This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,
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Pious Astro

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*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-01/09/2026,मंगलवार*
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------‐- चतुर्थी 07:41:13. तक
पक्ष------------------------ कृष्ण
नक्षत्र--------अश्विनी 26:41:11
योग----------- वृद्धि 23:37:41
करण--------- बालव 07:41:13
करण-------- कौलव 18:58:54
वार-------------------- मंगलवार
माह--------------------- भाद्रपद
चन्द्र राशि------------------- मेष
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)--------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत----------- 2082
शक संवत--------------- 1948
कलि संवत-------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:59:09
सूर्यास्त-------------- 18:38:53
दिन काल----------- 12:39:44
रात्री काल----------- 11:20:43
चंद्रास्त-------------- 09:46:40
चंद्रोदय-------------- 20:59:38

लग्न----सिंह 14°23', 134°23'

सूर्य नक्षत्र--------- पूर्वा फाल्गनी
चन्द्र नक्षत्र--------------- अश्विनी
नक्षत्र पाया----------------- स्वर्ण

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

चु---- अश्विनी 09:14:10

चे---- अश्विनी 15:04:20

चो---- अश्विनी 20:53:20

ला---- अश्विनी 26:41:11

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 14°30 , पूoफाo 1 मो
चन्द्र= मीन 26°30 , अश्विनी 1 चु
बुध = सिंह 18°52 ' पूoफाo 2 टा
शु क्र= कन्या 28°05, चित्रा 2 पो
मंगल= मिथुन 19°17 आर्द्रा 4 छ
गुरु= कर्क 19°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°08 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°08 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:29 - 17:04 अशुभ
यम घंटा 09:09 - 10:44 अशुभ
गुली काल 12:19 - 13:54 अशुभ
अभिजित 11:54 - 12:44 शुभ
दूर मुहूर्त 08:31 - 09:22 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:11 - 24:02* अशुभ
वर्ज्यम 22:49 - 24:22* अशुभ
प्रदोष 18:39 - 20:57 शुभ

🚩गंड मूल 05:59 - 26:41* अशुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 05:59 - 07:34 अशुभ
उद्वेग 07:34 - 09:09 अशुभ
चर 09:09 10:44 शुभ
लाभ 10:44 - 12:19 शुभ
अमृत 12:19 - 13:54 शुभ
काल 13:54 - 15:29 अशुभ
शुभ 15:29 - 17:04 शुभ
रोग 17:04 - 18:39 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 18:39 - 20:04 अशुभ
लाभ 20:04 - 21:29 शुभ
उद्वेग 21:29 - 22:54 अशुभ
शुभ 22:54 - 24:19* शुभ
अमृत 24:19* - 25:44* शुभ
चर 25:44* - 27:09* शुभ
रोग 27:09* - 28:35* अशुभ
काल 28:35*29:59* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 05:59- 07:02
सूर्य 07:02- 08:06
शुक्र 08:06 -09:09
बुध 09:09- 10:12
चन्द्र 10:12- 11:16
शनि 11:16 -12:19
बृहस्पति 12:19 -13:22
मंगल 13:22- 14:26
सूर्य 14:26 -15:29
शुक्र 15:29- 16:32
बुध 16:32 -17:36
चन्द्र 17:36 -18:39

🚩होरा, रात

शनि 18:39 -19:36
बृहस्पति 19:36- 20:32
मंगल 20:32- 21:29
सूर्य 21:29- 22:26
शुक्र 22:26 -23:23
बुध 23:23- 24:19
चन्द्र 24:19-25:16
शनि 25:16-26:13
बृहस्पति 26:13-27:09
मंगल 27:09-28:06
सूर्य 28:06-29:03
शुक्र 29:03 -29:59

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 04:58 से 07:20 तक
कन्या > 07:20 से 09:38 तक
तुला > 09:38 से 11:44 तक
वृश्चिक > 11:44 से 14:12 तक
धनु > 14:12 से 16:16 तक
मकर > 16:16 से 17:58 तक
कुम्भ > 17:58 से 19:38 तक
मीन > 19:38 से 21:06 तक
मेष > 21:06 से 22:40 तक
वृषभ > 22:40 से 00:30 तक
मिथुन > 00:30 से 02:42 तक
कर्क > 02:42 से 05:02 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 4 + 3 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

गुरु ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*सर्वार्थ, अमृत सिद्धि योग 26:41 तक

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

कुग्रामवासः कुलहीनसेवा ।
कुभोजनं क्रोधमुखी च भार्या ।।
पुत्रश्च मूर्खो विधवा च कन्या ।
विनाग्निमेते प्रदहन्ति कायम् ।।
।।चाoनीo।।

निम्नलिखित बाते व्यक्ति को बिना आग के ही जलाती है...
१. एक छोटे गाव में बसना जहा रहने की सुविधाए उपलब्ध नहीं.
२. एक ऐसे व्यक्ति के यहाँ नौकरी करना जो नीच कुल में पैदा हुआ है.
३. अस्वास्थय्वर्धक भोजन का सेवन करना.
४. जिसकी पत्नी हरदम गुस्से में होती है.
५. जिसको मुर्ख पुत्र है.
६. जिसकी पुत्री विधवा हो गयी है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक्‌।
प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः॥

मैं शस्त्रों में वज्र और गौओं में कामधेनु हूँ। शास्त्रोक्त रीति से सन्तान की उत्पत्ति का हेतु कामदेव हूँ और सर्पों में सर्पराज वासुकि हूँ ।।28।।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺

7 hours ago | [YT] | 4

Pious Astro

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🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
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*दिनाँक:-31/08/2026,सोमवार*
तृतीया, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद

"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि--------- तृतीया 08:50:23 तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------- रेवती 27:22:45
योग----------- गण्ड 25:49:39
करण----- विष्टि भद्र 08:50:24
करण----------- बव 20:18:31
वार--------------------- सोमवार
माह-------------------- भाद्रपद
चन्द्र राशि------ मीन 27:22:45
चन्द्र राशि------------------- मेष
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:58:41
दिन काल----------- 12:41:17
चंद्रास्त-------------- 08:45:10
सूर्यास्त-------------- 18:39:59
रात्री काल----------- 11:19:10
चंद्रोदय-------------- 20:23:49

लग्न----सिंह 13°25', 133°25'

सूर्य नक्षत्र--------- पूर्वा फाल्गनी
चन्द्र नक्षत्र----------------- रेवती
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

