This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,


Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः ॐशम शनिश्चराय नम:*
🚩🚩🙏🏻🚩🚩
*सनातन पंचांग*
🚩
🌤️ *दिनांक - 09 मई 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात- महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - सप्तमी दोपहर 02:02 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - श्रवण रात्रि 11:24 तक तत्पश्चात धनिष्ठा*
🌤️ *योग - शुक्ल 10 मई रात्रि 02:36 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:19 से सुबह 10:57 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:04*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:05*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*

💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*

💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*

🚩

🌷 *नौकरी मिलने में समस्या* 🌷

🧑🏻 *जिनको नौकरी नहीं मिलती या मिलती है पर छूट जाती है .. वे लोग शनिवार या मंगलवार या शनिमंगल दोनों दिन पीपल की परिक्रमा करें ... हो सके तो अपने हाथ से जल.. सादा जल हो उसमें थोड़े काले तिल और एकाध चम्मच गंगा जल डालदें ..वो पीपल में चढ़ा कर जप करते - करते परिक्रमा करें | थोड़ी देर बैठके ध्यान और प्रार्थना करें| आदित्य ह्रदय स्त्रोत्र का पाठ करें | फिर देखो उनकी नौकरी आदि की समस्या कैसे दूर होती है !!*


🚩

🌷 *अचार विशेष* 🌷

🍋 *खट्टे आम का अचार खाने से लीवर खराब होता है | नींबू का आचार खाया जा सकता है ..खट्टे आम का अचार ज्यादा नहीं खाना |*

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🚩🚩 🚩🚩

18 hours ago | [YT] | 21

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमःॐ विष्णवे नमः*

🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 07 मई 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात- महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - पंचमी सुबह 10:13 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा शाम 06:46 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - साध्य 08 मई रात्रि 02:00 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:13 से शाम 03:51 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:05*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:04*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩🚩🚩🚩

🌷 *चैन की नींद के लिए* 🌷

☺ *चैन की नींद न आती हो, तो सिरहाने की तरफ कर्पूर जलाकर "ॐ" का गुंजन करें l सुबह -शाम जलाने से वायु दोष दूर होगा, लक्ष्मी प्राप्ति होगी, बुरे सपने नहीं आयेंगे l*

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🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷

🏡 *घर के मेन गेट के ठीक सामने किचन नहीं बनाना चाहिए। मेन गेट के एकदम सामने का किचन घर के सदस्यों के लिए अशुभ रहता है।*

💥 *उपाय ~ मेन गेट और किचन के बीच पर्दा लगा दें।*

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🌷 *वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए*

🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार माता पार्वती शिवजी को पति के रूप में पाना चाहती थीं, इसके लिए उन्होंने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया था। शिवजी तप से प्रसन्न हुए और उन्होंने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया। आज भी यदि कोई लड़की सच्चे मन से शिवजी और माता पार्वती की पूजा करती है तो उसे भगवान की कृपा से मनचाहा वर मिल सकता है। साथ ही, इनकी कृपा से वैवाहिक जीवन की परेशानियां भी दूर हो सकती हैं। शिवजी की कृपा पाने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं...*

1⃣ *अगर किसी लड़की के विवाह में अकारण ही देरी हो रही है या सुयोग्य वर नहीं मिल रहा है तो उसे शिवजी और माता पार्वती की नियमित रुप से पूजा करनी चाहिए ।*

2⃣ *शिवलिंग पर जल चढ़ाने और माता पार्वती की पूजा करने से पति से प्रेम प्राप्त होता है ।*

3⃣ *अगर कुंडली में विवाह से संबंधित दोष है तो हर गुरुवार का व्रत करना चाहिए । शिवलिंग पर चने की दाल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं ।*

4⃣ *वैवाहिक जीवन में सुख- शांति बनी रहे, इसके लिए महिला को दो मुखी या गौरीशंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए ।

