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Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,
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Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-09/08/2026,रविवार*
एकादशी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------ एकादशी 11:04:23 तक
पक्ष------------------------ कृष्ण
नक्षत्र------- मृगशिरा 14:42:28
योग---------- हर्शण 26:03:19
करण--------- बालव 11:04:23
करण-------- कौलव 21:33:04
वार---------------------- रविवार
माह--------‐------------ श्रावण
चन्द्र राशि----------------- मिथुन
सूर्य राशि------------------- कर्क
रितु------------------------- वर्षा
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत‐--------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:47:51
सूर्यास्त-------------- 19:01:15
दिन काल----------- 13:13:23
रात्री काल----------- 10:47:07
चंद्रास्त-------------- 16:20:09
चंद्रोदय-------------- 26:40:08

लग्न----कर्क 22°14', 112°14'

सूर्य नक्षत्र-------------- आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र-------------- मृगशिरा
नक्षत्र पाया----------------- लौह

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

का---- मृगशिरा 09:15:32

की---- मृगशिरा 14:42:28

कु---- आद्रा 20:08:50

घ---- आर्द्रा 25:34:46

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 22°30 , आश्लेषा 2 डू
चन्द्र= मिथुन 01°30 , मृगशिरा 3 का
बुध = मिथुन 04°52 ' पुष्य 1 हु
शु क्र= कन्या 07°05, उoफाo 4 पी
मंगल= मिथुन 04°17 मृगशिरा 4 की
गुरु= कर्क 14°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°22 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°22 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 17:22 - 19:01 अशुभ
यम घंटा 12:25 - 14:04 अशुभ
गुली काल 15:43 - 17:22 अशुभ
अभिजित 11:58 - 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 17:15 - 18:08 अशुभ
वर्ज्यम 22:19 - 23:46 अशुभ
प्रदोष 19:01 - 21:12. शुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:48 - 07:27 अशुभ
चर 07:27 - 09:06 शुभ
लाभ 09:06 - 10:45 शुभ
अमृत 10:45 - 12:25 शुभ
काल 12:25 - 14:04 अशुभ
शुभ 14:04 - 15:43 शुभ
रोग 15:43 - 17:22 अशुभ
उद्वेग 17:22 - 19:01 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 19:01 - 20:22 शुभ
अमृत 20:22 - 21:43 शुभ
चर 21:43 - 23:04 शुभ
रोग 23:04 - 24:25* अशुभ
काल 24:25* - 25:46* अशुभ
लाभ 25:46* - 27:07* शुभ
उद्वेग 27:07* - 28:27* अशुभ
शुभ 28:27* - 29:48* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:48- 06:54
शुक्र 06:54 -08:00
बुध 08:00- 09:06
चन्द्र 09:06- 10:12
शनि 10:12 -11:18
बृहस्पति 11:18 -12:25
मंगल 12:25 -13:31
सूर्य 13:31- 14:37
शुक्र 14:37 -15:43
बुध 15:43 -16:49
चन्द्र 16:49 -17:55
शनि 17:55 -19:01

🚩होरा, रात

बृहस्पति 19:01-19:55
मंगल 19:55 -20:49
सूर्य 20:49 -21:43
शुक्र 21:43 -22:37
बुध 22:37 -23:31
चन्द्र 23:31- 24:25
शनि 24:25-25:19
बृहस्पति 25:19-26:13
मंगल 26:13-27:07
सूर्य 27:07-28:01
शुक्र 28:01- 28:54
बुध 28:54-29:48

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:16 से 06:26 तक
सिंह > 06:26 से 08:48 तक
कन्या > 08:48 से 11:06 तक
तुला > 11:06 से 13:12 तक
वृश्चिक > 13:12 से 15:40 तक
धनु > 15:40 से 17:44 तक
मकर > 17:44 से 19:26 तक
कुम्भ > 19:26 से 21:06 तक
मीन > 21:06 से 22:34 तक
मेष > 22:34 से 00:12 तक
वृषभ > 00:12 से 01:58 तक
मिथुन > 01:58 से 04:10 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 11 + 1+ 1 = 28 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*कामिका एकादशी व्रत (सर्वे षां )

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

एदतर्थं कुलोनानां नृपाः कुर्वन्ति संग्रहम् ।
आदिमध्यावसानेषु न स्यजन्ति च ते नृपम् ।।
।।चाoनीo।।

राजा लोग अपने आस पास अच्छे कुल के लोगो को इसलिए रखते है क्योंकि ऐसे लोग ना आरम्भ मे, ना बीच मे और ना ही अंत मे साथ छोड़कर जाते है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः।
अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः॥

मेरी उत्पत्ति को अर्थात्‌ लीला से प्रकट होने को न देवता लोग जानते हैं और न महर्षिजन ही जानते हैं, क्योंकि मैं सब प्रकार से देवताओं का और महर्षियों का भी आदिकारण हूँ
॥2॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺

10 hours ago | [YT] | 10

Pious Astro

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🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
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*दिनाँक:-07/08/2026,शुक्रवार*
नवमी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------‐-- नवमी 16:36:21. तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र------- कृत्तिका 18:42:17
योग------------ वृद्धि12:09:46
करण--------- तैतुल 05:47:15
करण------------ गर 16:36:21
करण-------- वणिज 27:19:56
वार--------------------- शुक्रवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि----------------- वृषभ
सूर्य------------------- राशि कर्क
रितु------------------------- वर्षा
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---‐------------ 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:46:48
दिन काल----------- 13:16:01
चंद्रास्त-------------- 14:06:24
सूर्यास्त-------------- 19:02:50
रात्री काल----------- 10:44:29
चंद्रोदय-------------- 24:32:56

लग्न----कर्क 20°19', 110°19'

सूर्य नक्षत्र-------------- आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र-‐----------- कृत्तिका
नक्षत्र पाया----------------- लौह