दे---- रेवती 09:40:37

दो---- रेवती 15:36:01

च---- रेवती 21:30:03

ची---- रेवती 27:22:45

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 14°30 , मघा 4 मे
चन्द्र= मीन 26°30 , रेवती 4 ची
बुध = सिंह 18°52 ' पूoफाo 2 टा
शु क्र= कन्या 28°05, चित्रा 2 पो
मंगल= मिथुन 18°17 आर्द्रा 4 छ
गुरु= कर्क 19°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°10 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°10 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 07:34 - 09:09 अशुभ

यम घंटा 10:44 - 12:19 अशुभ

गुली काल 13:55 - 15:30

अभिजित 11:54 - 12:45 शुभ

दूर मुहूर्त 12:45 - 13:35 अशुभ

दूर मुहूर्त 15:17 - 16:08 अशुभ

वर्ज्यम 15:36 - 17:11 अशुभ

प्रदोष 18:40 - 20:57 शुभ

💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक 5 05:59 - 27:23* अशुभ

💮चोघडिया,दिन

अमृत 05:59 - 07:34 शुभ
काल 07:34 09:09 अशुभ
शुभ 09:09 - 10:44 शुभ
रोग 10:44 - 12:19 अशुभ
उद्वेग 12:19 - 13:55 अशुभ
चर 13:55 15:30 शुभ
लाभ 15:30 - 17:05 शुभ
अमृत 17:05 - 18:40 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 18:40 - 20:05 शुभ
रोग 20:05 - 21:30 अशुभ
काल 21:30 - 22:55 अशुभ
लाभ 22:55 - 24:20* शुभ
उद्वेग 24:20* - 25:44* अशुभ
शुभ 25:44* - 27:09* शुभ
अमृत 27:09* - 28:34* शुभ
चर 28:34* - 29:59* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 05:59 -07:02
शनि 07:02- 08:06
बृहस्पति 08:06- 09:09
मंगल 09:09 -10:12
सूर्य 10:12 -11:16
शुक्र 11:16- 12:19
बुध 12:19 -13:23
चन्द्र 13:23 -14:26
शनि 14:26- 15:30
बृहस्पति 15:30 -16:33
मंगल 16:33 -17:37
सूर्य 17:37 -18:40

🚩होरा, रात

शुक्र 18:40 -19:37
बुध 19:37- 20:33
चन्द्र 20:33 -21:30
शनि 21:30 -22:26
बृहस्पति 22:26 -23:23
मंगल 23:23 -24:20
सूर्य 24:20-25:16
शुक्र 25:16-26:13
बुध 26:13 -27:09
चन्द्र 27:09-28:06
शनि 28:06-29:03
बृहस्पति 29:03 -29:59

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:02 से 07:24 तक
कन्या > 07:24 से 09:42 तक
तुला > 09:42 से 11:48 तक
वृश्चिक > 11:48 से 14:16 तक
धनु > 14:16 से 16:20 तक
मकर > 16:20 से 18:02 तक
कुम्भ > 18:02 से 19:42 तक
मीन > 19:42 से 21:10 तक
मेष > 21:10 से 22:48 तक
वृषभ > 22:48 से 00:34 तक
मिथुन > 00:34 से 02:46 तक
कर्क > 02:46 से 05:06 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 3 + 2 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

प्रात: 08:51 समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*बहुला चतुर्थी व्रत चंद्रोदय रात्रि 20:23

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

मूर्खश्चिरायुर्जातोऽपि तस्माज्जातमृतो वरः ।
मृतः स चाऽल्पदुःखाय यावज्जीवं जडोदहेत् ।।
।।चाoनीo।।

एक ऐसा बालक जो जन्मते वक़्त मृत था, एक मुर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है. पहला बालक तो एक क्षण के लिए दुःख देता है, दूसरा बालक उसके माँ बाप को जिंदगी भर दुःख की अग्नि में जलाता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्धवम्‌।
एरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम्‌॥

घोड़ों में अमृत के साथ उत्पन्न होने वाला उच्चैःश्रवा नामक घोड़ा, श्रेष्ठ हाथियों में ऐरावत नामक हाथी और मनुष्यों में राजा मुझको जान
॥27॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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1 day ago | [YT] | 12

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-30/08/2026,रविवार*
द्वितीया, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि-‐----- द्वितीया 09:36:25. तक
पक्ष-‐--‐------------------- कृष्ण
नक्षत्र-- उत्तराभाद्रपद 27:43:47
योग------------ शूल 27:44:41
करण------------ गर 09:36:25
करण-------- वणिज 21:16:29
वार---------------------- रविवार
माह-------------------- भाद्रपद
चन्द्र राशि------------------ मीन
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु-------------------------शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)-‐-----‐--‐----- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत-------‐---- 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत-‐------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय--------‐---- 05:58:13
सूर्यास्त-------------- 18:41:04
दिन काल----------- 12:42:50
रात्री काल----------- 11:17:37
चंद्रास्त-------------- 07:46:02
चंद्रोदय------------- 19:51:26

लग्न---सिंह 12°27', 132°27'

सूर्य नक्षत्र------------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र--------- उत्तरभाद्रपद
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

दू---- उत्तराभाद्रपद 09:44:16

थ---- उत्तराभाद्रपद 15:45:39

झ---- उत्तराभाद्रपद 21:45:28

ञ---- उत्तराभाद्रपद 27:43:47

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 12°30 , मघा 4 मे
चन्द्र= मीन 04°30 , उ oभाo 1 दू
बुध = सिंह 14°52 ' पूoफाo 1 मो
शु क्र= कन्या 27°05, चित्रा 2 पो
मंगल= मिथुन 17°17 आर्द्रा 4 छ
गुरु= कर्क 19°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°15 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°15 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 17:06 - 18:41 अशुभ
यम घंटा 12:20 - 13:55 अशुभ
गुली काल 15:30 - 17:06 अशुभ
अभिजित 11:54 - 12:45 शुभ
दूर मुहूर्त 16:59 - 17:50 अशुभ
वर्ज्यम 13:21 - 14:58 अशुभ
प्रदोष 18:41 - 20:58. शुभ