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2 days ago | [YT] | 33

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः*
🚩🚩🚩🚩
*ॐश्री शनिश्चराय नमः*
*सत्य सनातन पंचांग*
🌤️ *दिनांक - 02 मई 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - ज्येष्ठ (गुजरात-महाराष्ट्र वैशाख)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 12:49 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *योग - व्यतीपात रात्रि 09:45 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:22 से सुबह 10:59 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:08*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:02*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *ब्रह्म पुराण' के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- 'मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।' (ब्रह्म पुराण')*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय।' का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण')*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
🚩🚩🚩🚩
🌷 *ज्येष्ठ मास* 🌷
➡️ *इस वर्ष 02 मई 2026 को (उत्तर भारत हिन्दू पंचांग के अनुसार) से ज्येष्ठ का आरम्भ हो रहा है (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार 17 मई 2026 से ज्येष्ठ मास प्रारंभ होगा ।*
🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “ज्येष्ठामूलं तु यो मासमेकभक्तेन संक्षिपेत्। ऐश्वर्यमतुलं श्रेष्ठं पुमान्स्त्री वा प्रपद्यते।।” जो एक समय ही भोजन करके ज्येष्ठ मास को बिताता है वह स्त्री हो या पुरुष, अनुपम श्रेष्ठ एश्‍वर्य को प्राप्त होता है।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार ज्येष्ठ में तिल का दान बलवर्धक और मृत्युनिवारक होता है।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन मूल नक्षत्र होने पर मथुरा में स्नान करके विधिवत् व्रत-उपवास करके भगवान कृष्ण की पूजा उपासना करते हुए श्री नारद पुराण का श्रवण करें तो व्यक्ति जन्म-जन्मान्तरों के पाप से मुक्त हो जाता है। माया के जाल से मुक्त होकर निरंजन हो जाता है। भगवान् विष्णु के चरणों में वृत्ति रखने वाला संसार के प्रति अनासक्त होकर फलस्वरूप जीव मुक्ति को प्राप्त करता हुआ वैकुंठ वासी हो जाता है।*
🙏🏻 *धर्मसिन्धु के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को तिलों के दान से अश्वमेध यज्ञ का फल होता है।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी का व्रत किया जाता है।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार शनि देव जी का जन्म ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को रात के समय हुआ था।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा दशहरा का पवित्र त्यौहार मनाया जाता है।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है।*
🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 109 के अनुसार ज्येष्ठ मास की द्वादशी तिथि को दिन-रात उपवास करके जो भगवान त्रिविक्रम की पूजा करता है, वह गोमेध यज्ञ का फल पाता और अप्सराओं के साथ आनन्द भोगता है ।*
🌷 *विष्णुपुराण के अनुसार*
*यमुनासलिले स्त्रातः पुरुषो* *मुनिसत्तम!*
*ज्येष्ठामूलेऽमले पक्षे द्रादश्यामुपवासकृत् ।। ६-८-३३ ।।*
*तमभ्यर्च्च्याच्युतं संम्यङू मथुरायां समाहितः ।*
*अश्वमेधस्य यज्ञस्य प्राप्तोत्यविकलं फलम् ।। ६-८-३४ ।।*
🙏🏻 *ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की द्वादशी को मथुरापुरी में उपवास करते हुए यमुना स्नान करके समाहितचित से श्रीअच्युत का भलीप्रकार पूजन करने से मनुष्य को अश्वमेध-यज्ञ का सम्पूर्ण फल मिलता है।*
🚩🚩 🚩🚩 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 2 मई

दिनांक 2 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 के स्वामी चंद्रमा हैं, जो मन के कारक हैं। यही कारण है कि आप स्वभाव से अत्यधिक भावुक, कल्पनाशील और संवेदनशील होते हैं। दूसरों के दुख से प्रभावित होना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है, लेकिन यही आपकी सबसे बड़ी ताकत भी है। आप में करुणा और दया कूट-कूट कर भरी होती है।

आप मानसिक रूप से मजबूत होते हुए भी, शारीरिक रूप से थोड़े कमजोर हो सकते हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। चंद्रमा के प्रभाव से, आपका स्वभाव भी उसकी कलाओं की तरह बदलता रहता है- कभी शांत, तो कभी थोड़ा बेचैन। लेकिन आप में अहंकार बिल्कुल भी नहीं होता, और यही आपकी सबसे प्यारी विशेषता है।

यदि आप जल्दबाजी छोड़कर धैर्य से काम लें, तो जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।

आपके लिए खास
शुभ दिनांक: 2, 11, 20, 29
शुभ अंक: 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92
शुभ वर्ष: 2027, 2029, 2036
ईष्टदेव: भगवान शिव, बटुक भैरव, चंद्रदेव
शुभ रंग: सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
आज का दिन आपके लिए समझदारी और सावधानी से चलने का है। किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले अनुभवी लोगों से सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

करियर और व्यवसाय: व्यापार-व्यवसाय में स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें।

स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहें। छोटी-मोटी परेशानियाँ हो सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें।



पारिवारिक जीवन: परिवार में कोई भी विवाद हो, तो उसे आपसी समझ से सुलझाएं। किसी बाहरी व्यक्ति को दखल देने का मौका न दें।



ध्यान देने योग्य: कागज़ात से जुड़े मामलों में ख़ास सावधानी बरतें। बिना पढ़े किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। लेखन और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों को भी सतर्क रहना होगा।

*बोलो जय जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे संकट मोचन हनुमान*
🚩🚩👍🚩🚩

