This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,
Pious Astro
ॐश्री गणेशाय नमःॐ सूर्यो देवाय नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
*🌞दिनांक - 15 मार्च 2026*
*⛅दिन - रविवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - एकादशी सुबह 09:16 तक तत्पश्चात् द्वादशी*
*⛅नक्षत्र - श्रवण प्रातः 05:56 मार्च 16 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा*
*⛅योग - पारिघ सुबह 10:25 तक तत्पश्चात् शिव*
*⛅राहुकाल - शाम 05:06 से शाम 06:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:36*
*⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:00 से प्रातः 05:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:11 से मध्यरात्रि 12:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - पापमोचनी एकादशी, षडशीति - मीन संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:36 तक), सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 04:49 से प्रातः 06:36 तक)*
*🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई) खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹*
*🔸1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।*
*🔸2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।*
*🔸हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
*राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।*
*सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।*
*एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
*🔸3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।*
*🔸4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।*
*🔸5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।*
*🔸6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) - इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) - इनका सेवन न करें ।*
*🔸7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।*
*🔸8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।*
*🔸9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।*
*🔸10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।*
*🔸11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।*
*🔸12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।*
*🔸13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।*
*🔸14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।*
*🌞मेरे श्रीराम आए है तो द्वारिकाधीश भी आयेंगे🌞*
*जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹
21 hours ago | [YT] | 23
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमःया देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता नमस्तस्य नमस्तस्य नमस्तस्य नमस्तस्य नमो नमः*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🌤️ *दिनांक - 13 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - दशमी पूर्ण रात्रि तक*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाषाढा 14 मार्च रात्रि 03:03 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग - व्यतीपात सुबह 10:32 तक तत्पश्चात वरीयान*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:17 से दोपहर 12:47 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:50*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:46*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष -
🌷 *एकादशी व्रत के लाभ* 🌷
➡️ *14 मार्च 2026 शनिवार को सुबह 08:10 से 15 मार्च, रविवार को सुबह 09:16 तक एकादशी है।*
💥 *विशेष - 15 मार्च, रविवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*
🙏🏻 *जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।*
🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🙏🏻 *धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।*
🙏🏻 *कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।*
🙏🏻 *परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
🌷 *एकादशी के दिन करने योग्य* 🌷
🙏🏻 *एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें 👉🏻 विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l*
🌷 *एकादशी के दिन ये सावधानी रहे* 🌷
🙏🏻 *महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है... तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है...