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

ई---- कृत्तिका 07:30:29

उ---- कृत्तिका 13:07:06

ए---- कृत्तिका 18:42:17

ओ---- रोहिणी 24:16:06

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 20°30 , आश्लेषा 2 डू
चन्द्र= वृषभ 09°30 , कृतिका 4 ए
बुध = मिथुन 02°52 ' पुनर्वसु 4 ही
शु क्र= कन्या 06°05, उoफाo 3 पा
मंगल= मिथुन 03°17 मृगशिरा 3 का
गुरु= कर्क 14°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°27 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°27 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 10:45 - 12:25 अशुभ
यम घंटा 15:44 - 17:23 अशुभ
गुली काल 07:26 - 09:06 अशुभ
अभिजित 11:58 - 12:51 शुभ
दूर मुहूर्त 08:26 - 09:19 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:51 - 13:44 अशुभ
वर्ज्यम 07:30 - 09:00 अशुभ
प्रदोष 19:03 - 21:13 शुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 05:47 - 07:26 शुभ
लाभ 07:26 - 09:06 शुभ
अमृत 09:06 - 10:45 शुभ
काल 10:45 12:25 अशुभ
शुभ 12:25 - 14:04 शुभ
रोग 14:04 - 15:44 अशुभ
उद्वेग 15:44 - 17:23 अशुभ
चर 17:23 19:03 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 19:03 - 20:23 अशुभ
काल 20:23 21:44 अशुभ
लाभ 21:44 - 23:05 शुभ
उद्वेग 23:05 - 24:25* अशुभ
शुभ 24:25* - 25:46* शुभ
अमृत 25:46* - 27:06* शुभ
चर 27:06* - 28:27* शुभ
रोग 28:27* - 29:47* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 05:47- 06:53
बुध 06:53- 07:59
चन्द्र 07:59- 09:06
शनि 09:06- 10:12
बृहस्पति 10:12 -11:18
मंगल 11:18- 12:25
सूर्य 12:25- 13:31
शुक्र 13:31 -14:38
बुध 14:38- 15:44
चन्द्र 15:44 -16:50
शनि 16:50 -17:57
बृहस्पति 17:57- 19:03

🚩होरा, रात

मंगल 19:03- 19:57
सूर्य 19:57- 20:50
शुक्र 20:50 -21:44
बुध 21:44 -22:38
चन्द्र 22:38- 23:31
शनि 23:31- 24:25
बृहस्पति 24:25-25:19
मंगल 25:19 -26:13
सूर्य 26:13-27:06
शुक्र 27:06-27:59
बुध 27:59-28:54
चन्द्र 28:54-29:47

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:24 से 06:34 तक
सिंह > 06:34 से 08:56 तक
कन्या > 08:56 से 11:14 तक
तुला > 11:14 से 13:20 तक
वृश्चिक > 13:20 से 15:48 तक
धनु > 15:48 से 17:52 तक
मकर > 17:52 से 19:34 तक
कुम्भ > 19:34 से 21:14 तक
मीन > 21:14 से 22:42 तक
मेष > 22:42 से 00:20 तक
वृषभ > 00:20 से 02:06 तक
मिथुन > 02:06 से 04:18 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 9 + 6 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

केतु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

24 + 24 + 5 = 53 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

रात्रि 27:17 से प्रारम्भ

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* रोहिणी व्रत

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

सत्कुले योजयेत्कन्यां पुत्रं विद्यासु योजतेत् ।
व्यसने योजयेच्छत्रुं मित्रं धर्मे नियोजयेत् ।।
।।चाoनीo।।

लड़की का बयाह अच्छे खानदान मे करना चाहिए. पुत्र को अचछी शिक्षा देनी चाहिए, शत्रु को आपत्ति और कष्टों में डालना चाहिए, एवं मित्रों को धर्म कर्म में लगाना चाहिए.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु।
मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायण:॥

मुझमें मन वाला हो, मेरा भक्त बन, मेरा पूजन करने वाला हो, मुझको प्रणाम कर। इस प्रकार आत्मा को मुझमें नियुक्त करके मेरे परायण होकर तू मुझको ही प्राप्त होगा
॥34॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

2 days ago | [YT] | 10

Pious Astro

*आप सभी को जय श्री राम जी आपका दिन मंगलमय हो जी*


*महर्षि पाराशर पंचांग*
*अथ पंचांगम्*

दिनाँक:-

*05/08/2026*

*बुधवार*
*सप्तमी*
*कृष्ण पक्ष*
*श्रावण*
(समाप्ति काल)

तिथि-------- सप्तमी 20:41:42 तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------अश्विनी 21:17:10
योग----------- शूल 17:27:46
करण----- विष्टि भद्र 09:25:51
करण----------- बव 20:41:42
वार---------------------- बुधवार
माह--------------------- श्रावण
चन्द्र राशि------------------- मेष
सूर्य राशि------------------- कर्क
रितु------------------------ वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत----------- 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:45:45
सूर्यास्त-------------- 19:04:21
दिन काल----------- 13:18:36
रात्री काल---‐------- 10:41:55
चंद्रास्त-------------- 11:53:01
चंद्रोदय-------------- 22:58:40



लग्न----कर्क 18°24', 108°24'

सूर्य नक्षत्र---------------आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र--------------- अश्विनी
नक्षत्र पाया----------------- स्वर्ण

*पद, चरण*

चे---- अश्विनी 09:38:48

चो---- अश्विनी 15:28:53

ला----अश्विनी 21:17:10

ली---- भरणी 27:03:38

*ग्रह गोचर*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========
सूर्य= कर्क 18°30 , आश्लेषा 1 डी
चन्द्र= मेष 04°30 , अश्विनी 2 चे
बुध = मिथुन 29°52 ' पुनर्वसु 3 हा
शु क्र= कन्या 03°05, उoफाo 3 पा
मंगल= मिथुन 01°17 मृगशिरा 3 का
गुरु= कर्क 13°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°35 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°35 मघा 2 मी
========

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:25 - 14:05 अशुभ
यम घंटा 07:26 - 09:05 अशुभ
गुली काल 10:45 - 12:25 अशुभ
अभिजित 11:58 - 12:52 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:58 - 12:52 अशुभ
वर्ज्यम 17:25 - 18:58 अशुभ
प्रदोष 19:04 - 21:14 शुभ

