सिद्धार्थ का जन्म वैशाख की पूर्णिमा(अप्रैल /मई)यानी आज के दिन हुआ जन्म से वे क्षत्रिय थे......
उनको ज्ञान प्राप्त भी इसी तिथि को हुआ तब वो बुद्ध बने
उनकी मृत्यु(महापरिनिर्वाण) भी इसी तिथि को हुई....
ये आश्चर्यचकित संयोग ही बुद्ध पूर्णिमा कहलाया।
चाँद की महिमा का उल्लेख दुनियां की हरेक सभ्यता के ग्रंथों में मिलेगा,दुनियां के सभी धर्मों के त्योहारों में चांद विशेष महत्व रखता है भगवतगीता में श्री कृष्ण कहते हैं कि तारों में, मैं सूर्य हूं और नक्षत्रों में चंद्रमा" या यूं कहूं दिन में सूर्य रात को चंद्र...... लेकिन रात अत्यधिक महत्व रखती है,मनुष्य के सभी भाव मनुष्य में ही शामिल होकर गहरी नींद में होते जाते हैं जैसे जैसे रात बढ़ती है,मनुष्य पाता है चांद की रोशनी में मध्यरात्रि से सुबह पक्षियों की चहचहाहट तक सारे भाव शांत रहते हैं,तब मनुष्य आसमान की चादर के नीचे स्पष्ट पूर्ण रूप से दिखते चांद के साथ एक हो लेता है,उस वक्त वो मनुष्य भी नहीं रहता,बुद्ध बनने का रास्ता मिल जाता है,वक्त का पता चल जाता है किस वक्त योग होगा परमात्मा से फिर वो जान जाता है,फिर सबको उंगली से चांद को दिखाने की तरफ इशारा करता है,कहता है दुनियां में जितने ज्वारभाटे उठते हैं वो चांद की वजह से,समुद्र में होती हलचल वो चांद की वजह से,चमत्कारिक वनस्पतियां में चमत्कार भी चांद की वजह से , चाँद चमत्कार है,इसलिए उसको देखो,मतलब उसके साथ वक्त बिताओ, क्योंकि मनुष्य के अंदर भी अधिकांश पानी ही है,लेकिन मनुष्य बुद्ध की उंगली को देखता है और फिर बुद्ध को देखता है,लेकिन चांद के चमत्कार को महसूस जीवन भर नहीं कर पाता,आखिरकार जीवन के अंत के समय में शायद किसी को धुंधला धुंधला चांद दिखने लगता है, लेकिन ऊर्जा संग्रहण की ताकत नहीं बचती। #बुद्ध #बुद्धपूर्णिमा #buddhpoornima
**परिचय** 1905 का बंगाल विभाजन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन ने प्रशासनिक सुविधा का बहाना देकर बंगाल को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव रखा—एक मुस्लिम बहुल पूर्वी बंगाल और एक हिंदू बहुल पश्चिमी बंगाल। हालांकि, इसके पीछे का असली मकसद भारत में साम्प्रदायिक फूट डालकर 'फूट डालो और राज करो' की नीति को आगे बढ़ाना था।
**घटनाक्रम** 16 अक्टूबर 1905 को विभाजन लागू हुआ, जिसने पूरे देश में तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न की। इसने बंगाली समाज को झकझोर दिया, विशेषकर कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में। विभाजन के विरोध में एकजुटता के प्रतीक के रूप में **रवींद्रनाथ टैगोर** ने राखी बंधन की परंपरा का आयोजन किया, जहां हिंदू और मुस्लिम एक-दूसरे को राखी बांधकर सांप्रदायिक सद्भावना का प्रदर्शन कर रहे थे।
**विभाजन के पीछे की ब्रिटिश रणनीति** लॉर्ड कर्जन ने दावा किया कि विभाजन से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, लेकिन भारतीय नेताओं ने इसे साफतौर पर ब्रिटिश शासन की साम्प्रदायिक विभाजन नीति के रूप में देखा। कांग्रेस के नेताओं, जैसे **सुरेंद्रनाथ बनर्जी** और **बिपिन चंद्र पाल**, ने इसे भारतीय राष्ट्रीयता पर हमला बताया। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने इसे 'राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा' कहा और विभाजन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।
**विरोध और स्वदेशी आंदोलन** विभाजन के खिलाफ विरोध ने एक व्यापक **स्वदेशी आंदोलन** को जन्म दिया, जिसमें विदेशी वस्त्रों और उत्पादों का बहिष्कार किया गया और भारतीय निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया गया। स्वदेशी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में **बाल गंगाधर तिलक**, **अरविंद घोष**, और **लाला लाजपत राय** शामिल थे। यह आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में फैल गया।
