ધર્મજ્ઞાન ।। धर्मज्ञान ।। DharmGyan ।। Dharmgyan1008
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जय श्री राम 🙏
जय हिंद 🇮🇳
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
जय श्री राम 🚩
18 hours ago | [YT] | 0
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राधे कृष्णा 🙏🏻
1 month ago | [YT] | 1
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
🚩 राम सिया राम
सिया राम जय जय राम 🚩
1 month ago | [YT] | 2
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
कैलासवासिनः भगवतः शङ्करस्य वास्तविक चित्रम्
हर हर महादेव 🚩
1 month ago | [YT] | 3
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જય માતાજી
જય માતાજી
જય માં લક્ષ્મી
યા દેવી સર્વભૂતેષુ લક્ષ્મી રુપેણ સંસ્થિતા નમસ્તસ્મૈ નમસ્તસ્મૈ નમસ્તસ્મૈ નમો નમઃ
ધનની દેવી માતા લક્ષ્મી તમારી બધી મનોકામના પૂર્ણ કરે
🙏🏻🚩
1 month ago | [YT] | 1
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
हर रिश्ता कुछ न कुछ सिखाने आता है। किसी से सब्र मिल जाता है, तो किसी से सबक... इसलिए किसी से शिकायत मत करो, हर कोई अपने कर्म और भूमिका में सही है बस सीखते रहो, बढ़ते रहो क्योंकि जीवन...
अनुभवों से ही सुंदर बनता है...
!! जय श्री कृष्णा !!
1 month ago | [YT] | 0
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
🌷💐 गरुड़ पुराण का दिव्य ज्ञान: मृत्यु के बाद यमलोक की यात्रा और धर्मराज की न्यायसभा 💐🌷
मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई और कठिन यात्रा का आरंभ है। गरुड़ पुराण के अनुसार, वैतरणी नदी और 16 भयानक नगरों को पार करने के बाद, लगभग 47 दिनों की लंबी यात्रा के बाद जीवात्मा यमपुरी पहुँचती है।
यह यमपुरी एक विशाल प्राचीर से घिरी है, जिसके चार मुख्य द्वार हैं। भगवान विष्णु गरुड़ जी से कहते हैं— "यमपुरी देखने में अत्यंत सुंदर है, जहाँ गंधर्वों और अप्सराओं का गायन होता है। साधु-संत यहाँ सम्मानित होते हैं, लेकिन पापियों के लिए यह स्थान अत्यंत भयभीत करने वाला है।"
⚖️ चित्रगुप्त का बहीखाता (न्याय का आधार)
यमपुरी के द्वार पर यमदूत आत्मा को अंदर ले जाते हैं, जहाँ सिंहासन पर धर्मराज यम विराजमान होते हैं। उनके पास ही चित्रगुप्त बैठते हैं—जो यमराज के मुख्य लेखाकार हैं।
चित्रगुप्त के पास 'अग्रसंधानी' नामक एक विशाल ग्रंथ होता है। इस बहीखाते में हर मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के एक-एक पल का हिसाब दर्ज रहता है।
(महाज्ञानी चित्रगुप्त पाप और पुण्य, दोनों का ही हिसाब त्रुटिहीन रूप से रखते हैं।)
चित्रगुप्त यमराज से कहते हैं: "हे धर्मराज! इस जीव ने पृथ्वी पर ये-ये कर्म किए हैं, इसके पाप और पुण्य की सूची यह है।"
👁️ गवाह कौन देता है? (छिपे हुए पापों का पर्दाफाश)
अक्सर पापी आत्मा झूठ बोलती है— "मैंने यह पाप नहीं किया, किसी ने मुझे देखा नहीं!" तब यमराज उसे याद दिलाते हैं कि पाप करते समय भले ही कोई इंसान न देखे, लेकिन 14 साक्षी हमेशा मौजूद रहते हैं।
“सूर्य, अग्नि, आकाश, वायु, चंद्रमा, संध्या, दिन, रात, दिशाएं, काल (समय), और स्वयं धर्म—ये सभी मनुष्य के पाप-कर्मों के साक्षी हैं।”
इन साक्षियों की गवाही सुनकर पापी आत्मा का सिर शर्म से झुक जाता है और उसके पास इनकार करने का कोई रास्ता नहीं बचता।
👹 धर्मराज यम के दो रूप (भयानक और सौम्य)
भगवान विष्णु बताते हैं कि यमराज अपने रूप को बदलने में सक्षम हैं। वे पापियों और पुण्यात्माओं को अलग-अलग रूपों में दिखाई देते हैं।
पापियों के लिए भयानक रूप: जब यह सिद्ध हो जाता है कि आत्मा महापापी है, तो यमराज प्रलयकाल के बादलों की तरह गरजते हैं। उनका रंग काजल जैसा काला, आँखें जलती हुई आग की तरह लाल, और हाथ में विशाल दंड होता है। वे भैंसे पर सवार होते हैं। उनका यह विकराल रूप देखकर पापी आत्मा भय से मूर्छित हो जाती है।
पुण्यात्माओं के लिए सौम्य रूप: लेकिन जिन्होंने जीवन में सत्य बोला, दान किया और भक्ति की, उन्हें यमराज से डर नहीं लगता। वे उन्हें भगवान विष्णु के समान सौम्य रूप में दर्शन देते हैं, मुस्कुराते हैं और 'मित्र' कहकर संबोधित करते हैं।
📜 न्याय का फैसला (स्वर्ग या नर्क?)
पापियों का दंड: यमराज आदेश देते हैं— "इस पापी को ले जाओ! इसे कुंभीपाक (खौलते तेल का नर्क) या असिपत्रवन (धारदार पत्तों वाला जंगल) में डाल दो।" यमदूत उसे मारते-पीटते नर्क की ओर खींच ले जाते हैं, जहाँ वह अपनी करनी पर पछताता है।
पुण्यात्माओं का पुरस्कार: और यदि पुण्य अधिक होते हैं, तो यमराज कहते हैं— "हे पुण्यात्मा! तुम धन्य हो। अब तुम स्वर्ग के सुख भोगो।" तब स्वर्ग से दिव्य विमान आता है और गंधर्व गाते हुए उस आत्मा को ससम्मान स्वर्ग ले जाते हैं।
✨ एक अमिट शिक्षा: कर्मफल अटल है ✨
भगवान विष्णु अंत में एक ध्रुव सत्य कहते हैं:
“अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभम्। नाभुक्तं क्षीयते कर्म कल्पकोटिशतैरपि॥”
मनुष्य को अपने किए गए शुभ या अशुभ कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है। सौ करोड़ कल्प (युग) बीत जाने पर भी, भोगने के बिना कर्मफल का नाश नहीं होता।
🙏 अपने कर्मों के प्रति सजग रहें, क्योंकि यही हमारी अंतिम यात्रा के साथी हैं। 🙏
1 month ago | [YT] | 1
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
Devi Devta ki Aarti karne ka Vidhan, हिंदू शास्त्र में देवी देवता की आरती करने का विधान, आरती कितनी बार फेरे? @dharmgyan1008
1 month ago | [YT] | 1
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
आरती करने की विधि सनातन हिंदू धर्म में
1 month ago | [YT] | 0
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धर्मज्ञान – DharmGyan ।। DharmGyan1008
हर हर महादेव 🚩
1 month ago | [YT] | 1
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