दोस्तों,
यह मेरा यूट्यूब चैनल है। मैं अपने इस चैनल पर अपनी लिखी हुई कविताएं प्रस्तुत करता हूं। जिसमें कि मैं गढ़वाली कविता और हिंदी कविताओं को प्रस्तुत करता हूं। और दोस्तों साथ ही साथ में अपने इस चैनल पर अपने कुछ छोटे- छोटे ब्लॉग्स भी डालता रहता हूं। दोस्तों मैं अपने इस चैनल पर जैसे समाज में हो रहे कई सारे मुद्दों पर भी मैं अपनी बात रखता हूं, अपनी कविता के माध्यम से और अपनी शायरी के माध्यम से। इस चैनल को बनाने का मेरा मुख्य उद्देश्य अपनी पहाड़ी भाषा को आगे बढ़ने का है। तो मेरा सभी दोस्तों से निवेदन है कि मेरे चैनल को ज्यादा से ज्यादा सब्सक्राइब करें! ज्यादा से ज्यादा वीडियो को शेयर करें, लाइक करें और कमेंट भी करते रहें। धन्यवाद
संजय नेगी 'सजल'
मां मुझे कोख में ही रहने दो।
(बहन अंकिता भंडारी को समर्पित)
डरती हूं बाहर आने से ,
मां मुझे कोख मे ही रहने दो।
पग पग वहशी गिद्ध बैठे हैं,
मां मुझे कोख में ही मरने दो।
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