1 week ago | [YT] | 34

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमःहर हर महादेव शिव शंभू*
🚩🚩🙏🏻🚩🚩
*सनातन पंचांग*
🚩
🌤️ *दिनांक - 27 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी शाम 06:15 तक तत्पश्चात द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 09:18 तक तत्पश्चात उत्तर फाल्गुनी*
🌤️ *योग - ध्रुव रात्रि 09:36 तक तत्पश्चात व्याघात*
🌤️*राहुकाल - सुबह 07:47 से सुबह 09:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:12*
🌤️ *सूर्यास्त - 07:00*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- मोहिनी एकादशी*

💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l    राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*

💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*

💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*

💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*

💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*

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🌷 *मोहिनी एकादशी* 🌷

➡️ *27 अप्रैल 2026 सोमवार को मोहिनी एकादशी है।*

🙏🏻 *मोहिनी एकादशी ( उपवास से अनेक जन्मों के मेरु पर्वत जैसे महापापों का नाश )*

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🌷 *कर्ज-निवारक कुंजी भौम प्रदोष व्रत* 🌷

➡️ *28 अप्रैल 2026 मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत है।*

🙏🏻 *त्रयोदशी को मंगलवार उसे भौम प्रदोष कहते हैं ....इस दिन नमक, मिर्च नहीं खाना चाहिये, इससे जल्दी फायदा होता है | मंगलदेव ऋणहर्ता देव हैं। इस दिन संध्या के समय यदि भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तो भोलेनाथ की, गुरु की कृपा से हम जल्दी ही कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इस दैवी सहायता के साथ थोड़ा स्वयं भी पुरुषार्थ करें। पूजा करते समय यह मंत्र बोलें –*

🌷 *मृत्युंजयमहादेव त्राहिमां शरणागतम्।* *जन्ममृत्युजराव्याधिपीड़ितः कर्मबन्धनः।।*

🌷 *वैशाख मास के अंतिम ३ दिन दिलायें महापुण्य पुंज* 🌷

🙏🏻 *‘स्कंद पुराण’ के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में अंतिम ३ दिन, (29 अप्रैल से 01 मई तक) त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं | इनका नाम ‘ पुष्करिणी ’ हैं, ये सब पापों का क्षय करनेवाली हैं | जो सम्पूर्ण वैशाख मास में ब्राम्हमुहूर्त में पुण्यस्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन ३ तिथियों में भी उसे करे तो वैशाख मास का पूरा फल पा लेता है |*

🙏🏻 *वैशाख मास में लौकिक कामनाओं का नियमन करने पर मनुष्य निश्चय ही भगवान विष्णु का सायुज्य प्राप्त कर लेता है | जो वैशाख मास में अंतिम ३ दिन ‘गीता’ का पाठ करता है, उसे प्रतिदिन अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है | जो इन तीनों दिन ‘श्रीविष्णुसहस्रनाम’ का पाठ करता है, उसके पुण्यफल का वर्णन करने में तो इस भूलोक व स्वर्गलोक में कौन समर्थ है | अर्थात् वह महापुण्यवान हो जाता है |*

🙏🏻 *जो वैशाख के अंतिम ३ दिनों में ‘भागवत’ शास्त्र का श्रवण करता है, वह जल में कमल के पत्तों की भांति कभी पापों में लिप्त नहीं होता | इन अंतिम ३ दिनों में शास्त्र-पठन व पुण्यकर्मों से कितने ही मनुष्यों ने देवत्व प्राप्त कर लिया और कितने ही सिद्ध हो गये | अत: वैशाख के अंतिम दिनों में स्नान, दान, पूजन अवश्य करना चाहिये

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*बोलो जय जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम जय भोले नाथ आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे रुद्र अवतार बजरंगबली हनुमान*🙏

1 week ago | [YT] | 32

Pious Astro

*या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता नमोनमो नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🚩 सनातन पंचांग
🚩🚩 🚩🚩
🌤️ *दिनांक - 24 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी शाम 07:21 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - पुष्य रात्रि 08:14 तक तत्पश्चात अश्लेशा*
🌤️ *योग - शूल 25 अप्रैल रात्रि 01:24 तक तत्पश्चात गण्ड*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:01 से दोपहर 12:37 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:59*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*

🚩
🌷 *तुलसी के बीज का चमत्कार* 🌷

➡ *तुलसी के बीज पीसकर रखो । एक चुटकी बीज रात को भिगा दो । सुबह खा लो । इससे ....*

🌿 *पेट की तकलीफ़ भागेगी|*
🌿 *यादशक्ति बढेगी ।*
🌿 *बुढ़ापे की कमजोरी से बचोगे ।*
🌿 *heart attack नहीं होगा ।*
🌿 *High Blood Pressure भी नहीं होगा ।*