**ब्रिटिश प्रतिक्रिया और बंग-भंग का अंत** ब्रिटिश सरकार ने शुरुआत में आंदोलन को दबाने की कोशिश की, लेकिन भारतीयों के जोरदार विरोध और असंतोष को देखते हुए 1911 में विभाजन रद्द करना पड़ा। विभाजन के रद्दीकरण के बाद बंगाल को फिर से एकजुट किया गया, और ब्रिटिश राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया।
**भारतीय नेताओं का दृष्टिकोण** भारतीय नेताओं ने बंगाल विभाजन को ब्रिटिश सरकार की फूट डालने की साजिश के रूप में देखा। **महात्मा गांधी** ने इसे भारतीय एकता के खिलाफ एक चाल माना, जबकि **गोपाल कृष्ण गोखले** ने इसे भारतीय स्वतंत्रता की राह में बाधा कहा।
**निष्कर्ष** बंगाल विभाजन ब्रिटिश सरकार की 'फूट डालो और राज करो' की नीति का एक उदाहरण था, जिसने भारतीय समाज को बांटने की कोशिश की। हालांकि, इस विभाजन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और स्वदेशी आंदोलन के रूप में जनता की एकजुटता और आत्मनिर्भरता की भावना को जन्म दिया।
आज, 15 अक्टूबर 2024 को, गोल्डमैन सैक्स और बैंक ऑफ अमेरिका की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट जारी होने के बाद अमेरिकी और वैश्विक शेयर बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है। बैंकों की आय रिपोर्ट बाजार की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासकर जब निवेशक ब्याज दरों में वृद्धि की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं।
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कमाई में कमी दर्ज की गई, जिससे बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है। उनकी तिमाही आय पिछले साल की तुलना में करीब 35% कम थी, और राजस्व में भी 7% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, बैंक ऑफ अमेरिका ने अपनी आय में मामूली वृद्धि दिखाई, लेकिन इसके बावजूद, यह अपेक्षाओं से थोड़ा कम रहा।
इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा जा सकता है। बैंकों की कमाई रिपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका प्रभाव भारतीय निवेशकों पर भी पड़ सकता है, विशेषकर विदेशी निवेश की प्रवृत्ति को देखते हुए।
**चुनाव आयोग की घोषणाएँ भारत के चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र और झारखंड में आगामी चुनावों की तारीखों की घोषणा की। यह घोषणा चुनावी प्रक्रिया की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, और इससे राजनीतिक दलों को अपने प्रचार और रणनीतियों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इन चुनावों की तिथि निश्चित होने के बाद राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी प्रभावित होगा। 1. **महाराष्ट्र चुनाव**: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 26 नवंबर 2024 को होंगे। वर्तमान में, राज्य में महायुति सरकार है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। इस विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। 2. **झारखंड चुनाव**: झारखंड विधानसभा चुनाव 5 जनवरी 2025 को होंगे। राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस का गठबंधन सरकार में है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हैं। झारखंड में 81 सीटें हैं।
**चुनाव आयुक्त**: चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हैं। उन्होंने घोषणा की कि चुनावों के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं, और विपक्ष ने इस बार के चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने का निर्णय लिया है
भारत-यूएस रक्षा सौदा 15 अक्टूबर 2024 को भारत और अमेरिका ने 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया। यह सौदा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा और भारत की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाएगा। ये ड्रोन निगरानी और सुरक्षा अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं, और भारत के लिए यह एक कदम है अपने रक्षा उपकरणों को आधुनिक बनाने की दिशा में। भारत और अमेरिका के बीच 15 अक्टूबर 2024 को 31 प्रीडेटर ड्रोन के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ। इस सौदे की लागत लगभग **32,000 करोड़ रुपये** है। इसमें 15 ड्रोन भारतीय नौसेना के लिए होंगे, जबकि शेष भारतीय वायु सेना और सेना के बीच विभाजित किए जाएंगे।
