This channel is about Astrology, Palmistry, Vaastu, Mantra Vigyan and Dharma. Videos are about tutorials on Astrology as well as predictions on social events, both current and future. I do provide personal horoscope readings too. website is www.piousastro.com
Hi, my name is Jay. I am web developer by profession. I am also a MBA and yoga and naturopathy healer and story writer. i have published 4 book yet on amazon by Indus.network .
I started Astrology when i was 14 yares old. I have learnt and practiced Palmistry, Nadi Astrology and Yoga, astrology, ज्योतिष, astrology signs, vedic astrology, ज्योतिष संकेत, vastu, वास्तु, plamestory, हस्तरेखा, गोचर, transit, aaj ka rashifal, ratn vigyan, mantra, mantro ke labh,


Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः*
🙏🏻
*ॐ विष्णवे नमः*
🙏🏻
🌤️ *दिनांक - 22 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - माघ*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्थी 23 जनवरी रात्रि 02:28 तक तत्पश्चात पंचमी*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा दोपहर 02:27 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - वरीयान शाम 05:38 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:13 से शाम 03:36 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:19*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:21*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- विनायक चतुर्थी,तिलकुंद चतुर्थी,वरद चतुर्थी,श्रीगणेश जयंती*

💥 *विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*



🌷 *वसंत पंचमी* 🌷

➡️ *23 जनवरी 2026 शुक्ल को वसंत पंचमी है।*

🙏🏻 *ब्रह्मवैवर्त पुराण तथा देवीभागवत पुराण के अनुसार जो मानव माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन संयमपूर्वक उत्तम भक्ति के साथ षोडशोपचार से भगवती सरस्वती की अर्चना करता है, वह वैकुण्ठ धाम में स्थान पाता है। माघ शुक्ल पंचमी विद्यारम्भ की मुख्य तिथि है। “माघस्य शुक्लपञ्चम्यां विद्यारम्भदिनेऽपि च।”*

🙏🏻 *श्रीकृष्ण ने सरस्वती से कहा था*

🌷 *प्रतिविश्वेषु ते पूजां महतीं ते मुदाऽन्विताः । माघस्य शुक्लपञ्चम्यां विद्यारम्भेषु सुन्दरि ।।*
*मानवा मनवो देवा मुनीन्द्राश्च मुमुक्षवः । सन्तश्च योगिनः सिद्धा नागगन्धर्वकिंनराः ।।*
*मद्वरेण करिष्यन्ति कल्पे कल्पे यथाविधि । भक्तियुक्ताश्च दत्त्वा वै चोपचारांश्च षोडश ।।*
*काण्वशाखोक्तविधिना ध्यानेन स्तवनेन च । जितेन्द्रियाः संयताश्च पुस्तकेषु घटेऽपि च ।।*
*कृत्वा सुवर्णगुटिकां गन्धचन्दन चर्च्चिताम् । कवचं ते ग्रहीष्यन्ति कण्ठे वा दक्षिणे भुजे ।।*
*पठिष्यन्ति च विद्वांसः पूजाकाले च पूजिते । इत्युक्त्वा पूजयामास तां देवीं सर्वपूजितः ।।*
*ततस्तत्पूजनं चक्रुर्ब्रह्मविष्णुमहेश्वराः । अनन्तश्चापि धर्मश्च मुनीन्द्राः सनकादयः ।।*
*सर्वे देवाश्च मनवो नृपा वा मानवादयः । बभूव पूजिता नित्या सर्वलोकैः सरस्वती ।।*

🙏🏻 *“सुन्दरि! प्रत्येक ब्रह्माण्ड में माघ शुक्ल पंचमी के दिन विद्यारम्भ के शुभ अवसर पर बड़े गौरव के साथ तुम्हारी विशाल पूजा होगी। मेरे वर के प्रभाव से आज से लेकर प्रलयपर्यन्त प्रत्येक कल्प में मनुष्य, मनुगण, देवता, मोक्षकामी प्रसिद्ध मुनिगण, वसु, योगी, सिद्ध, नाग, गन्धर्व और राक्षस– सभी बड़ी भक्ति के साथ सोलह प्रकार के उपचारों के द्वारा तुम्हारी पूजा करेंगे। उन संयमशील जितेन्द्रिय पुरुषों के द्वारा कण्वशाखा में कही हुई विधि के अनुसार तुम्हारा ध्यान और पूजन होगा। वे कलश अथवा पुस्तक में तुम्हें आवाहित करेंगे। तुम्हारे कवच को भोजपत्र पर लिखकर उसे सोने की डिब्बी में रख गन्ध एवं चन्दन आदि से सुपूजित करके लोग अपने गले अथवा दाहिनी भुजा में धारण करेंगे। पूजा के पवित्र अवसर पर विद्वान पुरुषों के द्वारा तुम्हारा सम्यक प्रकार से स्तुति-पाठ होगा। इस प्रकार कहकर सर्वपूजित भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती की पूजा की। तत्पश्चात, ब्रह्मा, विष्णु, शिव, अनन्त, धर्म, मुनीश्वर, सनकगण, देवता, मुनि, राजा और मनुगण– इन सब ने भगवती सरस्वती की आराधना की। तब से ये सरस्वती सम्पूर्ण प्राणियों द्वारा सदा पूजित होने लगीं।*