💮गंड मूल 27:44* - अहोरात्र अशुभ

🚩पंचक अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:58 - 07:34 अशुभ
चर 07:34 - 09:09 शुभ
लाभ 09:09 - 10:44 शुभ
अमृत 10:44 - 12:20 शुभ
काल 12:20 - 13:55 अशुभ
शुभ 13:55 - 15:30 शुभ
रोग 15:30 - 17:06 अशुभ
उद्वेग 17:06 - 18:41 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 18:41 - 20:06 शुभ
अमृत 20:06 - 21:30 शुभ
चर 21:30 - 22:55 शुभ
रोग 22:55 - 24:20* अशुभ
काल 24:20* - 25:45* अशुभ
लाभ 25:45* - 27:09* शुभ
उद्वेग 27:09* - 28:34* अशुभ
शुभ 28:34* - 29:59* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:58- 07:02
शुक्र 07:02- 08:05
बुध 08:05- 09:09
चन्द्र 09:09- 10:13
शनि 10:13- 11:16
बृहस्पति 11:16- 12:20
मंगल 12:20- 13:23
सूर्य 13:23- 14:27
शुक्र 14:27- 15:30
बुध 15:30- 16:34
चन्द्र 16:34- 17:38
शनि 17:38- 18:41

🚩होरा, रात

बृहस्पति 18:41 -19:38
मंगल 19:38- 20:34
सूर्य 20:34 -21:30
शुक्र 21:30- 22:27
बुध 22:27- 23:23
चन्द्र 23:23- 24:20
शनि 24:20-25:16
बृहस्पति 25:16-26:13
मंगल 26:13- 27:09
सूर्य 27:09-28:06
शुक्र 28:06- 29:02
बुध 29:02- 29:59

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:06 से 07:28 तक
कन्या > 07:28 से 09:46 तक
तुला > 09:46 से 11:52 तक
वृश्चिक > 11:52 से 14:20 तक
धनु > 14:20 से 16:24 तक
मकर > 16:24 से 18:06 तक
कुम्भ > 18:06 से 19:46 तक
मीन > 19:46 से 21:14 तक
मेष > 21:14 से 22:52 तक
वृषभ > 22:52 से 00:38 तक
मिथुन > 00:38 से 02:50 तक
कर्क > 02:50 से 05:10 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 2 + 1 + 1 = 19 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 4 शेष

सभायां = संताप कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

रात्रि 21:14 से प्रारम्भ

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*सर्वार्थ सिद्धि योग 27:44 तक

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

एकोऽपि गुणवान् पुत्रो निर्गुणैश्च शतैर्वरः ।
एकश्चन्द्रस्तमो हन्ति न च ताराः सहस्त्रशः ।।
।।चाoनीo।।

सैकड़ों गुणरहित पुत्रों से अच्छा एक गुणी पुत्र है क्योंकि एक चन्द्रमा ही रात्रि के अन्धकार को भगाता है, असंख्य तारे यह काम नहीं करते.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः।
गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः॥

मैं सब वृक्षों में पीपल का वृक्ष, देवर्षियों में नारद मुनि, गन्धर्वों में चित्ररथ और सिद्धों में कपिल मुनि हूँ



🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

2 days ago | [YT] | 10

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-29/08/2026,शनिवार*
प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
"""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------ प्रतिपदा 09:56:20. तक
पक्ष----------------------- कृष्ण
नक्षत्र------- पूoभाo 27:41:16
योग--------- सुकर्मा 06:35:12
योग------------ धृति 29:20:34
करण-------- कौलव 09:56:20
करण--------- तैतुल 21:49:49
वार--------------------- शनिवार
माह-------------------- भाद्रपद
चन्द्र राशि----- कुम्भ 21:36:36
चन्द्र राशि------------------ मीन
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:57:45
सूर्यास्त-------------- 18:42:08
दिन काल----------- 12:44:23
रात्री काल----------- 11:16:04
चंद्रास्त-------------- 06:48:23
चंद्रोदय-------------- 19:20:52

लग्न----सिंह 11°29', 131°29'

सूर्य नक्षत्र----------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र-------- पूर्वाभाद्रपद
नक्षत्र पाया--------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

से---- पूर्वाभाद्रपद 09:22:11

सो---- पूर्वाभाद्रपद 15:30:16

दा---- पूर्वाभाद्रपद 21:36:36

दी---- पूर्वाभाद्रपद 27:41:16

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 11°30 , मघा 4 मे
चन्द्र= कुम्भ 21°30 , पूoभाo 1 से
बुध = सिंह 12°52 ' मघा 4 मे
शु क्र= कन्या 25°05, चित्रा 1 पे
मंगल= मिथुन 17°17 आर्द्रा 4 छ
गुरु= कर्क 18°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°18 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°18 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 09:09 - 10:44 अशुभ
यम घंटा 13:56 - 15:31 अशुभ
गुली काल 05:58 - 07:33 अशुभ
अभिजित 11:54 - 12:45 शुभ
दूर मुहूर्त 07:40 - 08:31 अशुभ
वर्ज्यम 09:47 - 11:25 अशुभ
प्रदोष 18:42 - 20:59. शुभ

🚩पंचक अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

काल 05:58 - 07:33 अशुभ
शुभ 07:33 - 09:09 शुभ
रोग 09:09 - 10:44 अशुभ
उद्वेग 10:44 - 12:20 अशुभ
चर 12:20 - 13:56 शुभ
लाभ 13:56 15:31 शुभ
अमृत 15:31 - 17:07 शुभ
काल 17:07 18:42 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

लाभ 18:42 - 20:07 शुभ
उद्वेग 20:07 - 21:31 अशुभ
शुभ 21:31 - 22:56 शुभ
अमृत 22:56 - 24:20* शुभ
चर 24:20* - 25:45* शुभ
रोग 25:45* - 27:09* अशुभ
काल 27:09* - 28:34* अशुभ
लाभ 28:34* - 29:58* शुभ

💮होरा, दिन

शनि 05:58 -07:01
बृहस्पति 07:01 -08:05
मंगल 08:05 -09:09
सूर्य 09:09 -10:13
शुक्र 10:13 -11:16
बुध 11:16 -12:20
चन्द्र 12:20- 13:24
शनि 13:24 -14:27
बृहस्पति 14:27 -15:31
मंगल 15:31 -16:35
सूर्य 16:35 -17:38
शुक्र 17:38 -18:42

🚩होरा, रात

बुध 18:42 -19:38
चन्द्र 19:38- 20:35
शनि 20:35- 21:31
बृहस्पति 21:31- 22:28
मंगल 22:28 23:24
सूर्य 23:24- 24:20
शुक्र 24:20-25:17
बुध 25:17-26:13
चन्द्र 26:13 -27:09
शनि 27:09-28:06
बृहस्पति 28:06- 29:02
मंगल 29:02 -29:58

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:10 से 07:32 तक
कन्या > 07:32 से 09:50 तक
तुला > 09:50 से 11:56 तक
वृश्चिक > 11:56 से 14:24 तक
धनु > 14:24 से 16:28 तक
मकर > 16:28 से 18:10 तक
कुम्भ > 18:10 से 19:50 तक
मीन > 19:50 से 21:18 तक
मेष > 21:18 से 22:56 तक
वृषभ > 22:56 से 00:42 तक
मिथुन > 00:42 से 02:54 तक
कर्क > 02:54 से 05:14 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