1. **जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन समाप्त**: जम्मू और कश्मीर में 2019 से लागू राष्ट्रपति शासन आज समाप्त हो गया। अब वहां नई सरकार का गठन होगा, जिसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार मुख्य भूमिका निभाएगी।
2. **मुंबई में टोल छूट लागू**: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में पांच प्रमुख टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों के लिए टोल छूट की घोषणा की है। यह छूट आज से लागू हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
3. **दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध**: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1 जनवरी 2025 तक पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय दिवाली से पहले लिया गया है ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
4. **चिराग पासवान को Z श्रेणी सुरक्षा**: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख चिराग पासवान को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है।
5. **मुंबई से फ्लाइट्स में बम धमकी**: मुंबई से एयर इंडिया और इंडिगो की दो फ्लाइट्स में बम धमकी की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद इन विमानों की जांच की जा रही है।
**2024 का नोबेल शांति पुरस्कार: "निहोन हिदंक्यो"**
2024 में नोबेल शांति पुरस्कार "निहोन हिदंक्यो" (Japan Confederation of A- and H-Bomb Sufferers Organizations) को दिया गया है। यह संगठन परमाणु बमों के शिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें जापान में हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए बम विस्फोटों के कारण भयंकर नुकसान उठाना पड़ा। यह पुरस्कार संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए दिया गया है, जो एक परमाणु मुक्त दुनिया की दिशा में काम कर रहा है और अपने व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से परमाणु हथियारों के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है
### पुरस्कार का महत्व
नोबेल समिति ने इस संगठन के काम की सराहना करते हुए कहा कि हिबाकुशा (परमाणु बमों के शिकारियों) ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करके और शैक्षिक अभियानों के माध्यम से व्यापक वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों के खिलाफ विरोध उत्पन्न किया है। यह संगठन विश्वभर में परमाणु हथियारों के दुरुपयोग और उनके प्रभावों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आवाज बन गया है
### ऐतिहासिक संदर्भ
यह पुरस्कार पिछले 50 वर्षों में जापान का पहला नोबेल शांति पुरस्कार है। इससे पहले, 1974 में पूर्व प्रधानमंत्री सतो ईसाकु को भी शांति पुरस्कार दिया गया था, जो परमाणु हथियारों के खिलाफ अपने रुख के लिए जाने जाते थे। "निहोन हिदंक्यो" की जीत ने इस विषय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है और यह परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों में एक नया अध्याय खोलता है
विश्व " - इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष और तेज़ हो गया है। इज़राइल ने लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें एक वरिष्ठ हिज़बुल्ला कमांडर मारा गया - स्पेनिश फुटबॉल में, रॉबर्ट लेवांडोवस्की की हैट्रिक ने बार्सिलोना को अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से पहले शीर्ष स्थान दिलाया【 "भारत" भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार 10वीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया - देशभर में दशहरा की धूम है। विभिन्न राज्यों में रामलीला का समापन हो रहा है, और रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जा रहा है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है
मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राजनीतिक दल अपने अभियान को तेज़ कर रहे हैं
- राज्य में विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जैसे इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल के ट्रायल और किसानों के लिए ऋण माफी जैसी योजनाएं
बिहार में आई बाढ़ को लेकर सरकार पर बार-बार आलोचना होती रही है, क्योंकि हर साल आने वाली बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित होते हैं, फिर भी इसका दीर्घकालिक समाधान नहीं निकाला गया है। **नेपाल से आने वाली नदियां** जैसे कोसी, गंडक, और कमला बलान का बार-बार उफान पर आना और तटबंधों का टूटना प्रमुख कारण बने हैं। सरकार की योजनाएं और राहत कार्य अक्सर बाढ़ के बाद तेजी से चलाए जाते हैं, लेकिन बाढ़ प्रबंधन में दीर्घकालिक और प्रभावी योजनाओं की कमी महसूस की जाती है।
हर साल बाढ़ से लोगों की ज़िंदगी और फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है, फिर भी **तटबंधों की मरम्मत और रखरखाव में लापरवाही** की वजह से स्थिति बिगड़ती रहती है। तटबंध टूटने की घटनाएं कई बार इस बात को दर्शाती हैं कि उनकी मजबूती के लिए किए जाने वाले काम आधे-अधूरे होते हैं या समय पर नहीं किए जाते। सरकार की तरफ से हर साल राहत की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि बाढ़ प्रबंधन की योजनाएं सिर्फ संकट के बाद तक सीमित रह जाती हैं।
### **विगत वर्षों में बाढ़ से हुए नुकसान के आंकड़े**: पिछले कई सालों में बिहार की बाढ़ से करोड़ों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उदाहरण के लिए: - **2020** में, बिहार की बाढ़ से **8.4 लाख हेक्टेयर** की फसल बर्बाद हुई और **83 लाख से अधिक लोग** प्रभावित हुए थे। - **2021** में बाढ़ के दौरान भी बिहार के कई जिले पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे, जिसमें सुपौल, मधुबनी, और दरभंगा जैसे प्रमुख इलाके शामिल थे।
**प्रकाशित तथ्य यह भी बताते हैं** कि बिहार में हर साल औसतन 12 से 15 जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं, और इसमें लाखों लोग बेघर हो जाते हैं। पिछले 5 सालों में बाढ़ से लगभग **3000 से अधिक लोगों** की मौत हो चुकी है, और हर साल फसलों, संपत्तियों और बुनियादी ढांचे का भारी नुकसान होता है।
समाधान की दिशा में संभावनाएं
बिहार की बाढ़ का स्थायी समाधान तभी संभव है जब: 1. **नेपाल के साथ प्रभावी बाढ़ प्रबंधन सहयोग** हो। 2. **तटबंधों की मजबूती** और समय पर मरम्मत का कार्य नियमित हो। 3. बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए **जल निकासी प्रणाली** को मजबूत किया जाए। 4. **प्राकृतिक जल संरचनाओं** का पुनर्वास और पुनर्निर्माण किया जाए।
बिहार की बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी ताकि हर साल आने वाले इस प्राकृतिक आपदा से लोगों को राहत मिल सके।
Jitendra Tyagi
भगवान बुद्ध और चाँद"
सिद्धार्थ का जन्म वैशाख की पूर्णिमा(अप्रैल /मई)यानी आज के दिन हुआ जन्म से वे क्षत्रिय थे......
उनको ज्ञान प्राप्त भी इसी तिथि को हुआ तब वो बुद्ध बने
उनकी मृत्यु(महापरिनिर्वाण) भी इसी तिथि को हुई....
ये आश्चर्यचकित संयोग ही बुद्ध पूर्णिमा कहलाया।
चाँद की महिमा का उल्लेख दुनियां की हरेक सभ्यता के ग्रंथों में मिलेगा,दुनियां के सभी धर्मों के त्योहारों में चांद विशेष महत्व रखता है भगवतगीता में श्री कृष्ण कहते हैं कि तारों में, मैं सूर्य हूं और नक्षत्रों में चंद्रमा" या यूं कहूं दिन में सूर्य रात को चंद्र......