🙏🏻 *वसन्त पंचमी पर सरस्वती मूल मंत्र की कम से कम 1 माला जप जरूर करना चाहिए।*

➡ *मूल मंत्र : “श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा”*

🙏🏻 *सरस्वती जी का वैदिक अष्टाक्षर मूल मंत्र जिसे भगवान शिव ने कणादमुनि तथा गौतम को, श्रीनारायण ने वाल्मीकि को, ब्रह्मा जी ने भृगु को, भृगुमुनि ने शुक्राचार्य को, कश्यप ने बृहस्पति को दिया था जिसको सिद्ध करने से मनुष्य बृहस्पति के समान हो जाता है ।*

🙏🏻 *सरस्वती पूजा के लिए नैवैद्य (ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार)*
*नवनीतं दधि क्षीरं लाजांश्च तिललड्डुकान् । इक्षुमिक्षुरसं शुक्लवर्णं पक्वगुडं मधु ।।*
*स्वस्तिकं शर्करां शुक्लधान्यस्याक्षतमक्षतम्। अस्विन्नशुक्लधान्यस्य पृथुकं शुक्लमोदकम् ।।*
*घृतसैन्धवसंस्कारैर्हविष्यैर्व्यञ्जनैस्तथा । यवगोधूमचूर्णानां पिष्टकं घृतसंस्कृतम् ।।*
*पिष्टकं स्वस्तिकस्यापि पक्वरम्भाफलस्य च । परमान्नं च सघृतं मिष्टान्नं च सुधोपमम् ।।*
*नारिकेलं तदुदकं केशरं मूलमार्द्रकम् । पक्वरम्भाफलं चारु श्रीफलं बदरीफलम् ।।*
*कालदेशोद्भवं पक्वफलं शुक्लं सुसंस्कृतम् ।।*

🙏🏻 *ताजा मक्खन, दही, दूध, धान का लावा, तिल के लड्डू, सफेद गन्ना और उसका रस, उसे पकाकर बनाया हुआ गुड़, स्वास्तिक (एक प्रकार का पकवान), शक्कर या मिश्री, सफेद धान का चावल जो टूटा न हो (अक्षत), बिना उबाले हुए धान का चिउड़ा, सफेद लड्डू, घी और सेंधा नमक डालकर तैयार किये गये व्यंजन के साथ शास्त्रोक्त हविष्यान्न, जौ अथवा गेहूँ के आटे से घृत में तले हुए पदार्थ, पके हुए स्वच्छ केले का पिष्टक, उत्तम अन्न को घृत में पकाकर उससे बना हुआ अमृत के समान मधुर मिष्टान्न, नारियल, उसका पानी, कसेरू, मूली, अदरख, पका हुआ केला, बढ़िया बेल, बेर का फल, देश और काल के अनुसार उपलब्ध ऋतुफल ये सब नैवेद्य के समान हैं।*

🌷 *सुगन्धि शुक्लपुष्पं च गन्धाढ्यं शुक्लचन्दनम् । नवीनं शुक्लवस्त्रं च शङ्खं च सुमनोहरम् ।।*
*माल्यं च शुक्लपुष्पाणां मुक्ताहीरादिभूषणम् ।।*

🙏🏻 *सुगन्धित सफेद पुष्प, सफेद स्वच्छ चन्दन तथा नवीन श्वेत वस्त्र और सुन्दर शंख देवी सरस्वती को अर्पण करना चाहिये। श्वेत पुष्पों की माला और श्वेत भूषण भी भगवती को चढ़ावे।*