15 + 1 + 7 + 1 = 24 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

मंगल ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

16 + 16 + 5 = 37 ÷ 7 = 2 शेष

गोरी सन्निध्यौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*गोगामेडी मेला प्रारम्भ

*राष्ट्रीय खेल दिवस

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

कामधेनुगुण विद्या ह्यकाले फलदायिनी ।
प्रवासे मातृसदृशी विद्या गुप्तं धनं स्मृतम् ।।
।।चाoनीo।।

विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है. वह विदेश में माता के समान रक्षक अवं हितकारी होती है. इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

महर्षीणां भृगुरहं गिरामस्म्येकमक्षरम्‌।
यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि स्थावराणां हिमालयः॥

मैं महर्षियों में भृगु और शब्दों में एक अक्षर अर्थात्‌‌ ओंकार हूँ। सब प्रकार के यज्ञों में जपयज्ञ और स्थिर रहने वालों में हिमालय पहाड़ हूँ
॥25॥
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

3 days ago | [YT] | 12

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-26/08/2026,बुधवार*
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------ त्रयोदशी 07:58:39. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र--------- श्रवण 24:47:14
योग-------- सौभाग्य 07:58:24
करण--------- तैतुल 07:58:39
करण------------ गर 20:37:17
वार‐--------------------- बुधवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि----------------- मकर
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:56:20
सूर्यास्त-------------- 18:45:19
दिन काल----------- 12:48:58
रात्री काल----------- 11:11:29
चंद्रोदय------------- 17:46:41
चंद्रास्त-------------- 28:54:01

लग्न सिंह 8°35', 128°35'

सूर्य नक्षत्र------------------ मघा
चन्द्र नक्षत्र---------------- श्रवण
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

खू---- श्रवण 11:52:22

खे---- श्रवण 18:20:42

खो---- श्रवण 24:47:14

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 07°30 , मघा 2 मी
चन्द्र= मकर 13°30 , श्रवण 2 खू
बुध = सिंह 06°52 ' मघा 3 मू
शु क्र= कन्या 23°05, चित्रा 1 पे
मंगल= मिथुन 14°17 आर्द्रा 3 ङ
गुरु= कर्क 18°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°28 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°28 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 12:21 - 13:57 अशुभ
यम घंटा 07:32 - 09:09 अशुभ
गुली काल 10:45 - 12:21 अशुभ
अभिजित 11:55 - 12:46 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:55 - 12:46 अशुभ
वर्ज्यम 29:04* - 30:46* अशुभ
प्रदोष 18:45 - 21:01 शुभ

💮चोघडिया, दिन

लाभ 05:56 - 07:32 शुभ
अमृत 07:32 - 09:09 शुभ
काल 09:09 10:45 अशुभ
शुभ 10:45 - 12:21 शुभ
रोग 12:21 - 13:57 अशुभ
उद्वेग 13:57 - 15:33 अशुभ
चर 15:33 17:09 शुभ
लाभ 17:09 18:45 शुभ

🚩चोघडिया, रात

उद्वेग 18:45 - 20:09 अशुभ
शुभ 20:09 - 21:33 शुभ
अमृत 21:33 - 22:57 शुभ
चर 22:57 - 24:21* शुभ
रोग 24:21* - 25:45* अशुभ
काल 25:45* - 27:09* अशुभ
लाभ 27:09* - 28:33* शुभ
उद्वेग 28:33* - 29:57* अशुभ

💮होरा, दिन

बुध 05:56- 07:00
चन्द्र 07:00- 08:05
शनि 08:05- 09:09
बृहस्पति 09:09- 10:13
मंगल 10:13 -11:17
सूर्य 11:17 -12:21
शुक्र 12:21 -13:25
बुध 13:25- 14:29
चन्द्र 14:29 -15:33
शनि 15:33- 16:37
बृहस्पति 16:37- 17:41
मंगल 17:41- 18:45

🚩होरा, रात

सूर्य 18:45 -19:41
शुक्र 19:41- 20:37
बुध 20:37- 21:33
चन्द्र 21:33 -22:29
शनि 22:29 -23:25
बृहस्पति 23:25- 24:21
मंगल 24:21-25:17
सूर्य 25:17-26:13
शुक्र 26:13-27:09
बुध 27:09-28:05
चन्द्र 28:05-29:01
शनि 29:01 -29:57

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:22 से 07:44 तक
कन्या > 07:44 से 10:02 तक
तुला > 10:02 से 12:08 तक
वृश्चिक > 12:08 से 14:36 तक
धनु > 14:36 से 16:40 तक
मकर > 16:40 से 18:22 तक
कुम्भ > 18:22 से 20:02 तक
मीन > 20:02 से 21:30 तक
मेष > 21:30 से 23:08 तक
वृषभ > 23:08 से 00:54 तक
मिथुन > 00:54 से 03:06 तक
कर्क > 03:06 से 05:22 तक
=======================


*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

13 + 3 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

बुध ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

09:08 से 21:27 तक समाप्त

पाताल लोक = धनलाभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*पंचक समाप्त 13:13

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

साधुभ्यस्ते निवर्तन्ते पुत्रामित्राणि बान्धवाः ।
ये च तैः सह गन्तारस्तध्दर्मात्सुकृतं कुलम् ।। ।।चाoनीo।।

पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

वेदानां सामवेदोऽस्मि देवानामस्मि वासवः।
इंद्रियाणां मनश्चास्मि भूतानामस्मि चेतना॥

मैं वेदों में सामवेद हूँ, देवों में इंद्र हूँ, इंद्रियों में मन हूँ और भूत प्राणियों की चेतना अर्थात्‌ जीवन-शक्ति हूँ
॥22॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

6 days ago | [YT] | 10

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-25/08/2026,मंगलवार*
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------- द्वादशी 06:20:19. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र---- उत्तराषाढा 22:50:26
योग------ आयुष्मान 07:40:08
करण--------- बालव 06:20:19
करण-------- कौलव 19:12:50
वार-------------------- मंगलवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि----------------- मकर
सूर्य राशि------------------ सिंह
रितु------------------------शरद
आयन---------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:55:52
सूर्यास्त-------------- 18:46:21
दिन काल----------- 12:50:29
रात्री काल----------- 11:09:58
चंद्रोदय-------------- 17:10:27
चंद्रास्त-------------- 27:56:21

लग्न----सिंह 7°37', 127°37'

