Sri Kabir Gyan Mandir, Giridih, Jharkhand-----A motivational institution in headed by Sadguru Maa in a mission to spreads the message of Sadguru Kabir and Sanatan Dharma for the benefit of humankind and guiding people to understand their soul & make their life better.
kabirgyan
संतों की महिमा
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संत इस धरती पर चलते-फिरते तीर्थ होते हैं। उनके सान्निध्य में पत्थर-सा कठोर हृदय भी पिघलने लगता है। संत वह दीपक हैं, जो दूसरों की अज्ञानता को दूर कर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। शास्त्र कहते हैं, जो संतों के साथ रहता है, वह भी परमपद को प्राप्त कर लेता है। श्रीरामचरितमानस में तुलसीदास जी ने लिखा है –
संत हृदय नवनीत समाना।
कहा कबिन्ह परि कहै न जाना॥
निज परिताप द्रवइ नवनीता।
पर सुख द्रवहिं संत सुपुनीता॥
अर्थात "संतों का हृदय मक्खन के समान होता है, ऐसा कवियों ने कहा है, परंतु उन्होंने (असली बात) कहना नहीं जाना, क्योंकि मक्खन तो अपने ताप से पिघलता है और परम पवित्र संत दूसरों के दुःख से पिघल जाते हैं।"
संतों की महिमा अनंत है। उनका जीवन स्वयं एक उपदेश होता है। वे दूसरों को ऊपर उठाने के लिए स्वयं को मिटा देते हैं। उनके चरणों में बैठकर जितना कुछ पाया जा सकता है, उतना हजारों किताबों से भी नहीं मिल सकता। तुलसीदास जी कहते हैं -
संत संमागम हरी कथा, तुलसी दुर्लभ दोय।
सुत दारा और लक्ष्मी, पापी के भी होय।।
अर्थात "मानव जीवन में संताें-महात्माओं की संगत एवं उनके कल्याणकारी वचनों का विशेष महत्व है। यह दुर्लभ है, जो पुण्यात्माओं को ही मिलता है। पुत्र, पत्नी और पैसा तो पापी को भी मिल जाते हैं। पर संत और सत्संग सबको नहीं मिलता।"
संतों का सान्निध्य दुर्लभ है और उनकी महिमा को शब्दों में बाँधना अत्यंत कठिन है। भगवद्गीता अध्याय 4, श्लोक 34 में कहा गया,
तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया।
उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः॥
अर्थात "तत्त्ववेत्ता संतजन आपकी श्रद्धा, सेवा और जिज्ञासा देखकर आपको ज्ञान प्रदान करेंगे।" सद्गुरु कबीर साहब कहते हैं,
सरवर तरवर संत जन, चौथे बरसे मेह।
परमारथ के कारने, चारों धारी देह॥
अर्थात "सरोवर (तालाब), वृक्ष, साधु-संत और चौथा बरसता हुआ मेह- ये चारों परोपकार के लिए उत्पन्न होते हैं। जैसे सरोवर के जल से दूसरों की प्यास बुझती है, वृक्ष से छाया, फल फूल, लकड़ी की प्राप्ति होती है, वैसे ही संतों के ज्ञानोपदेश से जीवन का कल्याण होता है और मेह बरसने से खेतीबाड़ी, हरियाली तथा अन्न आदि की प्राप्ति होती है।"
छान्दोग्य उपनिषद (अध्याय 6): में कहा गया -
"आचार्यवान् पुरुषो वेद।"
अर्थात "केवल वही व्यक्ति ज्ञान को जान सकता है, जिसके पास आचार्य (संत गुरु) हो।"
श्री गुरु गीता (श्लोक 54) में कहा गया -
"गुरुः परमं दैवतम्।"
अर्थात "गुरु ही परम देवता हैं। संत स्वरूप गुरु ही मोक्ष का द्वार खोलते हैं।" परम संत कबीर साहब कहते हैं -
"सुख देवे दुख को हरे, क्षमा करे अपराध।
कहहिं कबीर वह कब मिले, परम स्नेही साध।।"
अर्थात "जो सुखों को प्रदान करनेवाले हैं, जो दुखहर्ता हैं, जो अपराधों (गलतियों) को भी क्षमा कर देनेवाले हैं, ऐसे परम स्नेही संत कब मिलेंगे।"
संतों की वाणी, उनकी दृष्टि, और उनका सान्निध्य ही जीव को परमात्मा तक ले जाता है। वे जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कराकर आत्मा को शुद्ध करते हैं। शास्त्र और अनुभव दोनों ही संतों की महिमा का गान करते हैं। संत दुर्लभ हैं। उनका मिलना दुर्लभ है। उनका सत्संग दुर्लभ है। उनका दर्शन दुर्लभ है। यदि संत मिल जाएं तो उन्हें जोगिए और परम श्रेयस पाइए।