🙏🏻 *स्मरण शक्ति प्राप्त करने के लिए वसंत पंचमी से शुरू करके प्रतिदिन याज्ञवल्क्य द्वारा रचित भगवती सरस्वती की स्तुति करनी चाहिए।
🌞
*
*जय श्री सीताराम*
🙏
*श्री राधे राधेश्याम*
🙏

23 hours ago | [YT] | 33

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः*
🙏🏻
*ॐ नमः शिवाय हर हर महादेव शिव शंभू*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 12 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - माघ (गुजरात- महाराष्ट्र पौष)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी दोपहर 12:42 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - स्वाती रात्रि 09:05 तक तत्पश्चात विशाखा*
🌤️ *योग - धृति शाम 06:12 तक तत्पश्चात शूल*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 08:41 से सुबह 10:03 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:19*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:14*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- राष्ट्रीय युवा दिवस*

💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*


🌷 *सर्दी सहन न होने पर* 🌷

👉🏻 *कुछ लोगों को सर्दी सहन नहीं होती ...थरथराते हैं, दांत आपस में टकराते हैं, हाथ कांपते हैं l*

👉🏻 *वे लोग कड़ाही में थोड़ा सा घी डालदें और फिर उसमे गुड़ गला दें l जितना गुड़ उतना सौंठ डालदें l थोड़े से घी में गला के सेंक दिया l एक-एक चम्मच खाने से सर्दी झेलने की ताकत आ जाएगी l सुबह शाम चाट लें l*

👉🏻 *राई पीसके शहद के साथ पैरों के तलवों में लगादें तो भी सर्दी में ठिठुरना बंद हो जायेगा l*

🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌷 *मकर संक्रांति* 🌷

👉🏻 *गताअंक से आगे...*

🌞 *सूर्य की किरणों से रोग दूर करने की प्रशंसा ‘अथर्ववेद’ में भी आती है | कांड – १, सूक्त २२ के श्लोकों में सूर्य की किरणों का वर्णन आता है |*
*मैं १५-२० मिनट सूर्यस्नान करता हूँ | लेटे–लेटे सूर्यस्नान करना और भी हितकारी होता है लेकिन सूर्य की कोमल धूप हो, सूर्योदय से एक-डेढ़ घंटे के अंदर-अंदर सूर्यस्नान कर लें | इससे मांसपेशियाँ तंदुरस्त होती हैं, स्नायुओं का दौर्बल्य दूर होता है | सूर्यस्नान का यह प्रसाद मुझे अनुभव होता है | मुझे स्नायुओं में दौर्बल्य नहीं है | स्नायु की दुर्बलता, शरीर में दुर्बलता, थकान व कमजोरी हो तो प्रतिदिन सूर्यस्नान करना चाहिए |*

🌞 *सूर्यस्नान से त्वचा के रोग भी दूर होते हैं, हड्डियाँ मजबूत होती हैं | रक्त में कैल्शियम, फ़ॉस्फोरस व लोहें की मात्राएँ बढती हैं, ग्रंथियों के स्त्रोतों में संतुलन होता है | सूर्यकिरणों से खून का दौरा तेज, नियमित व नियंत्रित चलता है | लाल रक्त कोशिकाएँ जाग्रत होती हैं, रक्त की वृद्धि होती है | गठिया, लकवा और आर्थराइटिस के रोग में भी लाभ होता है | रोगाणुओं का नाश होता है, मस्तिष्क के रोग, आलस्य, प्रमाद, अवसाद, ईर्ष्या-द्वेष आदि शांत होते हैं | मन स्थिर होने में भी सूर्य की किरणों का योगदान है | नियमित सूर्यस्नान से मन पर नियंत्रण, हार्मोन्स पर नियंत्रण और त्वचा व स्नायुओं में क्षमता, सहनशीलता की वृद्धि होती है |*

🌞 *नियमित सूर्यस्नान से दाँतों के रोग दूर होने लगते हैं | विटामिन ‘डी’ की कमी से होनेवाले सूखा रोग, संक्रामक रोग आदि भी सूर्यकिरणों से भगाये जा सकते हैं |*

🌞 *अत: आप भी खाद्य अन्नों को व स्नान के पानी को धूप में रखों तथा सूर्यस्नान का खूब लाभ लो |*
*दृढ़ संकल्पवान व साधना में उन्नत होने का दिन*

