ओर खींचते हुए इसी आसन में ऊपर की और देखते हुए कुछ सेकंड रूकें।

सांस को बाहर की ओर छोड़ते हुए धीरे-धीरे पहली वाली अवस्था में आ जाएं।

इस आसन को 4 से 5 बार इसी तरह दोहराएं।

*भुजंगासन के अन्य लाभ*

रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है।
छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है।
तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है।
साइटिका की समस्या को कम करने में लाभदायक।
अस्थमा के लक्षणों को कम करता है।
प्रजनन प्रणाली में सुधार करने के लिए इस अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।

2 years ago | [YT] | 3

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थाइरोइड: थाइरोइड एक चिकत्सीय स्थिति है जो थाइरोइड ग्रंथि के कार्य को प्रभावित करती है। यह एक अवटु ग्रंथि है,जिसमे हॉर्मोन के अनियंत्रित होने से यह बीमारी एक विकराल रूप ले लेती है। तो आइये दखते हैं की किस तरह के योग से इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।

शिर्षासन्न : यह योग की उत्कृष्ट मुद्राओ में से एक है क्यूंकि इससे थाइरोइड ग्रंथियों के सीधे प्रबंधन में मदद मिलती है। यह शरीर की चपापचयी कार्यो के संतुलन में सहायता करता है तथा शरीर में जागरूकता तथा सतर्कता लता है।
सर्वांगसंना : यह थाइरोइड ग्रंथि को उत्तेजित करने में मदद करता है और थयरॉक्सिन को नियंत्रित करता है। इस विशेष मुद्रा में उलटे मुद्रा के कारन टांगो से सिर के भाग में रक्त प्रवाहित होता है जिससे अवटुग्रंथि को कम करने में सहायता मिलती है।
हलासन्न : यह योग गर्दन को संपीडन देता है जिससे पेट और थाइरोइड ग्रंथि को उत्तेजित किया जाता है। यह मस्तिष्क को शांत करता है और तनाव और थकन को कम करता है जिस वजह से इसका नाम हलासन्न पड़ा।
मत्स्यासनना : इस आसन में जब आप अपनी गर्दन को खींचते हैं तो यह आपकी थाइरोइड ग्रंथियों को उत्तेजित करता है। यह आसन तनाव को कम करता है, शरीर को आराम देने और अवसाद को रोकने में मदद करता है जो थाइरोइड का कारन हो सकता है।

2 years ago | [YT] | 3

YOG- NAARI

झटके में हटा देंगे चर्बी
पेट की चर्बी से छुटकारा पाने के लिए आपको चीनी या मीठी ड्रिंक्स एकदम छोड़ने की जरूरत नहीं है। बस आपको इसका सेवन कंट्रोल करना है।

वजन कम करने के लिए प्रोटीन फूड का सेवन बढ़ा दें। इस पोषक तत्व को पचाने में शरीर को अधिक समय लगता है, जिससे भूख कंट्रोल में रहती है। जब भूख ही नहीं लगेगी तो आपको भूखे रहने की मेहनत भी नहीं पड़ेगी।

बेली फैट हटाने के लिए मेटाबॉलिज्म और डायजेशन सही होना चाहिए। इन दोनों कामों के लिए फाइबर फूड महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए आप डाइट में ब्रोकली, सेब, गाजर, फलियां, दालों आदि का सेवन बढ़ाएं।

और करे ये एक्सरसाइज मेरे साथ
youtube.com/shorts/ZNORKPNsQe...

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2 years ago (edited) | [YT] | 3

YOG- NAARI

उष्ट्रासन करना बहुत आसान है। सरल तरीके से इसके विधि को बताया जा रहा है।

Ustrasan video link par click Karen

https://youtu.be/aY4JReTlFIU?si=vCQGI...


तरीका

सबसे पहले आप फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं या आप वज्रासन में बैठे।
ध्यान रहे जांघों तथा पैरों को एक साथ रखें, पंजे पीछे की ओर हों तथा फर्श पर जमे हों।
घुटनों तथा पैरों के बीच करीब एक फुट की दूरी रखें।
अब आप अपने घुटनों पर खड़े हो जाएं।
सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और अब दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर तथा बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखें।
ध्‍यान रहे कि पीछे झुकते समय गर्दन को झटका न लगे।
अंतिम मुद्रा में जांघें फर्श से समकोण बनाती हुई होंगी और सिर पीछे की ओर झुका होगा।
शरीर का वजन बांहों तथा पांवों पर समान रूप से होना चाहिए।
धीरे धीरे सांस ले और धीरे धीरे सांस छोड़े।
जहाँ तक हो सके अपने हिसाब से मुद्रा को मेन्टेन करें।
और फिर लंबी गहरी सांस छोड़ते अपनी आरंभिक अवस्था में आएं।
यह एक चक्र हुआ।
इस तरह से आप इसको पांच से सात बार कर सकते हैं।

उष्ट्रासन का अभ्यास करनी चाहिए।
स्लिप डिस्क में लाभ: विशेषज्ञ के सामने करने पर यह स्लिप डिस्क एवं साइटिका को दूर करने में मददगार है।
मासिक परेशानियों को दूर करता है: यह आसन महिलाओं में मासिक जैसी परेशानियों को दूर करने में लाभदायक है।

2 years ago (edited) | [YT] | 7

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Health Talk: हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ पेट, आंखों और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है ये पेय, खाली पेट करें सेवन



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से पौष्टिक चीजों का सेवन करते रहना चाहिए। विशेषरूप से सुबह का पहला आहार सबसे पौष्टिक होना चाहिए। सुबह के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म दर सबसे अच्छा होता है, ऐसे में इस समय मौसमी फलों-सब्जियों के सेवन की सलाह दी जाती है। सुबह के नाश्ते में फलों-सब्जियों के जूस का सेवन करके शरीर को कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।

आहार विशेषज्ञ बताते हैं, इस मौसम में चुकंदर और गाजर के जूस का सेवन करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद तमाम प्रकार के पोषक तत्व हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ पेट, आंखों और त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।

गाजर चुकंदर के जूस में उच्च मात्रा में आवश्यक बायोएक्टिव यौगिक पाए जाते हैं, जो इसे आपके दिन की शुरुआत करने के लिए एक उत्कृष्ट पेय बनाता है। इस जूस में एंथोसायनिन, कैरोटीनॉयड, विटामिन-सी, एंटीऑक्सिडेंट, बीटानिन और फिनोल जैसे बायोएक्टिव तत्व होते हैं, इनकी शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए विशेष आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं कि नियमित रूप से इस पेय के सेवन से किस प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं?

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2 years ago | [YT] | 4