This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,


Pious Astro

‌ 🌞 *श्री गणेसहाय नमः‌ 🙏🏻🙏🏻*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 08 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी शाम 07:01 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग - वरीयान शाम 05:11 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:41 से दोपहर 02:14 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:27*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:54*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- पूज्य बापूजी का अवतरण दिवस अर्थात विश्व सेवा-सत्संग दिवस*
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩

🌷 *पेशाब में जलन होती हो तो* 🌷

👉🏻 *कपड़े को गीला करके नाभि पर रखे तो पेशाब में और पेशाब की जगह होनेवाली जलन शीघ्र ही कम हो जायेगी |*
🚩

🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷

🏡 *एक घर में होना चाहिए एक मंदिर*
*एक घर में अलग-अलग पूजाघर बनवाने की बजाए मिल- जुलकर एक मंदिर बनवाए। एक घर में कई मंदिर होने पर वहां के सदस्यों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।*

🚩

🌷 *घर में बरकत नहीं हो तो* 🌷

💵 *घर में बरकत नहीं होती तो खडी हल्दी की सात गाँठे और खड़ा नमक कपडे में बांध लें और कटोरी में रख दें घर के किसी भी कोने में, बरकत होगी |*


🌞
*जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे हनुमान*
🌹🌹🙏🌹🌹

1 day ago | [YT] | 25

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः 🙏🏻🙏🏻*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 06 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी दोपहर 02:10 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - अनुराधा 07 अप्रैल रात्रि 02:57 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
🌤️ *योग - सिद्धि शाम 03:25 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:01 से सुबह 09:34 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:28*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:53*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (दोपहर 03:25 से 07 अप्रैल शाम 04:17 तक)*

💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩

🌷 *गर्मियों में स्वास्थ्य-सुरक्षा हेतु* 🌷

✅ *क्या करें ?*

👉🏻 *१] गर्मी के कारण जिनको सिरदर्द व कमजोरी होती है वे लोग सूखा धनियां पानी में भिगा दें और घिसके माथे पर लगायें | इससे सिरदर्द और कमजोरी दूर होगी |*

👉🏻 *२] नाक से खून गिरता हो तो हरे धनिये अथवा ताजी कोमल दूब (दूर्वा) का २ – २ बूँद रस नाक में डालें | इससे नकसीर फूटना बंद हो जायेगा |*

👉🏻 *३] सत्तू में शीतल जल, मिश्री और थोडा घी मिलाकर घोल बनाके पियें | यह बड़ा पुष्टिा दायी प्रयोग है | भोजन थोडा कम करें |*

👉🏻 *४] भोजन के बीच में २५ – ३५ मि. ली. आँवले का रस पियें | ऐसा २१ दिन करें तो ह्रदय व मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होगी | ( शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन वर्जित है | )*

👉🏻 *५] २० मि. ली. आँवला रस, १० ग्राम शहद, ५ ग्राम घी – सबका मिश्रण करके पियें तो बल, बुद्धि, ओज व आयु बढ़ाने में मदद मिलती है |*

👉🏻 *६] मुँह में छाले पड गये हों तो त्रिफला चूर्ण को पानी में डाल के कुल्ले करें तथा मिश्री चूसें | इससे छाले शांत हो जायेंगे |*

❌ *क्या न करें ?*

👉🏻 *१] अति परिश्रम, अति कसरत, अति रात्रि-जागरण, अति भोजन व भारी भोजन नहीं करें | भोजन में लाल मिर्च व गर्म मसालों का प्रयोग न करें |*

👉🏻 *२] गर्मियों में दही भूल के भी नहीं खाना चाहिए | इससे आगे चल के नस-नाड़ियों में अवरोध उत्पन्न होता है और कई बीमारियाँ होती हैं | दही खाना हो तो सीधा नहीं खायें, पहले उसे मथ के मक्खन निकाल लें और बचे हुए भाग को लस्सी या छाछ बना के मिश्री मिला के या छौंक लगा के सेवन करें | ध्यान रहे, दही खट्टा न हो |*

👉🏻 *३] बाजारू शीतल पेयों से बचें | फ्रिज का पानी न पियें | धूप में से आकर तुरंत पानी न पियें |*

🌷 *मोटापा हो तो* 🌷

🍋 *मोटापा हो तो गर्म पानी में १ पके बड़े नींबू का रस और शहद मिलाकर भोजन के तुरंत बाद पियें l*