🌞 *उत्तरायण यह देवताओं का ब्राम्हमुहूर्त है तथा लौकिक व अध्यात्म विद्याओं की सिद्धि का काल है | तो मकर संक्रांति के पूर्व की रात्रि में सोते समय भावना करना कि ‘पंचभौतिक शरीर पंचभूतों में, मन, बुद्धि व अहंकार प्रकृति में लीन करके मैं परमात्मा में शांत हो रहा हूँ | और जैसे उत्तरायण के पर्व के दिन भगवान सूर्य दक्षिण से मुख मोडकर उत्तर की तरफ जायेंगे, ऐसे ही हम नीचे के केन्द्रों से मुख मोडकर ध्यान-भजन और समता के सूर्य की तरफ बढ़ेंगे | ॐ शांति .... ॐ आनंद .... ‘*

🌞 *रात को ‘ॐ सूर्याय नम: |’ इस मंत्र का चिंतन करके सोओगे तो सुबह उठते-उठते सूर्यनारायण का भ्रूमध्य में ध्यान भी सहज में कर पाओगे | उससे बुद्धि का विकास होगा |*

1 week ago | [YT] | 35

Pious Astro

🕉️ श्री गणेशाय नमः ~ वैदिक पंचांग ~ 🕉️
🌤️ दिनांक - 04 जनवरी 2026
🌤️ दिन - रविवार
🌤️ विक्रम संवत - 2082
🌤️ शक संवत - 1947
🌤️ अयन - दक्षिणायन
🌤️ ऋतु - शिशिर ऋतु
🌤️ मास - माघ (गुजरात-महाराष्ट्र पौष)
🌤️ पक्ष - कृष्ण
🌤️ तिथि - प्रतिपदा दोपहर 12:29 तक तत्पश्चात द्वितीया
🌤️ नक्षत्र - आर्द्रा शाम 03:11 तक तत्पश्चात पुष्य
🌤️ योग - वैधृति 05 जनवरी रात्रि 01:47 तक तत्पश्चात विष्कंभ
🌤️ राहुकाल - शाम 04:49 से शाम 06:10 तक
🌤️ सूर्योदय - 07:18
🌤️ सूर्यास्त - 06:09
👉 दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
🚩 व्रत पर्व विवरण - रविपुष्य योग (दोपहर 03:11 से 05 जनवरी सूर्योदय तक)
💥 विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
💥 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
💥 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
💥 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
🕉️~वैदिक पंचांग ~🕉️

🌷 कोई कष्ट हो तो 🌷
➡️ 06 जनवरी 2026 मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:07)
🙏🏻 हमारे जीवन में बहुत समस्याएँ आती रहती हैं, मिटती नहीं हैं ।, कभी कोई कष्ट, कभी कोई समस्या | ऐसे लोग शिवपुराण में बताया हुआ एक प्रयोग कर सकते हैं कि, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (मतलब पुर्णिमा के बाद की चतुर्थी ) आती है | उस दिन सुबह छः मंत्र बोलते हुये गणपतिजी को प्रणाम करें कि हमारे घर में ये बार-बार कष्ट और समस्याएं आ रही हैं वो नष्ट हों |
👉🏻 छः मंत्र इस प्रकार हैं –
🌷 ॐ सुमुखाय नम: : सुंदर मुख वाले; हमारे मुख पर भी सच्ची भक्ति प्रदान सुंदरता रहे ।
🌷 ॐ दुर्मुखाय नम: : मतलब भक्त को जब कोई आसुरी प्रवृत्ति वाला सताता है तो… भैरव देख दुष्ट घबराये ।
🌷 ॐ मोदाय नम: : मुदित रहने वाले, प्रसन्न रहने वाले । उनका सुमिरन करने वाले भी प्रसन्न हो जायें।
🌷 ॐ प्रमोदाय नम: : प्रमोदाय; दूसरों को भी आनंदित करते हैं। भक्त भी प्रमोदी होता है और अभक्त प्रमादी होता है, आलसी। आलसी आदमी को लक्ष्मी छोड़ कर चली जाती है। और जो प्रमादी न हो, लक्ष्मी स्थायी होती है।
🌷 ॐ अविघ्नाय नम:
🌷 ॐ विघ्नकरत्र्येय नम:
🙏🏻
🕉️ ~ वैदिक पंचांग ~ 🕉️
🌷 मंगलवारी चतुर्थी 🌷
➡️ 06 जनवरी 2026 मंगलवार को सुबह 08:01 से 07 जनवरी सुबह 06:52 तक अंगारकी-मंगलवारी चतुर्थी है।
🙏 अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है…
🌷 > बिना नमक का भोजन करें
🌷 > मंगल देव का मानसिक आह्वान करो
🌷 > चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें
💵 कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा |
🕉️ ~ वैदिक पंचांग ~ 🕉️
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🌷🙏🏻🙏🏻हर हर महादेव 🙏🏻
आपका जन्मदिन: 4 जनवरी