लेकिन रात अत्यधिक महत्व रखती है,मनुष्य के सभी भाव मनुष्य में ही शामिल होकर गहरी नींद में होते जाते हैं जैसे जैसे रात बढ़ती है,मनुष्य पाता है चांद की रोशनी में मध्यरात्रि से सुबह पक्षियों की चहचहाहट तक सारे भाव शांत रहते हैं,तब मनुष्य आसमान की चादर के नीचे स्पष्ट पूर्ण रूप से दिखते चांद के साथ एक हो लेता है,उस वक्त वो मनुष्य भी नहीं रहता,बुद्ध बनने का रास्ता मिल जाता है,वक्त का पता चल जाता है किस वक्त योग होगा परमात्मा से फिर वो जान जाता है,फिर सबको उंगली से चांद को दिखाने की तरफ इशारा करता है,कहता है दुनियां में जितने ज्वारभाटे उठते हैं वो चांद की वजह से,समुद्र में होती हलचल वो चांद की वजह से,चमत्कारिक वनस्पतियां में चमत्कार भी चांद की वजह से , चाँद चमत्कार है,इसलिए उसको देखो,मतलब उसके साथ वक्त बिताओ, क्योंकि मनुष्य के अंदर भी अधिकांश पानी ही है,लेकिन मनुष्य बुद्ध की उंगली को देखता है और फिर बुद्ध को देखता है,लेकिन चांद के चमत्कार को महसूस जीवन भर नहीं कर पाता,आखिरकार जीवन के अंत के समय में शायद किसी को धुंधला धुंधला चांद दिखने लगता है, लेकिन ऊर्जा संग्रहण की ताकत नहीं बचती।
#बुद्ध
#बुद्धपूर्णिमा
#buddhpoornima
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Jitendra Tyagi
### बंगाल विभाजन: एक ऐतिहासिक घटनाक्रम
**परिचय**
1905 का बंगाल विभाजन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन ने प्रशासनिक सुविधा का बहाना देकर बंगाल को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव रखा—एक मुस्लिम बहुल पूर्वी बंगाल और एक हिंदू बहुल पश्चिमी बंगाल। हालांकि, इसके पीछे का असली मकसद भारत में साम्प्रदायिक फूट डालकर 'फूट डालो और राज करो' की नीति को आगे बढ़ाना था।
**घटनाक्रम**
16 अक्टूबर 1905 को विभाजन लागू हुआ, जिसने पूरे देश में तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न की। इसने बंगाली समाज को झकझोर दिया, विशेषकर कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में। विभाजन के विरोध में एकजुटता के प्रतीक के रूप में **रवींद्रनाथ टैगोर** ने राखी बंधन की परंपरा का आयोजन किया, जहां हिंदू और मुस्लिम एक-दूसरे को राखी बांधकर सांप्रदायिक सद्भावना का प्रदर्शन कर रहे थे।
**विभाजन के पीछे की ब्रिटिश रणनीति**
लॉर्ड कर्जन ने दावा किया कि विभाजन से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, लेकिन भारतीय नेताओं ने इसे साफतौर पर ब्रिटिश शासन की साम्प्रदायिक विभाजन नीति के रूप में देखा। कांग्रेस के नेताओं, जैसे **सुरेंद्रनाथ बनर्जी** और **बिपिन चंद्र पाल**, ने इसे भारतीय राष्ट्रीयता पर हमला बताया। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने इसे 'राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा' कहा और विभाजन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।
**विरोध और स्वदेशी आंदोलन**
विभाजन के खिलाफ विरोध ने एक व्यापक **स्वदेशी आंदोलन** को जन्म दिया, जिसमें विदेशी वस्त्रों और उत्पादों का बहिष्कार किया गया और भारतीय निर्मित वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया गया। स्वदेशी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में **बाल गंगाधर तिलक**, **अरविंद घोष**, और **लाला लाजपत राय** शामिल थे। यह आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे देश में फैल गया।
**ब्रिटिश प्रतिक्रिया और बंग-भंग का अंत**
ब्रिटिश सरकार ने शुरुआत में आंदोलन को दबाने की कोशिश की, लेकिन भारतीयों के जोरदार विरोध और असंतोष को देखते हुए 1911 में विभाजन रद्द करना पड़ा। विभाजन के रद्दीकरण के बाद बंगाल को फिर से एकजुट किया गया, और ब्रिटिश राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित कर दिया गया।
**भारतीय नेताओं का दृष्टिकोण**
भारतीय नेताओं ने बंगाल विभाजन को ब्रिटिश सरकार की फूट डालने की साजिश के रूप में देखा। **महात्मा गांधी** ने इसे भारतीय एकता के खिलाफ एक चाल माना, जबकि **गोपाल कृष्ण गोखले** ने इसे भारतीय स्वतंत्रता की राह में बाधा कहा।
**निष्कर्ष**
बंगाल विभाजन ब्रिटिश सरकार की 'फूट डालो और राज करो' की नीति का एक उदाहरण था, जिसने भारतीय समाज को बांटने की कोशिश की। हालांकि, इस विभाजन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और स्वदेशी आंदोलन के रूप में जनता की एकजुटता और आत्मनिर्भरता की भावना को जन्म दिया।