*जय जय सीताराम श्रीराधे राधेश्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹
2 days ago | [YT] | 26
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमःॐ विष्णवे नम:*
🌹🌹🙏🌹🌹
🌤️ *दिनांक - 12 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी 13 मार्च सुबह 06:28 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल रात्रि 12:43 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - सिद्धि सुबह 09:59 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:17 से शाम 03:46 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:51*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:45*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *अशांति मिटाने का उपाय* 🌷
🐄 *गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l*
🌷 *दरिद्रता दूर करने का उपाय* 🌷
🌞 *सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें।*
🐄 *चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें ।*
👉🏻 *इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।*
👉🏻 *ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही*
🌷 *घर के झगड़े शांत करने का उपाय* 🌷
🏡 *घर में झगड़े होते तो एक लोटा पानी लेकर रात को सोते समय पलंग के नीचे रखो और दूसरे दिन सुबह वो पानी घर में छाँटो और पीपल को सींच दो, घर के झगड़े खत्म होगे ।*
*जय जय सीताराम श्रीराधेराधे श्याम*
🌹🌹🙏🌹🌹
3 days ago | [YT] | 20
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Pious Astro
*ॐश्री गणेसहाय नमः जय जय सीताराम*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
*🌞दिनांक - 11 मार्च 2026*
*⛅दिन - बुधवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2082*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - अष्टमी प्रातः 04:19 मार्च 12 तक तत्पश्चात् नवमी*
*⛅नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 10:00 तक तत्पश्चात् मूल*
*⛅योग - वज्र प्रातः 09:12 तक तत्पश्चात् सिद्धि*
*⛅राहुकाल - दोपहर 12:37 से दोपहर 02:06 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅सूर्योदय - 06:40*
*⛅सूर्यास्त - 06:34 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में*
*⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:03 से प्रातः 05:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं*
*⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:12 से मध्यरात्रि 01:01 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)*
*🌥️व्रत पर्व विवरण - शीतला अष्टमी, कालाष्टमी, बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से प्रातः 04:19 मार्च 12 तक)*
*🌥️विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🔹अमृततुल्य गोदुग्ध के अनुपम लाभ (भाग-१)🔹*
*🔸भारतीय नस्ल की गाय के दूध को क्यों कहा गया है अमृत ? क्या कारण है कि चिकित्सक इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए पौष्टिक भोजन के रूप में तथा विभिन्न रोगों से रक्षा के लिए सेवन करने का सुझाव देते हैं ? स्वस्थ शरीर, प्रसन्न मन व तेजस्वी बुद्धि के लिए क्यों आवश्यक माना जाता है यह दूध ?*
*🔸क्यों यह माँ के दूध के बाद बच्चों के लिए सबसे प्रशस्त माना गया है ? इस दूध की कुछ विशेषताएँ :*
*🔸(१) इसमें ऐसे अनुपम गुण होते हैं कि इसे खाद्य पदार्थों में उत्तम माना जाता है । खाद्य पदार्थों को पचाने में जितनी ऊर्जा व्यय होती है उससे कम ऊर्जा इसे पचाने में व्यय होती है । इसे शरीर की सभी धातुओं की वृद्धि करनेवाला मधुर रस भी कहा गया है ।*
*🔸(२) यह आहारमात्र नहीं है, आयुर्वेद में इसे प्रकृति-प्रदत्त रसायन (टॉनिक) माना गया है जो दुर्बल तथा रोगियों को नवजीवन प्रदान करता है ।*
*🔸(३) यह पोषक तत्त्वों से भरपूर व सात्त्विक होने से माँ के दूध के बाद बच्चों के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है । बालकों के शरीर को अच्छी तरह पोषित करता है और उन्हें तंदुरुस्त बनाता है ।*
*🔸(४) ओज के दस गुणों से युक्त होने से यह जीवनीय शक्ति को बढ़ानेवाले द्रव्यों में सबसे श्रेष्ठ है । रोगी मनुष्य को सबल और पुष्ट करता है तथा वृद्धावस्था को दूर रखता है ।*
*🔸(५) मस्तिष्क और ज्ञानतंतुओं को पोषण देकर बुद्धि, स्मृति, बल तथा स्फूर्ति बढ़ाने में यह बेजोड़ है ।*