दिनांक 4 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्त्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 31

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57


शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा


आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल

शुभ कार्य : मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है।


व्यापार : नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी।

2 weeks ago | [YT] | 30

Pious Astro

🙏🏻 हर हर महादेव🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞

🌤️ *दिनांक - 02 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन - शुक्रवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - पौष*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी शाम 06:53 तक तत्पश्चात पूर्णिमा*
🌤️ *नक्षत्र - मृगशिरा रात्रि 08:04 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग - शुक्ल दोपहर 01:07 तक तत्पश्चात ब्रह्म*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 11:21 से दोपहर 12:43 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:07*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
💥 *विशेष - चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞~*वैदिक पंचांग* ~🌞
🌷 *सर्वफलप्रदायक माघ मास व्रत* 🌷
👉🏻 *03 जनवरी से लेकर 01 फरवरी तक माघ स्नान (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार माघ मास दिनांक 19 जनवरी से) |*
🙏🏻 *पुण्यदायी स्नान सुधारे स्वभाव*
*माघ मास में प्रात:स्नान (ब्राम्हमुहूर्त में स्नान) सब कुछ देता है | आयुष्य लम्बा करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य व सदाचरण देता है | जो बच्चे सदाचरण के मार्ग से हट गये हैं उनको भी पुचकारके, इनाम देकर भी प्रात:स्नान कराओ तो उन्हें समझाने से, मारने-पीटने से या और कुछ करने से वे उतना नहीं सुधर सकते हैं, घर से निकाल देने से भी इतना नहीं सुधरेंगे जितना माघ मास में सुबह का स्नान करने से वे सुधरेंगे |*
🙏🏻 *तो माघ स्नान से सदाचार, संतानवृद्धि, सत्संग, सत्य आचरण उदारभाव आदि का प्राकट्य होता है | व्यक्ति की सुंदरता माने समझ उत्तम गुणों से सम्पन्न हो जाती है | उसकी दरिद्रता और पाप दूर हो जाते हैं | दुर्भाग्य का कीचड़ सूख जाता है | माघ मास में सत्संग-प्रात:स्नान जिसने किया, उसके लिए नरक का डर सदा के लिए खत्म हो जाता है | मरने के बाद वह नरक में नहीं जायेगा | माघ मास के प्रात:स्नान से वृत्तियाँ निर्मल होती हैं, विचार ऊँचे होते हैं | समस्त पापों से मुक्ति होती है | ईश्वरप्राप्ति नहीं करनी हो तब भी माघ मास का सत्संग और पुण्यस्नान स्वर्गलोक तो सहज में ही तुम्हारा पक्का करा देता है | माघ मास का पुण्यस्नान यत्नपूर्वक करना चाहिए |*
🙏🏻 *यत्नपूर्वक माघ मास के प्रात:स्नान से विद्या निर्मल होती है | मलिन विद्या क्या है ? पढ़-लिखके दूसरों को ठगो, दारु पियो, क्लबों में जाओ, बॉयफ्रेंड – गर्लफ्रेंड करो – यह मलिन विद्या है | लेकिन निर्मल विद्या होगी तो इस पापाचरण में रूचि नहीं होगी | माघ के प्रात:स्नान से निर्मल विद्या व कीर्ति मिलती है | ‘अक्षय धन’ की प्राप्ति होती है | रूपये – पैसे तो छोड़के मरना पड़ता है | दूसरा होता है ‘अक्षय धन’, जो धन कभी नष्ट न हो उसकी भी प्राप्ति होती है समस्त पापों से मुक्ति और इन्द्रलोक अर्थात स्वर्गलोक की प्राप्ति सहज में हो जाती है |*
🙏🏻 *‘पद्म पुराण’ में भगवान राम के गुरुदेव वसिष्ठजी कहते हैं कि ‘वैशाख में जलदान. अन्नदान उत्तम माना जाता है और कार्तिक में तपस्या, पूजा लेकिन माघ में जप, होम और दान उत्तम माना गया है |’*
🙏🏻
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🙏🏻🌷🍀🌹🌻🌺🌸💐🍁🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
आपका जन्मदिन: 2 जनवरी