सूर्य नक्षत्र------------------ मघा
चन्द्र नक्षत्र----------- उत्तराषाढा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

भो---- उत्तराषाढा 09:41:52

जा---- उत्तराषाढा 16:16:56

जी---- उत्तराषाढा 22:50:26

खी---- श्रवण 29:22:16

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 06°30 , मघा 2 मी
चन्द्र= मकर 01°30 , उoषाo 2 भो
बुध = सिंह 04°52 ' मघा 2 मी
शु क्र= कन्या 23°05, हस्त 4 ठ
मंगल= मिथुन 14°17 आर्द्रा 3 ङ
गुरु= कर्क 18°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°31 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°31 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 15:34 - 17:10 अशुभ
यम घंटा 09:08 - 10:45 अशुभ
गुली काल 12:21 - 13:57 अशुभ
अभिजित 11:55 - 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 08:30 - 09:21 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:14 - 24:06 अशुभ
वर्ज्यम 27:12 - 28:56 अशुभ
प्रदोष 18:46 - 21:02 शुभ

💮चोघडिया, दिन

रोग 05:56 - 07:32 अशुभ
उद्वेग 07:32 - 09:08 अशुभ
चर 09:08 10:45 शुभ
लाभ 10:45 - 12:21 शुभ
अमृत 12:21 - 13:57 शुभ
काल 13:57 15:34 अशुभ
शुभ 15:34 - 17:10 शुभ
रोग 17:10 - 18:46 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

काल 18:46 20:10 अशुभ
लाभ 20:10 21:34 शुभ
उद्वेग 21:34 - 22:58 अशुभ
शुभ 22:58 - 24:21* शुभ
अमृत 24:21* - 25:45* शुभ
चर 25:45* - 27:09* शुभ
रोग 27:09* - 28:33* अशुभ
काल 28:33*29:56* अशुभ

💮होरा, दिन

मंगल 05:56- 07:00
सूर्य 07:00- 08:04
शुक्र 08:04 -09:08
बुध 09:08 -10:13
चन्द्र 10:13- 11:17
शनि 11:17 -12:21
बृहस्पति 12:21- 13:25
मंगल 13:25- 14:30
सूर्य 14:30 -15:34
शुक्र 15:34 -16:38
बुध 16:38 -17:42
चन्द्र 17:42 -18:46

🚩होरा, रात

शनि 18:46 -19:42
बृहस्पति 19:42 -20:38
मंगल 20:38- 21:34
सूर्य 21:34- 22:30
शुक्र 22:30 -23:26
बुध 23:26- 24:21
चन्द्र 24:21-25:17
शनि 25:17-26:13
बृहस्पति 26:13-27:09
मंगल 27:09- 28:05
सूर्य 28:05-29:01
शुक्र 29:01- 29:56

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:26 से 07:48 तक
कन्या > 07:48 से 10:06 तक
तुला > 10:06 से 12:12 तक
वृश्चिक > 12:12 से 14:40 तक
धनु > 14:40 से 16:44 तक
मकर > 16:44 से 18:26 तक
कुम्भ > 18:26 से 20:06 तक
मीन > 20:06 से 21:34 तक
मेष > 21:34 से 23:12 तक
वृषभ > 23:12 से 00:58 तक
मिथुन > 00:58 से 03:10 तक
कर्क > 03:10 से 05:26 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

13 + 3 + 1 = 17 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष

वृषाभारूढ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* भौम प्रदोष व्रत (शिव पूजन)

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

आयुः कर्म च वित्तञ्च विद्या निधनमेव च ।
पञ्चैतानि हि सृज्यन्ते गर्भस्थस्यैव देहिनः ।।
।।चाoनीo।।

१. व्यक्ति कितने साल जियेगा २. वह किस प्रकार का काम करेगा ३. उसके पास कितनी संपत्ति होगी ४. उसकी मृत्यु कब होगी .

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान्‌।
मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी॥

मैं अदिति के बारह पुत्रों में विष्णु और ज्योतियों में किरणों वाला सूर्य हूँ तथा मैं उनचास वायुदेवताओं का तेज और नक्षत्रों का अधिपति चंद्रमा हूँ
॥21॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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1 week ago | [YT] | 10

Pious Astro

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🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
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*दिनाँक:-24/08/2026,सोमवार*
द्वादशी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------------ द्वादशी अहोरात तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------ पूर्वाषाढा 20:27:19
योग----------- प्रीति 07:03:15
करण----------- बव 17:21:48
वार--------------------- सोमवार
माह--------------------- श्रावण
चन्द्र राशि------- धनु 27:05:10
चन्द्र राशि----------------- मकर
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)----------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:55:23
सूर्यास्त-------------- 18:47:23
दिन काल----------- 12:52:00
रात्री काल----------- 11:08:28
चंद्रोदय-------------- 16:30:06
चंद्रास्त-------------- 26:58:35

लग्न----सिंह 6°39', 126°39'

सूर्य नक्षत्र------------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र------------- पूर्वाषाढा
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

धा---- पूर्वाषाढा 07:07:35

फा---- पूर्वाषाढा 13:48:02

ढा---- पूर्वाषाढा 20:27:19

भे---- उत्तराषाढा 27:05:17

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 06°30 , मघा 2 मी
चन्द्र= धनु 19°30 , पूoषाo 2 धा
बुध = सिंह 02°52 ' आश्लेषा 1 मा
शु क्र= कन्या 22°05, हस्त 4 ठ
मंगल= मिथुन 14°17 आर्द्रा 3 ङ
गुरु= कर्क 17°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°34 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°34 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 07:32 - 09:08 अशुभ
यम घंटा 10:45 - 12:21 अशुभ
गुली काल 13:58 - 15:34 अशुभ
अभिजित 11:56 - 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 12:47 - 13:39 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:22 - 16:13 अशुभ
वर्ज्यम 29:18* - 31:03* अशुभ
प्रदोष 18:47 - 21:03 शुभ

💮चोघडिया, दिन

अमृत 05:55 - 07:32 शुभ
काल 07:32 - 09:08 अशुभ
शुभ 09:08 - 10:45 शुभ
रोग 10:45 - 12:21 अशुभ
उद्वेग 12:21 - 13:58 अशुभ
चर 13:58 - 15:34 शुभ
लाभ 15:34 17:11 शुभ
अमृत 17:11 18:47 शुभ

