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अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency - IEA) एक स्वायत्त अंतर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1974 में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन
(OECD) के ढांचे के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अपने सदस्य देशों के लिए विश्वसनीय, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित करना है।

IEA के बारे में मुख्य जानकारी-

स्थापना: इसकी स्थापना 1973-1974 के तेल संकट के दौरान तेल आपूर्ति में बाधाओं को दूर करने के लिए की गई थी।
मुख्यालय: इसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है।
सदस्यता: वर्तमान में इसमें 31 सदस्य देश (जैसे अमेरिका, जापान, जर्मनी) और कई सहयोगी देश शामिल हैं। भारत इसका एक सहयोगी (Associate) सदस्य है और पूर्णकालिक सदस्यता के लिए प्रयासरत है।

प्रमुख रिपोर्ट: यह एजेंसी हर साल 'वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक' (World Energy Outlook) जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी करती है, जो वैश्विक ऊर्जा प्रवृत्तियों का विश्लेषण करती है।

मुख्य कार्य:
ऊर्जा सुरक्षा: तेल आपूर्ति में अचानक कमी आने पर सदस्य देशों के बीच समन्वय करना।
आर्थिक विकास: ऊर्जा बाजारों में स्थिरता बनाए रखना ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
पर्यावरण जागरूकता: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के उपयोग को बढ़ावा देना।

Recent Developments.

भारत ने आपूर्ति में मौजूदा बाधाओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के फैसले का स्वागत किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का सहयोगी सदस्य है और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सहयोग में सक्रिय भागीदार है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाजारों की बदलती स्थिति, खासकर मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है।

2 months ago | [YT] | 4

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11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट (SC) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भारत में पहली बार एक कोमा में रह रहे मरीज को पैसिव यूथेनेशिया (Passive Euthanasia) यानी 'इच्छा मृत्यु' की अनुमति दे दी हैl
इस फैसले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-

हरीश राणा केस: गाजियाबाद के रहने वाले 31 वर्षीय हरीश राणा पिछले 13 सालों से 'वेजिटेटिव स्टेट' (अचेत अवस्था) में थे. कोर्ट ने उनके माता-पिता की याचिका पर यह आदेश दियाl

क्या है पैसिव यूथेनेशिया?

इसका मतलब है कि मरीज को जीवित रखने के लिए लगाए गए 'लाइफ सपोर्ट सिस्टम' (जैसे वेंटिलेटर या फीडिंग ट्यूब) को हटा लेना, ताकि प्राकृतिक रूप से मृत्यु हो सकेl


कोर्ट की टिप्पणी-जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि मरीज को और अधिक पीड़ा में नहीं रखा जा सकता और गरिमा के साथ मरना उसका अधिकार है.
प्रक्रिया: कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया को दिल्ली स्थित AIIMS के मेडिकल बोर्ड की देखरेख में पूरी गरिमा के साथ संपन्न किया जाए.

यह भारत में अपनी तरह का पहला मामला है जहां कोर्ट ने किसी मरीज के लिए लाइफ सपोर्ट हटाने की सीधी मंजूरी दी हैl

क्या आप पैसिव यूथेनेशिया और एक्टिव यूथेनेशिया के बीच के कानूनी अंतर के बारे में और जानना चाहेंगे?

2 months ago | [YT] | 3

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Q. Novel "The Cantonment Conspiracy: A Military Thriller" is written by?—.

3 months ago | [YT] | 3