The Logical Opinion

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The Logical Opinion

जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने 100 साल पहले एक किताब लिखा था जिसका नाम Mein Kampf(मेरा संघर्ष) है, इसके एक चेप्टर जिसका नाम है “बिग लाई” इसमें हिटलर ने कहा था लोगों को बहकाने के लिए “इतना बड़ा झूठ बोलो-इतना बड़ा झूठ बोलो कि लोगों को लगें कि कोई इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है? कुछ तो सच्चाई होगी ही इसमें।

यानी कि जब झूठ इतना बड़ा हो और झूठ को इतने कॉन्फ़िडेंस और इस तरीक़े से बोला जाए तो कुछ लोग उसे सच मान बैठते है, लोगों को लगने लगता है कि कोई इतना बड़ा आदमी झूठ क्यों बोलेगा कुछ तो सच्चाई होगी ही इसमें, उदाहरण के लिए कहूँ कि “मैं बचपन में चाय बेचता था” जबकि ये झूठ है।

आगे चलकर हिटलर के प्रोपेगेंडा प्रचार मंत्री जोसेफ़ गोयबल्स ने हिटलर की उस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा जो बड़ी मशहूर है, गोयबल्स ने कहा था कि “किसी झूठ को इतनी बार कहो कि वो सच बन जाए और सब उस पर यक़ीन करने लगें” यानी की झूठ तब तक बोलो जब तक की लोग उसपर यक़ीन न कर ले।

तीसरा प्रोपेगेंडा बताया Half Truth(आधा सच) का यानी की झूठ कहते समय कभी-कभी कुछ बातें आधा सच भी हो ताकि झूठ पकड़ा न जाये, उदाहरण के लिए #TheKeralaStory देख लीजिए जिसमें फ़िल्म के टीजर में दावा किया गया था कि राज्‍य में 32000 महिलाओं को धोखे से धर्म परिवर्तन कर इस्लाम ग्रहण कराया गया और आईएसआईएस में भर्ती किया गया।

जबकि सच्चाई यह है कि केरल से सिर्फ छह महिलाओं के ISIS में शामिल होने के सार्वजनिक रिकॉर्ड हैं, इनमें से तीन ने दूसरे धर्म से इस्लाम अपनाया था इनमें से भी सिर्फ एक महिला हिंदू थी।

हालांकि विवाद होने और कोर्ट के निर्देश के बाद इस दावे वाले टीजर को मेकर्स ने हटा लिया और इसे '3 महिलाओं' की कहानी बताया, सुप्रीम कोर्ट में फ़िल्म निर्माता ने ये भी माना की 32 हजार महिलाओं का डेटा प्रमाणित नहीं है।

निर्माता की ओर से कहा गया है कि वो 20 मई तक डिस्क्लेमर देंगे कि 32,000 महिलाओं के डेटा के लिए कोई प्रमाणिक सत्यापित डेटा नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 मई शाम 5 बजे तक डिस्क्लेमर लगाना होगा कि 32,000 का आंकडे का कोई पुख्ता आधार नहीं है कोर्ट ने निर्माता को ये आदेश भी दिया है कि डिस्क्लेमर दें कि ये फिल्म फिक्शन पर है यानी की काल्पनिक जिसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है।

फ़िल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के बाद ‘द केरला स्टोरी’ का बनाया जाना एक सिलसिले की शुरुआत है, शुरुआत नफ़रत का, शुरुआत एक समुदाय के प्रति प्रोपेगेंडा का, शुरुआत हिटलर और उसके प्रोपेगेंडा प्रचार मंत्री जोसेफ़ गोयबल्स द्वारा बताए गए उस झूठ का जिसमें कहा गया है कि “किसी झूठ को इतनी बार कहो कि वो सच बन जाए और सब उस पर यक़ीन करने लगें” ताकि हिटलर जैसे तानाशाहों का सत्ता बरकरार रहे।

इसीलिए तो कम पैसों में, ख़राब अभिनय और निर्देशन के बावजूद सिर्फ़ मुसलमानों के ख़िलाफ़ घृणा प्रचार के विषय के सहारे अच्छी कमाई हो सकती है, क्योंकि ऐसी फ़िल्मों के प्रचार में अब राज्य की मशीनरी और भाजपा का एक पूरा तंत्र काम करता है।

कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव जीतने के लिए झूठ पर आधारित नफ़रती फ़िल्म का प्रचार ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने किया, और आज कल हर चुनाव से पहले ऐसी सांप्रदायिक झूठी फ़िल्म बनाकर लोगों को बरगलाना धंधा बन गया है।

जर्मनी में हिटलर और उसके मंत्री भी इसी झूठ और प्रचार का सहारा लेकर सत्ता में आया और वहाँ के अल्पसंख्यक यहूदी के ख़िलाफ़ इसी प्रकार नफ़रत उगलकर, उनके बारे में झूठी बातें फैलाकर, अफ़वाह उड़ाकर, झूठी न्यूज़ दिखाकर, झूठी फ़िल्म दिखाकर वहाँ के बहुसंख्यक को यहूदी का सबसे बड़ा दुश्मन बना दिया जिसके बाद यहूदियों पर हमले तेज हो गए थे जिसका अंजाम ख़तरनाक साबित हुआ।

आज भारत में भी यही सब दोहराया जा रहा है फ़िल्म रिलीज होने से लेकिन अभी तक कई घटना सामने आ चुकी है जिसमें मुस्लिम युवक पर हमला हुआ हो, सत्ताधारी पार्टी के नेता खुलेआम मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत उगल रहे है, सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनल और अब फ़िल्मों में इन्हें दुश्मन के तौर पर पेश किया जा रहा है, जिसके कारण ऐसा कोई दिन नहीं होता जब देश के किसी हिस्से में मुस्लिमों पर हमला न हुआ हो।

भारत के तानाशाह जिस हिटलर और मुसोलिनी को अपना गुरू मानते है और उनके बताए हुए प्रोपेगेंडा का इस्तेमाल अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए कर रहे है, उन्हें इतिहास से सबक लेते हुए ये भी ध्यान रखना चाहिए कि आख़िर हिटलर और मुसोलिनी का अंत कैसे हुआ, हिटलर ने डर की वजह से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली तो मुसोलिनी को लोगों ने गोली मारकर चौराहे पर उल्टा लटकाकर उसके ऊपर पेशाब कर जूते से पीटता रहा वो भी उन्हीं के द्वारा जो कभी उसे भगवान की तरह पूजा करते थे।

#TheKerlaStory #TheKashmirFiles #TheLogicalOpinion

2 years ago | [YT] | 1

The Logical Opinion

आप इसे भी देख सकते हो, जल्द ही Andhbhakt part -2 भी आयेगी!

2 years ago | [YT] | 1