🚩चोघडिया, रात

चर 18:47 - 20:11 शुभ
रोग 20:11 - 21:35 अशुभ
काल 21:35 22:58 अशुभ
लाभ 22:58 - 24:22* शुभ
उद्वेग 24:22* - 25:45* अशुभ
शुभ 25:45* - 27:09* शुभ
अमृत 27:09* - 28:32* शुभ
चर 28:32* - 29:56* शुभ

💮होरा, दिन

चन्द्र 05:55 -06:59
शनि 06:59- 08:04
बृहस्पति 08:04- 09:08
मंगल 09:08 -10:13
सूर्य 10:13 -11:17
शुक्र 11:17- 12:21
बुध 12:21 -13:26
चन्द्र 13:26 -14:30
शनि 14:30- 15:34
बृहस्पति 15:34- 16:39
मंगल 16:39- 17:43
सूर्य 17:43 -18:47

🚩होरा, रात

शुक्र 18:47- 19:43
बुध 19:43 -20:39
चन्द्र 20:39- 21:35
शनि 21:35 -22:30
बृहस्पति 22:30 -23:26
मंगल 23:26 -24:22
सूर्य 24:22-25:17
शुक्र 25:17-26:13
बुध 26:13-27:09
चन्द्र 27:09 -28:04
शनि 28:04-29:00
बृहस्पति 29:00-29:56

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:30 से 07:52 तक
कन्या > 07:52 से 10:10 तक
तुला > 10:10 से 12:16 तक
वृश्चिक > 12:16 से 14:44 तक
धनु > 14:44 से 16:48 तक
मकर > 16:48 से 18:30 तक
कुम्भ > 18:30 से 20:10 तक
मीन > 20:10 से 21:38 तक
मेष > 21:38 से 23:16 तक
वृषभ > 23:16 से 01:02 तक
मिथुन > 01:02 से 03:14 तक
कर्क > 03:14 से 05:30 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

12 + 2 + 1 = 15 ÷ 4 = 3 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

12 + 12 + 5 = 29 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*एकादशी व्रत (वैष्णव)

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

मूर्खा यत्र न पुज्यन्ते धान्यं यत्र सुसञ्चितम् ।
दाम्पत्ये कलहो नास्ति तत्र श्रीः स्वयमागता ।।
।।चाoनीo।।

धन की देवी लक्ष्मी स्वयं वहां चली आती है जहाँ ...
१. मूर्खो का सम्मान नहीं होता.
२. अनाज का अचछे से भणडारण किया जाता है.
३. पति, पत्नी मे आपस मे लड़ाई बखेड़ा नहीं होता है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः।
अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च॥

हे अर्जुन! मैं सब भूतों के हृदय में स्थित सबका आत्मा हूँ तथा संपूर्ण भूतों का आदि, मध्य और अंत भी मैं ही हूँ
॥20॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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1 week ago | [YT] | 11

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🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक:-23/08/2026,रविवार*
एकादशी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि‐---- एकादशी 28:18:07. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------‐---- मूल 17:43:41
योग------- विश्कुम्भ 06:13:15
करण-------- वणिज 15:10:22
करण‐---- विष्टि भद्र 28:18:07
वार-‐-------------------- रविवार
माह-------‐------------- श्रावण
चन्द्र राशि------------------- धनु
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------ शरद
आयन‐-------------- दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत------‐--------- 1948
कलि संवत-‐------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:54:54
सूर्यास्त------------- 18:48:24
दिन काल----------- 12:53:30
रात्री काल----------- 11:06:58
चंद्रोदय------------- 15:45:04
चंद्रास्त-------------- 26:01:41

लग्न----सिंह 5°42', 125°42'

सूर्य नक्षत्र------------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र------------------ मूल
नक्षत्र पाया----------------- ताम्र

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

भा---- मूल 11:00:32

भी---- मूल 17:43:41

भू---- पूर्वाषाढा 24:26:05

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 05°30 , मघा 2 मी
चन्द्र= धनु 07°30 , मूल 3 भा
बुध = सिंह 00°52 ' आश्लेषा 1 मा
शु क्र= कन्या 21°05, हस्त 4 ठ
मंगल= मिथुन 13°17 आर्द्रा 3 ङ
गुरु= कर्क 17°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 19°30 ' रेवती , 1 दे
राहू=(व) कुम्भ 05°37 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°37 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 17:12 - 18:48 अशुभ
यम घंटा 12:22 - 13:58 अशुभ
गुली काल 15:35 - 17:12 अशुभ
अभिजित 11:56 - 12:47 शुभ
दूर मुहूर्त 17:05 - 17:57 अशुभ
वर्ज्यम 15:56 17:44 अशुभ
प्रदोष 18:48 - 21:03 शुभ

🚩गंड मूल 05:55 - 17:44 अशुभ

💮चोघडिया, दिन

उद्वेग 05:55 - 07:32 अशुभ
चर 07:32 - 09:08 शुभ
लाभ 09:08 - 10:45 शुभ
अमृत 10:45 - 12:22 शुभ
काल 12:22 13:58 अशुभ
शुभ 13:58 - 15:35 शुभ
रोग 15:35-17:12 अशुभ
उद्वेग 17:12 - 18:48 अशुभ

🚩चोघडिया, रात

शुभ 18:48 - 20:12 शुभ
अमृत 20:12 - 21:35 शुभ
चर 21:35 - 22:59 शुभ
रोग 22:59 - 24:22* अशुभ
काल 24:22* - 25:45* अशुभ
लाभ 25:45* - 27:09* शुभ
उद्वेग 27:09* - 28:32* अशुभ
शुभ 28:32* - 29:55* शुभ

💮होरा, दिन

सूर्य 05:55 -06:59
शुक्र 06:59 -08:04
बुध 08:04 -09:08
चन्द्र 09:08 -10:13
शनि 10:13 -11:17
बृहस्पति 11:17- 12:22
मंगल 12:22 -13:26
सूर्य 13:26 -14:31
शुक्र 14:31- 15:35
बुध 15:35- 16:39
चन्द्र 16:39 -17:44
शनि 17:44- 18:48

🚩होरा, रात

बृहस्पति 18:48- 19:44
मंगल 19:44- 20:40
सूर्य 20:40 -21:35
शुक्र 21:35- 22:31
बुध 22:31- 23:26
चन्द्र 23:26 -24:22
शनि 24:22-25:17
बृहस्पति 25:17-26:13
मंगल 26:13 -27:09
सूर्य 27:09 -28:04
शुक्र 28:04-28:59
बुध 28:59-29:55