🚩
🌷 *वास्तु शास्त्र*

🏡 *यदि घर में लक्ष्मीजी की फोटो लगानी हो तो ऐसी फोटो लगाए, जिसमें वे बैठी हुई हों। जिस फोटो में लक्ष्मीजी खड़ी हुई दिखाई देती हैं, वह फोटो घर में लगाने से बचना चाहिए।*

🚩
🌷 *भूख नहीं लगती हो तो* 🌷

🍲 *भूख नहीं लगती है मजबूत बनना है तो-आंवले का रस, अदरक का रस, पुदीने का रस और शक्कर मिलाकर पी लो, टानिक बनती है | स्वास्थ्य बढ़िया रहता है |*

🚩
🌞
*बोलो जय जय सीतारामश्री राधे राधेश्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे बजरंगबली हनुमान* 🌹🌹🙏🌹🌹

2 weeks ago | [YT] | 29

Pious Astro

*ॐ विष्णवे नमः ॐनमो भगवते वासुदेवाय*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹 
🚩 * सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 23 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - सप्तमी रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 08:57 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - धृति 24 अप्रैल रात्रि 03:32 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:13 से शाम 03:49 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:59*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री गंगा सप्तमी, श्री गंगा जयंती,निंब सप्तमी, गुरू पुष्यामृत योग (रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक)*

💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

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🌷 *पुष्य नक्षत्र योग* 🌷

➡ *23 अप्रैल 2023 गुरुवार को रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक गुरुपुष्यमृत योग है ।*

🙏🏻 *१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले –*
*ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |...... ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |*

🚩

🌷 *गंगा जयंती महत्व* 🌷

➡ *23 अप्रैल 2026 गुरूवार को श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) है ।*

🙏🏻 *गंगा जयंती हिन्दुओं का एक प्रमुख पर्व है | वैशाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है |*

🙏🏻 *गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से सात्त्विकता और पुण्यलाभ प्राप्त होता है | वैशाख शुक्ल सप्तमी का दिन संपूर्ण भारत में श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है यह तिथि पवित्र नदी गंगा के पृथ्वी पर आने का पर्व है गंगा जयंती | स्कन्दपुराण, वाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में गंगा जन्म की कथाi वर्णित है |*

🙏🏻 *भारत की अनेक धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रूप में दर्शाया गया है | अनेक पवित्र तीर्थस्थल गंगा नदी के किनारे पर बसे हुये हैं | गंगा नदी को भारत की पवित्र नदियों में सबसे पवित्र नदी के रूप में पूजा जाता है | मान्यता है कि गंगा में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है | लोग गंगा के किनारे ही प्राण विसर्जन या अंतिम संस्कार की इच्छा रखते हैं तथा मृत्यु पश्चात गंगा में अपनी राख विसर्जित करना मोक्ष प्राप्ति के लिये आवश्यक समझते हैं | लोग गंगा घाटों पर पूजा अर्चना करते हैं और ध्यान लगाते हैं |*

🙏🏻 *गंगाजल को पवित्र समझा जाता है तथा समस्त संस्कारों में उसका होना आवश्यक माना गया है | गंगाजल को अमृत समान माना गया है | अनेक पर्वों और उत्सवों का गंगा से सीधा संबंध है मकर संक्राति, कुंभ और गंगा दशहरा के समय गंगा में स्नान, दान एवं दर्शन करना महत्त्वपूर्ण समझा माना गया है | गंगा पर अनेक प्रसिद्ध मेलों का आयोजन किया जाता है | गंगा तीर्थ स्थल सम्पूर्ण भारत में सांस्कृतिक एकता स्थापित करता है गंगा जी के अनेक भक्ति ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें श्रीगंगासहस्रनामस्तोत्रम एवं गंगा आरती बहुत लोकप्रिय हैं |*

🌷 *गंगा जन्म कथा* 🌷

🙏🏻 *गंगा नदी हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और अनेक धर्म ग्रंथों में गंगा के महत्व का वर्णन प्राप्त होता है | गंगा नदी के साथ अनेक पौराणिक कथाएँ जुड़ी हुई हैं जो गंगा जी के संपूर्ण अर्थ को परिभाषित करने में सहायक है | इसमें एक कथा अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीनों की बूँदों से हुआ गंगा के जन्म की कथाओं में अतिरिक्त अन्य कथाएँ भी हैं | जिसके अनुसार गंगा का जन्म ब्रह्मदेव के कमंडल से हुआ |*