दिनांक 2 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। मूलांक 2 के स्वामी चंद्रमा हैं, जो मन के कारक हैं। यही कारण है कि आप स्वभाव से अत्यधिक भावुक, कल्पनाशील और संवेदनशील होते हैं। दूसरों के दुख से प्रभावित होना आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है, लेकिन यही आपकी सबसे बड़ी ताकत भी है। आप में करुणा और दया कूट-कूट कर भरी होती है।

आप मानसिक रूप से मजबूत होते हुए भी, शारीरिक रूप से थोड़े कमजोर हो सकते हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। चंद्रमा के प्रभाव से, आपका स्वभाव भी उसकी कलाओं की तरह बदलता रहता है- कभी शांत, तो कभी थोड़ा बेचैन। लेकिन आप में अहंकार बिल्कुल भी नहीं होता, और यही आपकी सबसे प्यारी विशेषता है। यदि आप जल्दबाजी छोड़कर धैर्य से काम लें, तो जीवन में बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक: 2, 11, 20, 29
शुभ अंक: 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92


शुभ वर्ष: 2027, 2029, 2036
ईष्टदेव: भगवान शिव, बटुक भैरव, चंद्रदेव
शुभ रंग: सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
आज का दिन आपके लिए समझदारी और सावधानी से चलने का है। किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले अनुभवी लोगों से सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

करियर और व्यवसाय: व्यापार-व्यवसाय में स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें।


स्वास्थ्य: स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहें। छोटी-मोटी परेशानियाँ हो सकती हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें।

पारिवारिक जीवन: परिवार में कोई भी विवाद हो, तो उसे आपसी समझ से सुलझाएं। किसी बाहरी व्यक्ति को दखल देने का मौका न दें।

2 weeks ago | [YT] | 31

Pious Astro

*ॐ श्री गणेशाय नमः*
🙏🏻
*ॐ विष्णवे नमः*
🙏
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 01 जनवरी 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - पौष*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - त्रयोदशी रात्रि 10:22 तक तत्पश्चात चतुर्दशी*
🌤️ *नक्षत्र - रोहिणी रात्रि 10:48 तक तत्पश्चात मृगशिरा*
🌤️ *योग - शुभ शाम 05:12 तक तत्पश्चात शुक्ल*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:04 से शाम 03:25 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:07*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत*
💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*


🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 01 जनवरी 2026 गुरुवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…*
👉🏻 *ऐसे करें व्रत व पूजा*
🙏🏻 *- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।*
🙏🏻 *- इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।*
🙏🏻 *- पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।*
🙏🏻 *- भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।*
👉🏻 *ये उपाय करें*
*सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।*

🌞

3 weeks ago | [YT] | 27

Pious Astro

*ॐश्री गणेसहाय नमः‌*🙏
*वैदिक पंचांग*

🌤️ *दिनांक - 31 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन - बुधवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - पौष*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी 01 जनवरी रात्रि 01:47 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - कृत्तिका 01 जनवरी रात्रि 01:29 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग - साध्य सुबह 09:13 तक तत्पश्चात शुभ*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 12:42 से दोपहर 02:03 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:17*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:06*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - पुत्रदा एकादशी, (भागवत)*

💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *पुत्रदा एकादशी* 🌷

➡️ *30 दिसम्बर 2025 मंगलवार को सुबह 07:50 से 31 दिसम्बर प्रातः 05:00 तक एकदशी है।*

💥 *विशेष - 30 दिसम्बर 2025 मंगलवार को पुत्रदा एकादशी (स्मार्त) एवं 31 दिसम्बर 2025 बुधवार को पुत्रदा एकादशी (भागवत)*

👉🏻 *31 दिसम्बर 2025 बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।*

🙏🏻 *पुत्रदा एकादशी (पुत्रप्राप्ति की इच्छा से इसका व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी भी हो जाता है ।)*


🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷

📅 *वास्तु में पुराने कैलेंडर लगाए रखना अच्छा नहीं माना गया है। ये प्रगति के अवसरों को कम करता है। इसलिए, पुराने कैलेंडर को हटा देना चाहिए और नए साल में नया कैलेंडर लगाना चाहिए। जिससे नए साल में पुराने साल से भी ज्यादा शुभ अवसरों की प्राप्ति होती रहे।*
*अगर सालभर अच्छे योग और फायदे चाहते हैं तो घर में कैलेंडर को वास्तु के अनुसार ही लगाएं।*