🚩गंड मूल 05:46 - 21:17 अशुभ

💮चोघडिया,दिन

लाभ 05:46 - 07:26 शुभ
अमृत 07:26 - 09:05 शुभ
काल 09:05 10:45 अशुभ
शुभ 10:45 - 12:25 शुभ
रोग 12:25 - 14:05 अशुभ
उद्वेग 14:05 - 15:45 अशुभ
चर 15:45 17:25 शुभ
लाभ 17:25 - 19:04 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 19:04 - 20:25 अशुभ
शुभ 20:25 - 21:45 शुभ
अमृत 21:45 - 23:05 शुभ
चर 23:05 - 24:25* शुभ
रोग 24:25* - 25:46* अशुभ
काल 25:46*27:06* अशुभ
लाभ 27:06* - 28:26* शुभ
उद्वेग 28:26* - 29:46* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 05:46- 06:52
चन्द्र 06:52 -07:59
शनि 07:59- 09:05
बृहस्पति 09:05- 10:12
मंगल 10:12 -11:19
सूर्य 11:19 -12:25
शुक्र 12:25- 13:32
बुध 13:32 -14:38
चन्द्र 14:38 -15:45
शनि 15:45- 16:51
बृहस्पति 16:51 -17:58
मंगल 17:58 -19:04

🚩होरा, रात

सूर्य 19:04- 19:58
शुक्र 19:58- 20:51
बुध 20:51 -21:45
चन्द्र 21:45 -22:38
शनि 22:38 -23:32
बृहस्पति 23:32 -24:25
मंगल 24:25-25:19
सूर्य 25:19-26:12
शुक्र 26:12-27:06
बुध 27:06-27:59
चन्द्र 27:59-28:53
शनि 28:53-29:46

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:32 से 06:42 तक
सिंह > 06:42 से 09:04 तक
कन्या > 09:04 से 11:22 तक
तुला > 11:22 से 13:32 तक
वृश्चिक > 13:32 से 15:56 तक
धनु > 15:56 से 18:00 तक
मकर > 18:00 से 19:42 तक
कुम्भ > 19:42 से 21:22 तक
मीन > 21:22 से 22:50 तक
मेष > 22:50 से 00:28 तक
वृषभ > 00:28 से 02:14 तक
मिथुन > 02:14 से 04:26 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 7 + 4 + 1 = 27 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*ग्रह मुख आहुति ज्ञान*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

22 + 22 + 5 = 49 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

09:22 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*विशेष जानकारी*

*शीतला सप्तमी (उड़ीसा)

*शुभ विचार*

कस्य दोषः कुलेनास्ति व्याधिना के न पीडितः ।
व्यसनं के न संप्राप्तं कस्य सौख्यं निरन्तरम् ।।
।।चाoनीo।।

इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है.सदा सुख किसको रहता है?

*सुभाषितानि*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येऽपि स्यु पापयोनयः।
स्त्रियो वैश्यास्तथा शूद्रास्तेऽपि यान्ति परां गतिम्‌॥

हे अर्जुन! स्त्री, वैश्य, शूद्र तथा पापयोनि चाण्डालादि जो कोई भी हों, वे भी मेरे शरण होकर परमगति को ही प्राप्त होते हैं
॥32॥

*

4 days ago | [YT] | 10

Pious Astro

आप सभी को जय श्री राम जी आपका दिन मंगलमय हो

*दिनाँक:-04/08/2026,मंगलवार*
षष्ठी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि----------- षष्ठी 22:02:37 तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र---------- रेवती 21:53:06
योग------------ धृति 19:32:12
करण------------ गर 10:31:52
करण-------- वणिज 22:02:37
वार-------------------- मंगलवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि------ मीन 21:53:06
चन्द्र राशि------------------- मेष
सूर्य राशि--------‐---------- कर्क
रितु------------------------- वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर) -----------------रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संतन--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:45:13
सूर्यास्त------------- 19:05:05
दिन काल----------- 13:19:51
रात्री काल----------- 10:40:39
चंद्रास्त-------------- 10:51:09
चंद्रोदय-------------- 22:21:38

लग्न----कर्क 17°26', 107°26'

सूर्य नक्षत्र-------------- आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र----------------- रेवती
नक्षत्र पाया--‐-------------- स्वर्ण

*💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮*

दो---- रेवती 09:59:57

च---- रेवती 15:57:27

ची---- रेवती 21:53:06

चु---- अश्विनी 27:46:52

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 17°30 , आश्लेषा 1 डी
चन्द्र= मीन 21°30 , उo भाo 2 टो
बुध = मिथुन 28°52 ' पुनर्वसु 3 हा
शु क्र= कन्या 02°05, उoफाo 2 टो
मंगल= मिथुन 00°17 मृगशिरा 3 का
गुरु= कर्क 13°33 पुष्प , 4 ड
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°38 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 06°38 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:45 - 17:25 अशुभ
यम घंटा 09:05 - 10:45 अशुभ
गुली काल 12:25 - 14:05 अशुभ
अभिजित 11:58 - 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 08:25 - 09:19 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:21 - 24:14* अशुभ
वर्ज्यम 09:59 - 11:35 अशुभ
प्रदोष 19:05 - 21:15 शुभ

💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 5 05:45 - 21:53 अशुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 05:45 - 07:25 अशुभ
उद्वेग 07:25 - 09:05 अशुभ
चर 09:05-10:45 शुभ
लाभ 10:45 - 12:25 शुभ
अमृत 12:25 - 14:05 शुभ
काल 14:05 - 15:45 अशुभ
शुभ 15:45 - 17:25 शुभ
रोग 17:25 - 19:05 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 19:05 - 20:25 अशुभ
लाभ 20:25 - 21:45 शुभ
उद्वेग 21:45 - 23:05 अशुभ
शुभ 23:05 - 24:25* शुभ
अमृत 24:25* - 25:46* शुभ
चर 25:46* - 27:06* शुभ
रोग 27:06* - 28:26* अशुभ
काल 28:26*29:46* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 05:45- 06:52
सूर्य 06:52- 07:59
शुक्र 07:59- 09:05
बुध 09:05- 10:12
चन्द्र 10:12 -11:19
शनि 11:19- 12:25
बृहस्पति 12:25- 13:32
मंगल 13:32- 14:38
सूर्य 14:38 -15:45
शुक्र 15:45- 16:52
बुध 16:52- 17:58
चन्द्र 17:58 -19:05