🙏🏻 *एक मान्यता है कि वामन रूप में राक्षस बलि से संसार को मुक्त कराने के बाद ब्रह्मदेव ने भगवान विष्णु के चरण धोए औरk इस जल को अपने कमंडल में भर लिया और एक अन्य कथा अनुसार जब भगवान शिव ने नारद मुनि, ब्रह्मदेव तथा भगवान विष्णु के समक्ष गाना गाया तो इस संगीत के प्रभाव से भगवान विष्णु का पसीना बहकर निकलने लगा जिसे ब्रह्मा जी ने उसे अपने कमंडल में भर लिया और इसी कमंडल के जल से गंगा का जन्म हुआ था |*

🌷 *गंगा जयंती महत्व* 🌷

🙏🏻 *शास्त्रों के अनुसार बैशाख मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही गंगा स्वर्ग लोक से शिव शंकर की जटाओं में पहुंची थी इसलिए इस दिन को गंगा जयंती और गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है | जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन ‘गंगा दशहरा’ (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है | गंगा जयंती के दिन गंगा पूजन एवं स्नान से रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों का क्षय होता है| मान्यता है कि इस दिन गंगा पूजन से मांगलिक दोष से ग्रसित जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होता है| विधिविधान से गंगा पूजन करना अमोघ फलदायक होता है |*

🙏🏻 *पुराणों के अनुसार गंगा विष्णु के अँगूठे से निकली हैं, जिसका पृथ्वी पर अवतरण भगीरथ के प्रयास से कपिल मुनि के शाप द्वारा भस्मीकृत हुए राजा सगर के 60,000 पुत्रों की अस्थियों का उद्धार करने के लिए हुआ था तब उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने घोर तपस्या कर माता गंगा को प्रसन्न किया और धरती पर लेकर आए । गंगा के स्पर्श से ही सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार संभव हो सका इसी कारण गंगा का दूसरा नाम भागीरथी पड़ा
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*बोलो जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे बजरंगबली हनुमान*
🌹🌹🙏🌹🌹

2 weeks ago | [YT] | 27

Pious Astro

‌ *श्री गणेसहाय नमः‌🌹🌹🙏🌹🌹*

🚩
🌤️ *दिनांक - 22 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - षष्ठी रात्रि 10:49 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - आर्द्रा रात्रि 10:13 तक तत्पश्चात पुनर्वसु*
🌤️ *योग - अतिगण्ड सुबह 09:08 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:37 से दोपहर 02:13 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:59*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

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🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷

➡️ *23 अप्रैल 2026 गुरुवार को रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक गुरुपुष्यामृत योग है।*

🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखे

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🌷 *धन और स्वास्थ्य की कमी दूर करने के लिए* 🌷

🙏🏻 *जिन लोगों के घर में धन और स्वास्थ्य सम्बन्धी कमी का एहसास नित्य होता है, पैसों की भी कमी रहती है और स्वास्थ्य में भी कभी कोई बीमार तो कभी कोई बीमार रहता हो उनके लिए पद्म पुराण में बताया है- वैशाख मास का एक प्रयोग | वैशाख मास की बहुत महिमा बताई है | वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को पद्म पुराण में उसको शर्करा सप्तमी कहा गया है और वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि इस बार 23 अप्रैल 2026 गुरूवार को है। इस दिन पानी में सफ़ेद तिल मिलाकर भगवन्नाम सुमिरन करते हुए स्नान करें | फिर सूर्य भगवान की ओर मुख करके सूर्यदेव और माँ गायत्री को प्रणाम करें | सूर्य भगवान को इन मंत्रों से प्रणाम करें-*

🌷 *ॐ नम: सवित्रे | ॐ नम: सवित्रे | ॐ नम: सवित्रे |*
*विश्व देव मयो यस्मात वेदवादी ति पठ्यसे |*
*त्वमेवा मृतसर्वस्व मत: पाहि सनातन ||*

🌞 *ये मंत्र बोलकर सूर्यनारायण को व अन्य देवों को मन ही मन प्रणाम करें | अर्घ्य तो देते ही हैं | सूर्य भगवान को जो अर्घ्य ना दें वो आदमी हिंदू कहलाने के लायक नहीं है |*

➡ *ये कर लिया फिर दूसरे दिन को हो सके तो अपने हाथों से दूध चावल की खीर बनाकर उसमें थोड़ा घी डालकर.. थोड़ा-सा भले ज्यादा ना डाल सके एक चम्मच डाल दें और किसी को .. १-२ व्यक्तियों को खिला दें | कोई ब्राह्मण हो, कोई साधू-महात्मा हो | खीर के साथ थोड़ा रोटी सब्जी दे दें किसी १ व्यक्ति को भी ।*

🙏🏻 *अगर ब्राह्मण न मिले, कोई साधू ना मिले तो छोटी बच्चियों को खिला दें | कन्या को खिला दो तो भी अच्छा है | ऐसा करने से ऐश्वर्य और आरोग्य दोनों की वृद्धि होती है |*