*🔸(६) यह वात-पित्तजनित रोगों का शमन करता है ।क्षयरोग (T.B.), पुराना बुखार, पेट के रोग, योनिरोग, मूत्रकृच्छ (पेशाब में जलन एवं रुकावट), रक्तपित्त (शरीर के किसी भाग से खून निकलना), भूख-प्यास की अधिकता, मानसिक रोग तथा थकान को दूर करने वाला है ।*
*🔸(७) बालक, वृद्ध तथा कम वजन एवं प्रदीप्त जठराग्नि वाले व्यक्तियों को इसका सेवन अत्यंत हितकर है । इससे शीघ्र ही वीर्य की वृद्धि होती है और वीर्य गाढ़ा होता है ।*
*🔸(८) इसके नित्य सेवन से शरीर के विकास के लिए आवश्यक विटामिन ए, बी १, बी २, बी ३, बी ६, बी १२ एवं डी के साथ कैल्शियम, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस एवं पोटैशियम आदि खनिज तत्त्वों की पूर्ति सहजता से हो जाती है ।*
*🔸(९) इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत होती है । प्रोटीन शरीर में नयी कोशिकाओं का निर्माण करके शरीर की वृद्धि एवं विकास करने में सहायक है ।*
*🔸जिन्हें कफ की समस्या है उन्हें कफ-शमन हेतु दूध में २-३ काली मिर्च तथा आधा से एक ग्राम सोंठ का चूर्ण मिला के सेवन करना विशेष लाभकारी है ।*
*🔸गाय का दूध सात्त्विक होने से बुद्धि अच्छे विचार तथा अच्छे कर्मों की ओर प्रवृत्त होती है । इससे परिशुद्ध भावना उत्पन्न होती रहती है । इन सभी गुणों के कारण इसे 'धरा का अमृत' कहा जाता है । इसलिए मनुष्यों को नित्य गाय के शुद्ध दूध का सेवन करना चाहिए ।*
*🔹सावधानी : नया बुखार, त्वचा रोग, दस्त, कृमि, गठिया तथा दमा (asthma), खाँसी आदि कफ-संबंधी एवं आमजनित समस्याओं में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए
*बोलो जय सीताराम श्रीराधे-राधे श्याम*
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4 days ago | [YT] | 26
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमःहर हर महादेव शिव शंभू*
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🌤️ *दिनांक - 09 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - षष्ठी रात्रि 11:27 तक तत्पश्चात सप्तमी*
🌤️ *नक्षत्र - विशाखा शाम 04:11 तक तत्पश्चात अनुराधा*
🌤️ *योग - व्याघात सुबह 07:36 तक तत्पश्चात हर्षण*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:21 से सुबह 09:50 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:53*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:44*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *बच्चों का रोना* 🌷
👦🏻 *रात को बच्चे उठकर रोते हैं तो दूध आदि पिलाकर/पिलाते हुए सिर पर हाथ घुमाते हुए गुरु मंत्र जप करें, तुलसी की माला पहनाये।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *ग्रहबाधा दूर करने का उपाय* 🌷
👉🏻 *शनि, राहू-केतु आदि ग्रहों के दोष-निवारण के लिए प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को अपने हाथ से आटे की लोई गुड़सहित प्रेमपूर्वक किसी नंदी अथवा गाय को खिलायें | कैसी भी ग्रहबाधा हो, दूर हो जायेगी |*
🙏🏻 *लोककल्याण सेतु – अक्टूबर 2019*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें* 🌷
👉🏻 *जिसको स्वप्नदोष, धातु सम्बंधित तकलीफें हैं, उनके लिए सरल उपाय हैं, सूर्य-अस्त के बाद अँधेरा होने के पहले, पश्चिम (west) में एक ही तारा होता हैं- शुक्र का तारा , वहा चमकता हैं। उसको यह मंत्र बोले*
*हेमकुंदमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् |*
*सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम् ||*
🌷 *ॐ शुक्राय नमः*
🏡 *अगर घर पर हो तो दीपक भी दिखा दें नहीं तो सिर्फ़ मंत्र बोले. स्वप्नदोष, धातु की तकलीफों में बहुत लाभ होता हैं, शरीर में शुक्र मजबूत होता हैं ।*
💵 *कोई खर्चा नहीं हैं.कोई भी दिन कर सकते हैं। शुक्रवार को करो तो और अच्छा हैं ।*
👉🏻 *जिसको यह प्रॉब्लम हैं वे मानते हैं की यह ग़लत आदत हैं और यह मुझमे हैं। यह आदत आप में हैं तो आपसे अलग हैं। आप अपने को शुद्ध, बुध आत्मा जानो। इस तरह इससे बच सकते हों। दृढ विश्वास रखें।
🌞
*बोलो जय सीताराम श्री राधे राधे श्याम जय भोले नाथ*🙏
6 days ago | [YT] | 24
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Pious Astro
ॐश्री गणेशाय नमःॐ सूर्यो देवाय नमः
🌹🌹🙏🏻🌹🌹
🌤️ दिनांक - 08 मार्च 2026
🌤️ दिन - रविवार
🌤️ विक्रम संवत 2082
🌤️ शक संवत -1947
🌤️ अयन - उत्तरायण
🌤️ ऋतु - वसंत ॠतु
🌤️ मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)
🌤️ पक्ष - कृष्ण
🌤️ तिथि - पंचमी रात्रि 09:10 तक तत्पश्चात षष्ठी
🌤️ नक्षत्र - स्वाती दोपहर 01:31 तक तत्पश्चात विशाखा