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:34 से 07:56 तक
कन्या > 07:56 से 10:14 तक
तुला > 10:14 से 12:20 तक
वृश्चिक > 12:20 से 14:48 तक
धनु > 14:48 से 16:52 तक
मकर > 16:52 से 18:34 तक
कुम्भ > 18:34 से 20:14 तक
मीन > 20:14 से 21:42 तक
मेष > 21:42 से 23:20 तक
वृषभ > 23:20 से 01:06 तक
मिथुन > 01:06 से 03:18 तक
कर्क > 03:18 से 05:34 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

11 + 1 + 1 = 13 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शनि ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

11 + 11 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*


*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*पवित्रा एकादशी व्रत

*सर्वार्थ सिद्धि योग तक 17:44

*गोपीनाथ भट्टचार्या पाटोत्सव

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

धर्मार्थकाममोक्षेषु यस्यैकोऽपि न विद्यते ।
जन्मजन्मनि मर्त्येष मरणं तस्य केवलम् ।।
।।चाoनीo।।

जो व्यक्ति निम्नलिखित बाते अर्जित नहीं करता वह बार बार जनम लेकर मरता है.
१. धर्म
२. अर्थ
३. काम
४. मोक्ष

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

हन्त ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः।
प्राधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे॥

श्री भगवान बोले- हे कुरुश्रेष्ठ! अब मैं जो मेरी दिव्य विभूतियाँ हैं, उनको तेरे लिए प्रधानता से कहूँगा; क्योंकि मेरे विस्तार का अंत नहीं है
॥19॥


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

1 week ago | [YT] | 12

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-21/08/2026,शुक्रवार*
नवमी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि------‐-- नवमी 23:35:32. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------- अनुराधा 11:51:57
योग---------- वैधृति 29:17:21
करण--------- बालव 10:25:02
करण-------- कौलव 23:35:32
वार--------------------- शुक्रवार
माह---------------------- श्रावण
चन्द्र राशि---------------- वृश्चिक
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु‐------------------------ वर्षा
आयन--------------- दक्षिणायन
संवत्सर-------‐--------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)-----‐‐------‐--- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत-‐------‐------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय-----‐------- 05:53:55
सूर्यास्त-------------- 18:50:24
दिन काल----------- 12:56:28
रात्री काल----------- 11:04:00
चंद्रोदय-------------- 14:01:56
चंद्रास्त-------------- 24:16:16

लग्न----सिंह 3°46', 123°46'

सूर्य नक्षत्र----‐-------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र-------------- अनुराधा
नक्षत्र पाया---------------- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

ने---- अनुराधा 11:51:57

नो---- ज्येष्ठा 18:35:26

या---- ज्येष्ठा 25:19:26

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 03°30 , मघा 2 मी
चन्द्र= वृश्चिक 13°30 , विशाखा 4 ने
बुध = कर्क 26°52 ' आश्लेषा 4 डो
शु क्र= कन्या 19°05, हस्त 3 ण
मंगल= मिथुन 12°17 आर्द्रा 2 घ
गुरु= कर्क 17°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 05°44 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°44 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 10:45 - 12:22 अशुभ
यम घंटा 15:36 - 17:13 अशुभ
गुली काल 07:31 - 09:08 अशुभ
अभिजित 11:56 - 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 08:29 - 09:21 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:48 - 13:40 अशुभ
वर्ज्यम 18:09 - 19:56 अशुभ
प्रदोष 18:50 - 21:05 शुभ

🚩गंड मूल 11:52 - अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन

चर 05:54 07:31 शुभ
लाभ 07:31 - 09:08 शुभ
अमृत 09:08 - 10:45 शुभ
काल 10:45 12:22 अशुभ
शुभ 12:22 - 13:59 शुभ
रोग 13:59 - 15:36 अशुभ
उद्वेग 15:36 - 17:13 अशुभ
चर 17:13 18:50 शुभ

🚩चोघडिया, रात

रोग 18:50 - 20:13 अशुभ
काल 20:13 21:36 अशुभ
लाभ 21:36 - 22:59 शुभ
उद्वेग 22:59 - 24:22* अशुभ
शुभ 24:22* - 25:45* शुभ
अमृत 25:45* - 27:08* शुभ
चर 27:08* - 28:31* शुभ
रोग 28:31* - 29:54* अशुभ

💮होरा, दिन

शुक्र 05:54- 06:59
बुध 06:59 -08:03
चन्द्र 08:03- 09:08
शनि 09:08- 10:13
बृहस्पति 10:13 -11:17
मंगल 11:17- 12:22
सूर्य 12:22- 13:27
शुक्र 13:27- 14:32
बुध 14:32- 15:36
चन्द्र 15:36 -16:41
शनि 16:41 -17:46
बृहस्पति 17:46 -18:50

🚩होरा, रात

मंगल 18:50- 19:46
सूर्य 19:46- 20:41
शुक्र 20:41 -21:36
बुध 21:36 -22:32
चन्द्र 22:32 -23:27
शनि 23:27 -24:22
बृहस्पति 24:22-25:18
मंगल 25:18-26:13
सूर्य 26:13 -27:08
शुक्र 27:08-28:04
बुध 28:04-28:59
चन्द्र 28:59-29:54

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:42 से 08:04 तक
कन्या > 08:04 से 10:22 तक
तुला > 10:22 से 12:28 तक
वृश्चिक > 12:28 से 14:56 तक
धनु > 14:56 से 17:00 तक
मकर > 17:00 से 18:42 तक
कुम्भ > 18:42 से 20:22 तक
मीन > 20:22 से 21:50 तक
मेष > 21:50 से 23:28 तक
वृषभ > 23:28 से 01:14 तक
मिथुन > 01:14 से 03:26 तक
कर्क > 03:26 से 05:42 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

9 + 6 + 1 = 16 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

9 + 9 + 5 = 23 ÷ 7 = 2 शेष

गौरी सन्निध्यौ= शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*वरद महालक्ष्मी व्रत

*श्री हरि जयंती

*वैधृति योग

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

लालयेत्पञ्चवर्षाणि दश वर्षाणि ताडयेत् ।
प्राप्ते तु षोडशे वर्षे पुत्रं मित्रवदाचरेत् ।।
।।चाoनीo।।

पांच साल तक पुत्र को लाड एवं प्यार से पालन करना चाहिए, दस साल तक उसे छड़ी की मार से डराए. लेकिन जब वह १६ साल का हो जाए तो उससे मित्र के समान वयवहार करे.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

वक्तुमर्हस्यशेषेण दिव्या ह्यात्मविभूतयः।
याभिर्विभूतिभिर्लोकानिमांस्त्वं व्याप्य तिष्ठसि॥

इसलिए आप ही उन अपनी दिव्य विभूतियों को संपूर्णता से कहने में समर्थ हैं, जिन विभूतियों द्वारा आप इन सब लोकों को व्याप्त करके स्थित हैं
॥16॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