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Jitendra Tyagi
आज, 15 अक्टूबर 2024 को, गोल्डमैन सैक्स और बैंक ऑफ अमेरिका की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट जारी होने के बाद अमेरिकी और वैश्विक शेयर बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है। बैंकों की आय रिपोर्ट बाजार की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, खासकर जब निवेशक ब्याज दरों में वृद्धि की संभावनाओं को लेकर चिंतित हैं।
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट में कमाई में कमी दर्ज की गई, जिससे बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई है। उनकी तिमाही आय पिछले साल की तुलना में करीब 35% कम थी, और राजस्व में भी 7% की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, बैंक ऑफ अमेरिका ने अपनी आय में मामूली वृद्धि दिखाई, लेकिन इसके बावजूद, यह अपेक्षाओं से थोड़ा कम रहा।
इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा जा सकता है। बैंकों की कमाई रिपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका प्रभाव भारतीय निवेशकों पर भी पड़ सकता है, विशेषकर विदेशी निवेश की प्रवृत्ति को देखते हुए।
इस रिपोर्ट के चलते कुछ निवेशक सतर्क हो गए हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है, जिससे आने वाले दिनों में भारतीय बाजार पर भी दबाव देखा जा सकता है।
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Jitendra Tyagi
**चुनाव आयोग की घोषणाएँ
भारत के चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र और झारखंड में आगामी चुनावों की तारीखों की घोषणा की। यह घोषणा चुनावी प्रक्रिया की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है, और इससे राजनीतिक दलों को अपने प्रचार और रणनीतियों की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इन चुनावों की तिथि निश्चित होने के बाद राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल भी प्रभावित होगा।
1. **महाराष्ट्र चुनाव**: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 26 नवंबर 2024 को होंगे। वर्तमान में, राज्य में महायुति सरकार है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। इस विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं।
2. **झारखंड चुनाव**: झारखंड विधानसभा चुनाव 5 जनवरी 2025 को होंगे। राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस का गठबंधन सरकार में है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हैं। झारखंड में 81 सीटें हैं।
**चुनाव आयुक्त**: चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हैं। उन्होंने घोषणा की कि चुनावों के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनावी रणनीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं, और विपक्ष ने इस बार के चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने का निर्णय लिया है
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Jitendra Tyagi
भारत-यूएस रक्षा सौदा
15 अक्टूबर 2024 को भारत और अमेरिका ने 31 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया। यह सौदा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा और भारत की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाएगा। ये ड्रोन निगरानी और सुरक्षा अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं, और भारत के लिए यह एक कदम है अपने रक्षा उपकरणों को आधुनिक बनाने की दिशा में।
भारत और अमेरिका के बीच 15 अक्टूबर 2024 को 31 प्रीडेटर ड्रोन के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता हुआ। इस सौदे की लागत लगभग **32,000 करोड़ रुपये** है। इसमें 15 ड्रोन भारतीय नौसेना के लिए होंगे, जबकि शेष भारतीय वायु सेना और सेना के बीच विभाजित किए जाएंगे।
यह सौदा अमेरिकी रक्षा अधिकारियों और भारतीय सैन्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया जाएगा। इन ड्रोन की डिलीवरी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी, और इन्हें भारत के विभिन्न रणनीतिक स्थलों पर तैनात किया जाएगा, जिसमें INS राजाली और अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं
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Jitendra Tyagi
1. **जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रपति शासन समाप्त**: जम्मू और कश्मीर में 2019 से लागू राष्ट्रपति शासन आज समाप्त हो गया। अब वहां नई सरकार का गठन होगा, जिसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार मुख्य भूमिका निभाएगी।
2. **मुंबई में टोल छूट लागू**: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में पांच प्रमुख टोल प्लाजा पर हल्के वाहनों के लिए टोल छूट की घोषणा की है। यह छूट आज से लागू हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
3. **दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध**: दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1 जनवरी 2025 तक पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय दिवाली से पहले लिया गया है ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
4. **चिराग पासवान को Z श्रेणी सुरक्षा**: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के प्रमुख चिराग पासवान को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है।
5. **मुंबई से फ्लाइट्स में बम धमकी**: मुंबई से एयर इंडिया और इंडिगो की दो फ्लाइट्स में बम धमकी की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद इन विमानों की जांच की जा रही है।
6. **बाबा सिद्दिकी हत्या मामला**: इस मामले में मुंबई पुलिस ने पुणे से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह हत्या मुम्बई में बड़े राजनीतिक हत्याकांडों में से एक मानी जा रही है।
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1 year ago | [YT] | 5
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Jitendra Tyagi
**2024 का नोबेल शांति पुरस्कार: "निहोन हिदंक्यो"**
2024 में नोबेल शांति पुरस्कार "निहोन हिदंक्यो" (Japan Confederation of A- and H-Bomb Sufferers Organizations) को दिया गया है। यह संगठन परमाणु बमों के शिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें जापान में हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए बम विस्फोटों के कारण भयंकर नुकसान उठाना पड़ा। यह पुरस्कार संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए दिया गया है, जो एक परमाणु मुक्त दुनिया की दिशा में काम कर रहा है और अपने व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से परमाणु हथियारों के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है
### पुरस्कार का महत्व
नोबेल समिति ने इस संगठन के काम की सराहना करते हुए कहा कि हिबाकुशा (परमाणु बमों के शिकारियों) ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करके और शैक्षिक अभियानों के माध्यम से व्यापक वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों के खिलाफ विरोध उत्पन्न किया है। यह संगठन विश्वभर में परमाणु हथियारों के दुरुपयोग और उनके प्रभावों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आवाज बन गया है
### ऐतिहासिक संदर्भ
यह पुरस्कार पिछले 50 वर्षों में जापान का पहला नोबेल शांति पुरस्कार है। इससे पहले, 1974 में पूर्व प्रधानमंत्री सतो ईसाकु को भी शांति पुरस्कार दिया गया था, जो परमाणु हथियारों के खिलाफ अपने रुख के लिए जाने जाते थे। "निहोन हिदंक्यो" की जीत ने इस विषय पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है और यह परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों में एक नया अध्याय खोलता है
इस पुरस्कार की घोषणा ने न केवल जापान में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी परमाणु निरस्त्रीकरण की आवश्यकता और उसके महत्व पर चर्चा को नया मोड़ दिया है।
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#Jitendra Tyagi
1 year ago | [YT] | 4
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Jitendra Tyagi
विश्व "
- इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष और तेज़ हो गया है। इज़राइल ने लेबनान में हिज़बुल्ला के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें एक वरिष्ठ हिज़बुल्ला कमांडर मारा गया