🌿 *छाछ में तुलसी के पत्ते लेने से भी मोटापे में आराम होता है l*

🌷 *फोड़े-फुंसियाँ* 🌷

👉🏻 *फोड़ा-फुंसी है तो पालक+ गाजर+ककड़ी तीनों को मिला कर उसका रस ले लें अथवा नारियल का पानी पियें तो फोड़ा फुंसी में आराम होता है ।

🚩
*जय जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम क्षजय भोले नाथ*
🌹🌹🙏🌹🌹

3 days ago | [YT] | 29

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः ॐ सूर्यो देवाय नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 05 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - तृतीया सुबह 11:59 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा रात्रि 12:08 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - वज्र दोपहर 02:44 तक तत्पश्चात सिद्धि*
🌤️*राहुकाल - शाम 05:21 से शाम 06:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:29*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:53*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय: रात्रि 09:47)*
💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷

➡️ *06 अप्रैल 2026 सोमवार को शाम 03:25 से 07 अप्रैल, मंगलवार को शाम 04:17 तक व्यतिपात योग है।*

🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*

🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*

🌞

🌷 *वैशाख मास* 🌷

🙏🏻 *वैशाख हिन्दू धर्म का द्वितीय महीना है। विशाखा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम वैशाख पड़ा | (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार वैशाख मास प्रारंभ हो चुका है)। (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी चैत्र मास चल रहा है । वैशाख मास पुण्यकारी, श्रीविष्णु को अत्यंत प्रिय मास है |*

🙏🏻 *वैशाख मास का एक नाम माधव मास भी है | इस मास के देवता “मधुसूदन" हैं | मधु दैत्य का वध होने के कारण उन्हें मधुसूदन कहते हैं। विष्णुसहस्त्रनाम “दुःस्वप्ने स्मर गोविन्दं संकटे मधुसूदनम्” के अनुसार किसी भी प्रकार के संकट में श्रीविष्णु के नाम मधुसूदन का स्मरण करना चाहिए |*

🙏🏻 *स्कन्दपुराणम्, वैष्णवखण्ड के अनुसार*
*न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।।*

👉🏻 *वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है।*

🙏🏻 *पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार*
*यथोमा सर्वनारीणां तपतां भास्करो यथा ।आरोग्यलाभो लाभानां द्विपदां ब्राह्मणो यथा।। परोपकारः पुण्यानां विद्यानां निगमो यथा।मंत्राणां प्रणवो यद्वद्ध्यानानामात्मचिंतनम् ।।सत्यं स्वधर्मवर्तित्वं तपसां च यथा वरम्।शौचानामर्थशौचं च दानानामभयं यथा ।।गुणानां च यथा लोभक्षयो मुख्यो गुणः स्मृतः।मासानां प्रवरो मासस्तथासौ माधवो मतः ।।*

👉🏻 *जैसे सम्पूर्ण स्त्रियों में पार्वती, तपने वालों में सूर्य, लाभों में आरोग्यलाभ, मनुष्यों में ब्राह्मण, पुण्यों में परोपकार, विद्याओं में वेद, मन्त्रों में प्रणव, ध्यानों में आत्मचिंतन, तपस्याओं में सत्य और स्वधर्म-पालन, शुद्धियों में आत्मशुद्धि, दानों में अभयदान तथा गुणों में लोभ का त्याग ही सबसे प्रधान माना गया है, उसी प्रकार सब मासों में वैशाख मास अत्यंत श्रेष्ठ है |*

🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “निस्तरेदेकभक्तेन वैशाखं यो जितेन्द्रियः। नरो वा यदि वा नरी ज्ञातीनां श्रेष्ठतां व्रजेत्।।” जो स्त्री अथवा पुरूष इन्द्रिय संयम पूर्वक एक समय भोजन करके वैशाख मास को पार करता है, वह सहजातीय बन्धु-बान्धवों में श्रेष्ठता को प्राप्त होता है।।*

🙏🏻 *पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार*
*दत्तं जप्तं हुतं स्नातं यद्भक्त्या मासि माधवे।तदक्षयं भवेद्भूप पुण्यं कोटिशताधिकम् ।।*

👉🏻 *माधवमास में जो भक्तिपूर्वक दान,जप, हवन और स्नान आदि शुभकर्म किये जाते हैं, उनका पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है |*
*प्रातःस्नानं च वैशाखे यज्ञदानमुपोषणम्।हविष्यं ब्रह्मचर्यं च महापातकनाशनम् ।।*