🙏🏻 *वैशाख शुक्ल सप्तमी को ही सुख और आरोग्य की वृद्धि के लिए पद्म पुराण में इस सप्तमी को 'कमल सप्तमी' भी कहा गया है | हो सके तो उस दिन १ कमल का फूल मिल जाये तो लोटे में जल भरा और कमल का पुष्प लोटे में डाल दिया और सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया | कमल ना मिले तो कमल की जगह अक्षत भी डाल सकते हैं | कुम - कुम वाले अक्षत कर लिए और लोटे में डाल दिए क्योंकि वैदिक कर्मकांड में जो भी वस्तु उपलब्ध ना हो उस स्थान पर अक्षत लेने का विधान है | ये अपने देश के ग्रंथो की बड़ी दया है हम पर | ग्रंथो के रचयिता भगवान वेदव्यासजी की भी बड़ी कृपा है हम पर | इस तीर्थ धाम में हम भगवान वेदव्यासजी को भी बार-बार प्रणाम करते हैं | तो कमल ना मिला तो चावल तोष सबके घर में होते ही है | कुम -कुम वाले चावल लोटे में डाल दिए और सूर्य भगवान को जल देते समय ये मंत्र बोलेंगे, साथ में सब बोलना -*

🌷 *नमस्ते पद्म हस्ताय नमस्ते विश्व धारणे ||*
*दिवाकर नमस्तुभ्यम प्रभाकर नमोस्तुते ||*

➡ *वैशाख शुक्ल सप्तमी का खूब-खूब फायदा उठाइये और उस दिन जप भी खूब करिये गुरु मंत्र का |*

🙏🏻 *भविष्योत्तर पुराण में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी को 'निम्ब सप्तमी' भी कहते हैं | उस दिन सूर्य देव को प्रणाम करके नीम् के पत्ते भी खाएं तो रोगों से मुक्ति प्राप्त होती है | जिनके शरीर में बीमारियाँ रहती हो पेट की, सिर दर्द की कोई भी तकलीफ रहती हो और वो कमबख्त मिट नहीं रही है, बड़ा परेशान कर रही है वो तकलीफ तो आप नीम के पत्ते वैशाख शुक्ल सप्तमी को सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर प्रणाम करके फिर ये मंत्र बोलते हुए नीम के पत्ते खाएं । ये मंत्र बोलकर नीम के पत्ते खाने से आरोग्य की प्राप्ति हो सकती है हम दृढता से करें -*

👉🏻 *आजकल लोग अंग्रेजी बडबड करते हैं पर देव भाषा संस्कृत है | वो घर में बोली जानी चाहिए थी पर अब संस्कृत में आप और हम नहीं बोल सकते तो कम से कम ये संस्कृत के वैदिक-पौराणिक मंत्र बोलते हुए ये नियम करें तो घर में भी सुख-शांति बढती है |*

🌷 *निम्ब पल्लव भद्रनते सुभद्रं तेस्तुवई सदा |*
*ममापि कुरु भद्रं वै त्राशनाद रोगा: भव ||*

🌿 *ये बोलकर नीम के पत्ते खा लेना | कोमल-कोमल धो कर खाना और उस दिन हो सके तो रात को पलंग पर नहीं धरती पर बिस्तर बिछाकर कम्बल आदि बिछाकर उस पर आराम करना| जिनको कोई भी रोग है वो यह करें |

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*बोलो जय जय सीताराम श्रीराधे-राधे श्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे संकट मोचन हनुमान*
🌹🌹🙏🌹🌹

2 weeks ago | [YT] | 31

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमःश्री हनुमते नमो नमः*
🚩🚩🙏🏻🚩🚩
सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 21 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - पंचमी 22 अप्रैल रात्रि 01:19 तक तत्पश्चात षष्ठी*
🌤️ *नक्षत्र - मृगशिरा रात्रि 11:58 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग - शोभन दोपहर 12:31 तक तत्पश्चात अतिगण्ड*
🌤️*राहुकाल - शाम 03:49 से शाम 05:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:16*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:58*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - पंचमी को बेलढ खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *पापनाशिनी, पुण्यप्रदायिनी गंगा* 🌷

➡ *23 अप्रैल 2026 गुरूवार को श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) है ।*

🙏🏻 *जैसे मंत्रों में ॐकार, स्त्रियों में गौरीदेवी, तत्त्वों में गुरुतत्त्व और विद्याओं में आत्मविद्या उत्तम है, उसी प्रकार सम्पूर्ण तीर्थों में गंगातीर्थ विशेष माना गया है। गंगाजी की वंदना करते हुए कहा गया हैः*

🌷 *संसारविषनाशिन्यै जीवनायै नमोऽस्तु ते।*
*तापत्रितयसंहन्त्र्यै प्राणेश्यै ते नमो नमः।।*

