Ankit Negi Mahakal

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Ankit Negi Mahakal

सच यही है:
जो समझना चाहता है, उसे एक इशारा ही काफी होता है;
और जो नहीं चाहता, उसे हज़ार शब्द भी कम पड़ जाते हैं।

1 week ago | [YT] | 3

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अगर किसी को बार-बार समझाने पर भी वह न समझे, तो इसका मतलब अक्सर यह नहीं होता कि उसे समझ नहीं है, बल्कि यह होता है कि वह समझना ही नहीं चाहता।

1 week ago | [YT] | 5

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गंगापुत्र भीष्म का बालपन का नाम क्या है?

3 months ago | [YT] | 2

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मगध नरेश जरासंध का वध किसने किया?

3 months ago | [YT] | 2

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द्वापर युग में भगवान विष्णु के नर-नारायण अवतार किस रूप में अवतरित हुए?

3 months ago | [YT] | 2

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इनमें से कौन सा माता कुंती का पुत्र नहीं है ?

3 months ago | [YT] | 1

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शास्त्रों में बताए गए पति-पत्नी के धर्म श्लोकों सहित |

1. स्त्री का पति धर्म (पातिव्रत्य)

🌸 मनुस्मृति (5/154)

> न स्त्री स्वातंत्र्यमर्हति।
👉 स्त्री का धर्म है कि वह अपने पिता, पति और पुत्र के संरक्षण में रहे। पति को देवतुल्य मानकर उसका आदर करे।



🌸 महाभारत, अनुशासन पर्व

> नास्ति पतिसमो देवो नास्ति पतिसमा गति:।
पतिं या नाभिनन्देत सा गता नरकं ध्रुवम्॥
👉 पति स्त्री के लिए देवता के समान है। जो पत्नी पति का अनादर करती है, वह पातालगति को प्राप्त होती है।



🌸 रामायण (अयोध्या कांड – सीता माता)

> अनन्या राघवेणाहं भास्करेण प्रभा यथा।
👉 सीता जी कहती हैं – जैसे सूर्य के बिना किरण का अस्तित्व नहीं, वैसे ही मेरा जीवन श्रीराम के बिना अधूरा है।


2. पुरुष का धर्म (पति का पत्नी के प्रति कर्तव्य)

🌸 मनुस्मृति (3/55)

> यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:॥
👉 जहाँ स्त्रियों का सम्मान होता है, वहाँ देवता निवास करते हैं; जहाँ नहीं, वहाँ सभी कर्म निष्फल हो जाते हैं।



🌸 महाभारत (शांति पर्व)

> स्त्रीणामार्येण व्यवहारः कार्यः सततमात्मना।
👉 स्त्री के साथ हमेशा सम्मानजनक और मर्यादापूर्ण व्यवहार करना पति का धर्म है।



🌸 रामायण (अरण्य कांड)

> पत्नीं हि परमं मित्रम् धर्मं हि परमं स्मृतम्।
👉 पत्नी पति की परम मित्र और जीवन की सबसे बड़ी सहचरी है।

4 months ago | [YT] | 6

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पातिव्रता स्त्री और पुरुष का धर्म हिन्दू शास्त्रों और परंपराओं में बहुत गहराई से बताया गया है। दोनों के अपने-अपने कर्तव्य होते हैं, और यही वैवाहिक जीवन को सुखी और संतुलित बनाते हैं।

1. पातिव्रता स्त्री का धर्म

पति को देवतुल्य मानना – पति को ईश्वर का रूप मानकर उसकी सेवा, सम्मान और आदर करना।

सहयोगिनी बनना – सुख-दुख, रोग-शोक, आर्थिक कठिनाई हर परिस्थिति में पति का साथ निभाना।

मर्यादा का पालन – अपने आचरण, वाणी और विचार में पवित्रता बनाए रखना।

गृहस्थ जीवन को संभालना – परिवार, संतान और घर को प्रेम, धैर्य और समर्पण से संभालना।

धार्मिक आचरण – व्रत, पूजा-पाठ और सत्कर्मों द्वारा परिवार की उन्नति और कल्याण की कामना करना।


2. पति (पुरुष) का धर्म

पत्नी का सम्मान – पत्नी को केवल "गृहलक्ष्मी" ही नहीं, बल्कि समान अधिकारों वाली साथी मानना।

पालन-पोषण का दायित्व – परिवार को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करना।

विश्वास और निष्ठा – पत्नी के प्रति निष्ठावान रहना और किसी प्रकार का छल न करना।

सुख-दुख में साथ – पत्नी के हर सुख-दुख, बीमारी और संघर्ष में उसका सहारा बनना।

धार्मिक कर्तव्य – परिवार को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलाना।

4 months ago | [YT] | 6

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📌 धार्मिक और आधुनिक दृष्टि से चरित्र

1. चरित्र का असली अर्थ – सत्य, ईमानदारी, जिम्मेदारी और धर्मपालन।


2. मनु स्मृति – स्त्री (और पुरुष) दोनों का सबसे बड़ा धर्म है – पवित्र आचरण और एक-दूसरे के प्रति निष्ठा।


3. महाभारत – संरक्षण का अर्थ आज के समय में सुरक्षा और सहयोग है, न कि बंधन।


4. रामचरितमानस – स्त्री का सबसे बड़ा आभूषण उसका चरित्र और सदाचार है, न कि आभूषण।


5. अथर्ववेद – विवाह के बाद पति-पत्नी दोनों को परिवार का सम्मान और मर्यादा बनाए रखना चाहिए।


6. द्रौपदी का उदाहरण – समाज सवाल उठाएगा, लेकिन असली चरित्र कर्म और सत्यनिष्ठा से सिद्ध होता है।


7. आधुनिक शिक्षा – चरित्रहीनता से बचकर, सदाचार और धर्म का पालन करना ही सच्ची महानता है।



👉 यानी चरित्रहीन स्त्री या पुरुष वह है जो सत्य, मर्यादा और धर्म से भटक जाए।
👉 और सदाचारिणी स्त्री/सज्जन पुरुष वही है जो ईमानदार, धर्मनिष्ठ और मर्यादित रहे।

4 months ago | [YT] | 6