👉🏻 *वैशाख मास में सवेरे का स्नान, यज्ञ, दान, उपवास, हविष्य- भक्षण तथा ब्रह्मचर्य का पालन - ये महान पातकों का नाश करने वाले हैं |*

🙏🏻 *स्कन्दपुराण में यह बताया है की वैशाख मास में क्या क्या त्याज्य है।*
*तैलाभ्यङ्गं दिवास्वापं तथा वै कांस्य भोजनम् ।। खट्वा निद्रां गृहे स्नानं निषिद्धस्य च भक्षणम् ।।*

👉🏻 *वैशाख में तेल लगाना, दिन में सोना, कांस्यपात्र में भोजन करना, खाट पर सोना, घर में नहाना, निषिद्ध पदार्थ खाना दोबारा भोजन करना तथा रात में खाना - इन आठ बातों का त्याग करना चाहिए।*

🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार वैशाख में भूमि का दान करना चाहिए | ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार वैशाख मास में ब्राह्मण को सत्तू दान करने वाला पुरुष सत्तू कण के बराबर वर्षों तक विष्णु मन्दिर में प्रतिष्ठित होता है।*

👉🏻 *वैशाख मास में गृह प्रवेश करने से धन, वैभव, संतान एवं आरोग्य की प्राप्ति होती हैं ।*

👉🏻 *देव प्रतिष्ठा के लिये वैशाख मास शुभ है। वृक्षारोपण के लिए वैशाख मास विशेष शुभ है |*

🙏🏻 *स्कन्द पुराण में वर्णित वैशाख मास के माहात्म्य के कुछ अंश*

➡ *वैशाख मास भगवान विष्णु को अत्यन्त प्रिय है ।*

➡ *वैशाख मास माता की भाँति सब जीवों को सदा अभीष्ट वस्तु प्रदान करने वाला है ।*

➡ *जो वैशाख मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरन्तर प्रीति करते हैं।*

➡ *सभी दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसी को मनुष्य वैशाख मास में केवल जलदान करके प्राप्त कर लेता है।*

➡ *जो मनुष्य वैशाख मास में सड़क पर यात्रियों के लिए प्याऊ लगाता है, वह विष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है। प्याऊ देवताओं, पितरों तथा ऋषियों को अत्यन्त प्रीति देने वाला है। जिसने वैशाख मास में प्याऊ लगाकर थके-मांदे मनुष्यों को संतुष्ट किया है, उसने ब्रह्मा, विष्णु और शिव आदि देवताओं को संतुष्ट कर लिया।*

➡ *वैशाख मास में जल की इच्छा रखने वाले को जल, छाया चाहने वाले को छाता और पंखे की इच्छा रखने वाले को पंखा देना चाहिए।*

➡ *विष्णुप्रिय वैशाख में जो पादुका दान करता है, वह यमदूतों का तिरस्कार करके विष्णुलोक को प्राप्त कर लेता है ।*

➡ *जो मार्ग में अनाथों के ठहरने के लिए विश्रामशाला बनवाता है, उसके पुण्य फल का वर्णन नहीं किया जा सकता।*

➡ *अन्नदान मनुष्यों को तत्काल तृप्त करने वाला है।इसलिए इससे बढ़कर कोई दूसरा दान ही नहीं है।*

🙏🏻 *स्कन्दपुराण में कहा गया है “योऽर्चयेत्तुलसीपत्रैर्वैशाखे मधुसूदनम् ।। नृपो भूत्वा सार्वभौमः कोटिजन्मसु भोगवान् ।। पश्चात्कोटिकुलैर्युक्तो विष्णोः सायुज्यमाप्नुयात्” जो वैशाख मास में तुलसीदल से भगवान विष्णु की पूजा करता है, वह विष्णु की सामुज्य मुक्ति को पाता है।*

🚩

*जय जय सीताराम श्री राधे राधेश्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹

4 days ago | [YT] | 27

Pious Astro

श्री गणेशाय नमः 🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 04 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - द्वितीया सुबह 10:08 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - स्वाती रात्रि 09:35 तक तत्पश्चात विशाखा*
🌤️ *योग - हर्षण दोपहर 02:17 तक तत्पश्चात वज्र*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:36 से सुबह 11:09 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:30*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:53*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷

👉 *05 अप्रैल 2026 रविवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:52)*

🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*

🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नम:

‪🌷 *चतुर्थी‬ तिथि विशेष* 🌷

🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।*

📆 *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*

🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*

🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार “महागणपतेः पूजा चतुर्थ्यां कृष्णपक्षके। पक्षपापक्षयकरी पक्षभोगफलप्रदा ॥*

➡ *“ अर्थात प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*


🌷 *कोई कष्ट हो तो* 🌷

🙏🏻 *हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |*

👉🏻 *छः मंत्र इस प्रकार हैं –*

🌷 *ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।*
🌷 *ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।*
🌷 *ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें ।*
🌷 *ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं । भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी । आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है । और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है ।*
🌷 *ॐ अविघ्नाय नम:*
🌷 *ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:*
आज का राशिफल

🌞
*जय जय सीतारामराधे राधेश्याम*
🌹🌹 🙏🌹🌹

5 days ago | [YT] | 28

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमःया देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता नमस्तस्य नमस्तस्य नमस्तस्य नमस्तस्य नमो नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹*
🚩
*सनातन पंचांग*
🚩
🌤️ *दिनांक - 03 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख (गुजरात- महाराष्ट्र अनुसार चैत्र)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा सुबह 08:42 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - चित्रा शाम 07:25 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग - व्याघात दोपहर 02:09 तक तत्पश्चात हर्षण*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:09 से दोपहर 12:42 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:31*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:52*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*


🌷 *आरती में कपूर का उपयोग* 🌷

🔥 *कपूर – दहन में बाह्य वातावरण को शुद्ध करने की अदभुत क्षमता है | इसमें जीवाणुओं, विषाणुओं तथा सूक्ष्मतर हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने की शक्ति है | घर में नित्य कपूर जलाने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है, शरीर पर बीमारियों का आक्रमण आसानी से नहीं होता, दु:स्वप्न नहीं आते और देवदोष तथा पितृदोषों का शमन होता है |*

🌷 *वैशाख मास माहात्म्य* 🌷

🙏🏻 *वैशाख मास सुख से साध्य, पापरूपी ईंधन को अग्नि की भाँति जलानेवाला, अतिशय पुण्य प्रदान करनेवाला तथा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष - चारों पुरुषार्थों को देनेवाला है ।*

🙏🏻 *देवर्षि नारदजी राजा अम्बरीष से कहते हैं : ‘‘राजन् ! जो वैशाख में सूर्योदय से पहले भगवत्-चिंतन करते हुए पुण्यस्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरंतर प्रीति करते हैं ।*

🙏🏻 *पाप तभी तक गरजते हैं जब तक जीव यह पुण्यस्नान नहीं करता ।*

🙏🏻 *वैशाख मास में सब तीर्थ आदि देवता बाहर के जल (तीर्थ के अतिरिक्त) में भी सदैव स्थित रहते हैं । सब दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसीको मनुष्य वैशाख में केवल जलदान करके पा लेता है । यह सब दानों से बढकर हितकारी है ।*

🌷 *वैशाख मास* 🌷

🙏🏻 *(इस मास में भक्तिपूर्वक किये गये दान, जप, हवन, स्नान आदि शुभ कर्मों का पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है। - पद्म पुराण)*


🌞
*जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹

6 days ago | [YT] | 28

Pious Astro

*ॐश्री गणेसहाय नमः‌
🌞
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 01 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी सुबह 07:06 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी शाम 04:17 तक तत्पश्चात हस्त*
🌤️ *योग - वृद्धि दोपहर 02:51 तक तत्पश्चात ध्रुव*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:43 से दोपहर 02:15 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:33*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:52*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- पूर्णिमा*
💥 *विशेष - चतुर्दशी व  पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री- सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*

🌷 *हनुमान जन्मोत्सव* 🌷

🙏🏻 *चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 02 अप्रैल, गुरुवार को है। हनुमानजी जन्मोत्सव के शुभ योग में यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं-*

🌷 *ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला* 🌷

*हनुमान जन्मोत्सव को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं। हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही, चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।*

🙏🏻 *चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। अब एक साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।*

🌷 *मंत्र- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।*
*सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।*

🌹 *अब हनुमानजी को चढाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर, उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी समस्या हल होने के योग बनने लगेंगे।*