🌤️ योग - ध्रुव सुबह 07:04 तक तत्पश्चात व्याघात
🌤️*राहुकाल - शाम 05:15 से शाम 06:46 तक*
🌤️ सूर्योदय - 06:54
🌤️ सूर्यास्त - 06:44
👉 दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे
🚩 व्रत पर्व विवरण- रंग पंचमी,विश्व महिला दिवस
💥 विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌷 भविष्य पुराण 🌷
🙏🏻 भविष्य पुराण में माना गया है कि हर इंसान को उसके शरीर, मन व बातों से किए गए पापों को भोगना पड़ता है। उसमें भी कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें महापाप माना गया है। आइए जानते हैं पांच ऐसे ही महापापों के बारे में जिन्हें करने वालों को नरक में सबसे ज्यादा यातनाएं झेलनी पड़ती है।
➡ ये हैं 5 सबसे बड़े पाप, इन्हें करने वालें को नर्क में मिलती है सबसे ज्यादा सजा
1⃣ अनीति का धन
किसी को ठग कर गलत काम कर या किसी के हिस्से की वस्तु को चुराकर धन एकत्रित करना और धन का दान न करने वाले को भी भविष्यपुराण में महापापी माना गया है।
2⃣ गुरु से धोखाधड़ी
गुरु मनुष्य को अच्छे-बुरे का ज्ञान देते है। गुरु को पिता के समान मानना चाहिए। गुरु के साथ कभी भी कंपट एवं धोखाधड़ी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ा पाप माना गया है। ऐसे इंसान को उसके पापों की सजा मिलती है।
3⃣ पशुओं पर अत्याचार
पशुओं पर अत्याचार करना, ब्राह्मण की हत्या या उसका अपमान करना, नौकरों से बुरा व्यवहार करने वाले मनुष्य को भी कुंभीपाक नाम के नर्क की यातना सहनी पड़ती है। इसलिए भुलकर भी ये महापाप नहीं करना चाहिए।
4⃣ शराब पीना
शराब में तीन प्रकार के पाप बताएँ गए है।स्त्री हो या पुरुष सभी को शराब व अन्य मादक पदार्थों से दुर रहना चाहिए।किसी भी तरह की शराब पीने से मनुष्य महापाप का भागी बन जाता है।
5⃣ चोरी करना
*जो मनुष्य दुसरों की वस्तु हड़पने या चुराने की कोशिश करता है, वह पापी माना गया है। चोरी करने वाले इंसान या ऐसे काम में साथ देने वाले को नर्क में दुःख भोगने पड़ते है।इसलिए मनुष्य को कभी भी ये महापाप नहीं करना चाहिए।
🌷 सफलता पाने हेतु 🌷
☺ सुबह उठो तो उससे थोड़ी देर विश्रांति पाकर प्रार्थना करके बाद में अपना जिस नथुने से श्वास चलता है वही हाथ मुंह को उसी तरफ घुमाकर वही पैर धरती पे रखोगे तो आपको कार्यों में भी सफलता की मदद मिलेगी.... विघ्न बाधाएँ आराम से टलेंगे । लेकिन ईश्वर केवल विघ्न बाधा टालने के लिए नहीं है ! ईश्वर तो पाने के लिये है ! आप सम्राट से चपरासी का काम ज्यादा दिन मत लेना।
1 week ago | [YT] | 30
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमःॐ ॐशं शनैश्चराय नमः बोलो जय सीताराम आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे हनुमान*🌞
🌤️ *दिनांक - 07 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी शाम 07:17 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - चित्रा सुबह 11:15 तक तत्पश्चात स्वाती*
🌤️ *योग - ध्रुव पूर्ण रात्रि तक*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:51 से सुबह 11:20 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:55*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:44*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *स्वास्थ्यप्रद दोहे* 🌷
👉🏻 *चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे । ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे ॥ पोषक तत्त्व से पूर्ण है, पका पपीता फल । जो खावे नित नियम से, कड़ा न होवे मल ।।*
➡️ *२०-२५ दिन नीम के २५-३० कोमल पत्ते और १-२ काली मिर्च खानी चाहिए। षष्ठी तिथि को नीम के पत्ते नहीं खाने चाहिए ।*
🌷 *रंग पंचमी* 🌷
👉🏻 *हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष (गुजरात अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष) की पंचमी पर रंग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस साल 08 मार्च को रंग पंचमी पड़ रही है। रंग पंचमी के दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख -शांति व समृद्धि आती है। इस पावन दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रंग पंचमी का त्योहार नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता पाने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन लोग ज्योतिष शास्त्र में वर्णित कुछ उपाय करते हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में बरकत होती है। आइए जानते हैं रंग पंचमी के खास उपाय*