🚩होरा, रात

शनि 19:05- 19:58
बृहस्पति 19:58- 20:52
मंगल 20:52- 21:45
सूर्य 21:45- 22:39
शुक्र 22:39- 23:32
बुध 23:32 -24:25
चन्द्र 24:25-25:19
शनि 25:19- 26:12
बृहस्पति 26:12-27:06
मंगल 27:06- 27:59
सूर्य 27:59-28:52
शुक्र 28:52-29:46

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:36 से 06:52 तक
सिंह > 06:562 से 09:08 तक
कन्या > 09:08 से 11:26 तक
तुला > 11:26 से 13:36 तक
वृश्चिक > 13:36 से 16:00 तक
धनु > 16:00 से 18:04 तक
मकर > 18:04 से 19:46 तक
कुम्भ > 19:46 से 21:26 तक
मीन > 21:26 से 22:54 तक
मेष > 22:54 से 00:32 तक
वृषभ > 00:32 से 02:18 तक
मिथुन > 02:18 से 04:30 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 6 + 3 + 1 = 25 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

राहु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

21 + 21 + 5 = 47 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञान वेलायां = कष्ट कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

रात्रि 22-03 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य वीनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*पंचक समाप्त 21:53 तक

*सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 21:53 से

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

समाने शोभते प्रीतिः राज्ञि सेवा च शोभते ।
वाणिज्यंव्यवहारेषु स्त्री दिव्या शोभते गृहे ।।
।। चाoनीo।।

प्रेम और मित्रता बराबर वालों में अच्छी लगती है, राजा के यहाँ नौकरी करने वाले को ही सम्मान मिलता है, व्यवसायों में वाणिज्य सबसे अच्छा है, अवं उत्तम गुणों वाली स्त्री अपने घर में सुरक्षित रहती है।

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति।
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति॥

वह शीघ्र ही धर्मात्मा हो जाता है और सदा रहने वाली परम शान्ति को प्राप्त होता है। हे अर्जुन! तू निश्चयपूर्वक सत्य जान कि मेरा भक्त नष्ट नहीं होता
॥31॥

5 days ago | [YT] | 12

Pious Astro

|| जय श्री राधे ||
*आपका दिन मंगलमय हो जी*

*महर्षि पाराशर पंचांग*
*अथ पंचांगम्*
ll जय श्री राधे ll

दिनाँक:-

*03/08/2026*

सोमवार*
पंचमी, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
(समाप्ति काल)

तिथि-----पंचमी 22:53:34 तक
पक्ष--- कृष्ण
नक्षत्र--------उoभाo 21:59:20
योग--------- सुकर्मा 21:12:22
करण-------- कौलव 11:07:47
करण--------- तैतुल 22:53:34
वार--- सोमवार
माह--श्रावण
चन्द्र राशि-- मीन
सूर्य राशि---कर्क
रितु-----वर्षा
आयन-- दक्षिणायन
संवत्सर-- पराभव
संवत्सर (उत्तर)--- रौद्र
विक्रम संवत-- 2083
गुजराती संवत-- 2082
शक संवत-- 1948
कलि संवत-- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:44:41
सूर्यास्त-------------- 19:05:48
दिन काल----------- 13:21:06
रात्री काल----------- 10:39:25
चंद्रास्त-------------- 09:52:12
चंद्रोदय-------------- 21:48:46

लग्न----कर्क 16°29', 106°29'

सूर्य नक्षत्र--- पुष्य
चन्द्र नक्षत्र--------- उत्तराभाद्रपद
नक्षत्र पाया--- ताम्र

*पद, चरण*

थ---- उत्तराभाद्रपद 09:51:20

झ---- उत्तराभाद्रपद 15:56:15

ञ----उत्तराभाद्रपद 21:59:201

दे---- रेवती 28:00:34

*ग्रह गोचर*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
===========
सूर्य= कर्क 16°30 , पुष्य 4 ड
चन्द्र= मीन 07°30 , उo भाo 2 थ
बुध = मिथुन 27°52 ' पुनर्वसु 3 हा
शु क्र= कन्या 01°05, उoफाo 2 टो
मंगल= मिथुन 00°17 मृगशिरा 2
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°41शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°41 मघा 3 मू
==========

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 07:25 - 09:05 अशुभ
यम घंटा 10:45 - 12:25 अशुभ
गुली काल 14:05 - 15:46 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 12:52 - 13:45 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:32 - 16:26 अशुभ
वर्ज्यम 07:25 - 09:03 अशुभ
प्रदोष 19:06 - 21:15 शुभ

💮गंड मूल 21:59 - अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 4 अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया,दिन

अमृत 05:45 - 07:25 शुभ
काल 07:25 - 09:05 अशुभ
शुभ 09:05 - 10:45 शुभ
रोग 10:45 - 12:25 अशुभ
उद्वेग 12:25 - 14:05 अशुभ
चर 14:05 15:46 शुभ
लाभ 15:46 - 17:26 शुभ
अमृत 17:26 - 19:06 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 19:06 - 20:26 शुभ
रोग 20:26 - 21:46 अशुभ
काल 21:46 23:06 अशुभ
लाभ 23:06 24:26* शुभ
उद्वेग 24:26* - 25:45* अशुभ
शुभ 25:45* - 27:05* शुभ
अमृत 27:05* - 28:25* शुभ
चर 28:25* - 29:45* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 05:45- 06:51
शनि 06:51- 07:58
बृहस्पति 07:58 -09:05
मंगल 09:05- 10:12
सूर्य 10:12 -11:18
शुक्र 11:18- 12:25
बुध 12:25 -13:32
चन्द्र 13:32 -14:39
शनि 14:39 -15:46
बृहस्पति 15:46 -16:52
मंगल:52 -17:59
सूर्य 17:59 -19:06

🚩होरा, रात

शुक्र 19:06 -19:59
बुध19:59 -20:52
चन्द्र 20:52 -21:46
शनि 21:46- 22:39
बृहस्पति 22:39 -23:32
मंगल 23:32 -24:26
सूर्य 24:26- 25:19
शुक्र 25:19- 26:12
बुध 26:12-27:05
चन्द्र 27:05-27:59
शनि 27:59-28:52
बृहस्पति 28:52-29:45