🌳 *करें बड़ के पेड़ का उपाय सुबह स्नान करने के बाद बड़ (बरगद) के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें। अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें। अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें। साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा। अगली होली पर इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें।*

🏡 *घर में स्थापित करें पारद हनुमान की प्रतिमा अपने घर में पारद से निर्मित हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करें। पारद को रसराज कहा जाता है। पारद से बनी हनुमान प्रतिमा की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं, साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। प्रतिदिन इसकी पूजा करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को पितृदोष हो, तो उसे प्रतिदिन पारद हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।*

🔥 *शाम को जलाएं दीपक हनुमान जयंती की शाम को समीप स्थित किसी हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमानजी की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का व एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है। करें राम रक्षा स्त्रोत का पाठ सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी हनुमान मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। जीवन में यदि कोई समस्या है, तो उसका निवारण करने के लिए प्रार्थन

🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷

🙏🏻 *यदि घर में देवी-देवताओं के चित्र लगे हों तो घर में कई तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में हनुमान जी की तस्वीर लगाने से कई लाभ मिलते हैं। अगर घर में वास्तु के नियमानुसार सही दिशा में सही तरह से हनुमानजी की तस्वीर लगाई जाए तो कई लाभ हो सकते हैं।*

1⃣ *हनुमानजी बाल ब्रहमचारी है इसलिए उनकी तस्वीर बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए। बेडरूम में लगाई गई हनुमानजी की तस्वीर शुभ फल नहीं देती।*

2⃣ *भगवान हनुमानजी की तस्वीर घर या दुकान में दक्षिण दिशा की ओर लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। क्योंकि हनुमानजी ने अपनी शक्तियों का प्रयोग दक्षिण दिशा की ओर दिखाया था।*

3⃣ *घर मे पंचमुखी, पर्वत उठाते हुए या राम भजन करते हुए हनुमानजी की तस्वीर लगाना सबसे अच्छा होता है। इससे घर के सभी दोष खत्म हो जाते हैं।*

4⃣ *उत्तर दिशा में हनुमानजी की तस्वीर लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली प्रत्येक नकारात्मक शक्ति को हनुमानजी रोक देते हैं। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।*

5⃣ *जिस रुप में हनुमानजी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हो. ऐसी तस्वीर घर में लगाने से किसी तरह की बुरी शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती।*

6⃣ *हनुमानजी की तस्वीर पर सिंदूर जरुर लगाना चाहिए। ऐसा न कर पाने पर सिंदूर का केवल तिलक भी किया जा सकता है। इससे सभी मनोकामनाएं जरुर पूरी होती हैं ।*


🚩

🌞
*जय जय सीताराम राधे-राधे श्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹

1 week ago | [YT] | 34

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः
हनुमते नमो नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🙏🏻
🚩
*सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 31 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - त्रयोदशी सुबह 06:55 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी शाम 03:20 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग - गण्ड शाम 03:41 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️*राहुकाल - शाम 03:48 से शाम 05:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:34*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:51*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *हनुमान जन्मोत्सव* 🌷

➡️ *02 अप्रैल 2026 गुरुवार को श्री हनुमान जन्मोत्सव है।*

🙏🏻 *धर्म ग्रंथों में हनुमानजी के 12 नाम बताए गए हैं, जिनके द्वारा उनकी स्तुति की जाती है। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीहनुमान अंक के अनुसार हनुमानजी के इन 12 नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने से पहले पाठ करता है, उसके सभी भय दूर हो जाते हैं और उसे अपने जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं। वह अपने जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त करता है। हनुमानजी की 12 नामों वाली स्तुति इस प्रकार है-*

🌷 *स्तुति*
*हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:।*
*रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।*
*उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:।*
*लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।*
*एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:।*
*स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।*
*तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।*
*राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।*

🙏🏻 *इन 12 नामो से होती है हनुमानजी की स्तुति, जानिए इनकी महिमा*

🙏🏻 *हनुमान*
*हनुमानजी का यह नाम इसलिए पड़ा क्योकि एक बार क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने इनके ऊपर अपने वज्र का प्रहार किया था यह वज्र सीधे इनकी ठोड़ी (हनु) पर लगा। हनु पर वज्र का प्रहार होने के कारण ही इनका नाम हनुमान पड़ा ।*

🙏🏻 *लक्ष्मणप्राणदाता*
*जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया था।इस लिए हनुमानजी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है ।*