- स्पेनिश फुटबॉल में, रॉबर्ट लेवांडोवस्की की हैट्रिक ने बार्सिलोना को अंतरराष्ट्रीय ब्रेक से पहले शीर्ष स्थान दिलाया【
"भारत"
भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार 10वीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया
- देशभर में दशहरा की धूम है। विभिन्न राज्यों में रामलीला का समापन हो रहा है, और रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जा रहा है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है
मध्य प्रदेश
- मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राजनीतिक दल अपने अभियान को तेज़ कर रहे हैं
- राज्य में विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जैसे इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल के ट्रायल और किसानों के लिए ऋण माफी जैसी योजनाएं
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1 year ago | [YT] | 4
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Jitendra Tyagi
"अधर्म पर धर्म की जीत, बुराई पर अच्छाई का प्रतीक! इस दशहरा हम सब मिलकर रावण के पुतले के साथ अपने अंदर की बुराइयों को भी जलाएं और एक नया सवेरा लेकर आएं। विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏🔥"
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1 year ago | [YT] | 3
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Jitendra Tyagi
बिहार में आई बाढ़ को लेकर सरकार पर बार-बार आलोचना होती रही है, क्योंकि हर साल आने वाली बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित होते हैं, फिर भी इसका दीर्घकालिक समाधान नहीं निकाला गया है। **नेपाल से आने वाली नदियां** जैसे कोसी, गंडक, और कमला बलान का बार-बार उफान पर आना और तटबंधों का टूटना प्रमुख कारण बने हैं। सरकार की योजनाएं और राहत कार्य अक्सर बाढ़ के बाद तेजी से चलाए जाते हैं, लेकिन बाढ़ प्रबंधन में दीर्घकालिक और प्रभावी योजनाओं की कमी महसूस की जाती है।
हर साल बाढ़ से लोगों की ज़िंदगी और फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है, फिर भी **तटबंधों की मरम्मत और रखरखाव में लापरवाही** की वजह से स्थिति बिगड़ती रहती है। तटबंध टूटने की घटनाएं कई बार इस बात को दर्शाती हैं कि उनकी मजबूती के लिए किए जाने वाले काम आधे-अधूरे होते हैं या समय पर नहीं किए जाते। सरकार की तरफ से हर साल राहत की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि बाढ़ प्रबंधन की योजनाएं सिर्फ संकट के बाद तक सीमित रह जाती हैं।
### **विगत वर्षों में बाढ़ से हुए नुकसान के आंकड़े**:
पिछले कई सालों में बिहार की बाढ़ से करोड़ों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उदाहरण के लिए:
- **2020** में, बिहार की बाढ़ से **8.4 लाख हेक्टेयर** की फसल बर्बाद हुई और **83 लाख से अधिक लोग** प्रभावित हुए थे।
- **2021** में बाढ़ के दौरान भी बिहार के कई जिले पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे, जिसमें सुपौल, मधुबनी, और दरभंगा जैसे प्रमुख इलाके शामिल थे।
**प्रकाशित तथ्य यह भी बताते हैं** कि बिहार में हर साल औसतन 12 से 15 जिले बाढ़ से प्रभावित होते हैं, और इसमें लाखों लोग बेघर हो जाते हैं। पिछले 5 सालों में बाढ़ से लगभग **3000 से अधिक लोगों** की मौत हो चुकी है, और हर साल फसलों, संपत्तियों और बुनियादी ढांचे का भारी नुकसान होता है।
समाधान की दिशा में संभावनाएं
बिहार की बाढ़ का स्थायी समाधान तभी संभव है जब:
1. **नेपाल के साथ प्रभावी बाढ़ प्रबंधन सहयोग** हो।
2. **तटबंधों की मजबूती** और समय पर मरम्मत का कार्य नियमित हो।
3. बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए **जल निकासी प्रणाली** को मजबूत किया जाए।
4. **प्राकृतिक जल संरचनाओं** का पुनर्वास और पुनर्निर्माण किया जाए।
बिहार की बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी ताकि हर साल आने वाले इस प्राकृतिक आपदा से लोगों को राहत मिल सके।
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1 year ago | [YT] | 3
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