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:40 से 06:56 तक
सिंह > 06:56 से 09:12 तक
कन्या > 09:12 से 11:30 तक
तुला > 11:30 से 13:40 तक
वृश्चिक > 13:40 से 16:04 तक
धनु > 16:04 से 18:08 तक
मकर > 18:08 से 19:50 तक
कुम्भ > 19:50 से 21:30 तक
मीन > 21:30 से 22:58 तक
मेष > 22:58 से 00:36 तक
वृषभ > 00:36 से 02:22 तक
मिथुन > 02:22 से 04:34 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 5 + 2 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*ग्रह मुख आहुति ज्ञान*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

20 + 20 + 5 = 45 ÷ 7 = 3 शेष

वृषाभारूढ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*विशेष जानकारी*

*नागपंचमी (मरूस्थल)

*शुभ विचार*

दुराचारी दुरादृष्टिर्दुरावासी च दुर्जनः ।
यन्मैत्रीक्रियते पुम्भिर्नरःशीघ्रं विनश्यति ।।
।।चाoनीo।।

जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले, एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है, वह शीघ्र नष्ट हो जाता है।

*सुभाषितानि l*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति।
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति॥

वह शीघ्र ही धर्मात्मा हो जाता है और सदा रहने वाली परम शान्ति को प्राप्त होता है। हे अर्जुन! तू निश्चयपूर्वक सत्य जान कि मेरा भक्त नष्ट नहीं होता
॥31॥

6 days ago | [YT] | 11

Pious Astro

आप सभी को जय श्री राम जी आपका दिन मंगलमय हो जी
*आज का पंचांग*

*दिनाँक:-
*02/08/2026*

*रविवार*

*चतुर्थी*
*कृष्ण पक्ष*
*श्रावण*
(समाप्ति काल)

तिथि-------- चतुर्थी 23:14:36. तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र--- पूर्वाभाद्रपद 21:36:03
योग-------- अतिगंड 22:28:35
करण----------- बव 11:14:09
करण--------- बालव 23:14:34
वार---------------------- रविवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि----- कुम्भ 15:25:44
चन्द्र राशि------------------ मीन
सूर्य राशि------------------ कर्क
रितु-------------------------वर्षा
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:44:10
सूर्यास्त-------------- 19:06:30
दिन काल----------- 13:22:20
रात्री काल----------- 10:38:11
चंद्रास्त-------------- 08:55:08
चंद्रोदय-------------- 21:18:16

लग्न----कर्क15°32', 105°32'

सूर्य नक्षत्र------------------ पुष्य
चन्द्र नक्षत्र---------- पूर्वाभाद्रपद
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र


*पद, चरण*

सो---- पूर्वाभाद्रपदा 09:13:40

दा---- पूर्वाभाद्रपदा 15:25:44

दी---- पूर्वाभाद्रपदा 21:36:03

दू----उत्तराभाद्रपदा 27:44:36

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 15°30 , पुष्य 4 ड
चन्द्र= कुम्भ 24°30 , पूo भाo 2 सो
बुध = मिथुन 26°52 ' पुनर्वसु 2 को
शु क्र= कर्क 29°05, उoफाo 2 टो
मंगल= वृषभ 29°17 मृगशिरा 2 वो
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°44शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°44 मघा 3 मू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 17:26 - 19:07 अशुभ
यम घंटा 12:25 - 14:06 अशुभ
गुली काल 15:46 - 17:26 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 17:20 - 18:13 अशुभ
प्रदोष 19:07 - 21:15. शुभ

🚩पंचक अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:44 - 07:24 अशुभ
चर 07:24 - 09:05 शुभ
लाभ 09:05 - 10:45 शुभ
अमृत 10:45 - 12:25 शुभ
काल 12:25 14:06 अशुभ
शुभ 14:06 - 15:46 शुभ
रोग 15:46 - 17:26 अशुभ
उद्वेग 17:26 - 19:07 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 19:07 - 20:26 शुभ
अमृत 20:26 - 21:46 शुभ
चर 21:46 23:06 शुभ
रोग 23:06 - 24:26* अशुभ
काल 24:26* - 25:45* अशुभ
लाभ 25:45* - 27:05* शुभ
उद्वेग 27:05* - 28:25* अशुभ
शुभ 28:25* - 29:45* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:44- 06:51
शुक्र 06:51- 07:58
बुध 07:58- 09:05
चन्द्र 09:05- 10:12
शनि 10:12 -11:18
बृहस्पति 11:18- 12:25
मंगल 12:25- 13:32
सूर्य 13:32- 14:39
शुक्र 14:39- 15:46
बुध 15:46 -16:53
चन्द्र 16:53- 17:59
शनि 17:59- 19:07

🚩होरा, रात

बृहस्पति 19:07 -19:59
मंगल 19:59 -20:53
सूर्य 20:53- 21:46
शुक्र 21:46- 22:39
बुध 22:39- 23:32
चन्द्र 23:32- 24:26
शनि 24:26-25:19
बृहस्पति 25:19-26:12
मंगल 26:12-27:05
सूर्य 27:05-27:58
शुक्र 27:58-28:52
बुध 28:52-29:45

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:44 से 07:00 तक
सिंह > 07:00 से 09:16 तक
कन्या > 09:16 से 11:34 तक
तुला > 11:34 से 13:44 तक
वृश्चिक > 13:44 से 16:08 तक
धनु > 16:08 से 18:12 तक
मकर > 18:12 से 19:54 तक
कुम्भ > 19:54 से 21:34 तक
मीन > 21:34 से 23:02 तक
मेष > 23:02 से 00:40 तक
वृषभ > 00:40 से 02:26 तक
मिथुन > 02:26 से 04:38 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 4 + 1 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*चतुर्थी व्रत चंद्रोदय 21:21

*सर्वार्थ सिद्धि योग 21:36 से

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

गृहीत्वा दक्षिणां विप्रास्त्यजन्ति यजमानकम् ।
प्राप्तविद्या गुरुं शिष्या दग्धारण्यं मृगास्तथा ।।
।।चाoनीo।।

ब्राह्मण दक्षिणा मिलने के पश्चात् आपने यजमानो को छोड़ देते है, विद्वान विद्या प्राप्ति के बाद गुरु को छोड़ जाते हैं और पशु जले हुए वन को त्याग देते हैं।