🙏🏻 *'देवी गंगे ! आप संसाररूपी विष का नाश करने वाली हैं । आप जीवनरूपा है। आप आधिभौतिक, आधिदैविक और आध्यात्मिक तीनों प्रकार के तापों का संहार करने वाली तथा प्राणों की स्वामिनी हैं । आपको बार-बार नमस्कार है।'(स्कंद पुराण, काशी खं.पू. 27.160)*

🙏🏻 *जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन 'गंगा दशहरा' (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है। इन दिनों में गंगा जी में गोता मारने से विशेष सात्त्विकता, प्रसन्नता और पुण्यलाभ होता है। वैशाख, कार्तिक और माघ मास की पूर्णिमा, माघ मास की अमावस्या तथा कृष्णपक्षीय अष्टमी तिथि को गंगास्नान करने से भी विशेष पुण्यलाभ होता है।*


🌷 *गंगा स्नान का फल* 🌷

➡️ *23 अप्रैल 2026 गुरूवार को श्री गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) है ।*

🙏🏻 *"जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।" (पद्म पुराण , उत्तर खंड)*


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*बोलो जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम आपकी मनोकामना पूरी करेंगे बालाजी*
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2 weeks ago | [YT] | 29

Pious Astro

🚩🚩🚩🚩
*सनातन पंचांग*
🌤️ *दिनांक - 20 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - ग्रीष्म ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - तृतीया सुबह 07:27 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र - रोहिणी 21 अप्रैल रात्रि 02:08 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग - सौभाग्य शाम 04:11 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल - सुबह 07:51 से सुबह 09:27 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:58*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी, चतुर्थी क्षय तिथि,ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ*

💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

*सनातन पंचांग*
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🌷 *ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य – सुरक्षा* 🌷

➡ *20 अप्रैल 2026 सोमवार से ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ ।*

☀ *ग्रीष्म ऋतु में शरीर का जलीय व स्निग्ध अंश घटने लगता है | जठराग्नि व रोगप्रतिकारक क्षमता भी घटने लगती है | इससे उत्पन्न शारीरिक समस्याओं से सुरक्षा हेतु नीचे दी गयी बातों का ध्यान रखें –*

🌤 *१] ग्रीष्म ऋतु में जलन, गर्मी, चक्कर आना, अपच, दस्त, नेत्रविकार ( आँख आना / Conjunctivitis ) आदि समस्याएँ अधिक होती हैं | अत: गर्मियों में घर में बाहर निकलते समय लू से बचने के लिए सिर पर कपड़ा बाँधे अथवा टोपी पहने तथा एक गिलास पानी पीकर निकलें | जिन्हें दोपहिया वाहन पर बहुत लम्बी मुसाफिरी करनी हो वे जेब में एक प्याज रख सकते हैं |*

🌤 *२] उष्ण से ठंडे वातावरण में आने पर १० – १५ मिनट तक पानी न पियें | धूप में से आने पर तुंरत पूरे कपड़े न निकालें, कूलर आदि के सामने भी न बैठें | रात को पंखे, एयर – कंडिशनर अथवा कूलर की हवा में सोने की अपेक्षा हो सके तो छत पर अथवा खुले आँगन में सोयें | यह सम्भव न हो तो पंखे, कूलर आदि की सीधी हवा न लगे इसका ध्यान रखें |*

🌤 *३] इस मौसम में दिन में कम – से – कम ८ – १० गिलास पानी पियें | प्रात: पानी – प्रयोग ( रात का रखा हुआ आधा से डेढ़ गिलास पानी सुबह सूर्योदय से पूर्व पीये ) भी | पानी शरीर के जहरी पदार्थों(toxins) को बाहर निकालकर त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है |*

🌤 *४] मौसमी फल या उनका रस व ठंड़ाई, नींबू की शिकंजी, पुदीने का शर्बत , गन्ने का रस, गुड का पानी आदि का सेवन लाभदायी है | गर्मियों में दही लेना मना है और दूध, मक्खन, खीर विशेष सेवनीय हैं |*

🌤 *५] आहार ताजा व सुपाच्य लें | भोजन में मिर्च, तेल, गर्म मसाले आदि का उपयोग कम करें | खमीरीकृत(fermented) पदार्थ, बासी व्यंजन बिल्कुल न लें | कपड़े सूती, सफेद या हल्के रंग के तथा ढीले – ढाले हों | सोते समय मच्छरदानी आदि का प्रयोग अवश्य करें |*

🌤 *६] गर्मियों में फ्रीज का ठंडा पानी पीने से गले, दाँत, आमाशय व आँतो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | मटके या सुराही का पानी पीना निरापद है ( किंतु बिनजरूरी या प्यास से अधिक ठंडा पानी पीने से जठराग्नि मंद होती है ) |*