👉🏻 *वास्तु अनुरुप कहां लगाएं कैलेंडर*

📅 *कैलेंडर उत्तर,पश्चिम या पूर्वी दीवार पर लगाना चाहिए। हिंसक जानवरों, दुःखी चेहरों की तस्वीरोंवाला ना हो। इस प्रकार की तस्वीरें घर में नेगेटिव एनर्जी का संचार करती है।*

📅 *पूर्व में कैलेंडर लगाना बढ़ा सकता हैं प्रगति के अवसर- पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य हैं , जो लीडरशिप के देवता हैं। इस दिशा में कैलेंडर रखना जीवन में प्रगति लाता है। लाल या गुलाबी रंग के कागज पर उगते सूरज, भगवान आदि की तस्वीरों वाला कैलेंडर हो।*

📅 *उत्तर दिशा में कैलेंडर बढ़ाता है सुख-समृद्धि- उत्तर दिशा कुबेर की दिशा है। इस दिशा में हरियाली,फव्वारा, नदी,समुद्र, झरने, विवाह आदि की तस्वीरों वाला कैलेंडर इस दिशा में लगाना चाहिए। कैलेंडर पर ग्रीन व सफेद रंग का उपयोग अधिक किया हो।*
📅 *पश्चिम दिशा में कैलेंडर लगाने से बन सकते हैं रुके हुए कई कार्य- पश्चिम दिशा बहाव की दिशा है। इस दिशा में कैलेंडर लगाने से कार्यों में तेजी आती हैं। कार्यक्षमता भी बढ़ती है। पश्चिम दिशा का जो कोना उत्तर की ओर हो। उस कोने की ओर कैलेंडर लगाना चाहिए।*

📅 *कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए घर की दक्षिण दिशा में- घड़ी और कैलेंडर दोनों ही समय के सूचक हैं। दक्षिण ठहराव की दिशा है। यहां समय सूचक वस्तुओं को ना रखें। ये घर के सदस्यों की तरक्की के अवसर रोकता है। घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।*

📅 *मुख्य दरवाजे से नजर आता कैलेंडर भी नहीं लगाएं- मुख्य दरवाजे के सामने कैलेंडर नहीं लगाना चाहिए। दरवाजे से गुजरने वाली ऊर्जा प्रभावित होती है। साथ ही तेज हवा चलने से कैलेंडर हिलने से पेज उलट सकते हैं । जो कि अच्छा नहीं माना जाता है।*

💥 *विशेष : अगर कैलेंडर में संतों महापुरुषों तथा भगवान के श्रीचित्र लगे हों,तो ये और अधिक पुण्यदायी और आनंददायी माना जाता है |*
आज का राशिफल

3 weeks ago | [YT] | 27

Pious Astro

*ॐश्री गणेशाय नमः*
🙏🏻
*ॐ सूर्यो देवाय नमः*
🙏🏻

🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक - 28 दिसम्बर 2025*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शिशिर ॠतु*
🌤️ *मास - पौष*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी सुबह 11:59 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - उत्तरभाद्रपद सुबह 08:43 तक तत्पश्चात रेवती*
🌤️ *योग - वरीयान सुबह 10:13 तक तत्पश्चात परिघ*
🌤️ *राहुकाल - शाम 04:45 से शाम 06:06 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:15*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:04*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- पंचक*
💥 *विशेष - *अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
*💥 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*