🙏🏻 *दशग्रीवदर्पहा*
*दशग्रीव यानी रावण और दर्पहा यानी धमंड तोड़ने वाला । हनुमानजी ने लंका जाकर सीता माता का पता लगाया, रावण के पुत्र अक्षयकुमार का वध किया साथ ही लंका में आग भी लगा दी ।इस प्रकार हनुमानजी ने कई बार रावण का धमंड तोड़ा था । इसलिए इनका एक नाम ये भी प्रसिद्ध है ।*

🙏🏻 *रामेष्ट*
*हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं । धर्म ग्रंथों में अनेक स्थानों पर वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है । भगवान श्रीराम को प्रिय होने के कारण ही इनका एक नाम रामेष्ट भी है ।*

🙏🏻 *फाल्गुनसुख*
*महाभारत के अनुसार, पांडु पुत्र अर्जुन का एक नाम फाल्गुन भी है । युद्ध के समय हनुमानजी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजित थे । इस प्रकार उन्होंने अर्जुन की सहायता की । सहायता करने के कारण ही उन्हें अर्जुन का मित्र कहा गया है । फाल्गुन सुख का अर्थ है अर्जुन का मित्र ।*

🙏🏻 *पिंगाक्ष*
*पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला ।अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमानजी का वर्णन किया गया है । उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है । इसलिए इनका एक नाम पिंगाक्ष भी है ।*

🙏🏻 *अमितविक्रम*
*विक्रम का अर्थ है पराक्रमी और अमित का अर्थ है बहुत अधिक । हनुमानजी ने अपने पराक्रम के बल पर ऐसे बहुत से कार्य किए, जिन्हें करना देवताओं के लिए भी कठिन था । इसलिए इन्हें अमितविक्रम भी कहा जाता हैं ।*

🙏🏻 *उदधिक्रमण*
*उदधिक्रमण का अर्थ है समुद्र का अतिक्रमण करने वाले यानी लांधने वाला । सीता माता की खोज करते समय हनुमानजी ने समुद्र को लांधा था। इसलिए इनका एक नाम ये भी है ।*

🙏🏻 *अंजनीसुत*
*माता अंजनी के पुत्र होने के कारण ही हनुमानजी का एक नाम अंजनीसुत भी प्रसिद्ध है ।*

🙏🏻 *वायुपुत्र*
*हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है । पवनदेव के पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है ।*

🙏🏻 *महाबल*
*हनुमानजी के बल की कोई सीमा नहीं हैं । इसलिए इनका एक नाम महाबल भी है ।*

🙏🏻 *सीताशोकविनाशन*
*माता सीता के शोक का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा ।
🚩
🌹🌹🙏🌹🌹

1 week ago | [YT] | 24

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 30 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी सुबह 07:09 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - मघा दोपहर 02:48 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी*
🌤️ *योग - शूल शाम 04:51 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:06 से सुबह 09:39 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:35*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:51*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री वामन द्वादशी, मदन द्वादशी,अनंग त्रयोदशी, सोम प्रदोष व्रत*

💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *हनुमानजी प्रणाम मंत्र* 🌷

➡ *02 अप्रैल 2026 गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव है ।*

🙏🏻 *मैं जब भी कभी हनुमानजी की मूर्ति के सामने खड़ा होता हूँ तो यही बोलता हूं -*

🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम ।*

🙏🏻 *हे हनुमानजी, आपने रामनाम का ऐसा तो सुमिरन किया कि रामजी को ही आपने अपने वश में कर लिया ।*

🌳 *आप भी कभी जाओ तो ये बोलना क्‍योंकि हनुमानजी को जप बहुत अच्‍छा लगता है । हनुमानजी के आगे कोई*

🙏🏻 *सिंदूर और चोला न चढ़ाये, नारियल न रखें तो हनुमानजी नाराज नहीं होंगे पर ये बोल दे कि हनुमानजी आपको भगवान का नाम कितना प्‍यारा लगता है ।*

🌷 *सुमिरि पवनसुत पावन नाम , अपने वश करि राखे राम । हनुमानजी राजी होंगे ।*


🌷 *हनुमान जन्मोत्सव पर दीप दान महिमा* 🌷

🙏🏻 *गेहूँ, तिल, उड़द, मूंग और चावल.. इन पाँचों के आटे से मिलाकर दिया बनाया जाये और वो जलाकर हनुमानजी के नाम से मंदिर में, पीपल या बड के पेड़ या घर में ही रखा जाये तो बड़ा शुभ माना जाता है |*