🌤 *७] इन दिनों में छाछ का सेवन निषिद्ध है | अगर लेनी ही हो तो ताज़ी छाछ में मिश्री, जीरा, पुदीना, धनिया मिलाकर लें |*

🌤 *८] रात को देर तक जागना, सुबह देर तक सोना, अधिक व्यायाम, अधिक परिश्रम, अधिक उपवास तथा स्त्री – सहवास - ये सभी इस ऋतु में वर्जित हैं |*


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*बोलो जय जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम जय भोले नाथ आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे श्री राम भक्त हनुमान*
🌹🌹🙏🌹🌹

2 weeks ago | [YT] | 31

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमःॐ सूर्यो देवाय नमः*
🌹🌹🙏🌹🌹
*सनातन पंचांग*
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🌤️ *दिनांक - 19 अप्रैल 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत -1948*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - वैशाख*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वितीया सुबह 10:49 तक तत्पश्चात तृतीया*
🌤️ *नक्षत्र - भरणी सुबह 07:10 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
🌤️ *योग - आयुष्मान रात्रि 08:02 तक तत्पश्चात सौभाग्य*
🌤️*राहुकाल - शाम 05:24 से शाम 06:59 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:58*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- अक्षय तृतीया, पूरा दिन शुभ मुहूर्त), अखा तीज,त्रेता युगादि तिथि*

💥 *विशेष - द्वितीया को बृहती (छोटा  बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩

🌷 *अक्षय तृतीया* 🌷

➡️ *19 अप्रैल 2026 रविवार को अक्षय तृतीया हो।*

🙏🏻 *'अक्षय' शब्द का मतलब है- जिसका क्षय या नाश न हो। इस दिन किया हुआ जप, तप, ज्ञान तथा दान अक्षय फल देने वाला होता है अतः इसे 'अक्षय तृतीया' कहते हैं। भविष्यपुराण, मत्स्यपुराण, पद्मपुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण, स्कन्दपुराण में इस तिथि का विशेष उल्लेख है। इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं, उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। इस दिन सभी देवताओं व पित्तरों का पूजन किया जाता है। पित्तरों का श्राद्ध कर धर्मघट दान किए जाने का उल्लेख शास्त्रों में है। वैशाख मास भगवान विष्णु को अतिप्रिय है अतः विशेषतः विष्णु जी की पूजा करें।*
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*स्कन्दपुराण के अनुसार, जो मनुष्य अक्षय तृतीया को सूर्योदय काल में प्रातः स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करके कथा सुनते हैं, वे मोक्ष के भागी होते हैं। जो उस दिन मधुसूदन की प्रसन्नता के लिए दान करते हैं, उनका वह पुण्यकर्म भगवान की आज्ञा से अक्षय फल देता है।*

🙏🏻 *भविष्यपुराण के मध्यमपर्व में कहा गया है वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया में गंगाजी में स्नान करनेवाला सब पापों से मुक्त हो जाता है | वैशाख मास की तृतीया स्वाती नक्षत्र और माघ की तृतीया रोहिणीयुक्त हो तथा आश्विन तृतीया वृषराशि से युक्त हो तो उसमें जो भी दान दिया जाता है, वह अक्षय होता है | विशेषरूप से इनमें हविष्यान्न एवं मोदक देनेसे अधिक लाभ होता है तथा गुड़ और कर्पूर से युक्त जलदान करनेवाले की विद्वान् पुरुष अधिक प्रंशसा करते हैं, वह मनुष्य ब्रह्मलोक में पूजित होता है | यदि बुधवार और श्रवण से युक्त तृतीया हो तो उसमें स्नान और उपवास करनेसे अनंत फल प्राप्त होता हैं |*

🌷 *अस्यां तिथौ क्षयमुर्पति हुतं न दत्तं ।*
*तेनाक्षयेति कथिता मुनिभिस्तृतीया ।*
*उद्दिश्य दैवतपितृन्क्रियते मनुष्यै: ।*
*तत् च अक्षयं भवति भारत सर्वमेव ।।*

🙏🏻 *अर्थ : भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठरसे कहते हैं, हे राजन इस तिथि पर किए गए दान व हवन का क्षय नहीं होता है; इसलिए हमारे ऋषि-मुनियोंने इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहा है । इस तिथि पर भगवानकी कृपादृष्टि पाने एवं पितरोंकी गतिके लिए की गई विधियां अक्षय-अविनाशी होती हैं ।*


*बोलो जय जय सीताराम श्रीराधे राधे श्याम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे श्री राम भक्त हनुमान*
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2 weeks ago | [YT] | 33