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

अपि चेत्सुदुराचारो भजते मामनन्यभाक्‌।
साधुरेव स मन्तव्यः सम्यग्व्यवसितो हि सः॥

यदि कोई अतिशय दुराचारी भी अनन्य भाव से मेरा भक्त होकर मुझको भजता है तो वह साधु ही मानने योग्य है, क्योंकि वह यथार्थ निश्चय वाला है। अर्थात्‌ उसने भली भाँति निश्चय कर लिया है कि परमेश्वर के भजन के समान अन्य कुछ भी नहीं है
॥30॥

1 week ago | [YT] | 15

Pious Astro

*आप सभी को जय श्री राम जी आपका दिन मंगलमय हो जी*

🌤️ *दिनांक - 01 अगस्त 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - श्रावण ( गुजरात महाराष्ट्र अनुसार आषाढ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - तृतीया रात्रि 11:07 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा रात्रि 08:45 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - शोभन रात्रि 11:23 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:09 से सुबह 10:50 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:13*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:16*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩*व्रत पर्व विवरण- जया पार्वती व्रत समाप्त (गुजरात अनुसार)*
💥*विशेष- *तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *चतुर्मास के दिनों में ताँबे व काँसे के पात्रों का उपयोग न करके अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करना चाहिए।(स्कन्द पुराण)*
💥 *चतुर्मास में पलाश के पत्तों की पत्तल पर भोजन करना चाहिए।*
🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷
👉 *02 अगस्त 2026 रविवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:27)*
🙏🏻 *शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*
🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*
🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*
🙏🏻 *
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
‪🌷 *चतुर्थी‬ तिथि विशेष* 🌷
🙏🏻 *चतुर्थी तिथि के स्वामी ‪भगवान गणेश‬जी हैं।* *हिन्दू कैलेण्डर में प्रत्येक मास में दो चतुर्थी होती हैं।*
🙏🏻 *पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्ट चतुर्थी कहते हैं।अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार*
➡ *प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को की हुई महागणपति की पूजा एक पक्ष के पापों का नाश करनेवाली और एक पक्षतक उत्तम भोगरूपी फल देनेवाली होती है ।*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩पंचक प्रारंभ: 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार), सुबह लगभग 6:35 बजे से
पंचक समाप्त: 4 अगस्त 2026 (मंगलवार), रात लगभग 9:54 बजे

🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष🌹

दिनांक 1 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप शाही प्रवृत्ति के हैं। आपको किसी और का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं।

आपका जन्मदिन: 1 अगस्त

शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28

शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82

शुभ वर्ष : 2028, 2044, 2053, 2062

ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री

शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

करियर: पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी।

सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा।

परिवार: पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे।

1 week ago | [YT] | 21

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-31/07/2026,शुक्रवार*
द्वितीया, कृष्ण पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------- द्वितीया 22:31:06. तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र-------- धनिष्ठा 19:25:51
योग-------------------- सौभाग्य
करण--------- तैतुल 23:53:10
करण------------ गर 10:03:33
वार--------------------- शुक्रवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि----- मकर 06:37:04
चन्द्र राशि------------------ कुम्भ
सूर्य राशि------------------- कर्क
रितु------------------------- वर्षा
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:43:06
सूर्यास्त-----------‐-- 19:07:49
दिन काल----------- 13:24:43
रात्री काल----------- 10:35:48
चंद्रास्त-------------- 07:02:32
चंद्रोदय-------------- 20:18:34

लग्न----कर्क 13°37', 103°37'

सूर्य नक्षत्र------------------ पुष्य
चन्द्र नक्षत्र--------------- धनिष्ठा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮*

गी---- धनिष्ठा 06:37:08

गु---- धनिष्ठा 13:02:15

गे---- धनिष्ठा 19:25:51

गो---- शतभिषा 25:47:53

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 13°30 , पुष्य 3 हो
चन्द्र= मकर 29°30 , धनिष्ठा 2 गो
बुध = मिथुन 24°52 ' पुनर्वसु 2 को
शु क्र= कर्क 28°05, उoफाo 1 टे
मंगल= वृषभ 28°17 मृगशिरा 2 वो
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°51शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°51 मघा 3 मू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 10:45 - 12:25 अशुभ
यम घंटा 15:47 - 17:27 अशुभ
गुली काल 07:24 - 09:04 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 08:24 - 09:18 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:52 - 13:46 अशुभ
वर्ज्यम 27:04* - 28:46* अशुभ
प्रदोष 19:08 - 21:16. शुभ

🚩पंचक 1 06:37 - अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 05:43 07:24 शुभ
लाभ 07:24 - 09:04 शुभ
अमृत 09:04 - 10:45 शुभ
काल 10:45 12:25 अशुभ
शुभ 12:25 - 14:06 शुभ
रोग 14:06 - 15:47 अशुभ
उद्वेग 15:47 - 17:27 अशुभ
चर 17:27 - 19:08 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 19:08 - 20:27 अशुभ
काल 20:27 21:47 अशुभ
लाभ 21:47 - 23:06 शुभ
उद्वेग 23:06 - 24:26* अशुभ
शुभ 24:26* - 25:45* शुभ
अमृत 25:45* - 27:05* शुभ
चर 27:05* - 28:24* शुभ
रोग 28:24* - 29:44* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 05:43- 06:50
बुध 06:50- 07:57
चन्द्र 07:57 -09:04
शनि 09:04 -10:11
बृहस्पति 10:11- 11:18
मंगल 11:18- 12:25
सूर्य 12:25 -13:33
शुक्र 13:33-14:40
बुध 14:40- 15:47
चन्द्र 15:47 -16:54
शनि 16:54 18:01
बृहस्पति 18:01 -19:08

🚩होरा, रात

मंगल 19:08- 20:01
सूर्य 20:01 -20:54
शुक्र 20:54 -21:47
बुध 21:47 -22:40
चन्द्र 22:40- 23:33
शनि 23:33- 24:26
बृहस्पति 24:26-25:19
मंगल 25:19 -26:12
सूर्य 26:12-27:05
शुक्र 27:05-27:58
बुध 27:58-28:51
चन्द्र 28:51-29:44