➡️ *1. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माता लक्ष्मी धन संपत्ति, ऐश्वर्य आदि की देवी हैं। पूजा के समय माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु को लाल गुलाल अर्पित करें। पूजा के समय कनकधरा स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है।*
➡️ *2. रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधिवत पूजा करें। इसके बाद उन्हें गुलाल अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होती हैं। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा करनी चाहिए।*
➡️ *3. रंग पंचमी के दिन एक पीले कपड़े में एक सिक्का और हल्दी की पांच गांठें बांधकर पूजा स्थल पर रख दें। फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करके एक घी का दीपक जलाएं। दीपक के शांत होने पर हल्दी और सिक्के की पोटली को तिजोरी में रखें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन- धान्य में वृद्धि होती है।*
➡️ *4. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी माना गया है। पूजा के समय माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई जैसे बर्फी, बताशा, मिश्री या खीर का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के प्रसन्न होने से परिवार में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।*
*जय जय सीताराम श्री राधे राधेश्याम* 🙏
1 week ago | [YT] | 34
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Pious Astro
*🙏🏻या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🙏🏻*
🌤️ *सनातन पंचांग दिनांक - 06 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - तृतीया शाम 05:53 तक तत्पश्चात चतुर्थी*
🌤️ *नक्षत्र - हस्त सुबह 09:29 तक तत्पश्चात चित्रा*
🌤️ *योग - गण्ड सुबह 07:06 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️*राहुकाल - सुबह 11:20 से दोपहर 12:49 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:56*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:43*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय : रात्रि 09:13)*
💥 *विशेष - तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो* 🌷
🏡 *घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग- बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें |*
👉🏻 *नित्य नियम के बाद मन-ही -मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग- पीड़ित के चारों तरफ गोल- गोल घुमाये |*
👉🏻 *कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें | ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है |*
🌷 *ज्योतिष ग्रंथ मुर्हूत चिंतामणि के अनुसार*🌷
🙏🏻 *हिंदू धर्म में दैनिक जीवन से जुड़ी भी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं। ऐसी ही एक मान्यता है नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाने से जुड़ी। माना जाता है कि सप्ताह के कुछ दिन ऐसे होते हैं जब नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाना हमारे धर्म ग्रंथों में शुभ नहीं माना गया है, जबकि इसके बिपरीत कुछ दिनों को इन कामों के लिए शुभ माना गया है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं शास्त्र ….*
👉🏻 *ज्योतिष ग्रंथ मुर्हूत चिंतामणि के अनुसार जानिए किस दिन नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाने से होता है क्या असर*
➡ *1. सोमवार*
*सोम का संबंध चंद्रमा से है इसलिए सोमवार को बाल या नाखून काटना मानसिक स्वास्थ्य व संतान के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है।*
➡ *2. मंगलवार*
*मंगलवार को बाल कटवाना व दाढ़ी बनाना उम्र कम करने वाला माना गया है।*
➡ *3. बुधवार*
*बुधवार के दिन नाखून और बाल कटवाने से घर में बरकत रहती है व लक्ष्मी का आगमन होता है।*
➡ *4. गुरुवार*
*गुरुवार को भगवान विष्णु का वार माना गया है। इस दिन बाल कटवाने से लक्ष्मी का नुकसान और मान-सम्मान की हानि होती है।*
➡ *5. शुक्रवार*
*शुक्र ग्रह को ग्लैमर का प्रतीक माना गया है। इस दिन बाल और नाखून कटवाना शुभ होता है। इससे लाभ, धन और यश मिलता है।*
➡ *6. शनिवार*
*शनिवार का दिन बाल कटवाने के लिए अशुभ होता है यह जल्दी मृत्यु का कारण माना जाता है।*
➡ *7. रविवार*
*रविवार को बाल कटवाना अच्छा नहीं माना जाता है। महाभारत के अनुशासन पर्व में बताया गया है कि ये सूर्य का वार है इससे धन, बुद्धि और धर्म का नाश होता है।*