शुभं भवतु मंगलं भवतु
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श्री कबीर ज्ञान मंदिर
गिरिडीह झारखंड
दिनांक 22 अप्रैल 2025
9 months ago (edited) | [YT] | 48
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kabirgyan
2 years ago | [YT] | 111
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kabirgyan
एकमात्र सनातन धर्म
जब तक भारत में सनातन धर्म शक्तिशाली
बौद्ध, जैन, सिख,नानक पंथी, कबीरपंथी एवं अन्यान्य जितने भी पंथ-संप्रदाय हैं, वे सभी तब तक पूर्ण सुरक्षित हैं, जब तक कि भारत में सनातन धर्म शक्तिशाली है।
जिस दिन सनातन धर्म कमजोर हो गया, उस दिन वे उसीतरह मिट जाएंगे, जैसे पाकिस्तान, बंगलादेश, अफगानिस्तान इत्यादि इलाकों से वहां रहने वाले सिख-बौद्धादि मिट गए।
वे धर्मांतरण करने को विवश होकर अपने इष्ट को छोड़कर भटक गए। अतः सनातन धर्म से डरें नहीं, प्रत्युत सनातन धर्म की शक्ति बनकर उसके साथ खड़े रहें।
एकमात्र सनातन धर्म
एकमात्र सनातन धर्म ही है, जहां सभी पंथ-उपपंथ सुरक्षित हैं। अतः धर्म निरपेक्षता का राग न अलापें।
इसका राग भी कोई तभी तक अलाप पा रहा है, जब तक भारत में हिंदू बहुसंख्यक हैं। यदि आप सच में धर्म निरपेक्ष हैं और इसका राग अलापने में आपको बड़प्पन की अनुभूति होती है, तो पाकिस्तान- अफगानिस्तान में इसका राग अलाप कर दिखलाइए! निश्चय ही आपकी हेकड़ी गुम हो जाएगी और आप गान कर उठोगे--
है सत्य सनातन सर्वश्रेष्ठ यह,
वैदिक धर्म हमारा।।
यह सनातन धर्म हमारा।।
जय सत्य जय सनातन।।
श्री कबीर ज्ञान मंदिर
गिरीडीह, झारखंड
23 March 2023
एकमात्र सनातन धर्म kabirgyan.com/share/article/178
2 years ago | [YT] | 76
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kabirgyan
खुलकर खिलखिलाओ 😁
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2 years ago | [YT] | 108
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kabirgyan
भगवान श्रीराम की मातृ पितृ भक्ति kabirgyan.com/share/gyanSutraDetail/9
3 years ago | [YT] | 21
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kabirgyan
*ज्ञान सूत्र*
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ईश्वर ने मानव से यह प्रतिज्ञा की है कि जो बड़े प्यार से मुझे भजता है, मैं बिना मांगे ही उसके चित्त में ज्ञान का दीप जलाता हूं।
जो मेरी भक्ति करता है, बिना मांगे ही उसके अंतस में शांति भरता हूं।
जो मुझसे मिलने की प्यास रखता है, मैं उसके पास दौड़ा चला आऊंगा।
जो मेरी ओर दो कदम बढ़ाएगा, मैं उसकी ओर दस कदम बढ़ाऊंगा।
जो मेरे निर्देशानुसार चलेगा, उसे उसके जीवन मार्ग में हर समय संभाले रहूंगा।
जो अपने अंतस में मुझे बसा लेगा, उसे मैं भी अपने अंतस में बसा लूंगा।
तुम हाथ बढ़ाओ, मैं तुम्हारे हाथों को थाम लूंगा।
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श्री कबीर ज्ञान मंदिर, गिरिडीह झारखंड
दिनांक 20 मार्च 2021
4 years ago | [YT] | 53
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kabirgyan
सदगुरु माँ के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में उनके दिव्य उपदेश
www.facebook.com/SriKabirGyanMandir/videos/8623189…
6 years ago | [YT] | 29
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