🌷 *इससे मनोरथो की सिद्धि होती है|* 🌷

🙏🏻 *भक्ति बढ़ाने की भावना से हनुमानजी की राम भक्ति सच्ची है तो मेरी भी मेरे अराध्य के चरणों में, मेरे सद्गुरु के चरणों में मेरी भक्ति सच्ची हो, दृढ हो | मेरा जीवन उपासनामय हो | मैं इच्छानिवृति का रास्ता कभी न छोडू, मैं गुरु की उपासना का रास्ता कभी न छोडू | मेरी भक्ति में दृढ़ता है इसलिए हनुमानजी के जन्म उत्सव पर हनुमान के नाम से पाँच अन्न का आटा मिलाकर अगर दीपक बनाया जाये और हनुमानजी के नाम से जलाया जाय तो बड़ा शुभ माना जाता है | सरसों का तेल के और घी का भी दिया कर सकते हैं |*

💥 *विशेष - 02 अप्रैल 2026 गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव है ।*

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*जय जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम जय भोले नाथ आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे श्री राम भक्त बजरंगबली हनुमान*
🌹🌹🙏🌹🌹

1 week ago | [YT] | 36

Pious Astro

*श्री गणेशाय नमः ॐ सूर्यो देवाय नमः*🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 29 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी सुबह 07:46 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा दोपहर 02:38 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - धृति शाम 06:20 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल - शाम 05:20 से शाम 06:52 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:35*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:51*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- कामदा एकादशी*

💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l  राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*

💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*

💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

🌷 *कामदा एकादशी* 🌷

➡️ *29 मार्च, रविवार को कामदा एकादशी है।*
*‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करनेवाली है । इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है ।

🌷 *सोमप्रदोष व्रत* 🌷

🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 30 मार्च, सोमवार को सोमप्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*


🌷 *अंनग त्रयोदशी* 🌷

🙏🏻 *30 मार्च 2026 सोमवार को अंनग त्रयोदशी के दिन व्रत करने से दाम्पत्य - प्रेम में वृद्धि होती है तथा पति - पुत्रादि का अखंड सुख प्राप्त होता है।*

🚩

🌹🌹🙏🌹🌹

1 week ago | [YT] | 30

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः
या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 27 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - नवमी सुबह 10:06 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु शाम 03:24 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - अतिगण्ड रात्रि 10:10 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:12 से दोपहर 12:44 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:37*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:50*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्रीराम नवमी, चैत्री-वासंती नवरात्र समाप्त*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*


🌷 *श्री राम नवमी* 🌷

👉🏻 *जो श्रीराम नवमी का व्रत करता है, उसकी अनेक जन्मार्जित पापों की राशि भस्मीभूत हो जाती है।*
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🌷 *धर्मराज दशमी* 🌷

🙏🏻 *विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है कि जिनके परिवार में ज्यादा बीमारी .....जल्दी-जल्दी किसी की मृत्यु हो जाती है वे लोग शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन (दशमी तिथि के स्वामी यमराज है मृत्यु के देवता | ) यानी 27 मार्च 2026 मंगलवार को भगवान धर्मराज यमराज का मानसिक पूजन कर और हो सके तो घी की आहुति दे |*

🙏🏻 *एक दिन पहले से हवन की छोटी सी व्यवस्था कर लेना घी से आहुति डाले इससे दीर्घायु, आरोग्य और ऐश्वर्य तीनों की वृद्धि होती है विष्णु धर्मोत्तर ग्रंथ में बताया है | आहुति डालते समय ये मंत्र बोले–*

💥 *[ ध्यान रखे जिसके घर में तकलीफे है वो जरुर आहुति डाले और डालते समय स्वाहा बोले और जो आहुति न डाले तो वो नम: बोले | ]*

🌷 *ॐ यमाय नम:*
🌷 *ॐ धर्मराजाय नम:*
🌷 *ॐ मृत्यवे नम:*
🌷 *ॐ अन्तकाय नम:*
🌷 *ॐ कालाय नम:*

🔥 *ये पाँच मंत्र बोले ज्यादा देर तक आहुति डाले तो भी अच्छा है*

🚩

*जय जय सीतारामराधे राधेश्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹🙏

1 week ago | [YT] | 32