*बोलो जय जय सीताराम श्री राधे राधेश्याम आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करेंगे श्री राम भक्त हनुमान* 🌹🌹🙏🌹🌹
1 week ago | [YT] | 29
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Pious Astro
*श्री गणेसहाय नमः बोलो जय सीताराम आपको मनवांछित फल देंगे बालाजी हनुमान*🌹🌹🌹🌹🌹
🌤️ *दिनांक - 04 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात- महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - प्रतिपदा शाम 04:48 तक तत्पश्चात द्वितीया*
🌤️ *नक्षत्र - पूर्वाफाल्गुनी सुबह 07:39 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी*
🌤️ *योग - धृति सुबह 08:52 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 12:51 से दोपहर 02:19 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:58*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:42*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- होली*
💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩
🌷 *चैत्र मास* 🌷
🙏🏻 *होली के तुरंत बाद चैत्र मास का प्रारंभ हो जाता है। चैत्र हिन्दू धर्म का प्रथम महीना है।*
👉🏻 *चित्रा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा (चित्रानक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र सः)।*
➡ *इस वर्ष 04 मार्च 2026 (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) चैत्र का आरम्भ होगा और गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार 19 मार्च से चैत्र मास प्रारंभ होगा । चैत्र मास को मधु मास के नाम से जाना जाता है।*
👉🏻 *इस मास में बसंत ऋतु का यौवन पृथ्वी पर देखने को मिलता है।*
👉🏻 *चैत्र में रोहिणी और अश्विनी शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है।*
🙏🏻 *महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार*
*“चैत्रं तु नियतो मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। सुवर्णमणिमुक्ताढ्ये कुले महति जायते।।”*
➡ *जो नियम पूर्वक रहकर चैत्रमास को एक समय भोजन करते बिताता है, वह सुवर्ण, मणि और मोतियों से सम्पन्न महान कुल में जन्म लेता है ।*
👉🏻 *चैत्र में गुड़ खाना मना बताया गया है। चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है।*
🙏🏻 *शिवपुराण के अनुसार चैत्र में गौ का दान करने से कायिक, वाचिक तथा मानसिक पापों का निवारण होता है .*
👉🏻 *देव प्रतिष्ठा के लिये चैत्र मास शुभ है।*
➡ *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का शुभारम्भ होता है। हिन्दू नववर्ष के चैत्र मास से ही शुरू होने के पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मदेव ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी।*
*ताकि सृष्टि निरंतर प्रकाश की ओर बढ़े।*
*चैत्रमासि जगद् ब्रह्मा स सर्वा प्रथमेऽवानि ।*
*शुक्ल पक्षे समग्रं तत - तदा सूर्योदय सति ।। (ब्रह्मपुराण)*
🙏🏻 *नारद पुराण में भी कहा गया है की चैत्रमास के शुक्लपक्ष में प्रथमदिं सूर्योदय काल में ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत की सृष्टि की थी।*
*चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससज प्रथमेऽहनि ।।*
*शुक्लपक्षे समग्रं वै तदा सूर्योदये सति ।।*
🙏🏻 *इसलिए खास है चैत्र*
*चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र में विष्कुम्भ योग में दिन के समय भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। “कृते च प्रभवे चैत्रे प्रतिपच्छुक्लपक्षगा ।* *रेवत्यां योग-विष्कुम्भे दिवा द्वादश-नाड़िका: ।।* *मत्स्यरूपकुमार्यांच अवतीर्णो हरि: स्वयम् ।।”*
🙏🏻 *चैत्र शुक्ल तृतीया तथा चैत्र पूर्णिमा मन्वरादि तिथियाँ हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है।*
➡ *भविष्यपुराण में चैत्र शुक्ल से विशेष सरस्वती व्रत का विधान वर्णित है ।*
➡ *चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्र मनाये जाते हैं जिसमें व्रत रखने के साथ माँ जगतजननी की पूजा का विशेष विधान है।*
➡ *चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है।*
➡ *युगों में प्रथम सत्ययुग का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से माना जाता है।*
➡ *मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को हुआ था।*
➡ *युगाब्द (युधिष्ठिर संवत) का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को माना जाता है।*