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 2 + 6 + 1 = 24 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = सन्ताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* अशून्य व्रत

*मुन्शी प्रेमचंद जयंती

*पञ्चक प्रारम्भ 06:31 से

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

बलं विद्या च विप्राणां राज्ञां सैन्यबलं तथा ।
बलंवित्तञ्चवैश्यानां शूद्राणां परिचर्यिका ।।
।।चाoनीo।।

एक ब्राह्मण का बल तेज और विद्या है, एक राजा का बल उसकी सेना मे है, एक वैशय का बल उसकी दौलत मे है तथा एक शुद्र का बल उसकी सेवा परायणता मे है।

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्य से कर्मबंधनैः।
सन्न्यासयोगमुक्तात्मा विमुक्तो मामुपैष्यसि॥

इस प्रकार, जिसमें समस्त कर्म मुझ भगवान के अर्पण होते हैं- ऐसे संन्यासयोग से युक्त चित्तवाला तू शुभाशुभ फलरूप कर्मबंधन से मुक्त हो जाएगा और उनसे मुक्त होकर मुझको ही प्राप्त होगा।
॥28॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

1 week ago | [YT] | 12

Pious Astro

आप सभी को जय श्री राम जी आपका दिन मंगलमय हो जी।
आप सभी को

श्रावण माह की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं जी।

दिनाँक:-
*30/07/2026*

*गुरुवार*

प्रतिपदा
कृष्ण पक्ष,
श्रावण
"""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------ प्रतिपदा 21:29:46. तक
पक्ष‐-- कृष्ण
नक्षत्र--------- श्रवण 17:42:26
योग------ आयुष्मान 24:04:16
करण-------- बालव 08:50:03
करण-------- कौलव 21:29:46
वार-- गुरूवार
माह--श्रावण
चन्द्र राशि-- मकर
सूर्य राशि--- कर्क
रितु---- वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)-‐-रौद्र
विक्रम संवत-- 2083
गुजराती संवत-‐ 2082
शक संवत-- 1948

वृन्दावन
कलि संवत-- 5127
सूर्योदय------------- 05:42:34
सूर्यास्त-------------- 19:08:27
दिन काल----------- 13:25:53
रात्री काल----------- 10:34:38
चंद्रास्त-------------- 06:05:33
चंद्रोदय-------------- 19:46:46

लग्न---- कर्क 12°39' 102°39'

सूर्य नक्षत्र-- पुष्य
चन्द्र नक्षत्र-- श्रवण
नक्षत्र पाया-- ताम्र

*पद, चरण*

खे---- श्रवण 11:12:57

खो---- श्रवण 17:42:26

गा---- धनिष्ठा 24:10:31

*ग्रह गोचर*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
===========
सूर्य= कर्क 12°12 , पुष्य 3 हो
चन्द्र= मकर 12°30 , श्रवण 3 खे
बुध = मिथुन 23°52 ' पुनर्वसु 2 को
शु क्र= कर्क 27°05, उoफाo 1 टे
मंगल= वृषभ 27°17 मृगशिरा 2 वो
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°54शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°54 मघा 3 मू
=========

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 14:06 - 15:47 अशुभ
यम घंटा 05:43 - 07:23 अशुभ
गुली काल 09:04 - 10:45 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:52 शुभ
दूर मुहूर्त 10:11 - 11:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:34 - 16:27 अशुभ
वर्ज्यम 22:01 - 23:45 अशुभ
प्रदोष 19:08 - 21:17. शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:43 - 07:23 शुभ
रोग 07:23 - 09:04 अशुभ
उद्वेग 09:04 - 10:45 अशुभ
चर 10:45 12:26 शुभ
लाभ 12:26 - 14:06 शुभ
अमृत 14:06 - 15:47 शुभ
काल 15:47 17:28 अशुभ
शुभ 17:28 - 19:08 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 19:08 - 20:28 शुभ
चर 20:28 21:47 शुभ
रोग 21:47 - 23:06 अशुभ
काल 23:06 24:26* अशुभ
लाभ 24:26* - 25:45* शुभ
उद्वेग 25:45* - 27:04* अशुभ
शुभ 27:04* - 28:24* शुभ
अमृत 28:24* - 29:43* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 05:43- 06:50
मंगल 06:50 -07:57
सूर्य 07:57 -09:04
शुक्र 09:04 -10:11
बुध 10:11- 11:18
चन्द्र 11:18- 12:26
शनि 12:26- 13:33
बृहस्पति 13:33- 14:40
मंगल 14:40- 15:47
सूर्य 15:47- 16:54
शुक्र 16:54- 18:01
बुध 18:01- 19:08

🚩होरा, रात

चन्द्र 19:08- 20:01
शनि 20:01- 20:54
बृहस्पति 20:54- 21:47
मंगल 21:47- 22:40
सूर्य 22:40- 23:33
शुक्र 23:33- 24:26
बुध 24:26- 25:19
चन्द्र 25:19- 26:12
शनि 26:12-27:04
बृहस्पति 27:04-27:57
मंगल 27:57-28:50
सूर्य 28:50-29:43

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 04:56 से 07:12 तक
सिंह > 07:12 से 09:28 तक
कन्या > 09:28 से 11:44 तक
तुला > 11:44 से 13:56 तक
वृश्चिक > 13:56 से 16:20 तक
धनु > 16:20 से 18:24 तक
मकर > 18:24 से 20:06 तक
कुम्भ > 20:06 से 21:46 तक
मीन > 21:46 से 23:14 तक
मेष > 23:14 से 00:52 तक
वृषभ > 00:52 से 02:38 तक
मिथुन > 02:38 से 04:50 तक
===========

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*दिशा शूल ज्ञान-- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*अग्नि वास ज्ञान*

*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 1 + 5 + 1 = 22 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*ग्रह मुख आहुति ज्ञान*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति

*शिव वास एवं फल*

16 + 16 + 5 = 37 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सन्निध्यौ = शुभ कारक

*भद्रा वास एवं फल*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*विशेष जानकारी*

*श्रावण प्रारम्भ

*हिंडोला प्रारम्भ द्वारिकाधीश मथुरा

*शुभ विचार*

नदीतीरे च ये वृक्षाः परगेहेषु कामिनी ।
मंत्रिहीनाश्च राजानः शीघ्रं नश्यन्त्यसंशयम् ।।
।। चाoनीo।।

नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर मे जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा - ये सब निश्चय ही शीघ्र नस्ट हो जाते हैं।

*सुभाषितानि*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

यत्करोषि यदश्नासि यज्जुहोषि ददासि यत्‌।
यत्तपस्यसि कौन्तेय तत्कुरुष्व मदर्पणम्‌॥

हे अर्जुन! तू जो कर्म करता है, जो खाता है, जो हवन करता है, जो दान देता है और जो तप करता है, वह सब मेरे अर्पण कर
॥27॥

1 week ago | [YT] | 14

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🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-29/7/2026,बुधवार*
पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष,
आषाढ
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------- पूर्णिमा 20:04:41. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र-----उत्तराषाढा 15:36:17
योग----------- प्रीति 23:56:42
करण---- विष्टि भद्र 07:13:59
करण---------- बव 20:04:41
वार--------------------- बुधवार
माह---‐---------------- आषाढ
चन्द्र राशि---------------- मकर
सूर्य राशि-------------------कर्क
रितु------------------------ वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत----‐---------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:42:02
सूर्यास्त-------------- 19:09:04
दिन काल----------- 13:27:02
रात्री काल----------- 10:33:29
चंद्रास्त-------------- 06:01:15
चंद्रोदय-------------- 19:12:04

लग्न----कर्क 11°42', 101°42'

सूर्य नक्षत्र------------------ पुष्य
चन्द्र नक्षत्र------------ उत्तराषाढा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*💮🚩💮 पद, चरण 💮🚩💮*

जा---- उत्तराषाढा 09:01:29

जी---- उत्तराषाढा 15:36:17

खी---- श्रवण 22:09:49

खू---- श्रवण 28:42:03

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= कर्क 11°12 , पुष्य 3 हो
चन्द्र= मकर 04°30 , उoषाo 3 जा
बुध = मिथुन 23°52 ' पुनर्वसु 2 को
शु क्र= कर्क 26°05, उoफाo 1 टे
मंगल= वृषभ 26°17 मृगशिरा 2 वो
गुरु= कर्क 12°33 पुष्प , 3 हो
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 06°57शतभिषा , 1 गो
केतु= (व) सिंह 06°57 मघा 3 मू
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:26 - 14:06 अशुभ
यम घंटा 07:23 - 09:04 अशुभ
गुली काल 10:45 - 12:26 अशुभ
अभिजित 11:59 - 12:52 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:59 - 12:52 अशुभ
वर्ज्यम 19:59 - 21:44 अशुभ
प्रदोष 19:09 - 21:17 शुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 05:42 - 07:23 शुभ
अमृत 07:23 - 09:04 शुभ
काल 09:04 10:45 अशुभ
शुभ 10:45 - 12:26 शुभ
रोग 12:26 - 14:06 अशुभ
उद्वेग 14:06 - 15:47 अशुभ
चर 15:47 - 17:28 शुभ
लाभ 17:28 - 19:09 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 19:09 - 20:28 अशुभ
शुभ 20:28 - 21:47 शुभ
अमृत 21:47 - 23:07 शुभ
चर 23:07 - 24:26* शुभ
रोग 24:26* - 25:45* अशुभ
काल 25:45* - 27:04* अशुभ
लाभ 27:04* - 28:23* शुभ
उद्वेग 28:23* - 29:43* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 05:42 -06:49
चन्द्र 06:49- 07:57
शनि 07:57 -09:04
बृहस्पति 09:04 -10:11
मंगल 10:11 -11:18
सूर्य 11:18- 12:26
शुक्र 12:26 -13:33
बुध 13:33 -14:40
चन्द्र 14:40- 15:47
शनि 15:47- 16:55
बृहस्पति 16:55- 18:02
मंगल 18:02- 19:09

🚩होरा, रात

सूर्य 19:09- 20:02
शुक्र 20:02- 20:55
बुध 20:55 -21:47
चन्द्र 21:47 -22:40
शनि 22:40 -23:33
बृहस्पति 23:33- 24:26
मंगल 24:26-25:19
सूर्य 25:19-26:11
शुक्र 26:11-27:04
बुध 27:04-27:57
चन्द्र 27:57-28:50
शनि 28:50-29:43

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

कर्क > 05:00 से 07:16 तक
सिंह > 07:16 से 09:32 तक
कन्या > 09:32 से 11:48 तक
तुला > 11:48 से 14:00 तक
वृश्चिक > 14:00 से 16:24 तक
धनु > 16:24 से 18:28 तक
मकर > 18:28 से 20:10 तक
कुम्भ > 20:10 से 21:50 तक
मीन > 21:50 से 23:18 तक
मेष > 23:18 से 00:56 तक
वृषभ > 00:56 से 02:42 तक
मिथुन > 02:42 से 04:54 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 4 + 1 = 20 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

चन्द्र ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रात: 07:11 तक समाप्त

पाताल लोक = धनलाभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*सत्य पूर्णिमा

*व्यास पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा)

*मुडिया पूनो ,गोवर्धन परिक्रमा

*गजेंद्र मोक्ष लीला रंग जी मन्दिर वृन्दावन

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

कान्ता वियोगः स्वजनापमानि ।
ऋणस्य शेषं कुनृपस्य सेवा ।।
दरिद्रभावो विषमा सभा च ।
विनाग्निना ते प्रदहन्ति कायम् ।।
।।चाoनीo।।

पत्नी का वियोग होना, आपने ही लोगो से बे-इजजत होना, बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना, गरीबी एवं दरिद्रों की सभा - ये छह बातें शरीर को बिना अग्नि के ही जला देती हैं।

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: राजविद्याराजगुह्ययोग अo-9

यत्करोषि यदश्नासि यज्जुहोषि ददासि यत्‌।
यत्तपस्यसि कौन्तेय तत्कुरुष्व मदर्पणम्‌॥

हे अर्जुन! तू जो कर्म करता है, जो खाता है, जो हवन करता है, जो दान देता है और जो तप करता है, वह सब मेरे अर्पण कर
॥27॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

1 week ago | [YT] | 16