1 week ago | [YT] | 13

Pious Astro

🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *महर्षि पाराशर पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺

*दिनाँक:-20/08/2026,गुरुवार*
अष्टमी, शुक्ल पक्ष,
श्रावण
"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)

तिथि-------- अष्टमी 21:17:43. तक
पक्ष----------------------- शुक्ल
नक्षत्र------- विशाखा 09:07:11
योग------------ ऐन्द्र 28:24:09
करण----- विष्टि भद्र 08:15:10
करण----------- बव 21:17:43
वार---------------------- गुरुवार
माह--‐------------------ श्रावण
चन्द्र राशि---------------- वृश्चिक
सूर्य राशि------------------- सिंह
रितु------------------------- वर्षा
आयन---------‐------ दक्षिणायन
संवत्सर----------------- पराभव
संवत्सर (उत्तर)---------------- रौद्र
विक्रम संवत------------- 2083
गुजराती संवत------------ 2082
शक संवत---------------- 1948
कलि संवत--------------- 5127

वृन्दावन
सूर्योदय------------- 05:53:26
सूर्यास्त-------------- 18:51:23
दिन काल----------- 12:57:56
रात्री काल----------- 11:02:32
चंद्रोदय-------------- 13:05:57
चंद्रास्त---‐---------- 23:30:04

लग्न----सिंह 2°48', 122°48'

सूर्य नक्षत्र------------------- मघा
चन्द्र नक्षत्र-------------- विशाखा
नक्षत्र पाया-----------‐---- रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

तो---- विशाखा 09:07:11

ना---- अनुराधा 15:46:37

नी---- अनुराधा 22:27:21

नू---- अनुराधा 29:09:12

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
============================
सूर्य= सिंह 02°30 , मघा 1 मा
चन्द्र= वृश्चिक 03°30 , विशाखा 4 तो
बुध = कर्क 24°52 ' आश्लेषा 3 डे
शु क्र= कन्या 18°05, हस्त 3 ण
मंगल= मिथुन 11°17 आर्द्रा 2 घ
गुरु= कर्क 16°33 आश्लेषा , 1 डी
शनि=मीन 20°30 ' रेवती , 2 दो
राहू=(व) कुम्भ 05°47 धनिष्ठा , 4 गे
केतु= (व) सिंह 05°47 मघा 2 मी
============================

*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*

राहू काल 13:59 - 15:37 अशुभ
यम घंटा 05:53 - 07:31 अशुभ
गुली काल 09:08 - 10:45 अशुभ
अभिजित 11:56 - 12:48 शुभ
दूर मुहूर्त 10:13 - 11:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:24 - 16:16 अशुभ
वर्ज्यम 13:33 15:20 अशुभ
प्रदोष 18:51 - 21:05 शुभ

💮चोघडिया, दिन

शुभ 05:53 - 07:31 शुभ
रोग 07:31 - 09:08 अशुभ
उद्वेग 09:08 - 10:45 अशुभ
चर 10:45 12:22 शुभ
लाभ 12:22 - 13:59 शुभ
अमृत 13:59 - 15:37 शुभ
काल 15:37 17:14 अशुभ
शुभ 17:14 - 18:51 शुभ

🚩चोघडिया, रात

अमृत 18:51 - 20:14 शुभ
चर 20:14 21:37 शुभ
रोग 21:37 - 22:59 अशुभ
काल 22:59 24:23* अशुभ
लाभ 24:23* - 25:45* शुभ
उद्वेग 25:45* - 27:08* अशुभ
शुभ 27:08* - 28:31* शुभ
अमृत 28:31* - 29:54* शुभ

💮होरा, दिन

बृहस्पति 05:53- 06:58
मंगल 06:58- 08:03
सूर्य 08:03- 09:08
शुक्र 09:08 -10:13
बुध 10:13 -11:18
चंद्र 11:18 -12:22
शनि 12:22 -13:27
बृहस्पति 13:27-14:32
मंगल 14:32 -15:37
सूर्य 15:37- 16:42
शुक्र 16:42- 17:47
बुध 17:47 -18:51

🚩होरा, रात

चन्द्र 18:51 -19:47
शनि 19:47- 20:42
बृहस्पति 20:42 -21:37
मंगल 21:37- 22:32
सूर्य 22:32 -23:27
शुक्र 23:27 -24:23
बुध 24:23-25:18
चन्द्र 25:18-26:13
शनि 26:13-27:08
बृहस्पति 27:08-28:04
मंगल 28:04-28:59
सूर्य 28:59-29:54

*🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*

सिंह > 05:46 से 08:08 तक
कन्या > 08:08 से 10:26 तक
तुला > 10:26 से 12:32 तक
वृश्चिक > 12:32 से 15:00 तक
धनु > 15:00 से 17:04 तक
मकर > 17:04 से 18:46 तक
कुम्भ > 18:46 से 20:26 तक
मीन > 20:26 से 21:54 तक
मेष > 21:54 से 23:32 तक
वृषभ > 23:32 से 01:18 तक
मिथुन > 01:18 से 03:30 तक
कर्क > 03:30 से 05:46 तक
=======================

*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*

(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट

*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान------------- दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा बेसन के लड्डू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

8 + 5 + 1 = 14 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*

सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है

शुक्र ग्रह मुखहुति

*💮 शिव वास एवं फल -:*

8 + 8 + 5 = 21 ÷ 7 = 0 शेष

शमशान वास = मृत्यु 0कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

08:18 तक समाप्त

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

*दूर्वाअष्टमी

*सर्वार्थ सिद्धि योग 09:07 से 11:57 तक

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

किं जातैर्बहुभिः पुत्रैः शोकसन्तापकारकैः ।
वरमेकः कुलालम्बी यत्र विश्राम्यते कुलम् ।।
।।चाoनीo।।

ऐसे अनेक पुत्र किस काम के जो दुःख और निराशा पैदा करे. इससे तो वह एक ही पुत्र अच्छा है जो समपूणर घर को सहारा और शांति पदान करे.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विभूतियोग अo-10

स्वयमेवात्मनात्मानं वेत्थ त्वं पुरुषोत्तम।
भूतभावन भूतेश देवदेव जगत्पते॥

हे भूतों को उत्पन्न करने वाले! हे भूतों के ईश्वर! हे देवों के देव! हे जगत्‌ के स्वामी! हे पुरुषोत्तम! आप स्वयं ही अपने से अपने को जानते हैं
॥15॥

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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1 week ago | [YT] | 15