🌷 *इन पुण्यदायी तिथियों व योगों का अवश्य उठायें लाभ* 🌷
➡️ *31 दिसम्बर : पुत्रदा एकादशी (पुत्र की इच्छा से व्रत करनेवाला पुत्र पाकर स्वर्ग का अधिकारी होता है।)*
➡️ *03 जनवरी : व्रत पूर्णिमा, पौष पूर्णिमा एवं माघ स्नान आरम्भ (माघ मास में जप, होम, दान - ये तीन पुण्यकर्म विशेष हैं। पद्म पुराण)*
➡️ *04 जनवरी : रविपुष्य योग (दोपहर 03:11 से 05 जनवरी सूर्योदय तक) (मंत्रसिद्धि और औषधि प्रयोग के लिए विशेष फलप्रद)*
➡️ *06 जनवरी : सकट चौथ, संकष्ट चतुर्थी (चन्द्रोदय रात्रि 09:07), मंगलवारी चतुर्थी (सुबह 08:01 से 07 जनवरी सुबह 06:52 तक) (सूर्यग्रहण-तुल्य एवं ध्यान, जप, मौन आदि का प्रभाव अक्षय)*
➡️ *14 जनवरी : षट्तिला एकादशी मकर संक्रांति (पुण्यकाल : दोपहर 03:13 से सूर्यास्त तक) (सूर्योदय से पहले स्नान से 10,000 गोदान करने का फल)*
➡️ *16 जनवरी : प्रदोष व्रत एवं मासिक शिवरात्रि*
➡️ *18 जनवरी : दर्श अमावस्या, माघ अमावस्या एवं मौनी अमावस्या*
➡️ *20 जनवरी : व्यतीपात योग (रात्रि 08:01 से 21 जनवरी शाम 06:58 तक)*
*व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका 1 लाख गुना फल मिलता है। - वाराह पुराण*
➡️ *22 जनवरी : विनायक चतुर्थी, तिलकुंद चतुर्थी, वरद चतुर्थी एवं श्री गणेश जयंती*
➡️ *23 जनवरी : वसंत पंचमी (इस दिन सारस्वत्य मंत्र का अधिक-से-अधिक जप करना चाहिए।)*
➡️ *25 जनवरी : माघ शुक्ल सप्तमी (इस दिन प्रातः पुण्यस्नान, व्रत करके गुरु का पूजन करनेवाला सम्पूर्ण माघ मास के स्नान का फल व वर्षभर के रविवार व्रत का पुण्य पा लेता है। यह सम्पूर्ण पापों को हरनेवाली व सुख-सौभाग्य की वृद्धि करनेवाली है।), विजया सप्तमी (स्नान, दान, ध्यान, जप, तप, होम और उपवास - सब कुछ बड़े-बड़े पातकों का नाशक ब्रह्म पुराण), रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से रात्रि ११ बजकर १० मिनट तक) (सूर्यग्रहण-तुल्य व ध्यान, जप, मौन आदि का प्रभाव अक्षय)*

3 weeks ago | [YT] | 29

Pious Astro

वैदिक पंचांग

दिनांक - 15 दिसम्बर 2025
दिन - सोमवार
विक्रम संवत 2082
शक संवत -1947
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - हेमंत ॠतु
मास - पौष (गुजरात-महाराष्ट्र)मार्गशीर्ष
पक्ष - कृष्ण
तिथि - एकादशी रात्रि 09:19 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र - चित्रा सुबह 11:08 तक तत्पश्चात स्वाती
योग - शोभन दोपहर 12:30 तक तत्पश्चात अतिगण्ड
राहुकाल - सुबह 08:30 से सुबह 09:51 तक
सूर्योदय - 07:09
सूर्यास्त - 05:58
👉 दिशाशूल - पूर्व दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- सफला एकादशी

विशेष - *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।

एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
वैदिक पंचांग

सफला एकादशी

➡️ 14 दिसम्बर 2025 रविवार को शाम 06:49 से 15 दिसम्बर, सोमवार को रात्रि 09:19 तक एकादशी है।

विशेष - 15 दिसम्बर, सोमवार को एकादशी का व्रत उपवास रखें ।

*सफला एकादशी ( व्रत से सभी कार्य सफल होते हैं | यह सुख, भोग और मोक्ष देनेवाली है | इस रात को जागरण करने से हजारों वर्षों की तपस्या करने से भी अधिक फल मिलता है।
षडशीति संक्रान्ती


👉 16 दिसम्बर 2025 मंगलवार को षडशीति संक्रान्ती है ।

पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:23 तक… जप,तप,ध्यान और सेवा का पूण्य 86000 गुना है !!!

इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप – ध्यान, प्रार्थना में लगायें।

षडशीति संक्रांति में किये गए जप ध्यान का फल ८६००० गुना होता है – (पद्म पुराण )


विघ्न-बाधाएँ दूर करने हेतु मंत्र
👉🏻 अगर साधना में विध्न आते हों तो ‘ॐ नमो सर्वार्थसाधिनि स्वाहा |’ इस मंत्र का जप करके हाथ में जल ले के अपने आसन के चारों ओर छोड़ते हुए घेरा बना लें |

1 month ago | [YT] | 37