➡ *उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् का प्रारम्भ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को किया गया था।*
👉🏻 *चैत्र मास में ऋतु परिवर्तन होता है और हमारे आयुर्वेदाचार्यों ने इस मास को स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है।*
🌷 *पारिभद्रस्य पत्राणि कोमलानि विशेषत:। सुपुष्पाणि समानीय चूर्णंकृत्वा विधानत: ।*
*मरीचिं लवणं हिंगु जीरणेण संयुतम्। अजमोदयुतं कुत्वा भक्षयेद्रोगशान्तये ।*
🚩
🌞
*श्री राधे-राधे श्याम होली का यह पावन पर आपकी सभी रंग बिरंगी खुशियां बिखरती प्रफुल्लित करने वाली सभी इच्छाओं को पूर्ण करेगा बोलो जय सीताराम मेरे बालाजी हनुमान हर हर महादेव*
1 week ago | [YT] | 29
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Pious Astro
*ॐश्री गणेशाय नमः बोलो जय सीताराम हर हर महादेव*
🙏🏻
सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 02 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी शाम 05:55 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - अश्लेशा सुबह 07:51 तक तत्पश्चात मघा*
🌤️ *योग - अतिगण्ड दोपहर 12:19 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
🌤️*राहुकाल - सुबह 08:27 से सुबह 09:55 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:59*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:42*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- हुताशनी पूर्णिमा*
💥 *विशेष - चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री- सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *चंद्र ग्रहण मंत्र* 🌷
➡️ *03 मार्च 2026 मंगलवार को खग्रास चन्द्रग्रहण (भारत में दिखेगा, जहा दिखेगा वहा ग्रहण के नियम पालनीय हैं।)*
🌔 *जब भी चंद्र ग्रहण हो तो एक माला नीचे मंत्र की करें :-*
🌙 *मंत्र – ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: | .... ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: | .... ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *ग्रहण में क्या करें, क्या न करें* 🌷
🌘 *चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके 'ॐ नमो नारायणाय' मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है।*
🌘 *सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक 'अरुन्तुद' नरक में वास करता है।*
🌘 *सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं।*
🌘 *ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यंतआवश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव- पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं।*
🌘 *ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए। ग्रहण के स्नान में गरम जल की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडे जल में भी दूसरे के हाथ से निकाले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकाला हुआ, निकाले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ, (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा भी समुद्र का जल पवित्र माना जाता है।*
🌘 *ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।*
🌘 *ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन – ये सब कार्य वर्जित हैं।*
🌘 *ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।*
🌘 *ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सुअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए।*
🌘 *तीन दिन या एक दिन उपवास करके स्नान दानादि का ग्रहण में महाफल है, किन्तु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रान्ति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए।*
🌘 *भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- 'सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।'*
🌘 *ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम-जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है।*
🌘 *ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है। (स्कन्द पुराण)*
🌘 *भूकंप एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए।(देवी भागवत)*
🌘 *अस्त के समय सूर्य और चन्द्रमा को रोगभय के कारण नहीं देखना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्णजन्म खं. 75.24)*
*बोलो जय सीताराम श्री राधे राधे श्यामजय भोले नाथ*
🙏
1 week ago | [YT] | 35
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